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गुजरात के गांधीनगर में गंदे पानी से कहर ! टाइफाइड के कारण 104 बच्चे अस्पताल में भर्ती; प्रशासन में हड़कंप

नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश के इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में भी गंदे पानी की सप्लाई के कारण गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। यहां के अलग-अलग सेक्टरों में गंदा पानी पीने से सैकड़ों लोग टाइफाइड का शिकार हो गए हैं, जिनमें से 104 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

प्रभावित इलाके: जानकारी के मुताबिक, गांधीनगर के सेक्टर 24, 26, 28 और आदिवारा इलाकों में टाइफाइड फैलने की पुष्टि हुई है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार बुखार, पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला है कि इन इलाकों की पीने के पानी की सप्लाई लाइन में करीब 10 लीकेज थे, जिससे गंदा पानी सप्लाई में आ गया। सरकार और प्रशासन की कार्रवाई: इस घटना के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी खुद गांधीनगर के सिविल अस्पताल गए और बीमार बच्चों का हालचाल पूछा और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ तैनात करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 40 टीमें बनाई हैं जो घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और पानी के सैंपल ले रही हैं। इसके साथ ही पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।

इंदौर की घटना का साया: गौरतलब है कि हाल ही में इंदौर में भी गंदे पानी से 15 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 2800 लोग बीमार पड़ गए थे। अब गांधीनगर में पैदा हुई ऐसी स्थिति ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहाड़ों में बर्फबारी से मैदानी इलाकों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड बढ़ी; अगले 7 दिनों तक घने कोहरे का अलर्ट

नेशनल डेस्क: पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी के कारण पूरा उत्तर और मध्य भारत इस समय कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक उत्तर भारत में रात और सुबह के समय बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

पहाड़ों से मैदानी इलाकों तक पारे में गिरावट:पहाड़ियां: कश्मीर घाटी बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है, जहां गुलमर्ग में तापमान माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस और हिमाचल प्रदेश के ताबो में माइनस 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। केदारनाथ धाम में भी चारों ओर बर्फ ही बर्फ दिखाई दे रही है।

मैदानी इलाके: दिल्ली में न्यूनतम तापमान गिरकर 8.1 डिग्री पर आ गया है। पंजाब का फरीदकोट 5.5 डिग्री के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि हरियाणा के महेंद्रगढ़ में पारा 4 डिग्री तक पहुंच गया।

कोहरे और प्रदूषण का कहर: उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के ज़्यादातर इलाके घने कोहरे की चपेट में हैं, जिसकी वजह से कई जगहों पर विज़िबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है। दिल्ली में रविवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। इसके साथ ही, दिल्ली-NCR की एयर क्वालिटी (AQI) अभी भी 200 से 300 के बीच है, यानी ‘खराब’ कैटेगरी में है।

फसलों पर संकट और किसानों के लिए सलाह: खेती के जानकारों के मुताबिक, यह मौसम रबी की फसलों, खासकर सब्जियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।पारे का खतरा: आलू, टमाटर, मटर और पत्तागोभी जैसी फसलें पाले की वजह से झुलस सकती हैं।

बचाव के उपाय: किसानों को सलाह दी गई है कि वे रात में अपने खेतों में हल्की सिंचाई करें क्योंकि गीली मिट्टी तापमान को स्थिर रखने में मदद करती है।

बीमारी का डर: लगातार कोहरे से फसलों में फंगल बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए कोहरा छंटने के बाद ही पेस्टीसाइड का स्प्रे करने को कहा गया है। इसके अलावा शनिवार को आसमान में साल का पहला सुपरमून भी देखा गया, जो सामान्य से बड़ा और चमकीला था।

राम रहीम को फिर मिली 40 दिन की पैरोल: सुनारिया जेल से आएंगे बाहर, सिरसा डेरे में रहने की मिली इजाजत

नेशनल डेस्क: दो साध्वियों से रेप और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 40 दिन की पैरोल मिल गई है। रोहतक की सुनारिया जेल में बंद राम रहीम को बुधवार शाम को पैरोल मिली थी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सिरसा डेरे में ही रहेंगे राम रहीम: पैरोल की इस अवधि के दौरान राम रहीम हरियाणा के सिरसा में स्थित डेरा सच्चा सौदा में ही रहेंगे। प्रशासन की तरफ से उन पर सख्त शर्तें लगाई गई हैं। पैरोल के दौरान वह सिरसा डेरा परिसर के बाहर किसी भी तरह के इवेंट या प्रोग्राम में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। प्रशासन उनकी हर एक्टिविटी पर कड़ी नजर रखेगा।

