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पंजाब में जेल में बंद सिखों की रिहाई के लिए टोल प्लाजा फ्री! लुधियाना में लाडोवाल टोल फ्री, मोगा में किसान…

पंजाब डेस्क: पंजाब में अपनी सजा पूरी कर चुके जेल में बंद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर आज (12 जनवरी, 2026) अलग-अलग किसान संगठनों और नेशनल जस्टिस फ्रंट ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया। इस संघर्ष के तहत सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक राज्य के टोल प्लाजा फ्री करने का प्रोग्राम बनाया गया।

लुधियाना में प्रदर्शन सफल: लुधियाना में नेशनल जस्टिस फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने लाडोवाल टोल प्लाजा को सफलतापूर्वक फ्री करवा दिया, जिससे बिना टोल दिए गुजरने की सुविधा मिली।

मोगा में पुलिस की सख्ती: दूसरी ओर, मोगा में हालात तनावपूर्ण रहे। जब किसान लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर दारापुर टोल प्लाजा और मोगा-जालंधर रोड पर कमालके टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे, तो पुलिस ने प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया और टोल प्लाजा खाली करा दिया, ताकि ट्रैफिक में कोई दिक्कत न हो।

किसान और पुलिस का पक्ष:

किसानों के आरोप: प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि वे शांति से अपनी आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन सरकार पहले ही डर गई और उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनकी मांग है कि हिरासत में लिए गए किसानों को तुरंत रिहा किया जाए।

पुलिस का बयान: मौके पर मौजूद DSP ने कहा कि किसानों ने खुद अपनी गिरफ्तारी दी है। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पूरी तरह खाली है और आम जनता की सुविधा के लिए स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।

राणा बलाचौरिया मर्डर केस: AGTF ने पश्चिम बंगाल से दो शूटर समेत 3 को किया गिरफ्तार

पंजाब डेस्क : पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को कबड्डी प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया के सनसनीखेज मर्डर केस में बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मुंबई और सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए गए एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत हावड़ा, पश्चिम बंगाल से दो शूटर और उनके एक साथी को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार आरोपियों में करण पाठक उर्फ करण डिफॉल्टर (अमृतसर का रहने वाला), तरनदीप सिंह (लुधियाना का रहने वाला) और आकाशदीप (तरनतारन का रहने वाला) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, करण पाठक और तरनदीप सिंह ही वे शूटर थे जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया था। तीसरा आरोपी आकाशदीप विदेश में रहने वाले हैंडलर अमर खाबे राजपूत का करीबी रिश्तेदार है, जिसने शूटरों को ठिकाने और दूसरी मदद दी थी।

कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हुई थी हत्या: गौरतलब है कि राणा बलाचौरिया की हत्या 15 दिसंबर 2025 को मोहाली के सोहाना में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हुई थी। स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन के दौरान अचानक हुई फायरिंग में राणा की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस आरोपियों तक कैसे पहुंची? DIG (AGTF) गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि CCTV फुटेज और डिजिटल फुटप्रिंट्स के एनालिसिस से आरोपियों का पता लगाया गया। पुलिस ने पानीपत टोल प्लाजा से उनका पीछा शुरू किया, जिसके बाद पता चला कि आरोपी मुंबई, बेंगलुरु, सिलीगुड़ी, सिक्किम और गंगटोक होते हुए पश्चिम बंगाल पहुंच गए थे। DGP गौरव यादव के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

AAP MP राघव चड्ढा बने डिलीवरी बॉय: गिग वर्कर्स की दिक्कतों को समझने के लिए उठाया बड़ा कदम

पंजाब डेस्क: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा का एक नया और हैरान करने वाला लुक सामने आया है, जहां वे कड़ाके की ठंड में लोगों के घरों तक सामान पहुंचाते दिखे। उन्होंने यह कदम इस काम में लगे लोगों की मुश्किलों और चुनौतियों को खुद महसूस करने और समझने के लिए उठाया है। राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 40 सेकंड का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे डिलीवरी बैग लिए और हेलमेट पहनकर स्कूटर पर सवार होकर ऑर्डर पहुंचाते दिख रहे हैं। उन्होंने इस वीडियो के कैप्शन में लिखा, “बोर्डरूम से दूर, ग्राउंड लेवल पर। मैंने उनके दिन जिया। जुड़े रहें”।

