पंजाब : जिला परिषद और पंचायत समिति के नतीजों में AAP की बड़ी बढ़त, पटियाला में शानदार जीत
वेब डेस्क पंजाब: पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के नतीजे बुधवार, 17 दिसंबर, 2025 को घोषित किए गए। इन चुनावों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी जीत की बढ़त बनाई है। AAP के पंजाब प्रेसिडेंट अमन अरोड़ा ने दावा किया है कि पार्टी ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपल काउंसिल और नगर पंचायतों के कुल 977 वार्ड में से 50 परसेंट से ज़्यादा जीतकर इतिहास रच दिया है।
जिला परिषद और ब्लॉक समिति की पार्टी-वाइज डिटेल्स:
राज्य भर में 22 जिला परिषदों के 347 इलाकों और 153 पंचायत समितियों के 2,838 इलाकों के लिए वोटों की गिनती चल रही है। बता दे कई जगह पर अभी भी गिनती हो रही है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग पार्टियों को मिली सीटें इस तरह हैं:
कुल ज़िला परिषद सीटें – 347
AAP – 79
अकाली दल -9
कांग्रेस- 21
BJP-01
आज़ाद – 2
ब्लॉक समिति सीटें – 2838
AAP – 1185
अकाली दल -244
कांग्रेस- 342
BJP-28
आज़ाद – 78
इलाके के नतीजों की एक झलक:पटियाला:
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गढ़ पटियाला में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 53 वार्ड में से 43 पर जीत हासिल की है। इसके साथ ही, AAP अपना मेयर चुनने के लिए पूरी तरह तैयार है। यहां, BJP और कांग्रेस को सिर्फ़ 4-4 वार्ड मिले, जबकि अकाली दल को 2 वार्ड मिले।
मोहाली: मोहाली के कुल 52 ज़ोन में से आम आदमी पार्टी ने 24 सीटें जीती हैं। कांग्रेस को 14 और अकाली दल को 12 सीटें मिलीं, जबकि 2 सीटें इंडिपेंडेंट कैंडिडेट को मिलीं। खरड़ ब्लॉक में AAP ने 7 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं।
लुधियाना और जालंधर: शहरी इलाकों में, AAP लुधियाना और जालंधर नगर निगमों में बहुमत से चूक गई, लेकिन इन दोनों जगहों पर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। लुधियाना के 95 वार्डों में से AAP ने 41 सीटें जीतीं। जालंधर के 85 वार्डों में से AAP ने 38 वार्ड जीते।अमृतसर और फगवाड़ा: अमृतसर नगर निगम चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। अमृतसर के कुल 85 वार्डों में से कांग्रेस ने 40 सीटें जीतीं, जबकि AAP को 24 सीटें मिलीं। फगवाड़ा के 50 वार्डों में से कांग्रेस 22 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
नवांशहर: जिला परिषद के 10 ज़ोन में से कांग्रेस ने 6 और AAP ने 4 सीटें जीतीं।दूसरे झटके: हालांकि, स्पीकर संधवान समेत AAP के कई बड़े नेता अपने ही गांवों से चुनाव हार गए हैं।

