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जी. किशन रेड्डी ने बेंगलुरु समीक्षा बैठक में लंबित खनन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोमवार को मंत्रालय के अधीन सभी खनन एवं अन्वेषण एजेंसियों को लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और भारत की खनिज सुरक्षा एवं रणनीतिक विकास उद्देश्यों को सुदृढ़ करने के लिए मिशन-मोड दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया।

किशन रेड्डी ने बेंगलुरु में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, राष्ट्रीय रॉक मैकेनिक्स संस्थान, भारतीय खान ब्यूरो और रिमोट सेंसिंग और एरियल सर्वे विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों की एक श्रृंखला की अध्यक्षता करते हुए कहा, “सभी संगठनों को लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और दक्षता प्रत्येक संस्थागत प्रक्रिया की नींव बनें। भारत की जनता और भारत सरकार इस सेक्टर में कार्यरत प्रत्येक एजेंसी से गति, जवाबदेही और स्पष्ट परिणाम की अपेक्षा करती है।”

इन बैठकों में खनिज अन्वेषण में तेजी लाने, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय क्षमताओं को मजबूत करने, टिकाऊ खनन कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देने और संस्थागत प्रयासों को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ संयोजित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

श्री रेड्डी ने समीक्षा के दौरान देश भर में जारी परियोजनाओं, प्रौद्योगिकीय प्रगति और अन्वेषण कार्यकलापों, विशेष रूप से दुर्लभ पृथ्वी तत्व, लिथियम, निकेल, कोबाल्ट, टंगस्टन, वैनेडियम और पीजीई सहित महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र का आकलन किया। इन संगठनों ने भारत की खनिज सुरक्षा और रणनीतिक विकास उद्देश्यों को सुद़ृढ़ करने के लिए लागू की जा रही संसाधन संवर्धन, खनिज लक्ष्यीकरण, वैज्ञानिक सर्वेक्षण, खान स्थिरता, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों और उन्नत अन्वेषण प्रणालियों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

रेड्डी ने भारत के अन्वेषण इको-सिस्टम को मजबूत करने में उन्नत प्रौद्योगिकियों, डेटा एकीकरण और वैज्ञानिक नवाचार के महत्व पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रॉक मैकेनिक्स संस्थान ने राष्ट्रीय महत्व की अवसंरचना और खनन सुरक्षा परियोजनाओं में अपने योगदान को प्रदर्शित किया, जिनमें जलविद्युत, मेट्रो रेल, सुरंग अभियांत्रिकी, भूकंपीय निगरानी और संवेदनशील अवसंरचनाओं के निकट नियंत्रित विस्फोट शामिल हैं। संस्थान ने रॉक मैकेनिक्स, अभियांत्रिकी भूविज्ञान, सूक्ष्म भूकंपीय निगरानी और रणनीतिक राष्ट्रीय विकास परियोजनाओं को सहयोग देने वाले भू-तकनीकी समाधानों में अपनी क्षमताओं का भी प्रदर्शन किया।

भारतीय खान ब्यूरो ने सतत खनन पद्धतियों, नीलाम किए गए खनिज ब्लॉकों के संचालन, वैज्ञानिक खान परिसमापन, खनिज संवर्धन और पर्यावरण सुरक्षा उपायों में हुई प्रगति की समीक्षा की। आईबीएम ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के तहत विद्यमान खनन इको-सिस्टम से महत्वपूर्ण खनिजों के संवर्धन और पुनर्प्राप्ति क्षमता से संबंधित निष्कर्ष भी प्रस्तुत किए।

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