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मास्टर सलीम पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता पूरन शाहकोटी का निधन

पंजाब डेस्क: जालंधर से आज संगीत की दुनिया के लिए एक बहुत ही दुखद खबर आई है। मशहूर सूफी संगीतकार और गुरु उस्ताद पूरन शाह कोटी का 72 साल की उम्र में निधन हो गया है, जिससे पंजाबी संगीत समुदाय गहरे दुख में है।

उस्ताद पूरन शाह कोटी सिर्फ मास्टर सलीम के पिता ही नहीं थे, बल्कि वे सूफी और लोक संगीत के भी एक टैलेंटेड व्यक्ति थे। उन्होंने हंस राज हंस, जसबीर जस्सी और सबर कोटी जैसे कई बड़े संगीतकारों को संगीत सिखाया और अपने जीवनकाल में पंजाबी संगीत और संस्कृति को बचाए रखने में अहम भूमिका निभाई।खबरों के मुताबिक, उस्ताद कोटी कई महीनों से बीमार थे और अपने परिवार के साथ इलाज करवाते हुए, आखिरकार आज सुबह उनका निधन हो गया।

उनके निधन पर मास्टर सलीम ने भी सोशल मीडिया पर अपने पिता को इमोशनल श्रद्धांजलि दी है, जिसमें वे अपनी हमजा और संगीत से जुड़ी यादें शेयर करते नजर आ रहे हैं।पंजाबी दुनिया भर के संगीत प्रेमियों और मशहूर हस्तियों ने अपने मैसेज के ज़रिए उस्ताद पूरन शाह कोटी के परिवार के साथ अपना दुख शेयर किया है और उनके संगीत योगदान को सलाम किया है।

उस्ताद कोटी की सादगी, सूफी सोच और संगीत के ज्ञान ने सुनने वालों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है। ऐसे महान संगीतकार की कभी न मिटने वाली यादें संगीत की दुनिया में हमेशा रहेंगी।

अरावली बचाओ आंदोलन: राजस्थान में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, जानें क्या है मामला

नेशनल डेस्क: अरावली पर्वत श्रृंखला को बचाने के लिए राजस्थान और दिल्ली-NCR में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोमवार को राजस्थान के कई जिलों में लोग सड़कों पर उतरे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियांउदयपुर में कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया। जोधपुर में NSUI कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए, जिन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। सीकर में पर्यावरणविदों ने 945 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हर्ष पर्वत पर चढ़कर अरावली को बचाने की अपील की।

विवाद का मुख्य कारण—सुप्रीम कोर्ट की नई परिभाषा प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सुप्रीम कोर्ट के 20 नवंबर, 2025 के फैसले को लेकर है, जिसमें अरावली की नई परिभाषा को मंजूरी दी गई है। इस नई परिभाषा के अनुसार, सिर्फ़ उसी लैंडफ़ॉर्म को अरावली पहाड़ियाँ माना जाएगा जो अपने लोकल लेवल से कम से कम 100 मीटर ऊपर हो। एक्सपर्ट्स और प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस क्राइटेरिया के कारण 90 परसेंट से ज़्यादा अरावली पहाड़ियाँ प्रोटेक्शन के दायरे से बाहर हो जाएँगी, जिससे वहाँ माइनिंग और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज़ को बढ़ावा मिलेगा।

राजस्थान के ‘फेफड़े’ खतरे में –राजस्थान असेंबली में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने अरावली को राजस्थान का ‘फेफड़ा’ और ‘लाइफलाइन’ बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पहाड़ियों को बचाने का फ़ैसला वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस ज़ोरदार आंदोलन करेगी। एनवायरनमेंटलिस्ट्स के अनुसार, अरावली दिल्ली-NCR का ‘फेफड़ा’ और ‘लाइफलाइन’ है। अरावली के लिए एक नेचुरल सुरक्षा कवच है जो रेगिस्तान को फैलने से रोकता है और ग्राउंड वॉटर लेवल को बनाए रखने में मदद करता है।