बार-बार रिहाई विवादों में रही है: गुरमीत राम रहीम 2017 से सुनारिया जेल में बंद है। जानकारी के मुताबिक, वह अब तक 13 बार जेल से बाहर आ चुका है और यह 14वीं बार है जब उसे रिहा किया गया है। राम रहीम की बार-बार पैरोल को लेकर अक्सर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर सवाल उठते हैं, खासकर तब जब यह रिहाई चुनाव के करीब हो। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह पैरोल पूरी तरह से नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत दी गई है।पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद राम रहीम को फिर से सुनारिया जेल में सरेंडर करना होगा।

न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान: शुभमन गिल की कप्तानी में वापसी

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज के लिए भारतीय टीम के स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। इस सीरीज की खास बात रेगुलर कप्तान शुभमन गिल की वापसी है, जो चोट से उबरने के बाद अब पूरी तरह फिट हैं।

गिल की वापसी और कप्तानी: शुभमन गिल साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के दौरान चोटिल हो गए थे, जिसकी वजह से उनकी गैरमौजूदगी में केएल राहुल ने कप्तानी संभाली थी। अब गिल फिर से फिट होकर टीम को लीड करेंगे।

रोहित और विराट पर नजरें: इस सीरीज के लिए स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली को टीम में चुना गया है। विराट कोहली ने अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दो सेंचुरी लगाई थीं और 302 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने थे। रोहित शर्मा भी अच्छी फॉर्म में हैं, उन्होंने पिछली सीरीज में दो हाफ सेंचुरी लगाई थीं।

श्रेयस अय्यर की फिटनेस पर सवाल: श्रेयस अय्यर को टीम में वाइस-कैप्टन बनाया गया है, लेकिन उनका खेलना उनके फिटनेस सर्टिफिकेट पर निर्भर करेगा। उन्हें अभी BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से क्लीयरेंस मिलना बाकी है।

इंडियन टीम स्क्वॉड: शुभमन गिल (कैप्टन), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (वाइस-कैप्टन)*, वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, व्यास कृष्णा, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जायसवाल।

सीरीज़ शेड्यूल:

पहला ODI: 11 जनवरी, वडोदरा।

दूसरा ODI: 14 जनवरी, राजकोट।

तीसरा ODI: 18 जनवरी, इंदौर।

वेनेजुएला में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिगेज अंतरिम राष्ट्रपति बनीं; सुप्रीम कोर्ट ने कमान सौंपी

इंटरनेशनल डेस्क: US के एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन में प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिगेज को देश का अंतरिम प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। कोर्ट ने यह फैसला देश में सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और राष्ट्रीय संप्रभुता बनाए रखने के लिए लिया है।कोर्ट का फैसला और मादुरो का स्टेटस: सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मादुरो की गैरमौजूदगी में डेल्सी रोड्रिगेज एक्टिंग प्रेसिडेंट के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगी। दूसरी ओर, निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को US मिलिट्री ने हिरासत में ले लिया है और न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर मुकदमा चलाने की योजना है। मादुरो की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है और हाथ बंधे हुए हैं।

डेल्सी रोड्रिगेज कौन हैं?

पावरफुल लीडर: 56 साल की डेल्सी रोड्रिगेज को वेनेजुएला की सोशलिस्ट सरकार में सबसे पावरफुल माना जाता है। मादुरो उन्हें अपनी सरकार की ‘टाइगर’ कहते थे।

बैकग्राउंड: वह लेफ्टिस्ट गुरिल्ला लीडर जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिगेज की बेटी हैं। उन्होंने लॉ की पढ़ाई की है और फाइनेंस मिनिस्टर, ऑयल मिनिस्टर और फॉरेन मिनिस्टर जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं।

ट्रंप का दावा और डेल्सी का बयान: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि डेल्सी ने प्रेसिडेंट के तौर पर शपथ ले ली है। हालांकि, डेल्सी ने शुरू में इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि मादुरो ही देश के एकमात्र कानूनी लीडर हैं और उन्होंने US से मादुरो को रिहा करने की भी मांग की थी। लेकिन अब, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद, वह अंतरिम तौर पर पद संभालेंगे।वेनेजुएला के नए अंतरिम प्रेसिडेंट ने साफ कर दिया है कि उनका देश कभी किसी की कॉलोनी नहीं बनेगा और वह अपने नेचुरल रिसोर्स की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

US का ऑपरेशन: 150 एयरक्राफ्ट ने 30 मिनट में वेनेजुएला के प्रेसिडेंट मादुरो को किया अरेस्ट; अब आगे किया होगा?

