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ईरान में आधी रात को हिंसा भड़की: खामेनेई के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरे; इंटरनेट बंद और एयरस्पेस बंद, ट्रंप ने हमले की धमकी दी

इंटरनेशनल डेस्क: ईरान में पिछले दो हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने गुरुवार रात को बहुत हिंसक रूप ले लिया। राजधानी तेहरान समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सुप्रीम लीडर खामेनेई को सत्ता से हटाने के नारे लगा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए ईरानी शासन ने पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है और टेलीफोन लाइनें काट दी हैं।देश भर में इंटरनेट बंद और हवाई खतरा: इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप ‘नेटब्लॉक्स’ ने कन्फर्म किया है कि देश के बड़े हिस्से में कनेक्टिविटी पूरी तरह से ठप हो गई है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सरकार की सख्त कार्रवाई के बीच ईरान ने कई इलाकों में NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी करके अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई जगहों पर डिफेंस सिस्टम भी एक्टिवेट कर दिए गए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शासन को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग न करने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ़-साफ़ कहा है कि अगर ईरान अपने ही लोगों को मारना शुरू करता है, तो US उन पर “बहुत ज़ोरदार” हमला करेगा। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन ने दावा किया है कि झड़पों में अब तक 45 प्रोटेस्टर मारे गए हैं, जिनमें 8 नाबालिग शामिल हैं।

प्रोटेस्ट का कारण: ईरान के देश निकाला क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी की अपील के बाद प्रोटेस्ट और तेज़ हो गए हैं। सड़कों पर आगजनी की घटनाएँ सामने आ रही हैं और लोग मौजूदा इस्लामिक शासन को खत्म करने की माँग कर रहे हैं।

ट्रंप का ‘टैरिफ बम’! रूस से तेल खरीदने पर 500% टैक्स; भारत और चीन पर सीधे आर्थिक हमले की तैयारी

इंटरनेशनल डेस्क: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों पर सीधा निशाना साधने की तैयारी कर ली है जो रूस से तेल खरीदकर प्रेसिडेंट पुतिन की “वॉर मशीन” को बढ़ावा दे रहे हैं। US सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने घोषणा की है कि ट्रंप ने “रशिया सैंक्शन्स एक्ट 2025” नाम के एक दोनों पार्टियों के बिल को हरी झंडी दे दी है, जिसका मुख्य टारगेट भारत, चीन और ब्राजील जैसे देश हैं।

500 परसेंट टैक्स की तैयारी: इस प्रस्तावित बिल के मुख्य नियमों के अनुसार, रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदने वाले देशों से US में इंपोर्ट होने वाले सभी सामान और सर्विस पर टैक्स (टैरिफ) उनकी कीमत का कम से कम 500 परसेंट तक बढ़ाया जा सकता है। सीनेटर ग्राहम के अनुसार, इस बिल पर अगले हफ्ते की शुरुआत में वोटिंग हो सकती है। इस कदम का मकसद यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस की मदद करने वाले देशों पर “बहुत ज़्यादा दबाव” डालना है।

भारत पर असर और ट्रंप का दावा: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारतीय सामान पर लगाए गए ज़्यादा टैरिफ की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाखुश हैं। ट्रंप ने एक मीटिंग में कहा कि हालांकि PM मोदी के साथ उनके रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन टैरिफ के मुद्दे ने कुछ तनाव पैदा किया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर भारत रूसी तेल इंपोर्ट पर US की चिंताओं को दूर नहीं करता है, तो वॉशिंगटन टैरिफ को और भी बढ़ा सकता है।

भारत का साफ़ रुख: दूसरी ओर, भारत सरकार ने पहले ही ट्रंप के उन दावों को खारिज कर दिया था कि PM मोदी ने रूसी तेल खरीदना बंद करने का कोई भरोसा दिया है। भारत ने यह साफ़ कर दिया है कि उसके एनर्जी से जुड़े फ़ैसले पूरी तरह से देश के हितों पर आधारित हैं, खासकर तब जब इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें ऊपर-नीचे हो रही हों।

टॉफी से भी सस्ता पेट्रोल! वेनेजुएला में सिर्फ 1 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है फ्यूल; 50 रुपये में भर जाती है कार की टंकी

इंटरनेशनल डेस्क: जहां पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है, वहीं साउथ अमेरिकन देश वेनेजुएला अपने बेहद सस्ते फ्यूल की वजह से चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में, प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो को US मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद यह देश एक बार फिर इंटरनेशनल सुर्खियों में है।

