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पेट्रोल बम हमले और फायरिंग के मामले का भंडाफोड़, पुलिस ने 4 आरोपी किये गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर देहाती पुलिस ने सुधार गांव में सरपंच के घर पर पेट्रोल बम फेंकने और फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सोहेल मीर ने बताया कि 5 मई की रात करीब 11 बजे गांव सुधार के सरपंच के घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। इससे पहले सरपंच को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम पर रंगदारी भरी कॉल्स आ रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने कुलविंदर सिंह, आकाशदीप सिंह कौड़ा, आकाशदीप सिंह बाबा और जगतार सिंह को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे और उन्हें वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी पहले एक मीट शॉप पर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने पेट्रोल बम और मोटरसाइकिल तैयार की और फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यही गिरोह पहले भी उसी गांव में एक अन्य सरपंच के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के अनुसार कुछ विदेशी हैंडलरों के पारिवारिक सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई है।

इसके साथ ही सोहेल मीर ने नगर काउंसिल चुनावों को लेकर कहा कि अमृतसर देहाती क्षेत्र में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से करवाने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। करीब 1200 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि चुनाव अमन-शांति के माहौल में संपन्न हो सकें।

लुधियाना के अमन गोयल ने भूमाफिया द्वारा झूठे मुकदमे से राहत की मांग

इंडिपेंडेंट जांच करवा लें पुलिस कमिश्नर लुधियाना , ताकि भूमाफिया की मंशा हो जाये उजागर

लुधियाना- 13 अप्रैल 2026 निवासी अमन गोयल और उनकी पत्नी मेघा गोयल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर और उनके परिवारजनों पर विपक्षी पक्ष ने मिलीभगत से झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है, जबकि मामला पूरी तरह से दीवानी प्रकृति का है।

राहुल गोयल ने बताया कि मामला थाना सदर लुधियाना में दर्ज मुकदमा नंबर 0148 दिनांक 15 जुलाई 2025, धाराएं 406, 420 और 120-बी आईपीसी से जुड़ा है, जिसे कुलदीप कुमार बांसल ने “झूठी कहानी” बनाकर दर्ज करवाया है। उन्होंने दावा किया कि कुलदीप बांसल का उद्देश्य पुराना सौदा रद्द होने के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जा करना है।

अमन गोयल के अनुसार, वर्ष 2012 में लगभग 8,972 वर्ग गज जमीन का सौदा हुआ था, जिसमें से विपक्षी पक्ष ने केवल 2,810 वर्ग गज जमीन का ही रजिस्ट्री कराया, बाकी हिस्से का भुगतान न कर पाने के कारण सौदा रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि बाद में इसी जमीन को लेकर दीवानी मामले पहले से अदालत में लंबित हैं, जिनमें अगली सुनवाई जल्द ही तय है।

परिवार का आरोप है कि न केवल विपक्षी पक्ष बल्कि भूमाफिया की भूमिका निभा रहे कुछ डेवलपर्स भी उनकी लगभग 8,400 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि करीब 6,000 वर्ग गज जमीन पर पहले ही जबरन दीवार खड़ी कर दी गई, जिस पर एक अन्य मुकदमा भी चल रहा है।

मेघा गोयल ने कहा, “यह मामला पूरी तरह से दीवानी है, कोई आपराधिक तत्व इसमें नहीं है। पुलिस को उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यह झूठा मुकदमा रद्द किया जाना चाहिए।”

लुधियाना में नशेड़ी बेटे का खौफनाक कदम: मां से मांगे पैसे, इनकार पर पीट-पीटकर मार डाला; फिर रचा हार्ट अटैक का नाटक

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना स्थित शिमलापुरी इलाके के बसंत नगर में सोमवार को एक कलयुगी बेटे ने ममता को शर्मसार कर दिया,। नशे के लिए पैसे न मिलने से नाराज 28 वर्षीय परविंदर सिंह ने अपनी 49 वर्षीय मां मनप्रीत कौर की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दिहाड़ी मजदूरी करता है और वह नशे का गंभीर आदी है।