गुरुग्राम में भी विरोध प्रदर्शन —हरियाणा के गुरुग्राम में कैबिनेट मिनिस्टर राव नरबीर सिंह के घर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोगों ने शांति से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ” के नारे लगाए और मांग की कि सरकार अरावली को पूरी तरह से सुरक्षित क्षेत्र घोषित करे। Aravalli Hills Protest, Rajasthan News, Supreme Court Order, Save Aravalli,

WTC पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव: न्यूजीलैंड दूसरे नंबर पर पहुंचा, भारत की मुश्किलें बढ़ीं

स्पोर्ट्स डेस्क: न्यूजीलैंड टीम ने ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) की पॉइंट्स टेबल में बड़ी छलांग लगाई है। माउंट माउंगानुई में खेले गए तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को 323 रनों से हराया। रनों के बड़े अंतर से हारने के बाद तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-0 से जीत ली।न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने रचा इतिहास: इस मैच में न्यूजीलैंड के ओपनिंग बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और कई रिकॉर्ड तोड़े:

डेवोन कॉनवे ने एक ही टेस्ट में दोहरा शतक (227) बनाया। और शतक (100) बनाने वाले न्यूजीलैंड के पहले बल्लेबाज बने।कप्तान टॉम लैथम ने भी मैच की दोनों पारियों में शतक (137, 101) बनाए।टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी टीम के दोनों ओपनिंग बल्लेबाजों ने एक ही मैच की दोनों पारियों में शतक बनाए हों।बॉलिंग में, वेस्ट इंडीज़ की दूसरी इनिंग में जैकब डफी ने 5 और एजाज पटेल ने 3 विकेट लिए। वे सिर्फ़ 138 रन पर आउट हो गए।

WTC की लेटेस्ट स्टैंडिंग: न्यूज़ीलैंड की इस जीत से स्टैंडिंग का इक्वेशन इस तरह बदल गया है:

ऑस्ट्रेलिया: 100 परसेंट पॉइंट्स (PCT) के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है, एशेज़ में तीसरे स्थान पर है। टेस्ट जीतने के बाद इंग्लैंड को 82 रन से हार का सामना करना पड़ा।न्यूज़ीलैंड: वेस्ट इंडीज़ को हराने के बाद 77.78 परसेंट पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर आ गया है।

साउथ अफ्रीका और श्रीलंका: कीवी टीम की जीत की वजह से साउथ अफ्रीका (75 परसेंट) तीसरे स्थान पर और श्रीलंका चौथे स्थान पर है। स्थिति बदल गई है।

टीम इंडिया: इंडियन टीम अभी 48.15 PCT के साथ छठे स्थान पर संघर्ष कर रही है। अपने घर में साउथ अफ्रीका से 2-0 से हार के बाद, लॉर्ड्स में फाइनल की राह इंडिया के लिए मुश्किल हो गई है। यह मुश्किल हो गई है।इंग्लैंड: तीसरा एशेज टेस्ट हारने के बाद, इंग्लैंड 27.08 PCT के साथ सातवें स्थान पर है।

अमृतसर में बड़ी घटना! स्कूल के स्टूडेंट्स के बीच हुई खूनी झड़प, अंधाधुंध हुई फायरिंग

पंजाब डेस्क: अमृतसर के लुहारका रोड पर उस समय दहशत का माहौल बन गया जब स्टूडेंट्स के दो ग्रुप्स के बीच लड़ाई खूनी झड़प में बदल गई। इस फायरिंग के दौरान 11वीं क्लास का एक स्टूडेंट गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

घटना की डिटेल्स: पुलिस के मुताबिक, यह लड़ाई स्कूल में हुई किसी गलतफहमी की वजह से 11वीं और 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स के बीच शुरू हुई थी। इसी मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष सुलह के लिए लुहारका रोड पर इकट्ठा हुए थे। लेकिन बातचीत के दौरान फिर से लड़ाई शुरू हो गई और माहौल गरमा गया।

फायरिंग और जांच: लड़ाई के दौरान एक पक्ष के हरिंदर सिंह ने गोली चलाई, जो अशप्रीत सिंह नाम के स्टूडेंट के पैर में लगी। पुलिस को जानकारी मिली है कि मौके पर 5 से 6 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि घटना में इस्तेमाल पिस्टल लाइसेंसी थी या नहीं। हालांकि, इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि दूसरी पार्टी ने फायरिंग की थी।

