ब्रेकिंग न्यूज़
सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: चांदी 3 लाख रुपये के पार, सोना भी नए रिकॉर्ड लेवल पर; ट्रंप के फैसलों से बाजार में हलचल

बिजनेस डेस्क: ग्लोबल लेवल पर बढ़ती जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच भारतीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को वायदा बाजार (MCX) में चांदी का भाव एक झटके में 13,550 रुपये से ज्यादा उछलकर 3,01,315 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक लेवल पर पहुंच गया। इसके साथ ही सोने ने भी नया रिकॉर्ड बनाते हुए 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा छू लिया है।

ट्रंप के फैसलों का बाजार पर असर: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में इस भारी उछाल की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड पर अपनाया गया सख्त रुख है। ट्रंप के 8 यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा और ग्रीनलैंड पर कंट्रोल पाने की उनकी जिद ने ग्लोबल आर्थिक मंदी के चांस बढ़ा दिए हैं।

इस वजह से, इन्वेस्टर रिस्की एसेट्स (जैसे स्टॉक मार्केट और बिटकॉइन) से दूर होकर सोने जैसे सेफ इन्वेस्टमेंट की तरफ जा रहे हैं।

ग्लोबल और डोमेस्टिक मार्केट का हालग्लोबल मार्केट: इंटरनेशनल मार्केट में सोना 1 परसेंट से ज़्यादा की बढ़त के साथ $4,660 प्रति औंस के रिकॉर्ड लेवल को पार कर गया है।मेट्रोपॉलिटन शहरों में कीमतें: दिल्ली में 24 कैरेट सोने का स्पॉट प्राइस Rs 14,584 प्रति ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि मुंबई और कोलकाता में यह Rs 14,569 प्रति ग्राम रिकॉर्ड किया गया।बिटकॉइन में गिरावट: जहां सोना और चांदी बढ़ रहे हैं, वहीं ट्रंप के फैसलों की वजह से बिटकॉइन 3.6 परसेंट गिरकर $92,000 के लेवल पर आ गया है।जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से आने वाले दिनों में कीमती मेटल की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है।

स्पेन में भयानक ट्रेन हादसा: दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर में 20 लोगों की मौत, 70 से ज़्यादा घायल

इंटरनेशनल डेस्क: स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत में एक बहुत ही दर्दनाक ट्रेन हादसा हुआ है, जहाँ दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर हो गई। इस हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 70 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 25 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

कैसे हुआ हादसा? हादसा कॉर्डोबा के एडमुज इलाके में हुआ। जानकारी के मुताबिक, मलागा से मैड्रिड जा रही एक हाई-स्पीड ट्रेन अचानक पटरी से उतरकर दूसरे ट्रैक पर पहुँच गई, जहाँ सामने से आ रही मैड्रिड-ह्यूएलवा ट्रेन से उसकी ज़ोरदार टक्कर हो गई। हादसे के समय दोनों ट्रेनों में करीब 500 यात्री सवार थे।

घटना का मंज़र: टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि ट्रेन के चार डिब्बों के एक्सल उड़ गए और एक डिब्बा ढलान से नीचे गिर गया। कॉर्डोबा फायर चीफ फ्रांसिस्को कार्मोना ने बताया कि एक ट्रेन पूरी तरह से तबाह हो गई। हादसे की वजह से मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच ट्रेन सर्विस रोक दी गई हैं।

बचाव काम में मुश्किलें: हादसा बहुत दूर और पहाड़ी इलाके में हुआ, जिसकी वजह से राहत और बचाव टीमों को पीड़ितों तक पहुंचने में काफी मुश्किल हो रही है। स्थानीय लोग खुद से पानी, खाना और कंबल लेकर मदद कर रहे हैं। पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेड क्रॉस की टीमें लगातार बचाव काम में लगी हुई हैं। यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हादसे पर गहरा दुख जताया है।

सोनीपत और दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज़ झटके; लोग अपने घरों से बाहर निकले, नॉर्थ दिल्ली था भूकंप का सेंटर

