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माछीवाड़ा में ‘काला कच्छा’ गिरोह का आतंक श्मशान घाट और शिव मंदिर को बनाया निशाना

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

माछीवाड़ा इलाके में एक बार फिर ‘काला कच्छा’ गिरोह की दस्तक से लोगों में दहशत फैल गई है। इस बार चोरों ने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए माछीवाड़ा साहिब के श्मशान घाट और वहां स्थित शिव मंदिर को निशाना बनाया। चोर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए बनाई गई चिता के लोहे के गर्डर, शिवलिंग पर लगा पीतल का शेषनाग और चांदी की गड़वी तक चोरी कर ले गए। दुर्गा शक्ति मंदिर कमेटी के प्रधान नंद किशोर ने बताया कि श्मशान घाट की देखरेख कमेटी द्वारा की जाती है। देर रात चार अज्ञात व्यक्ति खेतों की तरफ से दीवार फांदकर श्मशान घाट में दाखिल हुए। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि सभी आरोपियों ने काले कच्छे पहने हुए थे, शरीर पर कपड़े नहीं थे और उन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे। चोरों ने सबसे पहले अंतिम संस्कार के लिए बनाई गई चिता से करीब डेढ़ क्विंटल वजन वाले देग के गर्डर उखाड़ लिए। इन गर्डरों की कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई जा रही है। इन्हीं गर्डरों पर शव रखकर अंतिम संस्कार किया जाता था। आरोपियों ने खेतों में पहले से वाहन खड़ा किया हुआ था, जिसमें वे चोरी का भारी सामान लादकर फरार हो गए।
इसके अलावा चोरों ने श्मशान घाट परिसर में स्थित भगवान शिव के मंदिर को भी नहीं बख्शा। शिवलिंग पर लगा पीतल का शेषनाग और श्रद्धालुओं द्वारा जल चढ़ाने के लिए रखी गई चांदी की गड़वी भी चोरी कर ली गई। इतना ही नहीं, शव ले जाने वाली वैन का शीशा तोड़कर उसकी बैटरी चोरी करने की भी कोशिश की गई, हालांकि उसमें चोर सफल नहीं हो सके। कमेटी प्रधान नंद किशोर ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। माछीवाड़ा पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माछीवाड़ा साहिब से जसवीर सिंह अलबेला की रिपोर्ट

सिंगापुर में अवैध प्रवासियों को शरण देने के मामले में भारतीय नागरिक पर आरोप तय

सिंगापुर / सत्ता संदेश


सिंगापुर में आव्रजन कानूनों के कथित उल्लंघन के एक मामले में 26 वर्षीय भारतीय नागरिक के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। उस पर 13 लोगों को अवैध रूप से रोजगार देने और उन्हें शरण देने का आरोप है, जो देश के इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए।

सिंगापुर के आव्रजन प्राधिकारियों के अनुसार, आरोपी पर यह भी आरोप है कि उसने बिना वैध अनुमति के लोगों को काम पर रखा और उन्हें रहने की जगह उपलब्ध कराई, जो स्थानीय कानूनों के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।

यह मामला सिंगापुर के आव्रजन विभाग (Immigration and Checkpoints Authority) द्वारा की गई जांच के बाद सामने आया। एजेंसी ने बताया कि 13 व्यक्तियों को भी अवैध रूप से काम करते और देश में बिना उचित दस्तावेजों के रहने के आरोप में पकड़ा गया है।

सिंगापुर में अवैध प्रवास और बिना अनुमति रोजगार पर सख्त कानून लागू हैं, और ऐसे मामलों में भारी जुर्माना, जेल की सजा या दोनों का प्रावधान है।

अधिकारियों ने कहा कि मामले की आगे जांच जारी है और अदालत में सुनवाई के दौरान सभी तथ्यों को पेश किया जाएगा।

गुजरात: ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई, 631 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी में 13 गिरफ्तार

गुजरात / सत्ता संदेश


गुजरात पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत 631 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित रूप से देशभर में फैले बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा थे।

यह कार्रवाई Gujarat Police द्वारा राज्यभर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी अकाउंट्स और डिजिटल पेमेंट धोखाधड़ी में शामिल नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ (Operation Mule Hunt) के तहत जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर “म्यूल अकाउंट्स” का इस्तेमाल कर अवैध लेन-देन को अंजाम देते थे। ये खाते आम नागरिकों के नाम पर खोले जाते थे और इनका उपयोग ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और देश के विभिन्न हिस्सों में साइबर ठगी की कई घटनाओं से जुड़ा हुआ पाया गया है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और आम लोगों को भी बैंकिंग जानकारी साझा करने में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

सोनीपत में लोहे की रॉड से तिहरा हत्याकांड, दंपति समेत तीन लोगों की हत्या

सोनीपत / सत्ता संदेश

हरियाणा के कुंडली क्षेत्र में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला कर दंपति और एक अन्य महिला की हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान ब्रह्मप्रकाश के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने रविवार देर रात तीनों पीड़ितों पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में यह हमला बेहद क्रूर और सुनियोजित बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक मृतकों में एक पति-पत्नी और एक अन्य महिला शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती स्तर पर आपसी विवाद या व्यक्तिगत रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ठोस वजह की पुष्टि नहीं हुई है।