इंटरनेशनल डेस्क: US मिलिट्री ने एक सीक्रेट और बहुत तेज़ मिलिट्री ऑपरेशन में वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके घर से अरेस्ट कर लिया है। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ऑर्डर पर किया गया यह ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ सिर्फ़ 30 मिनट में पूरा हो गया।

ऑपरेशन की खास बातें:

बड़ी मिलिट्री फोर्स: इस मिशन में F-22, F-35, F-18 फाइटर जेट, B-1 बॉम्बर और ड्रोन समेत 150 से ज़्यादा US एयरक्राफ्ट शामिल थे।महीनों की तैयारी: US अधिकारियों के मुताबिक, इस ऑपरेशन की प्लानिंग कई महीनों से की जा रही थी। ट्रंप ने कहा कि एक्सरसाइज के लिए मादुरो के घर की हूबहू कॉपी तैयार की गई थी ताकि कोई गलती न हो।

शहर में ब्लैकआउट: ऑपरेशन के दौरान वेनेजुएला की राजधानी काराकस में बिजली पूरी तरह से बंद कर दी गई और शहर में 7 बड़े धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।

गिरफ़्तारी का पल: जब US डेल्टा फ़ोर्स के कमांडो मादुरो के किले जैसे घर में घुसे, तो मादुरो एक सेफ़ रूम में जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे दरवाज़ा बंद नहीं कर पाए। US सैनिकों के पास स्टील के दरवाज़े काटने के लिए ब्लोटॉर्च थे।

मादुरो की अभी की हालत: गिरफ्तारी के बाद मादुरो की एक फ़ोटो सामने आई है, जिसमें उनकी आँखों पर पट्टी बंधी है और हाथ बंधे हुए हैं। उन्हें हेलीकॉप्टर से US के एक वॉरशिप पर ले जाया गया और अब उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहाँ उन पर कोर्ट में केस चलेगा।

रिएक्शन: प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि कुछ अमेरिकी लोग घायल हुए हैं, लेकिन कोई मौत नहीं हुई। दूसरी ओर, न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन और ‘युद्ध की कार्रवाई’ बताया। वेनेज़ुएला के वाइस प्रेसिडेंट के मुताबिक, हमले में कुछ आम नागरिक और सैनिक भी मारे गए हैं।

ट्रंप का बड़ा ऐलान: ‘वेनेजुएला अब हमारे कंट्रोल में, वहां अमेरिकी शासन शुरू’; मादुरो की गिरफ्तारी को बताया ऐतिहासिक

इंटरनेशनल डेस्क: वेनेजुएला में मिलिट्री ऑपरेशन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि वेनेजुएला अब पूरी तरह से अमेरिकी कंट्रोल में है और जब तक हालात नहीं बदलते, वहां अमेरिकी शासन रहेगा।’

दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला

ट्रंप ने इस मिलिट्री ऑपरेशन की तारीफ की और इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे ताकतवर प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा ऑपरेशन था, जिसमें हवा, जमीन और समुद्र में मिलिट्री ताकत का शानदार इस्तेमाल किया गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो के पकड़े जाने का पूरा सीन ‘एक टीवी शो की तरह’ देखा। उनके मुताबिक, दुनिया का कोई दूसरा देश इतने कम समय में इतनी कामयाबी हासिल नहीं कर सकता।

मादुरो पर गंभीर आरोप: ट्रंप ने मादुरो को ‘भगोड़ा तानाशाह’ कहा और कहा कि उन्होंने अमेरिका में ‘खून के प्यासे गैंग’ भेजे हैं। उन्होंने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें अमेरिकी कोर्ट में इंसाफ का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने दावा किया कि US ने समुद्र के रास्ते आने वाली 97% ड्रग्स खत्म कर दी हैं, जिसका एक बड़ा हिस्सा वेनेजुएला से आ रहा था।