संसद में उठा मुद्दा: गौरतलब है कि राघव चड्ढा ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भी गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का मुद्दा काफी गंभीरता से उठाया था। उनका कहना है कि डिलीवरी बॉय, राइडर और ड्राइवर जैसी ये “साइलेंट वर्कफोर्स” बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों को अरबों डॉलर की वैल्यूएशन पर ले जा रही है, लेकिन ये खुद अभी भी दिहाड़ी मज़दूरों की ज़िंदगी जी रहे हैं। उन्होंने मांग की कि “10 मिनट डिलीवरी” का कल्चर खत्म होना चाहिए क्योंकि इससे मज़दूरों की जान खतरे में पड़ती है। उनके मुताबिक, ये मज़दूर सम्मान, सुरक्षा और सही मज़दूरी के हकदार हैं।

हिमांशु थपलियाल के वीडियो से प्रेरणा: यह पूरी पहल एक डिलीवरी बॉय हिमांशु थपलियाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुरू हुई। उस वीडियो में हिमांशु ने दावा किया था कि वह 15 घंटे काम करके और 50 km गाड़ी चलाकर सिर्फ़ 730 रुपये कमाता है। इससे प्रभावित होकर राघव चड्ढा ने दिसंबर के आखिर में हिमांशु को अपने घर डिनर पर भी बुलाया था और अब खुद डिलीवरी करके उन्होंने इस मुद्दे को ज़मीनी स्तर पर समझने की कोशिश की है।

बरनाला पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू की हत्या की साज़िश नाकाम; सरपंच समेत 3 गिरफ्तार

पंजाब डेस्क: बरनाला पुलिस ने मशहूर पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू की हत्या की साज़िश का पर्दाफाश करके एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने गांव कोटदुना के सरपंच समेत गैंग के तीन सदस्यों को हथियार और दूसरे सामान के साथ गिरफ्तार किया है।

गिरफ़्तारी और बरामदगी: SSP बरनाला मोहम्मद सरफ़राज़ आलम ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन के दौरान आरोपियों को मोगा-बरनाला बाईपास चौक के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों की पहचान इस तरह है:

-बलजिंदर सिंह उर्फ किंदा (सरपंच, गांव कोटदुना)

-बलजिंदर सिंह उर्फ बिंदर मान

-गुरविंदर सिंह उर्फ गिल

पुलिस ने उनके पास से एक 32 बोर की देसी पिस्तौल, एक मैगज़ीन, तीन ज़िंदा कारतूस, एक डमी पिस्तौल, चार मोबाइल फ़ोन, एक लकड़ी का डंडा और एक सफ़ेद स्विफ्ट कार बरामद की है।

हत्या की साज़िश के पीछे मुख्य वजह: जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि सरपंच बलजिंदर सिंह ने सिंगर गुलाब सिद्धू पर सरपंचों के बारे में गलत गाने गाने का आरोप लगाया था। इस बारे में सरपंच ने सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो पोस्ट किया था और सिंगर को गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी।

गैंगस्टर की दुनिया में नाम बनाने की कोशिश: पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी इस घटना को अंजाम देकर गैंगस्टर लाइन में अपना नाम बनाना चाहते थे। उनका प्लान था कि बड़ी घटना के बाद वे दूसरे सेलिब्रिटी और बिजनेसमैन को धमकाकर मोटी रकम वसूल सकें। आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई केस दर्ज हैं।

पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने बरनाला के थाना सिटी 2 में BNS और आर्म्स एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों का रिमांड लेकर आगे की जांच शुरू करेगी।

बजट 2026 की तैयारी: जानें सरकारी खजाने में लाखों करोड़ रुपये कहां से आते हैं और कैसे चलता है देश

