इस बड़े मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद! NMC का बड़ा एक्शन ; मुस्लिम स्टूडेंट्स को दूसरे कॉलेजों में किया जाएगा शिफ्ट
नेशनल डेस्क: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में मौजूद श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) को दी गई मान्यता वापस ले ली है। यह फैसला कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और मेडिकल सीटों के बंटवारे को लेकर हुए बड़े विरोध के बाद लिया गया है।
विरोध का मुख्य कारण: कॉलेज में एडमिशन को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब 50 MBBS सीटों में से 42 मुस्लिम स्टूडेंट्स (कश्मीर से 36 और जम्मू से 6) को अलॉट कर दी गईं, जबकि सिर्फ 7 हिंदू और 1 सिख स्टूडेंट को एडमिशन मिला। ‘श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति’ समेत कई हिंदू संगठनों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मंदिर में भक्तों द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे का इस्तेमाल सिर्फ हिंदू समुदाय के विकास के लिए किया जाना चाहिए, न कि उन संस्थानों के लिए जहां 90% हिस्सा दूसरे समुदायों का है।
NMC के इंस्पेक्शन में मिली कमियां: NMC के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने 2 जनवरी को कॉलेज का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया।
इंस्पेक्शन रिपोर्ट में कई गंभीर कमियां पाई गईं:
स्टाफ की कमी: टीचिंग फैकल्टी में 39% और ट्यूटर/सीनियर रेजिडेंट में 65% की कमी थी।
मरीज़ों की कम संख्या: OPD में 400 की जगह सिर्फ़ 182 मरीज़ थे और बेड की अवेलेबिलिटी भी सिर्फ़ 45% थी।
रिसोर्स की कमी: लाइब्रेरी में ज़रूरी 1,500 किताबों की जगह सिर्फ़ 744 किताबें थीं और लेक्चर थिएटर भी स्टैंडर्ड के हिसाब से नहीं था।
स्टूडेंट्स का भविष्य: NMC ने साफ़ किया है कि जिन 39 स्टूडेंट्स ने पहले ही एडमिशन ले लिया है, उनकी सीटें नहीं जाएंगी। उन्हें जम्मू-कश्मीर के दूसरे मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में सुपरन्यूमरेरी सीटों पर एडजस्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि वह नहीं चाहेंगे कि बच्चे ऐसी जगह पढ़ें जहां इतनी पॉलिटिक्स हो, इसलिए उन्हें दूसरे सरकारी कॉलेजों में भेजना सही फ़ैसला है।

