पंजाब डेस्क: रविवार सुबह घने कोहरे की वजह से जालंधर-पठानकोट हाईवे पर किशनगढ़ चौक पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में एक तीर्थयात्री और एक राहगीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की जानकारी: जानकारी के मुताबिक, अलावलपुर से करतारपुर जा रहे तीर्थयात्रियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को जालंधर से भोगपुर जा रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी। घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी बहुत कम थी। जब ट्रक ड्राइवर अमृतपाल सिंह ने ट्रॉली को बचाने की कोशिश की, तो ट्रक का कंट्रोल खो गया और वह सर्विस लाइन पर पलट गया।मृतकों की पहचान इस तरह हुई है:
परमिंदर पाल: गांव अर्जनवाल (आदमपुर) का रहने वाला, जो तीर्थयात्रियों की ट्रॉली में सवार था और सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
अज्ञात व्यक्ति: जो सड़क किनारे जुगाड़ू गाड़ी पर कचरा इकट्ठा कर रहा था और पलटे हुए ट्रक की चपेट में आ गया।
बचाव और पुलिस की कार्रवाई: हादसा इतना भयानक था कि राहगीरों और रोड सेफ्टी फोर्स (SSF) को घायलों को बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। क्रेन की मदद से ट्रक को सीधा किया गया और नीचे फंसे शवों को बाहर निकाला गया। अलावलपुर चौकी के इंचार्ज ASI परमजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने दोनों गाड़ियों को कब्जे में ले लिया है और ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल शनिवार को आठ साल पुराने मानहानि केस में चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उनकी बेल अर्जी मंजूर करके उन्हें राहत दी है।
नॉन-बेलेबल वारंट और कोर्ट की सख्ती
इससे पहले, एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट राहुल गर्ग की कोर्ट ने तय सुनवाई में उनके पेश न होने पर सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने 17 दिसंबर, 2025 के ऑर्डर तोड़ने पर सुखबीर बादल की बेल कैंसिल कर दी थी और उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किए थे, जिसके चलते उन्हें कोर्ट में पेश होना पड़ा।
हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत
सुखबीर बादल ने इस मानहानि केस को खारिज करवाने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद यह मामला लोअर कोर्ट में विचाराधीन रहा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 4 जनवरी 2017 का है, जब आम आदमी पार्टी के कन्वीनर अरविंद केजरीवाल दिल्ली में राजिंदर पाल सिंह के घर गए थे। इस मीटिंग के बाद सुखबीर बादल ने मीडिया को दिए एक बयान में अखंड कीर्तनी जत्थे को बैन आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा एक पॉलिटिकल प्लेटफॉर्म बताया था। राजिंदर पाल सिंह के मुताबिक, इस बयान से उनके संगठन की सोशल रेप्युटेशन को बहुत नुकसान पहुंचा, जिसके चलते उन्होंने मानहानि का केस किया था।
पंजाब डेस्क: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से मिली गोपनीय जानकारी पर कार्रवाई करते हुए पठानकोट पुलिस को भारत-पाक सीमा के पास के इलाके नरोट जैमल सिंह में एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक खेत से हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है, जिसे पाकिस्तान से पंजाब में आतंकी गतिविधियों के ज़रिए माहौल खराब करने के लिए भेजा गया था।बरामद हथियारों की जानकारी नरोट जैमल सिंह पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के दौरान, खेतों से ये हथियार बरामद किए गए हैं:
• 3 AK-47 राइफल और 5 मैगज़ीन।
• एक तुर्की और एक चीन में बनी पिस्तौल।
• 2 पिस्तौल मैगज़ीन और 98 ज़िंदा कारतूस।
आतंकी रिंदा और ISI का हाथ
DIG बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने जानकारी शेयर करते हुए बताया कि यह कंसाइनमेंट आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के लीडर हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के कहने पर भेजा था। मूल रूप से महाराष्ट्र के श्री हजूर साहिब नांदेड़ का रहने वाला रिंदा लगातार पंजाब में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में रहता है।
पुलिस की तैयारी और एक्शन
CIA इंचार्ज और नरोट जैमल सिंह पुलिस की जॉइंट टीम ने जानकारी मिलते ही बमियाल चौक के पास घेराबंदी की और बॉर्डर एरिया से ये हथियार बरामद किए। DIG के मुताबिक, रिंदा का इरादा अपने किसी आदमी के जरिए पंजाब में कोई बड़ी घटना को अंजाम देने का था, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया।केस दर्ज
इस संबंध में नरोट जैमल सिंह थाने में हरविंदर सिंह रिंदा और दूसरे अनजान लोगों के खिलाफ एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट-1908 की धारा 111, आर्म्स एक्ट-1959 और BNS के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अभी भी इलाके में तेज़ी से सर्च ऑपरेशन चला रही है।