तेल का बिज़नेस और आगे की स्ट्रैटेजी: वेनेजुएला के तेल के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां का तेल का बिज़नेस पूरी तरह से फेल हो गया है। उन्होंने ऐलान किया कि अब बड़ी US कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी, वहां अरबों डॉलर खर्च करेंगी और तेल का इंफ्रास्ट्रक्चर फिर से बनाएंगी।ट्रंप ने यह भी साफ किया कि इस ऑपरेशन में कोई US सैनिक नहीं मरा। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक हफ्ते पहले खुद मादुरो से बात की थी और उनसे सरेंडर करने को कहा था, लेकिन उन्होंने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया।

ट्रंप ने शेयर की चौंकाने वाली तस्वीर

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर मादुरो की एक तस्वीर शेयर की है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

बेडरूम से घसीटकर बाहर निकालना:सूत्रों के मुताबिक, निकोलस मादुरो को तब हिरासत में लिया गया जब वह अपने बेडरूम में सो रहे थे। दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने उन्हें कमरे से घसीटकर बाहर निकाला। ट्रंप द्वारा जारी की गई तस्वीर में मादुरो के हाथ में हथकड़ी लगी है और उनकी आंखों पर काली पट्टी बंधी है।

मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया:ट्रंप ने खुलासा किया है कि मादुरो और उनकी पत्नी सेलिया फ्लोरेस को अमेरिकी युद्धपोत ‘USS इवो जीमा’ पर रखा गया है और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है। इससे पहले, अमेरिकी स्पेशल फोर्स ‘डेल्टा फोर्स’ ने काराकस में फुएर्टे टिउना और ला कार्लोटा जैसे मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर भारी बमबारी की थी।

जालंधर का युवक रूस-यूक्रेन युद्ध का शिकार: एजेंटों के धोखे में मौत, सेना में जबरन भर्ती होने के बाद…

पंजाब डेस्क: जालंधर जिले के गोराया शहर के 30 साल के नौजवान मंदीप कुमार की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत की दुखद खबर मिली है। मंदीप बेहतर भविष्य और नौकरी की तलाश में रूस गया था, लेकिन वह ट्रैवल एजेंटों की धोखाधड़ी का शिकार हो गया।नौकरी का घोटाला और ज़बरदस्ती भर्ती: मंदीप को एजेंटों ने नौकरी का झूठा वादा करके रूस भेजा था, लेकिन वहां पहुंचते ही हालात पूरी तरह बदल गए। जानकारी के मुताबिक, उसे ज़बरदस्ती रूस की सेना में भर्ती कर लिया गया। मरने वाले के भाई जगदीप कुमार ने कहा कि मंदीप दिव्यांग था, जो सेना में भर्ती होने के लायक नहीं था, इसके बावजूद उसे जंग के मैदान में धकेल दिया गया।

यात्रा की जानकारी: मंदीप कुमार अपने रिश्तेदारों के साथ 17 सितंबर, 2023 को अमृतसर से फ्लाइट से अर्मेनिया पहुंचा था। वहां तीन महीने काम करने के बाद वह 9 दिसंबर, 2023 को रूस पहुंचा। उसके साथी भारत लौट आए थे, जबकि मंदीप रूस में ही रह गया।

परिवार का संघर्ष और बॉडी की वापसी: मंदीप के गायब होने के बाद, उसका भाई उसे ढूंढने के लिए रूस भी गया और केंद्र और पंजाब सरकार के सामने यह मामला उठाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। कई महीनों के इंतज़ार के बाद, मंदीप की बॉडी अब भारत लाई गई है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर है। परिवार अब यह मामला विदेश मंत्रालय के सामने उठाएगा और रूस की कोर्ट में केस करने की योजना बना रहा है।

मिशन रोज़गार: CM मान ने शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को अपॉइंटमेंट लेटर बांटे; भर्ती के लिए ‘स्पेशल कैडर’ बनाया

पंजाब डेस्क: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘मिशन रोज़गार’ के तहत शिक्षा विभाग में नए नियुक्त हुए 606 कर्मचारियों को अपॉइंटमेंट लेटर दिए। चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आयोजित इस राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को नए साल के तोहफे के तौर पर इन नई ज़िम्मेदारियों के लिए बधाई दी।अपॉइंटमेंट की जानकारी: जारी किए गए 606 अपॉइंटमेंट लेटर में से 385 मुख्य रूप से स्पेशल एजुकेटर्स और 8 प्रिंसिपल के लिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और विभाग के अधिकारियों की तारीफ़ की।

स्पेशल बच्चों के लिए ‘स्पेशल कैडर‘: अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस भर्ती के लिए एक स्पेशल कैडर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि इन टीचरों को उन बच्चों को पढ़ाने का पवित्र काम सौंपा गया है जो बोल, सुन या समझ नहीं सकते। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के माता-पिता कभी-कभी बहुत परेशान होते हैं और अब ये टीचर उनका सहारा बनेंगे।