नशे के लिए विवाद और बेरहम पिटाई : वारदात वाले दिन परविंदर ने अपनी मां से नशा खरीदने के लिए पैसों की मांग की थी। जब मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। पिटाई इतनी भयानक थी कि महिला की पसलियां टूट गईं और फेफड़ों तक को गंभीर चोट पहुँची। इसके बाद आरोपी ने गला दबाकर उनकी जान ले ली।

हार्ट अटैक की झूठी कहानी का भंडाफोड़: हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद ही मां के शव को लेकर अस्पताल पहुँचा और डॉक्टरों को गुमराह करने के लिए बताया कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि, डॉक्टरों को महिला के गले पर निशान देखकर संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। तीन डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में यह साफ हो गया कि महिला की मौत हार्ट अटैक से नहीं, बल्कि बेरहमी से पिटाई और गला दबाने के कारण हुई थी।

पुलिस की सख्ती के आगे टूटा आरोपी : पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर डाबा थाना पुलिस ने परविंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में वह अपनी कहानी पर अड़ा रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने हार्ट अटैक की कहानी इसलिए गढ़ी थी ताकि पुलिस पोस्टमॉर्टम न कराए और वह बच निकले। थाना डाबा के एसएचओ प्रमोद राज के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

अमृतसर में सनसनीखेज वारदात: बहू ने प्रेमी के साथ मिलकर सास को उतारा मौत के घाट, चोरी का रचा था नाटक

पंजाब डेस्क : पंजाब के अमृतसर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां इंदिरा कॉलोनी (झब्बाल रोड) में एक बहू ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी 65 वर्षीय सास, कमलेश रानी की बेरहमी से हत्या कर दी। अमृतसर पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 24 घंटे में सुलझाते हुए आरोपी बहू मिंटी शर्मा और उसके प्रेमी दलवीर सिंह उर्फ लाडी को गिरफ्तार कर लिया है।अवैध संबंधों के विरोध में रची साजिश पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी बहू मिंटी शर्मा के अपने पड़ोसी दलवीर सिंह के साथ अवैध संबंध थे।

मृतका कमलेश रानी इन संबंधों का कड़ा विरोध करती थी, जिस कारण घर में अक्सर कलह होती रहती थी। इसी विरोध को खत्म करने के लिए मिंटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर सास की हत्या की साजिश रची।एसी ठीक करने के बहाने बुलाया प्रेमी 9 मार्च को जब परिवार के अन्य सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने दीनानगर गए हुए थे, तब मिंटी ने मौका पाकर एसी ठीक करने के बहाने दलवीर को घर बुलाया।

इसके बाद दोनों ने मिलकर तकिये से गला घोंटकर कमलेश रानी को तड़पा-तड़पा कर मार डाला।पुलिस को गुमराह करने की कोशिश वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे लूट का रूप देने की कोशिश की और घर की अलमारी तोड़कर चोरी का नाटक रचा।

हैरान करने वाली बात यह है कि खुद बहू मिंटी शर्मा ने ही पुलिस में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज करवाई थी। हालांकि, पुलिस ने गहन जांच और सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।

लुधियाना के तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी: ई-मेल के बाद मचा हड़कंप, खाली कराए गए परिसर

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना महानगर में मंगलवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई जब तीन नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल प्राप्त हुआ। यह मेल सुबह करीब सात बजे भेजा गया था, जिसमें स्कूल परिसरों में विस्फोट की चेतावनी दी गई थी।

सुरक्षा और जांच अभियान: धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वॉड को जांच के लिए तैनात किया गया।

सुरक्षा के लिहाज से तीनों स्कूलों के परिसरों को तुरंत खाली करा लिया गया और सभी छात्रों व स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। पुलिस ने स्कूलों के आसपास के क्षेत्रों को सील कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

साइबर सेल की कार्रवाई: पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। साइबर सेल की टीम ई-मेल की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किस सर्वर या आईडी से भेजा गया है।

हालांकि, अधिकारियों ने बताया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अब तक कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। प्रशासन ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

लुधियाना पुलिस को बड़ी सफलता: 320 ग्राम हेरोइन और ड्रग मनी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

पंजाब डेस्क : लुधियाना पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा (IPS) के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल की टीम ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ दो आरोपियों को काबू किया है।

