बाबा केदारनाथ के खुले कपाट: 51 क्विंटल फूलों से महका दरबार, ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजी केदारघाटी
नेशनल डेस्क : देवभूमि उत्तराखंड में आज आस्था और भक्ति का अलौकिक संगम देखने को मिला। ‘बम-बम भोले’ और ‘जय केदार’ के गगनभेदी उद्घोष के बीच बाबा केदारनाथ धाम के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए विधि-विधान के साथ खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा अपने पूरे स्वरूप में आ गई है और देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
51 क्विंटल फूलों से भव्य श्रृंगार : बाबा केदार के स्वागत के लिए पूरे मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। ऋषिकेश और अन्य क्षेत्रों से लाए गए 51 क्विंटल ताजे गेंदे के फूलों से बाबा के दरबार का दिव्य श्रृंगार किया गया। जैसे ही मुख्य द्वार खुला, पूरी केदारघाटी भक्ति के रंग में सराबोर हो उठी।
चारधाम यात्रा का तीसरा पड़ाव : अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। आज केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद अब अगला पड़ाव बद्रीनाथ धाम है, जिसके कपाट कल यानी 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। इन चारों धामों के कपाट खुलने के साथ ही लाखों श्रद्धालु अब हिमालय की ऊंची चोटियों पर स्थित इन तीर्थों की ओर रुख करेंगे।
11वें ज्योतिर्लिंग की महिमा : केदारनाथ धाम को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में 11वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसका संबंध महाभारत काल से है जब पांडव अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए शिव की खोज में यहां आए थे। मान्यता है कि शीतकाल के छह महीने यहां देवता पूजा करते हैं और ग्रीष्मकाल में भक्त बाबा के दर्शन पाकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

