पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग में क्लर्कों का शर्मनाक प्रदर्शन: 63 में से केवल 2 पास, 40 तो परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे
पंजाब डेस्क: पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनुकंपा (compassionate) आधार पर नियुक्त क्लर्कों के लिए आयोजित टाइपिंग टेस्ट का परिणाम बेहद निराशाजनक और हैरान करने वाला रहा है। भाषा विभाग पंजाब द्वारा फरवरी 2026 में ली गई इस परीक्षा के नतीजों ने कर्मचारियों के प्रदर्शन और प्रशासनिक कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुल उम्मीदवार: परीक्षा के लिए कुल 63 उम्मीदवार नामांकित थे।
पूर्ण सफलता: इनमें से केवल 2 उम्मीदवार ही पंजाबी और अंग्रेजी दोनों टाइपिंग टेस्ट पास करने में सफल रहे, जिससे अब उनकी नौकरी पक्की होने की राह आसान हो गई है।
भारी अनुपस्थिति: परिणामों का सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि 63 में से 40 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित कर रही है।
असफल उम्मीदवार: परीक्षा में शामिल होने वाले बाकी 20 उम्मीदवार फेल हो गए। इनमें से अधिकांश पंजाबी टाइपिंग (रावी फॉन्ट) के निर्धारित मानकों को पूरा करने में असमर्थ रहे।आंशिक सफलता: एक उम्मीदवार ने अंग्रेजी टाइपिंग टेस्ट तो पास कर लिया, लेकिन वह पंजाबी टेस्ट में फेल रहा।
जून 2026 में मिलेगा अंतिम अवसर: विभाग ने असफल और अनुपस्थित रहे उम्मीदवारों को राहत देते हुए जून 2026 में पुनः टाइपिंग टेस्ट आयोजित करने की घोषणा की है। यह उन कर्मचारियों के लिए लास्ट चांस होगा। जो उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठना चाहते हैं, उन्हें 15 अप्रैल 2026 तक अपने नाम संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से भेजने होंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगली परीक्षा के लिए आवेदन और टेस्ट केवल रावी फॉन्ट में ही स्वीकार किए जाएंगे।