नेशनल डेस्क: सोमवार सुबह 8:44 बजे सोनीपत और दिल्ली-NCR इलाके में भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए। इन झटकों से लोग घबरा गए और घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए।दीवारें और खिड़कियां हिलीं : स्थानीय लोगों के मुताबिक, भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि घरों की दीवारें, खिड़कियां और बिस्तर हिलने लगे। सोनीपत के अलावा ये झटके हरियाणा के रोहतक और झज्जर के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। लोगों का कहना है कि ये झटके हाल के महीनों में आए भूकंपों से कहीं ज़्यादा तेज़ थे।भूकंप की तीव्रता और केंद्र : नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई है। भूकंप का केंद्र नॉर्थ दिल्ली में ज़मीन से करीब 5 km की गहराई पर था। हालांकि, कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में इसकी तीव्रता 3.0 से 4.0 के बीच होने का भी अनुमान लगाया गया था।दिल्ली-NCR डेंजर ज़ोन में : एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-NCR इलाका ज़ोन-4 (बहुत ज़्यादा भूकंप के लिहाज़ से सेंसिटिव) में आता है। माना जा रहा है कि यह झटका लोकल फॉल्ट लाइन्स, जैसे दिल्ली-मेरठ फॉल्ट या अरावली रेंज से जुड़ी लाइनों की वजह से आया है। गौरतलब है कि इससे पहले, रविवार रात को तिब्बत में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया था।

ऐतिहासिक जीत: न्यूजीलैंड ने पहली बार भारतीय सरजमीं पर वनडे सीरीज जीती; विराट कोहली का 85वां शतक बेकार

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम को अपने घर में बड़ा झटका लगा है। न्यूजीलैंड ने इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में भारत को 41 रन से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है। इतिहास में यह पहली बार है जब न्यूजीलैंड ने भारत में कोई वनडे सीरीज जीती है।

न्यूजीलैंड की मजबूत बल्लेबाजी: टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 8 विकेट के नुकसान पर 337 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। न्यूजीलैंड की पारी के हीरो डेरिल मिशेल (137 रन) और ग्लेन फिलिप्स (106 रन) रहे, जिन्होंने चौथे विकेट के लिए 219 रन की शानदार साझेदारी की। भारत के लिए अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने 3-3 विकेट लिए, लेकिन वे काफी महंगे साबित हुए।

विराट कोहली की संघर्षपूर्ण पारी: 338 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। कप्तान रोहित शर्मा (11), शुभमन गिल (23), श्रेयस अय्यर (3) और केएल राहुल (1) सस्ते में आउट हो गए। विराट कोहली ने अकेले दम पर अपना 85वां इंटरनेशनल शतक (ODI में 54वां) बनाया। उन्होंने 108 गेंदों में 124 रन बनाए। युवा खिलाड़ी नीतीश कुमार रेड्डी (53) और हर्षित राणा (50) ने हाफ सेंचुरी बनाकर कोहली का साथ दिया, लेकिन पूरी टीम 46वें ओवर में 296 रन पर आउट हो गई।

होलकर स्टेडियम का रिकॉर्ड टूटा: इस हार के साथ ही इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत की जीत का रिकॉर्ड भी टूट गया है। इससे पहले भारत ने यहां खेले गए सभी 7 ODI जीते थे, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ यहां भारत की यह पहली हार है।

BJP नेता सुनील जाखड़ की तबीयत अचानक बिगड़ी, मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में…

पंजाब डेस्क: BJP नेता सुनील कुमार जाखड़ की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, सुबह उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी।

टेस्ट के बाद डिस्चार्ज: हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने तुरंत उनकी जांच शुरू की और एंजियोग्राफी समेत कई ज़रूरी टेस्ट किए गए। राहत की बात यह रही कि मेडिकल जांच के बाद उनकी सभी रिपोर्ट नॉर्मल आईं। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर अपने घर लौट आए हैं।

गवर्नर से मीटिंग टली: खराब सेहत के चलते सुनील जाखड़ ने पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के साथ अपनी ज़रूरी मीटिंग टाल दी। मीटिंग सुबह 10 बजे राजपाल भवन में होनी थी। जाखड़ की गैरमौजूदगी में BJP नेता सुभाष शर्मा की लीडरशिप में एक डेलीगेशन गवर्नर से मिला।

पॉलिटिकल बैकग्राउंड: सुनील जाखड़ पंजाब की पॉलिटिक्स में एक बड़ी हस्ती हैं। वह पूर्व लोकसभा स्पीकर बलराम जाखड़ के बेटे हैं और अबोहर से तीन बार MLA रह चुके हैं। BJP में शामिल होने से पहले, वह कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं।

जालंधर-भोगपुर हाईवे पर कोहरा: ट्रक-ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में 2 की मौत, 7 घायल

