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’10-मिनट डिलीवरी’ पर बैन: राघव चड्ढा ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया; कहा- गिग वर्कर्स के लिए बड़ी जीत

नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, स्विगी, ज़ोमैटो, फ्लिपकार्ट और अमेज़न जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म की ’10-मिनट डिलीवरी’ सर्विस पर बैन लगा दिया है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने इन बड़े प्लेटफॉर्म के साथ मीटिंग करने के बाद उन्हें सख्त डिलीवरी टाइम लिमिट और अपनी ब्रांडिंग हटाने की सलाह दी है, जिस पर सभी कंपनियों ने सहमति जताई है।

राघव चड्ढा ने जताई खुशी:आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने इस फैसले पर खुशी जताई है और केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, “सत्यमेव जयते, हम सब मिलकर जीत गए हैं”। चड्ढा के मुताबिक, जब राइडर के बैग या जैकेट पर ’10 मिनट’ लिखा होता था और कस्टमर की स्क्रीन पर टाइमर चल रहा होता था, तो इससे राइडर्स पर खतरनाक मेंटल प्रेशर पड़ता था, जो रोड सेफ्टी के लिए भी खतरा था।

डिलीवरी बॉय बनकर दर्द को समझा:यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में राघव चड्ढा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह खुद डिलीवरी बॉय की यूनिफॉर्म पहनकर स्कूटर चलाते हुए सामान पहुंचाते दिखे थे। उन्होंने कहा कि पिछले महीनों में उन्होंने सैकड़ों डिलीवरी पार्टनर्स से बात की, जो कम पैसे में अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे थे। उन्होंने इस फैसले को गिग वर्कर्स की इज्ज़त और सुरक्षा के लिए बड़ी राहत बताया है।

पंजाबी सिंगर अर्जन ढिल्लों को लोहड़ी के दिन सदमा लगा; पिता बूटा ढिल्लों का चंडीगढ़ में निधन

पॉलीवुड डेस्क: पंजाबी म्यूजिक की दुनिया के मशहूर सिंगर अर्जन ढिल्लों के परिवार से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है। अर्जन ढिल्लों के पिता बूटा ढिल्लों का मंगलवार को लोहड़ी के दिन निधन हो गया। उन्होंने चंडीगढ़ के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली।

लंबे समय से थे बीमार: जानकारी के मुताबिक, बूटा ढिल्लों लंबे समय से बीमार थे। उनकी बिगड़ती हालत के कारण उन्हें चंडीगढ़ के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान करीब 70 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

शहर में शोक की लहर: अर्जन ढिल्लों मूल रूप से बरनाला जिले के कस्बा भदौर के रहने वाले हैं। उनके पिता के निधन की खबर मिलते ही पूरे इलाके और फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार निजी तौर पर अंतिम संस्कार किया है। इस दुख की घड़ी में परिवार ने मीडिया से दूरी बनाए रखी है।

म्यूजिक इंडस्ट्री ने जताया दुख: पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों और अर्जन ढिल्लों के फैंस ने सोशल मीडिया के जरिए अपना दुख शेयर किया है। लोहड़ी जैसे खुशी के त्योहार पर हुई इस दुखद घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है।

सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं? GST और मेकिंग चार्ज का पूरा गणित जान लें; एक गलती से हो सकता है हजारों का नुकसान

बिजनेस डेस्क: भारत में सोना सिर्फ एक मेटल नहीं, बल्कि परंपरा, इन्वेस्टमेंट और भावनाओं का एक अहम हिस्सा है। शादी हो या कोई त्योहार, हर घर में सोने की चमक खास मानी जाती है। लेकिन जब ज्वेलरी शॉप पर बिल हाथ में आता है, तो GST, मेकिंग चार्ज और वेस्टेज जैसे शब्द अक्सर ग्राहकों को कन्फ्यूज कर देते हैं।

सोने पर GST रेट (3%): सूत्रों के मुताबिक, भारत में सोने की खरीद पर 3% GST लगता है। यह रेट सभी तरह के सोने पर एक जैसा रहता है, चाहे वह 24 कैरेट हो, 22 कैरेट हो या 18 कैरेट हो। आप चाहे ज्वेलरी खरीदें, सोने के सिक्के खरीदें या सोने की छड़ें, GST रेट 3% ही रहेगा। उदाहरण के लिए, अगर 10 ग्राम सोने की कीमत 1 लाख रुपये है, तो उस पर 3000 रुपये GST देना होगा। डिजिटल गोल्ड पर भी 3% GST लगता है, हालांकि सर्विस फीस पर 18% तक टैक्स लग सकता है।