बिजनेस डेस्क: देश का आम बजट 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश होने वाला है, जिसके लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अक्सर लोगों को लगता है कि सरकार सिर्फ टैक्स के पैसे से देश चलाती है, लेकिन कई दूसरे ज़रूरी सोर्स भी सरकारी खजाना भरने का काम करते हैं।

टैक्स – इकॉनमी की रीढ़: सरकार की इनकम का सबसे बड़ा सोर्स टैक्स है, जो दो तरह का होता है:

डायरेक्ट टैक्स: इसमें आम जनता द्वारा दिया जाने वाला इनकम टैक्स और कंपनियों द्वारा दिया जाने वाला कॉर्पोरेट टैक्स शामिल है।

इनडायरेक्ट टैक्स: इसमें बाज़ार से खरीदे गए सामान पर लगने वाला GST और पेट्रोल-डीज़ल या शराब पर लगने वाली एक्साइज़ ड्यूटी (एक्साइज़ ड्यूटी) शामिल है। इस पैसे का इस्तेमाल एडमिनिस्ट्रेशन और वेलफेयर स्कीम चलाने के लिए किया जाता है।

नॉन-टैक्स रेवेन्यू: टैक्स के अलावा, सरकार कई दूसरी सर्विसेज़ से भी पैसा इकट्ठा करती है:

– सरकारी सर्विसेज़ की फीस और ट्रैफिक नियम तोड़ने पर लगने वाले चालान।

– रेलवे, सरकारी बैंक, पोस्टल डिपार्टमेंट और ONGC जैसी कंपनियों का प्रॉफिट।

– कोयला खदानों, मिनरल्स और मोबाइल नेटवर्क के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी से हज़ारों करोड़ रुपये।

जब खर्च इनकम से ज़्यादा हो (उधार): जब सरकार की इनकम खर्च से कम हो जाती है, तो सरकार उधार लेने का रास्ता अपनाती है। इसके लिए सरकार मार्केट में बॉन्ड जारी करती है, जिन्हें बैंक और इंश्योरेंस कंपनियां खरीद लेती हैं।

इसके अलावा, लोगों का PPF या पोस्ट ऑफिस स्कीम में जमा पैसा और विदेशी संस्थाओं से लिया गया लोन भी डेवलपमेंट के कामों में इस्तेमाल होता है। कभी-कभी सरकार अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर भी फंड जुटाती है।

टीम इंडिया को बड़ा झटका: चोट के कारण वॉशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI सीरीज से बाहर

स्पोर्ट्स डेस्क : न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही ODI सीरीज के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। टीम के मुख्य ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं।

खबरों की जानकारी: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही इस अहम सीरीज में सुंदर की गैरमौजूदगी से टीम के बैलेंस पर असर पड़ सकता है। वॉशिंगटन सुंदर को अपनी चोट के कारण सीरीज से बाहर होने का फैसला लेना पड़ा है।

हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि उनकी जगह टीम में किस खिलाड़ी को शामिल किया जाएगा।सुंदर अपनी किफायती स्पिन गेंदबाजी और जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। उनकी गैरमौजूदगी भारत के लिए एक चुनौती बन सकती है, खासकर बीच के ओवरों में।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: खुद को वेनेजुएला का ‘एक्टिंग प्रेसिडेंट’ घोषित किया; सोशल मीडिया पोस्ट से दुनिया भर में हलचल

इंटरनेशनल डेस्क : US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक बहुत ही हैरान करने वाला दावा किया है और खुद को वेनेजुएला का ‘एक्टिंग प्रेसिडेंट’ घोषित किया है। ट्रंप ने यह दावा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के ज़रिए किया, जो अब वायरल हो रहा है।

घटना का बैकग्राउंड: गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में, US ने वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वहां के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया था। मादुरो और उनकी पत्नी सेलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म की साज़िश रचने का आरोप लगाया गया है।

ट्रंप का पक्ष और तेल डील: ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक सुरक्षित और सही तरीके से बदलाव नहीं हो जाता, तब तक US वेनेजुएला पर कब्ज़ा करेगा। उन्होंने कहा कि वह किसी दूसरे देश के वेनेजुएला पर कब्ज़ा करने का रिस्क नहीं ले सकते।