पंजाब डेस्क: रविवार सुबह घने कोहरे की वजह से जालंधर-पठानकोट हाईवे पर किशनगढ़ चौक पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में एक तीर्थयात्री और एक राहगीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे की जानकारी: जानकारी के मुताबिक, अलावलपुर से करतारपुर जा रहे तीर्थयात्रियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को जालंधर से भोगपुर जा रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी। घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी बहुत कम थी। जब ट्रक ड्राइवर अमृतपाल सिंह ने ट्रॉली को बचाने की कोशिश की, तो ट्रक का कंट्रोल खो गया और वह सर्विस लाइन पर पलट गया।मृतकों की पहचान इस तरह हुई है:

परमिंदर पाल: गांव अर्जनवाल (आदमपुर) का रहने वाला, जो तीर्थयात्रियों की ट्रॉली में सवार था और सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई।

अज्ञात व्यक्ति: जो सड़क किनारे जुगाड़ू गाड़ी पर कचरा इकट्ठा कर रहा था और पलटे हुए ट्रक की चपेट में आ गया।

बचाव और पुलिस की कार्रवाई: हादसा इतना भयानक था कि राहगीरों और रोड सेफ्टी फोर्स (SSF) को घायलों को बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। क्रेन की मदद से ट्रक को सीधा किया गया और नीचे फंसे शवों को बाहर निकाला गया। अलावलपुर चौकी के इंचार्ज ASI परमजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने दोनों गाड़ियों को कब्जे में ले लिया है और ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ट्रंप के ऑर्डर पर सीरिया में US एयरस्ट्राइक: अल-कायदा का सीनियर लीडर मारा गया

इंटरनेशनल डेस्क: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ऑर्डर पर, US मिलिट्री ने साउथवेस्ट एशिया के मुस्लिम देश सीरिया में एक खतरनाक एयरस्ट्राइक की है। शुक्रवार को नॉर्थवेस्ट सीरिया में किए गए इस स्ट्राइक में अल-कायदा से जुड़ा एक सीनियर टेररिस्ट लीडर बिलाल हसन अल-जसिम मारा गया।

अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला: US अधिकारियों के मुताबिक, अल-जसिम एक “अनुभवी टेररिस्ट लीडर” था जो अमेरिकी सैनिकों पर हमलों की साज़िश रचता था। वह 13 दिसंबर के हमले से सीधे तौर पर जुड़ा था, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक (सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टॉवर और सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड) और एक सिविलियन इंटरप्रेटर (अयाद मंसूर सकात) मारे गए थे।

“दुश्मन के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है”: US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक बयान में कहा कि यह ऑपरेशन US के उन टेररिस्ट का पीछा करने के पक्के इरादे को दिखाता है जो उसकी सेना पर हमला करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों पर हमला करने वालों के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है और US उन्हें ढूंढकर खत्म कर देगा।

हॉकी स्ट्राइक’ ऑपरेशन का हिस्सा: यह नया हमला प्रेसिडेंट ट्रंप के उस बड़े कैंपेन का हिस्सा है जिसे उन्होंने बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद IS मिलिटेंट्स को फिर से इकट्ठा होने से रोकने के लिए शुरू किया था। CENTCOM के मुताबिक, “हॉकी स्ट्राइक” नाम के इस ऑपरेशन में 100 से ज़्यादा इस्लामिक स्टेट के ठिकानों और हथियारों के जखीरे को निशाना बनाया गया है। ट्रंप ने ज़ोर देकर कहा है कि US मिलिट्री टेररिस्ट ग्रुप्स को खत्म करने के लिए सीरियाई सिक्योरिटी फोर्सेज़ के साथ कोऑपरेशन बढ़ा रही है।

सोलापुर-पुणे हाईवे पर भयानक हादसा: बेकाबू कार पेड़ से टकराई, 5 श्रद्धालुओं की मौत, एक महिला घायल

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के सोलापुर में एक बहुत ही दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक बेकाबू कार के पेड़ से टकराने से पांच लोगों की मौत हो गई। ये सभी लोग देवदर्शन (धार्मिक दर्शन) के लिए पनवल से अक्कलकोट जा रहे थे।

आधी रात का हादसा: यह हादसा सोलापुर-पुणे नेशनल हाईवे पर मोहोल के पास देवदरी पाटी में हुआ। जानकारी के मुताबिक, शनिवार-रविवार की रात करीब 12 बजे कार के ड्राइवर ने तेज रफ्तार गाड़ी पर से कंट्रोल खो दिया, जिससे कार सड़क किनारे एक बड़े पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

एक महिला गंभीर रूप से घायल: इस हादसे में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंच गई है और मृतकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इस हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

उदयपुर में भी बड़ा हादसा: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह राजस्थान के उदयपुर में एक और हादसा हुआ, जहां पुराने अहमदाबाद हाईवे पर दो कारों की टक्कर में चार युवकों की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए।