एक रुपये में एक लीटर तेल: वेनेजुएला में पेट्रोल की कीमत एक चॉकलेट या टॉफी से भी कम है। इंडियन करेंसी के हिसाब से यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत सिर्फ 1 से 3 रुपये के बीच है। जहां इंडिया में कार की टंकी भरवाने के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, वहीं वेनेजुएला में 35 से 50 लीटर की टंकी सिर्फ 50 से 150 रुपये में भर जाती है।

डुअल फ्यूल सिस्टम: देश में तेल की बिक्री के लिए दो तरह के सिस्टम हैं:

सब्सिडी वाला पेट्रोल: यह आम जनता के लिए बहुत सस्ता है।

प्रीमियम पेट्रोल: इसकी कीमत लगभग 42 रुपये प्रति लीटर है, जो इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से तय है। हालांकि यह कीमत लोकल रेट से ज़्यादा है, फिर भी यह दुनिया के दूसरे देशों से काफी कम है।

सऊदी अरब से भी बड़ा तेल भंडार: वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। साल 2023 के डेटा के मुताबिक, इस देश के पास 303 बिलियन बैरल तेल भंडार है, जिसने सऊदी अरब (267.2 बिलियन बैरल) को भी पीछे छोड़ दिया है। इतने बड़े प्राकृतिक संसाधन के बावजूद, वेनेजुएला इस समय बड़ी आर्थिक चुनौतियों और राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रहा है।

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा: 18 दिन में 6 हिंदुओं की हत्या, अब 2 और…

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले 18 दिनों में ही 6 हिंदुओं की बेरहमी से हत्या कर दी गई है, जिनमें से दो हत्याएं पिछले 24 घंटों में हुई हैं। हैरानी की बात है कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इन घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।

ताजा हत्याएं और डरावनी घटनाएं:

हिंदू पत्रकार की हत्या: सोमवार शाम जेसोर के मणिरामपुर में एक हिंदू पत्रकार और फैक्ट्री मालिक राणा प्रताप बैरागी (45) को निशाना बनाकर मार डाला गया। हमलावरों ने उनके सिर में तीन गोलियां मारी और फिर बेरहमी से उनका गला काट दिया।दुकानदार ने ‘जजिया’ मांगा: 40 साल के शरत चक्रवर्ती मणि की नरसिंगडी में उनकी किराने की दुकान पर धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि हत्या से दो दिन पहले कट्टरपंथियों ने उनसे ‘जज़िया’ (धार्मिक टैक्स) के तौर पर भारी रकम मांगी थी और शिकायत करने पर उनकी पत्नी को किडनैप करने की धमकी दी थी।

ईशनिंदा के नाम पर क्रूरता: सूत्रों के मुताबिक, हिंदुओं को अक्सर ईशनिंदा के झूठे आरोपों में निशाना बनाया जाता है। इसका एक उदाहरण दीपू चंद्र दास हैं, जिन्हें ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने ज़िंदा जला दिया था।

हिंदुओं के वजूद पर खतरा: बांग्लादेशी सोशल एक्टिविस्ट बापदित्य बसु ने चेतावनी दी है कि अगर हिंदुओं पर हमले इसी तरह जारी रहे, तो आने वाले सालों में बांग्लादेश में हिंदुओं का वजूद खत्म हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इन कट्टरपंथियों के हमलों का समर्थन कर रही है।

ट्रंप ने फिर दी भारत पर टैक्स बढ़ाने की धमकी; PM मोदी को ‘अच्छा आदमी’ बताया, लेकिन…

इंटरनेशनल डेस्क: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत को चेतावनी दी। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक ऑडियो के मुताबिक, ट्रंप ने कहा है कि अगर भारत इस मामले में US का साथ नहीं देता है, तो भारतीय सामान पर टैक्स (टैरिफ) और बढ़ाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने उन्हें “अच्छा आदमी” बताया। उन्होंने दावा किया कि मोदी जानते थे कि मैं (ट्रंप) खुश नहीं हूं, और वह मुझे खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि भारत के लिए उन्हें खुश करना ज़रूरी है, क्योंकि अमेरिका के पास बहुत जल्द भारत पर टैक्स बढ़ाने की ताकत है।

50% टैरिफ पहले ही लगाया जा चुका है: US पहले ही रूस से कच्चा तेल खरीदने पर भारत पर 50% टैरिफ लगा चुका है, जिसमें 25% पेनल्टी भी शामिल है। ट्रंप के पिछले कार्यकाल में यह टैक्स लगातार बढ़ता रहा है—यह 10% था, जो 7 अगस्त को बढ़कर 25% हो गया और पिछले साल के आखिर तक 50% तक पहुंच गया। हालांकि, दोनों देश एक कॉम्प्रिहेंसिव बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) पर काम कर रहे हैं, जिसका पहला फेज़ जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।