पंजाब डेस्क: पंजाब पुलिस ने कबड्डी प्लेयर राणा बलचौरिया की हत्या के मुख्य संदिग्ध करण पाठक उर्फ करण डिफॉल्टर को एनकाउंटर में मार गिराया है। यह एनकाउंटर मोहाली के एयरपोर्ट रोड पर उस समय हुआ जब आरोपी पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहा था।
SSP हरमनदीप सिंह हंस के मुताबिक, करण डिफॉल्टर CIA की कस्टडी में था और उसने देर रात सीने में दर्द की शिकायत की थी। जब पुलिस उसे हॉस्पिटल ले जा रही थी, तो रात करीब 11:30 बजे पुलिस की गाड़ी डिवाइडर पर चढ़ गई। गाड़ी रुकने पर करण हथकड़ी तोड़कर भागने में कामयाब हो गया। सुबह जब पुलिस ने सर्चिंग के दौरान उसे घेरा, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। उसे गंभीर हालत में चंडीगढ़ के सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
जग्गू भगवानपुरिया की मां की भी हुई थी हत्या : पुलिस के मुताबिक, करण डिफॉल्टर एक खतरनाक क्रिमिनल था। उसने कुछ महीने पहले गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी और इस केस में भी उसकी तलाश थी। पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने कई राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान 12 जनवरी, 2026 को उसे हावड़ा, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था।
राणा बलचौरिया मर्डर का बैकग्राउंड : यह है कि 15 दिसंबर को मोहाली के सोहाना में एक कबड्डी कप के दौरान, करण और उसके साथियों ने सेल्फी लेने के बहाने राणा बलचौरिया का चेहरा शॉल से ढक दिया और उसके सिर में गोली मार दी। पुलिस के मुताबिक, यह मर्डर पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था।
नेशनल डेस्क: दिल्ली विधानसभा की रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ के आरोपों के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि सदन की ऑफिशियल रिकॉर्डिंग फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में बिल्कुल सही पाई गई है।
रिपोर्ट में छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं: स्पीकर ने कहा कि विपक्ष की मांग पर सदन की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच के लिए FSL को भेजी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो और ऑडियो में कोई छेड़छाड़ या छेड़छाड़ नहीं की गई है और दोनों एक-एक शब्द से मेल खाते हैं। उन्होंने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि सदन की ट्रांसक्रिप्ट और वीडियो पूरी तरह से सही हैं।
पंजाब सरकार के दखल पर उठाए सवाल: विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब सरकार की भूमिका पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि 8 जनवरी को दिल्ली विधानसभा का वीडियो जांच के लिए FSL को सौंप दिया गया था, लेकिन 9 जनवरी को अचानक खबर आई कि पंजाब सरकार ने पहले ही अपनी जांच कर ली है और वीडियो को ‘डॉक्टर्ड’ (छेड़छाड़ किया हुआ) बताते हुए FIR दर्ज कर ली है। स्पीकर ने इसे दिल्ली विधानसभा के काम में बेवजह दखलंदाजी बताया और पंजाब के मुख्यमंत्री को ऐसा न करने की चेतावनी दी।आतिशी से माफी की मांग: स्पीकर ने आम आदमी पार्टी पर सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने और गुरुओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने AAP नेता आतिशी से अपनी गलती मानने और सदन की गरिमा को चुनौती देने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा की गरिमा के साथ छेड़छाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चंडीगढ़/अंबाला : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो के अपर महानिदेशक (ग्रामीण विकास) श्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ‘विकसित भारत – जी राम जी’ कानून विकसित भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है भारत में आत्मनिर्भर गाँवों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है । हरियाणा के अंबाला में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 पर आयोजित वार्तालाप को संबोधन करते हुए पत्र सूचना कार्यालय, दिल्ली में अपर महानिदेशक श्री राजेंद्र चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी पहल के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि यह कानून रोजगार सृजन को मज़बूती देने, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने और गाँवों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस प्रयास है।उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्था में मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी तो थी, लेकिन कई स्थानों पर न तो समय पर काम मिल पाता था और न ही मज़दूरी का भुगतान समय पर हो पाता था।
इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी कमियों को दूर करने और भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए सरकार ने ‘विकसित भारत – जी राम जी’ क़ानून के माध्यम से सुधार किए हैं।उन्होंने बताया कि नए क़ानून के तहत रोजगार गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मज़दूरों को बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा।
इसी प्रकार, यदि मज़दूरी के भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो उस पर ब्याज भी दिया जाएगा। श्री चौधरी ने कहा कि नए क़ानून के तहत ग्राम पंचायत को सशक्त बनाया गया है, और अब गाँव की सभाएँ स्वयं तय करेंगी कि उनके गाँव में कौन-से विकास कार्य कराए जाएँ। उन्होंने कहा कि विकास से संबंधित निर्णय अब गाँव स्तर पर ही लिए जाएँगे।श्री चौधरी ने कहा विकसित भारत- रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025, भारत की ग्रामीण रोजगार नीति में एक निर्णायक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।
नया कानून एक आधुनिक, जवाबदेह और अवसंरचना-केंद्रित ढांचे को मजबूती प्रदान करता है। इस मौके पर अंबाला के उपायुक्त एवं कार्यक्रम के मुख्यातिथि श्री अजय तोमर ने कहा कि नया कानून एक आधुनिक, जवाबदेह और अवसंरचना-केंद्रित ढांचे के माध्यम से उनकी कमियों को दूर करते हुए पिछले सुधारों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि गारंटीकृत रोजगार का विस्तार करके, राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं और कार्यों के बीच ताल-मेल बिठाते हुए मजबूत डिजिटल शासन को शामिल करके, यह कानून ग्रामीण रोजगार को सतत विकास और यथोचित आजीविका के लिए एक कार्यनीतिक साधन के रूप में स्थापित करता है, जो पूरी तरह से विकसित भारत 2047 के विजन के साथ जुड़ा हुआ है।
तोमर ने बताया कि 125 दिनों के रोजगार की गारंटी घरेलू आय को बढ़ाती है, ग्राम-स्तर की खपत को प्रोत्साहित करती है, और डिजिटल उपस्थिति, मजदूरी भुगतान और डेटा-संचालित योजना के माध्यम से प्रवासन को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मीडिया से आहवान किया कि इस कानून के बारे में लोगों को जागरूक करें और यदि कोई भी व्यक्ति इस कानून के बारे में भ्रमक भ्रांति फैलाता है तो मीडिया तथ्यों पर आधारित उसका सकारात्मक जवाब प्रस्तुत करें ।
इससे पहले कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी ने वार्तालाप कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यशाला मीडिया और सरकार के बीच सेतु का काम करती है। इस मौके पर सूचना प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला।
उन्होंने पीआईबी की अनुसंधान इकाई द्वारा विभिन्न विषयों पर किए जा रहे विश्लेषण और तथ्य परक सूचनाओं के बारे में भी जानकारी दी।उन्होंने इन विश्लेषक से जी राम जी एक्ट पर महत्वपूर्ण विश्वसनीय आंकड़ों एवं जानकारियों का उपयोग अपने लेख और समाचार लेखन में इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर श्री विराट, अतिरिक्त उपायुक्त, अंबाला ने योजना के विभिन्न प्रावधानों और विकसित भारत के लक्ष्य में ग्रामीण विकास की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही समावेशी और सतत विकास विकसित राष्ट्र की आधारशिला है।इस मौके पर जिला परिषद के सीईओ श्री गगनदीप सिंह ने भी विकसित भारत जी राम जी कानून 2025 के तहत महत्वपूर्ण जानकारी दी और कहा कि इस कानून के लागू होने से किसान व मजदूर को लाभ होगा, दोनों सशक्त और मजबूत भी होगे। इस अवसर पर अंबाला के लोग संपर्क अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास में मीडिया अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने मीडिया कर्मियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों का धन्यवाद प्रस्तुत किया । इस मौके पर एसीयूटी राहुल कनवरिया व जिला के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पंजाब डेस्क: 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में अपना आधार मजबूत करते हुए चार बड़े और प्रभावशाली नेताओं को पार्टी में शामिल किया है। BJP में शामिल होने वाले नेताओं में कांग्रेस के पूर्व MP जगमीत बराड़, मुख्यमंत्री भगवंत मान के पूर्व OSD ओंकार सिंह सिद्धू, वरिष्ठ अकाली नेता चरणजीत सिंह बराड़ और पूर्व MLA रिपजीत सिंह बराड़ शामिल हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने दिलाई सदस्यता: चंडीगढ़ में BJP ऑफिस में हुए एक खास कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन सभी नेताओं को पार्टी की औपचारिक सदस्यता दिलाई। इस मौके पर पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी खास तौर पर मौजूद थे। गौरतलब है कि जगमीत बराड़ ने 2022 का विधानसभा चुनाव शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर मौर मंडी से लड़ा है, जबकि उनके भाई रिपजीत बराड़ कोटकपूरा से पूर्व MLA रह चुके हैं।