मामले के बाद क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने घटना पर चिंता जताते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट से पूर्व आबकारी आयुक्त को राहत, छत्तीसगढ़ शराब नीति घोटाले के दो मामलों में मिली जमानत

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को कई करोड़ रुपये के शराब नीति घोटाले से जुड़े दो मामलों में जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं और मुकदमों के निष्कर्ष तक पहुंचने में अभी काफी समय लगेगा।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने मुख्य मामले से जुड़े दो अलग-अलग मामलों और संबंधित धनशोधन मामले में सुनवाई करते हुए पूर्व अधिकारी को यह राहत प्रदान की।

पीठ ने कहा कि दास को कथित तौर पर इस मामले का “मुख्य सूत्रधार” बताया गया है, और उन पर आरोप है कि उन्होंने राज्य की आबकारी नीति तैयार करने में भूमिका निभाई ताकि अन्य सह-आरोपियों को लाभ पहुंचाया जा सके।

जमानत देते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि दास को दो अलग-अलग मामलों में क्रमशः 18 सितंबर 2025 और 19 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था।

अदालत ने उन पर वही जमानत शर्तें लागू कीं जो अन्य सह-आरोपियों पर लागू हैं। इसके तहत उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा और वह केवल मुकदमे की सुनवाई तथा जांच में शामिल होने के लिए ही छत्तीसगढ़ आ सकेंगे।

हालांकि, पीठ ने यह भी कहा कि वह भविष्य में जमानत की शर्तों में ढील देने की मांग कर सकते हैं।

इससे पहले एक मार्च को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया को भी शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में जमानत दी थी।

लुधियाना में हड़कंप: मेयर ऑफिस और Diljit Dosanjh को बम से उड़ाने की धमकी

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के लुधियाना में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब नगर निगम के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर मेयर कार्यालय और पंजाबी गायक-अभिनेता Diljit Dosanjh के घर को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। धमकी मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तुरंत सक्रिय हो गए।

जानकारी के मुताबिक, धमकी भरा ईमेल सोमवार सुबह नगर निगम कमिश्नर की सरकारी आईडी पर भेजा गया। एहतियात के तौर पर एमसी जोन-ए कार्यालय को खाली करा लिया गया और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

सूत्रों के अनुसार, ईमेल में मेयर कार्यालय और Diljit Dosanjh के घर पर अलग-अलग समय पर धमाके करने की बात कही गई थी। पुलिस और साइबर सेल की टीमें ईमेल भेजने वाले की पहचान और आईपी एड्रेस ट्रेस करने में जुटी हैं।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईमेल में “खालिस्तान नेशनल आर्मी” का नाम भी इस्तेमाल किया गया, हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है।

घटना के बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

अदालत ने RG Kar रेप-मर्डर केस में सीबीआई की विशेष जांच टीम गठित करने के दिए निर्देश

कोलकाता / सत्ता संदेश

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आरजी कर रेप और हत्या मामले में बृहस्पतिवार को सीबीआई की तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया। यह टीम प्रशिक्षु डॉक्टर के नौ अगस्त 2024 की रात भोजन करने से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक की पूरी घटनाक्रम की जांच करेगी।

गौरतलब है कि नौ अगस्त 2024 की रात अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था।

मामले में आरोप लगाए गए हैं कि घटना के बाद सबूत मिटाने और पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश की गई थी।

न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने कहा कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) इस एसआईटी का नेतृत्व करेंगे। टीम के बाकी दो सदस्यों की नियुक्ति अदालत के आदेश के 48 घंटे के भीतर की जाएगी।

अदालत ने कहा कि इस बेहद गंभीर और संवेदनशील घटना के सामाजिक प्रभावों को देखते हुए एसआईटी को सबूत नष्ट करने और मामले को दबाने के आरोपों की भी जांच करनी होगी।

पीठ ने एसआईटी को निर्देश दिया कि वह प्रशिक्षु डॉक्टर के अस्पताल में भोजन करने से लेकर अगले दिन शाम को हुए अंतिम संस्कार तक की हर गतिविधि की विस्तार से जांच करे। अदालत ने टीम को 25 जून तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी होगी।

पीड़िता के माता-पिता ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर अपनी बेटी के साथ हुए बलात्कार और हत्या की व्यापक जांच की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि इस जघन्य अपराध में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।

इस मामले में नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को प्रशिक्षु डॉक्टर से बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