मेकिंग चार्ज का कैलकुलेशन: मेकिंग चार्ज वह कॉस्ट है जो ज्वेलरी बनाने में लगती है, जो आम तौर पर सोने की कीमत का 5% से 25% तक हो सकती है। यह चार्ज प्रति ग्राम फिक्स्ड रेट पर भी हो सकता है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि अगर सोने की कीमत पर GST देने के बाद मेकिंग चार्ज लगता है, तो टैक्स आपकी उम्मीद से ज़्यादा हो सकता है, इसलिए बिल में उनकी अलग-अलग डिटेल्स देखना ज़रूरी है।

ज्वेलरी खरीदते समय इन ज़रूरी बातों का ध्यान रखें:

हॉलमार्क ज़रूर चेक करें: हमेशा HUID नंबर वाला सोना खरीदें, जो प्योरिटी की गारंटी देता है।

आइडेंटिटी प्रूफ (ID): 2 लाख रुपये से ज़्यादा की खरीदारी पर PAN या आधार कार्ड देना ज़रूरी है।

बेकार और मोलभाव: कई ज्वेलर एक्स्ट्रा चार्ज जोड़ते हैं, जिसके लिए मोलभाव किया जा सकता है।

बायबैक पॉलिसी: पुराना सोना बेचकर नया खरीदने पर GST का बोझ कम हो सकता है।

फिक्स्ड बिल: टैक्स और चार्ज की पूरी डिटेल्स वाला बिल लेना बहुत ज़रूरी है।

SC का सख्त रुख: कुत्तों के काटने पर देना होगा भारी मुआवजा, सरकार और ‘डॉग लवर्स’ की जिम्मेदारी तय होगी

नेशनल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मुद्दे पर बहुत सख्त टिप्पणी की है। 13 जनवरी, 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि जब सड़कों पर आवारा कुत्तों के हमलों से बच्चे और बुजुर्ग मारे जाते हैं या घायल होते हैं तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

इंसानी जान की कीमत पर सवाल: 9 साल के बच्चे की मौत का जिक्र करते हुए कोर्ट ने बेंच से पूछा कि जब ऐसे बच्चे कुत्तों द्वारा मारे जाते हैं, जिन्हें ‘डॉग लवर्स’ संगठन खाना खिलाते हैं, तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए? कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ कुत्तों के लिए ही भावनाएं दिखाई जाती हैं, जबकि इंसानों पर हमलों के मामलों में ऐसी तत्परता अक्सर नहीं देखी जाती।

भारी मुआवजा और जवाबदेही: सुप्रीम कोर्ट अब जवाबदेही तय करने के लिए एक सख्त फ्रेमवर्क पर विचार कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि कुत्तों के काटने से होने वाली मौतों और घायलों के मामलों में राज्य सरकार को भारी मुआवजा देना होगा। इसके अलावा, डॉग ब्रीडर और उन्हें रिप्रेजेंट करने वाले ऑर्गनाइज़ेशन की भी ज़िम्मेदारी और अकाउंटेबिलिटी तय की जाएगी।

डॉग लवर्स के लिए निर्देश: कोर्ट ने साफ़ किया कि अगर लोग कुत्तों को खाना खिलाना या उनकी देखभाल करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने कंपाउंड में या घर के अंदर करना चाहिए। उन्हें बाहर घूमने और लोगों के लिए परेशानी खड़ी करने की इजाज़त क्यों दी जानी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि उसने कुत्तों पर क्रूरता दिखाने वाले वीडियो देखने से मना कर दिया है, क्योंकि ऐसे वीडियो भी हैं जिनमें कुत्ते बच्चों और बुज़ुर्गों पर हमला कर रहे हैं।

श्रेयस अय्यर के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका ! 34 रन बनाते ही वे कोहली और धवन से निकल जाएंगे आगे