परिवार की मांग: पीड़ित परिवार ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया है कि निज़ामपुर के कुछ लोगों ने उनके बच्चे पर गोली चलाई है। परिवार ने सरकार और प्रशासन से न्याय की मांग की है। पुलिस के मुताबिक, घायल युवक अभी बयान देने की हालत में नहीं है, उसका बयान दर्ज होते ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लुधियाना के प्राइवेट हॉस्पिटल की मॉर्चरी से लाश गायब: परिवार का हंगामा, ऑर्गन बेचने के गंभीर आरोप

लुधियाना: लुधियाना के बारेवाल के एक प्राइवेट हॉस्पिटल से बहुत ही हैरान करने वाला और बहुत बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां हॉस्पिटल की मॉर्चरी में रखी एक महिला की डेड बॉडी गायब हो गई। जब परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए बॉडी लेने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि बॉडी वहां है ही नहीं।

कैसे हुई घटना? मृतका के पति जसवंत सिंह ने बताया कि उसने अपनी पत्नी को पेट दर्द की वजह से 10 दिसंबर को हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जिसकी 19 दिसंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई। चूंकि उनके बच्चे विदेश में रहते थे, इसलिए जसवंत सिंह ने हॉस्पिटल मैनेजमेंट से बच्चों के लौटने तक बॉडी रखने को कहा था। इसके लिए हॉस्पिटल हर दिन के 2500 रुपये चार्ज कर रहा था।

हॉस्पिटल की लापरवाही और परिवार के आरोप: जब बच्चे विदेश से लौटे और परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए बॉडी लेने गए तो हॉस्पिटल अधिकारियों ने कहा कि उनके पास बॉडी नहीं है। हॉस्पिटल अधिकारियों के मुताबिक, बॉडी मुर्दाघर में थी, लेकिन कोई दूसरा परिवार गलती से उसे ले गया। जानकारी के मुताबिक, उस दूसरे परिवार ने बॉडी का अंतिम संस्कार भी कर दिया है।

इस मामले में पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं:जसवंत सिंह का कहना है कि हॉस्पिटल अधिकारियों ने शायद बॉडी के ऑर्गन बेच दिए हों।परिवार ने हॉस्पिटल की इस हरकत को बड़ी साज़िश या लापरवाही बताया है।

इंसाफ की मांग और धरना: बॉडी गायब होने के बाद गुस्साए परिवार वाले हॉस्पिटल में ही धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वे इंसाफ के लिए पुलिस के पास जाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे।

अब रेलवे का सफर होगा महंगा ! 26 दिसंबर से बढ़ेगा किराया, लंबी दूरी के टिकटों पर पड़ेगा असर

बिजनेस डेस्क: इंडियन रेलवे ने नए साल से ठीक पहले यात्रियों को बड़ा झटका देते हुए किराया बढ़ाने का फैसला किया है। यह नया किराया स्ट्रक्चर 26 दिसंबर, 2025 से लागू होगा। रेलवे ने इस बारे में बिना किसी खास प्रचार-प्रसार के नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

किस पर पड़ेगा असर और किसे मिलेगी राहत?

सूत्रों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी से मुख्य रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर बोझ पड़ेगा। हालांकि, कुछ कैटेगरी को इस बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है:

कम दूरी के यात्री: सबअर्बन यात्रियों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।पास होल्डर: मंथली सीजन टिकट (MST) होल्डर का किराया वही रहेगा।

ऑर्डिनरी क्लास: ऑर्डिनरी क्लास में 215 km तक की यात्रा के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

किराए में बढ़ोतरी की डिटेल्स:

नए सिस्टम के तहत बढ़ोतरी इस तरह होगी:

जनरल क्लास: 215 km से ज़्यादा दूरी के लिए 1 पैसा प्रति किलोमीटर ज़्यादा देना होगा।

मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें: नॉन-AC और AC दोनों क्लास में किराए में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। उदाहरण के लिए: अगर कोई पैसेंजर नॉन-AC क्लास में 500 km का सफर करता है, तो उसे अब सिर्फ़ 10 रुपये ज़्यादा खर्च करने होंगे। रेलवे का दावा है कि यह बढ़ोतरी बहुत मामूली है और आम पैसेंजर पर इसका असर बहुत कम होगा।

किराया क्यों बढ़ाया गया?रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पिछले एक दशक में रेलवे के नेटवर्क और ऑपरेशन में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है, जिससे खर्चों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है।रेलवे का मैनपावर खर्च 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

पेंशन पर सालाना 60 हज़ार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।साल 2024-25 में रेलवे का कुल ऑपरेटिंग खर्च लगभग 2.63 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

इस किराए में बदलाव से, रेलवे को मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में करीब 600 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट रेलवे नेटवर्क बन गया है।

इंडोनेशिया में भयानक सड़क हादसा: बस बेकाबू होकर पलटी, 15 यात्रियों की मौत

इंटरनेशनल डेस्क: इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा में एक दुखद सड़क हादसा हुआ है। यहां एक यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुष्टि की है।

हादसे का कारण: सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के हेड बुडियोनो ने कहा कि हादसा एक टोल रोड पर हुआ। बस में कुल 34 यात्री थे जब वह अचानक बेकाबू हो गई। बेकाबू होने के बाद बस सड़क पर लगे कंक्रीट बैरियर से टकराकर पलट गई।

रूट की जानकारी: यह एक इंटर-प्रोविंशियल बस थी जो राजधानी जकार्ता से देश के पुराने शाही शहर योग्याकार्ता जा रही थी। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।

सोशल मीडिया बच्चों को बना रहा है हिंसक और जिद्दी : नई स्टडी से माता-पिता में चिंता बढ़ी

नैशनल डेस्क : इंटरनेट और सोशल मीडिया का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों के व्यवहार और मेंटल हेल्थ के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया बच्चों को हिंसक और जिद्दी बना रहा है, जिससे माता-पिता में काफी चिंता है।

डिजिटल एडिक्शन और मेंटल हेल्थ पर असर

सूत्रों के मुताबिक, 11 से 37 परसेंट किशोरों में इंटरनेट मीडिया एडिक्शन के लक्षण पाए गए हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्क्रीन पर बहुत ज़्यादा समय बिताने की वजह से बच्चों में नींद की कमी, डिप्रेशन, एंग्जायटी और आत्मविश्वास की कमी जैसी गंभीर मेंटल समस्याएं देखी जा रही हैं।

इस स्थिति को देखते हुए अब देश भर के अस्पतालों में ‘डिजिटल एडिक्शन क्लीनिक’ खोले जा रहे हैं।साइबरबुलिंग और इस्तेमाल के आंकड़ों पर हुई एक स्टडी में चौंकाने वाली बात सामने आई है कि 3 से 60 परसेंट बच्चे साइबरबुलिंग का शिकार हो रहे हैं। साल 2024 के डेटा के मुताबिक, भारत में 88 करोड़ इंटरनेट यूज़र थे। हैरानी की बात है कि 14-16 साल के 76 परसेंट बच्चे स्मार्टफोन का इस्तेमाल सोशल मीडिया के लिए करते हैं, जबकि सिर्फ़ 57 परसेंट बच्चे पढ़ाई के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।

49 परसेंट शहरी माता-पिता मानते हैं कि उनके बच्चे रोज़ाना तीन घंटे से ज़्यादा इंटरनेट पर बिताते हैं।

सरकार की सख्ती और माता-पिता की राय

बच्चों को इन बुरे असर से बचाने के लिए, IT मिनिस्ट्री ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) रूल्स, 2025 को नोटिफ़ाई किया है। इसका मकसद बच्चों के डेटा को सुरक्षित रखना और OTT और सोशल मीडिया के बेलगाम इस्तेमाल को रोकना है। लोकल सर्कल्स के एक सर्वे में, जिसमें 302 ज़िलों के माता-पिता से 57,000 जवाब इकट्ठा किए गए, 25 परसेंट माता-पिता ने मांग की कि बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की मंज़ूरी ज़रूरी होनी चाहिए।