भारतीय एक्सपोर्ट में बड़ी गिरावट: US द्वारा लगाए गए टैरिफ का असर भारतीय व्यापार पर साफ दिख रहा है। एक एनालिसिस के मुताबिक, मई और सितंबर 2025 के बीच US को भारत का एक्सपोर्ट $8.8 बिलियन से 37.5% घटकर $5.5 बिलियन रह गया है। यह गिरावट पिछले कुछ सालों में सबसे बड़ी मानी जा रही है।

अमेरिका में भारतीय महिला की हत्या: बॉयफ्रेंड ने हत्या के बाद झूठी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और भारत भागा

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक भारतीय मूल के व्यक्ति ने अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर कानून से बचकर भारत भाग गया। 26 साल के आरोपी अर्जुन शर्मा पर अपनी 27 साल की एक्स-गर्लफ्रेंड निकिता गोडिशाला की हत्या का आरोप है।

झूठी रिपोर्ट और भागने का प्लान: पुलिस जांच के मुताबिक, अर्जुन शर्मा ने खुद को बचाने के लिए एक सोची-समझी योजना बनाई थी। उसने 2 जनवरी को हॉवर्ड काउंटी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एलिकॉट सिटी की रहने वाली निकिता न्यू ईयर ईव (31 दिसंबर) से लापता है। उसने कहा कि उसने निकिता को आखिरी बार कोलंबिया में अपने फ्लैट में देखा था। हैरानी की बात यह है कि जिस दिन उसने यह गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, उसी दिन वह अमेरिका छोड़कर भारत भाग गया।

फ्लैट में मिली बॉडी: शक के आधार पर जब पुलिस ने अर्जुन के फ्लैट की तलाशी ली, तो वहां से निकिता की बॉडी बरामद हुई। बॉडी पर चाकू के घाव थे। जांच करने वालों का मानना है कि अर्जुन ने 31 दिसंबर की शाम को निकिता की हत्या कर दी, क्योंकि उसके बाद उसका अपने दोस्तों से संपर्क टूट गया था।

इंटरनेशनल सर्च जारी: हॉवर्ड काउंटी पुलिस अब US फेडरल एजेंसियों के साथ मिलकर अर्जुन शर्मा की इंटरनेशनल लेवल पर तलाश कर रही है। हत्या का असली मकसद अभी पता नहीं चला है। इस बीच, US में इंडियन एम्बेसी ने इस घटना पर दुख जताया है और कहा है कि वे पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं और लोकल अधिकारियों से लगातार फॉलो-अप कर रहे हैं।

वेनेजुएला में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिगेज अंतरिम राष्ट्रपति बनीं; सुप्रीम कोर्ट ने कमान सौंपी

इंटरनेशनल डेस्क: US के एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन में प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिगेज को देश का अंतरिम प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। कोर्ट ने यह फैसला देश में सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और राष्ट्रीय संप्रभुता बनाए रखने के लिए लिया है।कोर्ट का फैसला और मादुरो का स्टेटस: सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मादुरो की गैरमौजूदगी में डेल्सी रोड्रिगेज एक्टिंग प्रेसिडेंट के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगी। दूसरी ओर, निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को US मिलिट्री ने हिरासत में ले लिया है और न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर मुकदमा चलाने की योजना है। मादुरो की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है और हाथ बंधे हुए हैं।

डेल्सी रोड्रिगेज कौन हैं?

पावरफुल लीडर: 56 साल की डेल्सी रोड्रिगेज को वेनेजुएला की सोशलिस्ट सरकार में सबसे पावरफुल माना जाता है। मादुरो उन्हें अपनी सरकार की ‘टाइगर’ कहते थे।

बैकग्राउंड: वह लेफ्टिस्ट गुरिल्ला लीडर जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिगेज की बेटी हैं। उन्होंने लॉ की पढ़ाई की है और फाइनेंस मिनिस्टर, ऑयल मिनिस्टर और फॉरेन मिनिस्टर जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं।

ट्रंप का दावा और डेल्सी का बयान: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि डेल्सी ने प्रेसिडेंट के तौर पर शपथ ले ली है। हालांकि, डेल्सी ने शुरू में इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि मादुरो ही देश के एकमात्र कानूनी लीडर हैं और उन्होंने US से मादुरो को रिहा करने की भी मांग की थी। लेकिन अब, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद, वह अंतरिम तौर पर पद संभालेंगे।वेनेजुएला के नए अंतरिम प्रेसिडेंट ने साफ कर दिया है कि उनका देश कभी किसी की कॉलोनी नहीं बनेगा और वह अपने नेचुरल रिसोर्स की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

US का ऑपरेशन: 150 एयरक्राफ्ट ने 30 मिनट में वेनेजुएला के प्रेसिडेंट मादुरो को किया अरेस्ट; अब आगे किया होगा?