स्पोर्ट्स डेस्क: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज के दूसरे मैच में भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका है। 14 जनवरी को राजकोट में होने वाले इस मैच में अगर अय्यर 34 रन बना लेते हैं, तो वे वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज 3000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।

धवन और कोहली का रिकॉर्ड खतरे में: फिलहाल भारत की ओर से वनडे में 3000 रन बनाने का रिकॉर्ड शिखर धवन के नाम है, जिन्होंने 72 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी। विराट कोहली ने 75 पारियों में यह मुकाम हासिल किया था। अगर श्रेयस अय्यर अगले मैच में 34 रन बना लेते हैं, तो वे अपनी 69वीं पारी में 3000 रन पूरे करके इन दोनों दिग्गजों से आगे निकल जाएंगे।

वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी: अय्यर सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी बड़ा धमाल मचा सकते हैं। 69 इनिंग में यह आंकड़ा पूरा करके वे वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विव रिचर्ड्स की बराबरी कर लेंगे, जो दुनिया के चौथे सबसे तेज बल्लेबाज बन जाएंगे। आपको बता दें कि दुनिया में 3000 ODI रन बनाने का रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के हाशिम अमला (57 इनिंग) के नाम है।

अय्यर शानदार फॉर्म में: चोट से वापसी के बाद श्रेयस अय्यर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में अच्छी इनिंग खेली थी और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले ODI मैच में भी 49 रन की अहम इनिंग खेली थी। भारतीय टीम इस सीरीज में अभी 1-0 से आगे चल रही है।

पाकिस्तानी टेररिस्ट कैंप पर इंडियन आर्मी की पैनी नज़र: आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दी कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली: इंडियन आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। 13 जनवरी 2026 को मानेकशॉ सेंटर में हुई इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने देश की सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से बात की।

8 टेररिस्ट कैंप निशाने पर: आर्मी चीफ ने बताया कि इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (LC) के पार करीब 8 टेररिस्ट कैंप हैं, जहां ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां चल रही हैं। उन्होंने साफ किया कि इंडियन आर्मी उन पर नज़र रख रही है और पाकिस्तान की किसी भी संदिग्ध गतिविधि या गलती का तुरंत और सख्ती से जवाब दिया जाएगा।

बॉर्डर के हालात:

नॉर्दर्न बॉर्डर (चीन): चीन से लगी नॉर्दर्न बॉर्डर पर हालात धीरे-धीरे नॉर्मल हो रहे हैं, लेकिन आर्मी लगातार अलर्ट है।

जम्मू और कश्मीर: यहां हालात सेंसिटिव हैं लेकिन पूरी तरह कंट्रोल में हैं। ‘ऑपरेशन सिंधुर’ अभी भी जारी है।

मणिपुर: पूर्वी राज्य मणिपुर में भी हालात अब स्थिर हो रहे हैं।

मॉडर्नाइजेशन और स्वदेशी हथियार
सेना अब मॉडर्नाइजेशन पर खास जोर दे रही है। जनरल द्विवेदी के मुताबिक, भारतीय सेना का 90 परसेंट गोला-बारूद अब स्वदेशी हो गया है। आने वाले समय में एडवांस्ड ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा, सेना ने साल 2026 को ‘ईयर ऑफ नेटवर्किंग एंड डेटा सेंट्रिसिटी’ घोषित किया है ताकि युद्ध के दौरान फैसले लेने की क्षमता बढ़ाई जा सके।

सेना में महिलाओं की भूमिका: सेना में महिलाओं की भर्ती को और बढ़ावा दिया जाएगा। अब महिलाओं को AEC (आर्मी एजुकेशनल कोर) और मेडिकल (नॉन-टेक्निकल) ब्रांच में भी सिपाही और फायरमैन के तौर पर भर्ती किया जाएगा।

लोहड़ी 2026: ‘सुंदर मुंदरिये’ गाने का असली हीरो कौन था? जानें उनके बिना यह त्योहार अधूरा क्यों है

पंजाब डेस्क: पंजाब की धरती पर लोहड़ी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर लोहड़ी पर गाया जाने वाला मशहूर गाना “सुंदर मुंदरिये हो, तेरा कौन विचार हो, दुल्ला भट्टी वाला हो” किसकी याद में गाया जाता है?, ‘पंजाब का रॉबिन हुड’ कहे जाने वाले दुल्ला भट्टी की बहादुरी के किस्से बिना अधूरे माने जाते हैं।