पंजाब को मजबूत लीडरशिप की जरूरत : सुनील जाखड़ इस मौके पर सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब आज असुरक्षा और अराजकता के दौर से गुजर रहा है और लोग एक भरोसेमंद विकल्प की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि नए शामिल हुए नेताओं का अनुभव पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करेगा।
भ्रष्टाचार मुक्त पंजाब का लक्ष्य: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दावा किया कि जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश मजबूत हुआ है, वैसे ही BJP पंजाब को भी भ्रष्टाचार और अराजकता से मुक्त करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में BJP संगठन लगातार मजबूत हो रहा है।
पंजाब डेस्क: जालंधर के आदमपुर इलाके में संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी के पास शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार दो हमलावरों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। यह हमला पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था।
घटना की जानकारी: मृतक की पहचान केसर धामी के रूप में हुई है, जो गांव सादरा सोढियां का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक, केसर कॉलेज से काम खत्म करके अपने दोस्त भूपेंद्र सिंह और गगन के साथ बुलेट मोटरसाइकिल पर लौट रहा था। दोपहर करीब 3 बजे जब वे यूनिवर्सिटी रोड पर पहुंचे, तो पहले से इंतजार कर रहे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।
हमलावर की पहचान और हत्या का तरीका: चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, हमलावरों में से एक की पहचान जस्सा के रूप में हुई है, जो गांव डरौली कलां का रहने वाला है। जस्सा ने अपनी बाइक से केसर की बुलेट को टक्कर मार दी, जिससे तीनों दोस्त सड़क पर गिर गए। इसके बाद जस्सा ने अपनी पिस्तौल निकाली और पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए केसर धामी के सिर में गोली मार दी। गोली लगने से केसर की मौके पर ही मौत हो गई और हमलावर भाग गए।
पुलिस की कार्रवाई: घटना की जानकारी मिलते ही आदमपुर पुलिस फोरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं और आरोपियों की तलाश के लिए जांच शुरू कर दी है। इस घटना से यूनिवर्सिटी रोड पर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और स्थानीय लोगों में काफी दहशत है।
पंजाब डेस्क: लुधियाना पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) कश्मीर सिंह ढिल्लों की गोली लगने से इलाज के दौरान मौत हो गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 2 जनवरी को हुई जब वह अपनी सरकारी पिस्टल साफ कर रहे थे।
सफाई करते समय अचानक बंदूक चल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें पटियाला के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका 12 दिनों तक इलाज चला। हालांकि, उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और डॉक्टरों ने 14 जनवरी को उन्हें मृत घोषित कर दिया।
15 जनवरी को पटियाला में पूरे पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। ASI कश्मीर सिंह ने अपने पुलिस करियर के दौरान कई अहम पदों पर काम किया। उन्होंने लुधियाना क्राइम ब्रांच, शिमलापुरी, DMC और बस स्टैंड इलाकों में पोस्ट इंचार्ज के तौर पर काम किया। अपनी मौत के समय वह लुधियाना के टिब्बा पुलिस स्टेशन में तैनात थे।
परिवार वालों ने बताया कि कश्मीर सिंह कुछ समय पहले विदेश से भारत लौटे थे। उनकी एक बेटी विदेश में रहती है। पुलिस डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारियों और साथी कर्मचारियों ने उनके अचानक निधन पर गहरा दुख जताया है।
चंडीगढ़: पंजाब में पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए, पंजाब सरकार ने स्टूडेंट्स की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी स्कूलों का समय बदलने का ऐलान किया है। एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह फैसला बच्चों की भलाई और सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
नया तय समय: सूत्रों के मुताबिक, अब राज्य के सभी स्कूल सुबह 10 बजे खुलेंगे। स्कूलों की छुट्टियों का समय इस तरह तय किया गया है:प्राइमरी स्कूल: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक।मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:20 बजे तक।
आदेश कब तक लागू रहेंगे? एजुकेशन डिपार्टमेंट की तरफ से जारी ये नए आदेश 21 जनवरी, 2026 तक लागू रहेंगे। यह फैसला राज्य के सभी सरकारी, एडेड, मान्यता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों पर एक जैसा लागू होगा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: शिक्षा मंत्री ने सभी स्कूल हेड और डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (DEO) को निर्देश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में इस बदले हुए समय को सख्ती से लागू करें।