बजट 2026: क्या UPI पेमेंट अब ‘फ्री’ नहीं रहेंगे? 10,000 करोड़ के घाटे ने डिजिटल इंडिया की चिंता बढ़ाई

बिजनेस डेस्क: 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट 2026 में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के सामने सबसे बड़ी चुनौती UPI सिस्टम की मजबूती बनाए रखना होगा। भारत में डिजिटल क्रांति लाने वाला UPI सिस्टम इस समय ‘बड़े संकट’ से गुजर रहा है, क्योंकि इसे फ्री रखने की पॉलिसी पेमेंट कंपनियों और बैंकों पर भारी फाइनेंशियल दबाव डाल रही है।

ट्रांजैक्शन कॉस्ट और ज़ीरो MDR का बोझ: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मुताबिक, हर UPI ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने में करीब 2 रुपये का खर्च आता है। सरकार की ‘ज़ीरो मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MDR) पॉलिसी की वजह से मर्चेंट्स से कोई फीस नहीं ली जाती, जिसकी वजह से बैंकों और फिनटेक कंपनियों को यह सारा खर्च खुद उठाना पड़ता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह मॉडल अब फायदेमंद नहीं रहा।

सरकारी सब्सिडी में कटौती: सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल पेमेंट के लिए सरकारी इंसेंटिव में लगातार कमी आई है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में यह 3,500 करोड़ रुपये था, जो मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के बजट अनुमान में घटकर सिर्फ 427 करोड़ रुपये रह गया है। दूसरी ओर, अनुमान है कि अगले दो सालों में इस इकोसिस्टम को चलाने के लिए 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत होगी।

इंडस्ट्री की क्या मांगें हैं?: PhonePe और पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) जैसी पेमेंट कंपनियों ने मांग की है कि:

– बड़े मर्चेंट्स (जिनका सालाना टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से ज़्यादा है) पर 25-30 बेसिस पॉइंट्स का MDR लगाया जाए।

– एक सस्टेनेबल रेवेन्यू मॉडल बनाया जाए ताकि कंपनियां साइबर सिक्योरिटी और ग्रामीण इलाकों में विस्तार में इन्वेस्ट करना जारी रख सकें।

RBI गवर्नर का इशारा: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी इशारा किया है कि UPI हमेशा फ्री नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट होती है और मॉडल के सस्टेनेबिलिटी के लिए किसी को तो पेमेंट करना ही होगा। अगर बजट में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो कई फिनटेक कंपनियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

ट्रंप के ‘कब्जे’ के दावे के खिलाफ ग्रीनलैंड में उबाल: प्रधानमंत्री की अगुवाई में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के बयानों के बाद वहां के लोगों में भारी विरोध देखने को मिल रहा है। शनिवार को ग्रीनलैंड की राजधानी नुउक में सैकड़ों लोगों ने अमेरिका के संभावित कब्जे के दावों के खिलाफ एक बड़ा विरोध मार्च निकाला।

प्रधानमंत्री ने खुद किया प्रदर्शन का नेतृत्व: इस प्रदर्शन की खास बात यह थी कि इसका नेतृत्व खुद ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने किया। हाथों में झंडे और बैनर लेकर प्रदर्शनकारी अमेरिकी कॉन्सुलेट की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान साफ संदेश दिया गया कि ग्रीनलैंड का भविष्य वहां के लोग खुद तय करेंगे।

ट्रंप की रणनीति और धमकी: राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि ग्रीनलैंड की स्ट्रेटेजिक लोकेशन और वहां के बड़े मिनरल भंडार अमेरिका की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि ग्रीनलैंड पर कंट्रोल पाने के लिए बल प्रयोग से इनकार नहीं किया जा सकता। व्हाइट हाउस के अधिकारी स्टीफन मिलर ने यह कहकर विवाद को और हवा दे दी कि डेनमार्क ग्रीनलैंड की रक्षा करने में असमर्थ है।

NATO सहयोगियों के बीच तनाव: ग्रीनलैंड पर विवाद ने US और डेनमार्क जैसे NATO सहयोगियों के बीच एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है। डेनमार्क के कहने पर यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में अपनी मिलिट्री मौजूदगी बढ़ानी शुरू कर दी है। हालांकि, US के अंदर भी ट्रंप के इस फैसले का विरोध हो रहा है। एक सर्वे के मुताबिक, 80 प्रतिशत अमेरिकी इस कब्जे का समर्थन नहीं करते हैं।