दुल्ला भट्टी कौन थे? दुल्ला भट्टी का असली नाम राय अब्दुल्ला भट्टी था और उनका जन्म 16वीं सदी (1547) में पंजाब के संदल बार इलाके (आज का पाकिस्तान) में हुआ था।, वे भट्टी राजपूत वंश से थे। उनके पिता और दादा ने भी मुगल सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया था, जिसकी वजह से उन्हें सजा मिली थी। इस बैकग्राउंड की वजह से दुल्ला भट्टी के मन में मुगल राज के खिलाफ बगावत की भावना पैदा हुई।

गरीबों का मसीहा और औरतों का रक्षक: मुगल काल में जब किसानों पर भारी टैक्स लगाकर उनका शोषण किया जाता था, तो दुल्ला भट्टी ने मुगल अधिकारियों पर हमला किया और लूटा हुआ पैसा गरीबों में बांटना शुरू कर दिया। उनकी ज़िंदगी का सबसे ज़रूरी हिस्सा औरतों की इज्ज़त बचाना था। उस समय मुगल अधिकारी गरीब हिंदू और सिख परिवारों की लड़कियों को ज़बरदस्ती उठा ले जाते थे।

सुंदरी और मुंदरी की कहानी: लोक कथाओं के मुताबिक, दुल्ला भट्टी ने सुंदरी और मुंदरी नाम की दो अनाथ लड़कियों को एक बेरहम ज़मींदार से बचाया था। उन्होंने खुद पिता का रोल निभाया और जंगल में आग जलाकर उनकी शादी करवाई और उन्हें शगुन के तौर पर गुड़ और तिल दिए। यही वजह है कि आज भी लोहड़ी के मौके पर आग के चारों ओर चक्कर लगाते समय दुल्ला भट्टी की याद में गाने गाए जाते हैं।

शहादत और अमरता: दुल्ला भट्टी की बागी गतिविधियों की वजह से उन्हें आखिरकार पकड़ लिया गया और 26 मार्च 1599 को उन्हें सबके सामने शहीद कर दिया गया। भले ही इतिहास की किताबों में उन्हें कम जगह मिली हो, लेकिन वे पंजाब के लोगों के दिलों और लोक संस्कृति में हमेशा के लिए अमर हो गए हैं।

लव मैरिज का ख़ौफनाक अंत ! सब्जी खत्म होने पर घरेलू झगड़े में 20 साल की महिला ने की आत्महत्या

नेशनल डेस्क: बिहार के सुपौल जिले से एक बहुत ही दुखद मामला सामने आया है, जहां एक 20 साल की नवविवाहिता ने घरेलू झगड़े से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हैरानी की बात यह है कि इस जानलेवा कदम के पीछे की सीधी वजह घर में सब्जी खत्म होने को लेकर हुआ झगड़ा बताया जा रहा है।

लव मैरिज और फैमिली बैकग्राउंड: मृतका की पहचान रंभा देवी के रूप में हुई है, जिसने साल 2022 में रितेश कुमार से इंटर-कास्ट लव मैरिज की थी। दोनों की मुलाकात 12वीं की पढ़ाई के दौरान एक कोचिंग सेंटर में हुई थी। उनकी एक दो साल की बेटी भी है।झगड़े और घटना की जानकारी: मृतका के पति के मुताबिक, रंभा का अक्सर अपनी सास और ननद से छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होता रहता था।

घटना वाले दिन:शनिवार दोपहर को घर में सब्ज़ी खत्म होने की बात पर सास और ननद से बहस हुई, जिसके बाद रंभा गुस्से में अपने कमरे में चली गई और खाना नहीं खाया।रविवार शाम को इसी बात पर फिर बहस हुई, जिसके बाद उसने दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया।जब काफी देर तक कोई जवाब नहीं आया, तो घरवालों ने दरवाज़ा तोड़ा, जहाँ रंभा दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी हुई थी।

पुलिस की कार्रवाई: घटना की जानकारी मिलते ही राजेश्वरी थाना पुलिस मौके पर पहुँची। थाना प्रमुख युगल किशोर ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पति रितेश कुमार से पूछताछ की जा रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की जाँच कर रही है।