इंटरनेशनल डेस्क: US मिलिट्री ने एक सीक्रेट और बहुत तेज़ मिलिट्री ऑपरेशन में वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके घर से अरेस्ट कर लिया है। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ऑर्डर पर किया गया यह ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ सिर्फ़ 30 मिनट में पूरा हो गया।

ऑपरेशन की खास बातें:

बड़ी मिलिट्री फोर्स: इस मिशन में F-22, F-35, F-18 फाइटर जेट, B-1 बॉम्बर और ड्रोन समेत 150 से ज़्यादा US एयरक्राफ्ट शामिल थे।महीनों की तैयारी: US अधिकारियों के मुताबिक, इस ऑपरेशन की प्लानिंग कई महीनों से की जा रही थी। ट्रंप ने कहा कि एक्सरसाइज के लिए मादुरो के घर की हूबहू कॉपी तैयार की गई थी ताकि कोई गलती न हो।

शहर में ब्लैकआउट: ऑपरेशन के दौरान वेनेजुएला की राजधानी काराकस में बिजली पूरी तरह से बंद कर दी गई और शहर में 7 बड़े धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।

गिरफ़्तारी का पल: जब US डेल्टा फ़ोर्स के कमांडो मादुरो के किले जैसे घर में घुसे, तो मादुरो एक सेफ़ रूम में जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे दरवाज़ा बंद नहीं कर पाए। US सैनिकों के पास स्टील के दरवाज़े काटने के लिए ब्लोटॉर्च थे।

मादुरो की अभी की हालत: गिरफ्तारी के बाद मादुरो की एक फ़ोटो सामने आई है, जिसमें उनकी आँखों पर पट्टी बंधी है और हाथ बंधे हुए हैं। उन्हें हेलीकॉप्टर से US के एक वॉरशिप पर ले जाया गया और अब उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहाँ उन पर कोर्ट में केस चलेगा।

रिएक्शन: प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि कुछ अमेरिकी लोग घायल हुए हैं, लेकिन कोई मौत नहीं हुई। दूसरी ओर, न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन और ‘युद्ध की कार्रवाई’ बताया। वेनेज़ुएला के वाइस प्रेसिडेंट के मुताबिक, हमले में कुछ आम नागरिक और सैनिक भी मारे गए हैं।

ट्रंप का बड़ा ऐलान: ‘वेनेजुएला अब हमारे कंट्रोल में, वहां अमेरिकी शासन शुरू’; मादुरो की गिरफ्तारी को बताया ऐतिहासिक

इंटरनेशनल डेस्क: वेनेजुएला में मिलिट्री ऑपरेशन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि वेनेजुएला अब पूरी तरह से अमेरिकी कंट्रोल में है और जब तक हालात नहीं बदलते, वहां अमेरिकी शासन रहेगा।’

दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला

ट्रंप ने इस मिलिट्री ऑपरेशन की तारीफ की और इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे ताकतवर प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा ऑपरेशन था, जिसमें हवा, जमीन और समुद्र में मिलिट्री ताकत का शानदार इस्तेमाल किया गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो के पकड़े जाने का पूरा सीन ‘एक टीवी शो की तरह’ देखा। उनके मुताबिक, दुनिया का कोई दूसरा देश इतने कम समय में इतनी कामयाबी हासिल नहीं कर सकता।

मादुरो पर गंभीर आरोप: ट्रंप ने मादुरो को ‘भगोड़ा तानाशाह’ कहा और कहा कि उन्होंने अमेरिका में ‘खून के प्यासे गैंग’ भेजे हैं। उन्होंने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें अमेरिकी कोर्ट में इंसाफ का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने दावा किया कि US ने समुद्र के रास्ते आने वाली 97% ड्रग्स खत्म कर दी हैं, जिसका एक बड़ा हिस्सा वेनेजुएला से आ रहा था।