गश्त के दौरान पकड़े गए तस्कर: स्पेशल सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह देहल ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को पुलिस टीम मेहरबान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सीड़ा के टी-प्वाइंट पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर दो व्यक्तियों को रोककर उनकी तलाशी ली गई।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई: तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद की:

-320 ग्राम हेरोइन

-₹9,000 ड्रग मनी

-एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा (नशा तोलने के लिए)

-25 जिप-लॉक लिफाफे (पैकिंग के लिए)

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मेहरबान थाने में NDPS एक्ट की धारा 21C, 61, 85 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

रिमांड के दौरान होगी कड़ी : पूछताछ गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी ताकि इस नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरों और सप्लायरों का पता लगाकर उनका पर्दाफाश किया जा सके।

अबू सलेम ने अवैध हिरासत का दावा किया, न्यायालय का याचिका पर सुनवाई से इनकार

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को गैंगस्टर अबू सलेम की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसने दावा किया था कि उसे 10 महीने से अधिक समय से ‘‘अवैध हिरासत’’ में रखा गया है, जबकि वह 1993 के मुंबई विस्फोट मामले में उसे दी गई 25 साल की सजा पहले ही काट चुका है।

वर्ष 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी सलेम को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 11 नवंबर, 2005 को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था।

भारत और पुर्तगाल के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते की शर्तों के अनुसार, सलेम को मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता और उसके कारावास की अवधि 25 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती।

सलेम ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपनी रिहाई की मांग की थी, जिसमें उसने दावा किया था कि अच्छे व्यवहार के लिए दी गई छूट को शामिल करने पर वह पहले ही 25 साल की कैद काट चुका है।

उच्च न्यायालय ने उसकी याचिका स्वीकार कर ली थी, लेकिन कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को सुनवाई के दौरान, सलेम के वकील को बताया कि उच्च न्यायालय ने उसे केवल अंतरिम राहत देने से इनकार किया था। पीठ ने कहा, ‘‘जाइए और अंततः (उच्च न्यायालय के समक्ष) इस मामले पर बहस कीजिए।’’

वकील ने जब कहा कि संबंधित पक्षों ने उसकी याचिका पर उच्च न्यायालय के समक्ष पहले ही अपने हलफनामे दाखिल कर दिए हैं, तो पीठ ने कहा, ‘‘हलफनामों पर विचार करने के बाद, उच्च न्यायालय फैसला करेगा।’’

शीर्ष अदालत ने पाया कि हलफनामे के अनुसार, सलेम 19 साल कैद की सजा काट चुका है।

सलेम के वकील ने जब दलील दी कि उनका मुवक्किल 10 महीने से अधिक समय तक ‘‘अवैध हिरासत’’ में रहा है, तो न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, ‘‘आपको (सलेम) समाज के लिए कुछ भी अच्छा न करने के लिए 25 साल की सजा दी गई है। आपको टाडा के तहत दोषी ठहराया गया है।’’

पीठ ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया और सलेम को लंबित मामले की शीघ्र सुनवाई और निपटारे के लिए उच्च न्यायालय में जाने की स्वतंत्रता दे दी।

दिल्ली के आरके पुरम स्थित आभूषण की दुकान से तीन करोड़ रुपये के जेवर चोरी

नयी दिल्ली, (सत्ता संदेश) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के आरके पुरम स्थित एक आभूषण की दुकान से शनिवार तड़के लगभग तीन करोड़ रुपये के सोने और चांदी के जेवर कथित तौर पर चोरी हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि शुक्रवार शाम को दुकान बंद करते समय कुछ गहने अनजाने में तिजोरी के बाहर ही छूट गए थे।
पुलिस ने बताया कि तिजोरी अगली सुबह सही सलामत मिली, लेकिन बाहर रखी चीजें गायब थीं।
पुलिस के अनुसार, चोरी की गई वस्तुओं की सही मात्रा और मूल्य का फिलहाल पता नहीं चल पाया है, लेकिन इनकी कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये है।
पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में गोहत्या के दो आरोपी घायल