पेट्रोल बम हमले और फायरिंग के मामले का भंडाफोड़, पुलिस ने 4 आरोपी किये गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर देहाती पुलिस ने सुधार गांव में सरपंच के घर पर पेट्रोल बम फेंकने और फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सोहेल मीर ने बताया कि 5 मई की रात करीब 11 बजे गांव सुधार के सरपंच के घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। इससे पहले सरपंच को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम पर रंगदारी भरी कॉल्स आ रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने कुलविंदर सिंह, आकाशदीप सिंह कौड़ा, आकाशदीप सिंह बाबा और जगतार सिंह को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे और उन्हें वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी पहले एक मीट शॉप पर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने पेट्रोल बम और मोटरसाइकिल तैयार की और फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यही गिरोह पहले भी उसी गांव में एक अन्य सरपंच के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के अनुसार कुछ विदेशी हैंडलरों के पारिवारिक सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई है।

इसके साथ ही सोहेल मीर ने नगर काउंसिल चुनावों को लेकर कहा कि अमृतसर देहाती क्षेत्र में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से करवाने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। करीब 1200 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि चुनाव अमन-शांति के माहौल में संपन्न हो सकें।

लुधियाना के अमन गोयल ने भूमाफिया द्वारा झूठे मुकदमे से राहत की मांग

इंडिपेंडेंट जांच करवा लें पुलिस कमिश्नर लुधियाना , ताकि भूमाफिया की मंशा हो जाये उजागर

लुधियाना- 13 अप्रैल 2026 निवासी अमन गोयल और उनकी पत्नी मेघा गोयल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर और उनके परिवारजनों पर विपक्षी पक्ष ने मिलीभगत से झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है, जबकि मामला पूरी तरह से दीवानी प्रकृति का है।

राहुल गोयल ने बताया कि मामला थाना सदर लुधियाना में दर्ज मुकदमा नंबर 0148 दिनांक 15 जुलाई 2025, धाराएं 406, 420 और 120-बी आईपीसी से जुड़ा है, जिसे कुलदीप कुमार बांसल ने “झूठी कहानी” बनाकर दर्ज करवाया है। उन्होंने दावा किया कि कुलदीप बांसल का उद्देश्य पुराना सौदा रद्द होने के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जा करना है।

अमन गोयल के अनुसार, वर्ष 2012 में लगभग 8,972 वर्ग गज जमीन का सौदा हुआ था, जिसमें से विपक्षी पक्ष ने केवल 2,810 वर्ग गज जमीन का ही रजिस्ट्री कराया, बाकी हिस्से का भुगतान न कर पाने के कारण सौदा रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि बाद में इसी जमीन को लेकर दीवानी मामले पहले से अदालत में लंबित हैं, जिनमें अगली सुनवाई जल्द ही तय है।

परिवार का आरोप है कि न केवल विपक्षी पक्ष बल्कि भूमाफिया की भूमिका निभा रहे कुछ डेवलपर्स भी उनकी लगभग 8,400 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि करीब 6,000 वर्ग गज जमीन पर पहले ही जबरन दीवार खड़ी कर दी गई, जिस पर एक अन्य मुकदमा भी चल रहा है।

मेघा गोयल ने कहा, “यह मामला पूरी तरह से दीवानी है, कोई आपराधिक तत्व इसमें नहीं है। पुलिस को उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यह झूठा मुकदमा रद्द किया जाना चाहिए।”

लुधियाना में नशेड़ी बेटे का खौफनाक कदम: मां से मांगे पैसे, इनकार पर पीट-पीटकर मार डाला; फिर रचा हार्ट अटैक का नाटक

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना स्थित शिमलापुरी इलाके के बसंत नगर में सोमवार को एक कलयुगी बेटे ने ममता को शर्मसार कर दिया,। नशे के लिए पैसे न मिलने से नाराज 28 वर्षीय परविंदर सिंह ने अपनी 49 वर्षीय मां मनप्रीत कौर की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दिहाड़ी मजदूरी करता है और वह नशे का गंभीर आदी है।

नशे के लिए विवाद और बेरहम पिटाई : वारदात वाले दिन परविंदर ने अपनी मां से नशा खरीदने के लिए पैसों की मांग की थी। जब मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। पिटाई इतनी भयानक थी कि महिला की पसलियां टूट गईं और फेफड़ों तक को गंभीर चोट पहुँची। इसके बाद आरोपी ने गला दबाकर उनकी जान ले ली।

हार्ट अटैक की झूठी कहानी का भंडाफोड़: हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद ही मां के शव को लेकर अस्पताल पहुँचा और डॉक्टरों को गुमराह करने के लिए बताया कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि, डॉक्टरों को महिला के गले पर निशान देखकर संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। तीन डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में यह साफ हो गया कि महिला की मौत हार्ट अटैक से नहीं, बल्कि बेरहमी से पिटाई और गला दबाने के कारण हुई थी।

पुलिस की सख्ती के आगे टूटा आरोपी : पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर डाबा थाना पुलिस ने परविंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में वह अपनी कहानी पर अड़ा रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने हार्ट अटैक की कहानी इसलिए गढ़ी थी ताकि पुलिस पोस्टमॉर्टम न कराए और वह बच निकले। थाना डाबा के एसएचओ प्रमोद राज के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।