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कुर्सियां फेंकी गईं, हंगामा हुआ…कोलकाता में मेसी के इवेंट में आखिर हुआ क्या, जानें पूरी कहानी

नेशनल डेस्क: फुटबॉल आइकन लियोनेल मेसी को देखने के लिए हजारों फैंस कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम पहुंचे थे, लेकिन उनकी खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिकी। जैसे ही मेसी 20 मिनट से भी कम समय में इवेंट से जाने लगे, फैंस में भारी नाराजगी देखने को मिली।दरअसल, इवेंट के टिकटों की कीमत 5,000 रुपये से 25,000 रुपये तक थी, जिससे फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। कई फैंस ने दावा किया कि वे मेसी को ठीक से देख भी नहीं पाए। मेसी के आसपास बड़ी संख्या में सिक्योरिटी गार्ड और दूसरे अधिकारियों की मौजूदगी के कारण स्टैंड में बैठे फैंस उन्हें साफ-साफ नहीं देख पा रहे थे। जब फैंस ने एतराज जताना शुरू किया और हंगामा बढ़ा, तो ऑर्गनाइजर को तुरंत मेसी को वहां से हटाना पड़ा। मेसी ने स्टेडियम का चक्कर भी पूरा नहीं किया और चले गए।जब मेसी स्टेडियम से चले गए, तो गुस्साए फैंस ने विरोध करना शुरू कर दिया, पोस्टर होर्डिंग्स तोड़ दिए और स्टेडियम के अंदर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें लोगों ने स्टेडियम को नुकसान पहुंचाया है।हाई-लेवल जांच के आदेश:पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मिसमैनेजमेंट की जांच के लिए एक हाई-लेवल जांच कमेटी बनाने का ऐलान किया है। इस जांच कमेटी को जस्टिस (रिटायर्ड) अशीम कुमार रे हेड करेंगे, जो कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज हैं। राज्य के चीफ सेक्रेटरी और होम और माउंटेन अफेयर्स के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को भी कमेटी में मेंबर के तौर पर शामिल किया गया है। जांच कमेटी को घटना की डिटेल में जांच करने, जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ज़रूरी सुझाव देने का काम सौंपा गया है।

बड़ी ख़बर: सुबह-सुबह बड़ा हादसा! यात्रियों से भरी बस पलटी, सड़क पर बिखरी लाशें

नेशनल डेस्क: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में शुक्रवार सुबह एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए। बस सड़क से फिसलकर नीचे गिर गई।

कैसे हुआ हादसा: यह दुखद घटना शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे चिंतुरु-मारेदुमिल्ली घाट रोड पर एक दुर्गा मंदिर के पास हुई। आशंका है कि घने कोहरे के कारण बस ड्राइवर को हादसे वाली जगह पर मोड़ दिखाई नहीं दिया। पुलिस ने बताया कि बस एलिवेटेड घाट रोड से नीचे गिर गई और सड़क पर पलट गई। बस में ड्राइवर और कंडक्टर समेत कुल 37 लोग सवार थे, जिनमें से छह लोग सुरक्षित हैं।

यात्री और मंज़िल: दुर्घटनाग्रस्त बस चित्तूर इलाके के लोगों को ले जा रही थी, जो अराकू की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद पड़ोसी तेलंगाना जिले के भद्राचलम जा रहे थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने घटना पर दुख जताया: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस घटना पर दुख जताया है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी हादसे पर दुख जताया, अधिकारियों से बात की और घायलों को दिए जा रहे इलाज के बारे में जानकारी मांगी।

पुलिस कार्रवाई: SP अमित बरदार ने कहा कि हादसा ‘चाइना वॉल’ के पास हुआ, जिसे गाड़ियों को सड़क से गिरने से रोकने के लिए बनाया गया था। मोथुगुडेम पुलिस स्टेशन ने इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 106 (लापरवाही और तेज़ गाड़ी चलाने से मौत) के तहत मामला दर्ज किया है।

कनाडा से बड़ी खबर: ब्रैम्पटन प्लाज़ा शूटिंग केस में भारतीय मूल के तीन भाई गिरफ्तार