मुख्यमंत्री के खास विचार:

परिवार से जुड़ाव: CM मान ने नए नियुक्त कर्मचारियों को अपना परिवार बताते हुए कहा कि उनका मकसद सिर्फ क्रेडिट लेना नहीं है, बल्कि काबिल उम्मीदवारों को उनका हक दिलाना है।

शिक्षा ही असली दौलत है: उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अमीर वह नहीं होगा जिसके पास बैंक बैलेंस या महंगी कारें होंगी, बल्कि वह होगा जिसके बच्चे ज्यादा पढ़े-लिखे होंगे।

किस्मत और मेहनत: उन्होंने एक कविता के जरिए युवाओं का हौसला बढ़ाया और कहा कि किस्मत सिर्फ हाथ की लकीरों में नहीं होती, क्योंकि किस्मत उनकी भी होती है जिनके हाथ नहीं होते।इस समारोह में राज्य में रोजगार के नए मौके बनाने और शिक्षा का लेवल बढ़ाने के सरकार के वादे को दोहराया गया है।

अमेरिका का वेनेजुएला पर बड़ा हमला: धमाकों से लेकर प्रेसिडेंट मादुरो को उठाने तक, जानें पूरी घटना

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है और प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कस्टडी में ले लिया है। शनिवार सुबह-सुबह शुरू हुए इस ऑपरेशन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

घटना की सिलसिलेवार जानकारी:

1. तड़के ज़ोरदार धमाके: वेनेजुएला की राजधानी काराकस में शनिवार सुबह करीब 2 बजे कम से कम 7 बड़े धमाके सुने गए। अमेरिका ने काराकस में फोर्ट टूना (सबसे बड़ा मिलिट्री बेस), ला कार्लोटा एयरबेस और ला गुएरा पोर्ट समेत मुख्य मिलिट्री बेस को निशाना बनाया। डिफेंस मिनिस्टर के घर पर भी हमला किया गया।2. डेल्टा फोर्स ऑपरेशन: यह सीक्रेट ऑपरेशन US डेल्टा फोर्स ने किया था। मिलिट्री चिनूक हेलीकॉप्टर से वेनेजुएला में उतरी, जबकि अपाचे हेलीकॉप्टरों ने बमबारी की और वेनेजुएला की सेना का ध्यान भटकाया। अफरा-तफरी के बीच स्पेशल फोर्स के सैनिक प्रेसिडेंट मादुरो तक पहुंचे और उन्हें कस्टडी में ले लिया।

3. डोनाल्ड ट्रंप का बयान: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन को कन्फर्म करते हुए कहा कि उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी को ‘एक टीवी शो की तरह’ देखा। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई दूसरा देश ऐसा नहीं कर सकता। वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैन्स ने कहा कि मादुरो को ड्रग ट्रैफिकिंग रोकने और चोरी का तेल लौटाने के कई मौके दिए गए, लेकिन अब उन्हें पता चल गया है कि ट्रंप जो कहते हैं, वो करते हैं।

4. मादुरो पर आरोप: US का आरोप है कि मादुरो प्रेसिडेंट नहीं बल्कि ‘कार्टेल डे लॉस सोल्स’ नाम के ड्रग कार्टेल के हेड हैं। उन पर न्यूयॉर्क की कोर्ट में ड्रग ट्रैफिकिंग और हथियारों के चार्ज में केस चलेगा। उन्हें हेलीकॉप्टर से न्यूयॉर्क ले जाया गया है।

5. वेनेजुएला और दुनिया का रिएक्शन:वेनेजुएला: गिरफ्तारी से पहले मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था। डिफेंस मिनिस्टर ने देशवासियों से ‘लिबरेशन वॉर’ छेड़ने की अपील की है।

इंटरनेशनल विरोध: ईरान, क्यूबा और कोलंबिया ने US हमले की कड़ी निंदा की है और इसे UN चार्टर का उल्लंघन बताया है। कोलंबिया ने UN सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।

एडवाइजरी: ब्रिटेन और US ने अपने नागरिकों को वेनेजुएला न जाने और वहां मौजूद लोगों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है।US ने अपने कमर्शियल एयरक्राफ्ट को भी वेनेजुएला के एयरस्पेस में उड़ने से बैन कर दिया है।