सहारनपुर (उप्र), 13 फरवरी (भाषा) सहारनपुर जिले के गंगोह इलाके में पुलिस मुठभेड़ में गोहत्या के दो आरोपी घायल हो गए और उनके पास से एक बछड़ा, हथियार एवं गोहत्या में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार बरामद किए गए। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस क्षेत्राधिकारी (गंगोह) अशोक सिसोदिया ने बताया कि बृहस्पतिवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को गंगोह पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग एक गाय को मारने के लिए कुंडा कला गांव के पास जंगल में ले जा रहे हैं।

पुलिस ने सूचना पर कार्रवाई करते हुए कुंडा कला गांव के पास कुंडा-बिडौली रोड पर जांच शुरू की और इस दौरान सात-आठ लोग एक बछड़े के साथ चलते नजर आए।

सिसोदिया ने बताया कि जब पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो उन्होंने पुलिस दल पर कथित तौर पर गोली चला दी।

उन्होंने बताया कि पुलिस दल ने खुद के बचाव में जवाबी कार्रवाई की जिसमें दो आरोपियों के पैरों में गोली लग गई।

सिसोदिया ने बताया कि इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहसान उर्फ समीर और महमूद के तौर पर हुई है। ये दोनों गंगोह पुलिस थाना के कुंडा कला गांव के रहने वाले हैं।

उन्होंने बताया कि पांच-छह और संदिग्ध अंधेरे एवं जंगल का फायदा उठाकर भाग गए।

पुलिस ने बताया कि मौके से एक बछड़ा, दो देसी पिस्तौल, दो खाली कारतूस, दो कारतूस और गोहत्या में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए गए।

घायल आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

सिसोदिया ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग गोहत्या के मामलों में शामिल आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ गंगोह पुलिस थाने में पहले से ही मामले दर्ज हैं।

दिल्ली के रोहिणी में 10 करोड़ रुपये की भूमि हड़पने के प्रयास में फर्जी गैंगस्टर गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) उत्तर-पश्चिम दिल्ली में हिमांशु भाऊ गिरोह का कथित सदस्य बनकर एक व्यवसायी से लगभग 10 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने के प्रयासों में 32 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान नरेला निवासी विकास उर्फ विक्की के रूप में हुई है। उसे चार फरवरी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, 26 नवंबर 2025 को अशोक विहार निवासी रजत गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात व्यक्ति ‘अंतरराष्ट्रीय कॉल’ कर खुद को हिमांशु भाऊ गिरोह का सदस्य बताकर उन्हें धमकियां दे रहा है।

शिकायत के मुताबिक फोन करने वाला व्यक्ति रोहिणी सेक्टर-23 स्थित लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति अपने नाम पर दर्ज कराने के लिए गुप्ता पर दबाव बना रहा था।

पुलिस ने बताया कि यह संपत्ति जून 2022 में गुप्ता की पत्नी मेघा गोयल और उनकी साली निधि के नाम पर परवीन कुमार से खरीदी गई थी।

गुप्ता ने आपराधिक धमकी और जबरन वसूली के आरोपों के समर्थन में डिजिटल ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पुलिस को सौंपे, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी संपत्ति को लेकर वर्ष 2025 में हरियाणा निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर रोहिणी के बेगमपुर थाने में एक संबंधित मामला दर्ज किया गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस को संदेह हुआ कि शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने के लिए धमकी भरे फोन किए गए थे।

लंबी जांच के बाद पुलिस ने विकास की संलिप्तता स्थापित की और उसे नरेला स्थित उसके पैतृक गांव से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान विकास ने कथित तौर पर बताया कि वह विवादित संपत्तियों के सौदे से जुड़ा रहा है। उसने पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में उसके दो सहयोगियों ने उसे रोहिणी स्थित प्लॉट के एक सौदे से परिचित कराया था, जिसे बाद में गुप्ता के परिवार के सदस्यों के नाम पंजीकृत कराया गया।

पुलिस के अनुसार, संपत्ति हासिल करने के प्रयास विफल रहने और शिकायतकर्ता द्वारा हस्तांतरण से इनकार किए जाने के बाद आरोपी ने खुद को गिरोह का सदस्य बताकर धमकाने की साजिश रची।

विकास पर यह भी संदेह है कि उसने एक सहयोगी के साथ मिलकर अन्य लोगों से गिरोह के सदस्य बनकर धमकी दिलाने की व्यवस्था की।

मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।