इंटरनेशनल डैस्क : कनाडा की पील रीजनल पुलिस ने ब्रैम्पटन में दो विरोधी टो-ट्रक ग्रुप के बीच हुई हिंसक झड़प और शूटिंग के सिलसिले में भारतीय मूल के तीन भाइयों को गिरफ्तार किया है।घटना और जांच: शूटिंग की घटना 7 अक्टूबर को रात करीब 10:45 बजे मैकवेन ड्राइव और कैसलमोर रोड के पास एक पार्किंग लॉट में हुई। झड़प में एक व्यक्ति घायल हो गया, हालांकि उसकी चोटें गंभीर नहीं थीं। पुलिस ने पूरी जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर तीनों भाइयों की पहचान की और 20 नवंबर को कैलेडन में उनके घर पर छापा मारने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया।आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनजोत भट्टी, नवजोत भट्टी और अमनजोत भट्टी के रूप में हुई है।

आरोप: मनजोत भट्टी पर सबसे गंभीर आरोप हैं, जिसमें लापरवाही से हथियार चलाना, लोडेड प्रतिबंधित हथियार रखना और छुपा हुआ हथियार रखना शामिल है। उसकी ज़मानत की सुनवाई ओंटारियो कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में पेंडिंग है और उसे ज़मानत पर रिहा कर दिया गया है। बाकी दो भाइयों, नवजोत और अमनजोत भट्टी पर यह जानते हुए भी गाड़ी में सफ़र करने का आरोप है कि उसमें हथियार मौजूद था। दोनों को रिहा कर दिया गया है लेकिन उन्हें बाद में कोर्ट में पेश होना होगा।

चौथे संदिग्ध की तलाश: पुलिस ने यह भी कहा कि वे अभी भी मामले में शामिल चौथे संदिग्ध की तलाश कर रहे हैं। संदिग्ध को ‘साउथ एशियन पुरुष’ बताया गया है, जो वीडियो में काली जैकेट, नीली जींस और सफेद रनिंग शूज़ पहने हुए देखा गया था।

2027 में देश की पहली डिजिटल जनगणना को केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए **जनगणना 2027** के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इस प्रस्ताव के तहत, देश में पहली बार **डिजिटल जनगणना** (Digital Census) आयोजित की जाएगी. इस पूरी परियोजना पर **11,718.24 करोड़ रुपये** की लागत आने का अनुमान है.यह पूरी प्रक्रिया **दो चरणों** में पूरी की जाएगी.

1. **पहला चरण:** इस चरण में घरों की सूची बनाकर उनकी गिनती की जाएगी. यह प्रक्रिया **अप्रैल से सितंबर 2026** तक चलेगी.

2. **दूसरा चरण:** मुख्य जनगणना का कार्य **फरवरी 2027** में संपन्न होगा.

**जाति गणना का समावेश**

इस जनगणना के **दूसरे चरण** में **जातियों का इलेक्ट्रॉनिक डेटा** भी शामिल किया जाएगा. राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने 30 अप्रैल, 2025 को हुई बैठक में ही यह फैसला लिया था कि आगामी जनगणना 2027 में जाति गणना (Caste Enumeration) को भी शामिल किया जाएगा.

**विशेष क्षेत्रों के लिए अलग समय-सीमा**

बर्फ़ से प्रभावित क्षेत्रों, जिनमें केंद्र शासित प्रदेश **लद्दाख और जम्मू-कश्मीर**, साथ ही **हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड** शामिल हैं, में दूसरे चरण की जनगणना **सितंबर 2026** में होगी.**कर्मचारी और तकनीक**केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जनगणना के चुनौतीपूर्ण कार्य के लिए सरकार ने एक विस्तृत रूपरेखा बनाई है. इस कार्य में लगभग

**30 लाख क्षेत्रीय कर्मचारी**

(फील्ड स्टाफ) लगाए जाएंगे. गणनाकार (enumerators), जो सामान्यतः राज्य सरकार द्वारा नियुक्त सरकारी शिक्षक होते हैं, वे अपनी नियमित ड्यूटी के अलावा जनगणना का फील्ड वर्क भी करेंगे.

इन कर्मचारियों को उनके अतिरिक्त कार्य के लिए

**मानदेय** (honorarium) भी दिया जाएगा.डेटा संग्रह के लिए **मोबाइल ऐप** और मॉनिटरिंग के लिए

**सेंट्रल पोर्टल** का उपयोग किया जाएगा, जिससे बेहतर गुणवत्ता का डेटा उपलब्ध होगा. यह भी बताया गया है कि स्थानीय स्तर पर लगभग 550 दिनों के लिए करीब

**18,600 तकनीकी पेशेवर**

तैनात किए जाएंगे, जिससे लगभग 1.02 करोड़ मानव-दिवसों का रोजगार पैदा होगा.सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि व्यक्तिगत स्तर पर **हर किसी का डेटा गोपनीय** रखा जाएगा, हालांकि जनगणना का **मैक्रो-लेवल डेटा प्रकाशित** किया जाएगा.