इस बीच, वेनेजुएला की कमान वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिगेज को सौंप दी गई है, जिन्होंने अंतरिम प्रेसिडेंट के तौर पर शपथ ली है।ट्रंप के मुताबिक, वेनेजुएला की अंतरिम अथॉरिटी US को मार्केट प्राइस पर 30 से 50 मिलियन बैरल अच्छी क्वालिटी का तेल देगी।

कड़ी शर्तें: ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन वेनेजुएला पर चीन, रूस, ईरान और क्यूबा के साथ अपने आर्थिक रिश्ते खत्म करने का दबाव बना रहा है। US चाहता है कि वेनेजुएला तेल प्रोडक्शन के लिए खास तौर पर US के साथ पार्टनरशिप करे और कच्चा तेल बेचते समय US को प्रायोरिटी दे।

पंजाब में आज 4-5 घंटे टोल प्लाजा फ्री रहेंगे; सिख कैदियों की रिहाई के लिए ‘कौमी इंसाफ मोर्चा’ बड़ा एक्शन लेगा

पंजाब डेस्क: पंजाब में आज (12 जनवरी, 2026) कौमी इंसाफ मोर्चा की तरफ से सिख कैदियों की रिहाई और दूसरी ज़रूरी मांगों को लेकर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी संघर्ष के तहत आज कई घंटों के लिए राज्य के सभी टोल प्लाजा आम जनता के लिए फ्री कर दिए गए हैं।विरोध का समय और तरीका: सूत्रों के मुताबिक, यह विरोध सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। कौमी इंसाफ मोर्चा का कहना है कि वे लंबे समय से सिख कैदियों की रिहाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके विरोध में यह फैसला लिया गया है।

किसान संगठनों का समर्थन: इस विरोध प्रदर्शन को कई किसान संगठनों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रेसिडेंट दिलबाग सिंह ने ऐलान किया है कि लुधियाना में लाडोवाल टोल प्लाजा और समराला के पास नीलो टोल प्लाजा को 5 घंटे के लिए फ्री किया जाएगा। हर टोल प्लाजा पर मोर्चा के सपोर्टर और किसान संगठनों के सदस्य मौजूद रहेंगे।

मुख्य मांगें: नेशनल इंसाफ मोर्चा इन मुद्दों पर इंसाफ की मांग कर रहा है:उन सिंहों की रिहाई हो जिन्होंने अपनी सज़ा पूरी कर ली है।2015 में हुई बेअदबी की घटनाओं के लिए इंसाफ हो।बहबल कलां फायरिंग की घटना के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

गौरतलब है कि नेशनल इंसाफ मोर्चा ने जनवरी 2023 से मोहाली के बॉर्डर पर एक परमानेंट मोर्चा बनाया हुआ है और वे लगातार चंडीगढ़ की ओर मार्च और दूसरे विरोध प्रदर्शनों के ज़रिए अपनी मांगें उठा रहे हैं।

2026 की पहली बड़ी कामयाबी: ISRO ने ‘EOS-N1 अन्वेषा’ सैटेलाइट लॉन्च किया; बॉर्डर पर नज़र रखने के लिए भारत को मिलेगी ‘दिव्य दृष्टि’

नेशनल डेस्क: साल 2026 की शानदार शुरुआत करते हुए, इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) ने सोमवार, 12 जनवरी को अपना पहला मिशन PSLV-C62 सफलतापूर्वक पूरा किया। इस मिशन के तहत, भारत का अहम सैटेलाइट ‘EOS-N1 अन्वेषा’ सुबह करीब 10:17 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया।

खास बातें और क्षमताएं:

DRDO का योगदान: यह सैटेलाइट एक हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट है जिसे मुख्य रूप से डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन (DRDO) ने बनाया है।

बॉर्डर पर नज़र रखना: यह सैटेलाइट भारत के बॉर्डर पर नज़र रखने, छिपे हुए टारगेट का पता लगाने और माहौल की निगरानी में क्रांति लाएगा।