तेल का बिज़नेस और आगे की स्ट्रैटेजी: वेनेजुएला के तेल के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां का तेल का बिज़नेस पूरी तरह से फेल हो गया है। उन्होंने ऐलान किया कि अब बड़ी US कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी, वहां अरबों डॉलर खर्च करेंगी और तेल का इंफ्रास्ट्रक्चर फिर से बनाएंगी।ट्रंप ने यह भी साफ किया कि इस ऑपरेशन में कोई US सैनिक नहीं मरा। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक हफ्ते पहले खुद मादुरो से बात की थी और उनसे सरेंडर करने को कहा था, लेकिन उन्होंने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया।

ट्रंप ने शेयर की चौंकाने वाली तस्वीर

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर मादुरो की एक तस्वीर शेयर की है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

बेडरूम से घसीटकर बाहर निकालना:सूत्रों के मुताबिक, निकोलस मादुरो को तब हिरासत में लिया गया जब वह अपने बेडरूम में सो रहे थे। दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने उन्हें कमरे से घसीटकर बाहर निकाला। ट्रंप द्वारा जारी की गई तस्वीर में मादुरो के हाथ में हथकड़ी लगी है और उनकी आंखों पर काली पट्टी बंधी है।

मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया:ट्रंप ने खुलासा किया है कि मादुरो और उनकी पत्नी सेलिया फ्लोरेस को अमेरिकी युद्धपोत ‘USS इवो जीमा’ पर रखा गया है और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है। इससे पहले, अमेरिकी स्पेशल फोर्स ‘डेल्टा फोर्स’ ने काराकस में फुएर्टे टिउना और ला कार्लोटा जैसे मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर भारी बमबारी की थी।

अमेरिका का वेनेजुएला पर बड़ा हमला: धमाकों से लेकर प्रेसिडेंट मादुरो को उठाने तक, जानें पूरी घटना

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है और प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कस्टडी में ले लिया है। शनिवार सुबह-सुबह शुरू हुए इस ऑपरेशन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

घटना की सिलसिलेवार जानकारी:

1. तड़के ज़ोरदार धमाके: वेनेजुएला की राजधानी काराकस में शनिवार सुबह करीब 2 बजे कम से कम 7 बड़े धमाके सुने गए। अमेरिका ने काराकस में फोर्ट टूना (सबसे बड़ा मिलिट्री बेस), ला कार्लोटा एयरबेस और ला गुएरा पोर्ट समेत मुख्य मिलिट्री बेस को निशाना बनाया। डिफेंस मिनिस्टर के घर पर भी हमला किया गया।2. डेल्टा फोर्स ऑपरेशन: यह सीक्रेट ऑपरेशन US डेल्टा फोर्स ने किया था। मिलिट्री चिनूक हेलीकॉप्टर से वेनेजुएला में उतरी, जबकि अपाचे हेलीकॉप्टरों ने बमबारी की और वेनेजुएला की सेना का ध्यान भटकाया। अफरा-तफरी के बीच स्पेशल फोर्स के सैनिक प्रेसिडेंट मादुरो तक पहुंचे और उन्हें कस्टडी में ले लिया।

3. डोनाल्ड ट्रंप का बयान: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन को कन्फर्म करते हुए कहा कि उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी को ‘एक टीवी शो की तरह’ देखा। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई दूसरा देश ऐसा नहीं कर सकता। वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैन्स ने कहा कि मादुरो को ड्रग ट्रैफिकिंग रोकने और चोरी का तेल लौटाने के कई मौके दिए गए, लेकिन अब उन्हें पता चल गया है कि ट्रंप जो कहते हैं, वो करते हैं।

4. मादुरो पर आरोप: US का आरोप है कि मादुरो प्रेसिडेंट नहीं बल्कि ‘कार्टेल डे लॉस सोल्स’ नाम के ड्रग कार्टेल के हेड हैं। उन पर न्यूयॉर्क की कोर्ट में ड्रग ट्रैफिकिंग और हथियारों के चार्ज में केस चलेगा। उन्हें हेलीकॉप्टर से न्यूयॉर्क ले जाया गया है।

5. वेनेजुएला और दुनिया का रिएक्शन:वेनेजुएला: गिरफ्तारी से पहले मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था। डिफेंस मिनिस्टर ने देशवासियों से ‘लिबरेशन वॉर’ छेड़ने की अपील की है।

इंटरनेशनल विरोध: ईरान, क्यूबा और कोलंबिया ने US हमले की कड़ी निंदा की है और इसे UN चार्टर का उल्लंघन बताया है। कोलंबिया ने UN सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।

एडवाइजरी: ब्रिटेन और US ने अपने नागरिकों को वेनेजुएला न जाने और वहां मौजूद लोगों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है।US ने अपने कमर्शियल एयरक्राफ्ट को भी वेनेजुएला के एयरस्पेस में उड़ने से बैन कर दिया है।