रक्षा क्षेत्र में MSME और स्टार्ट-अप्स की भागीदारी बढ़ाने के लिए दिल्ली में दो दिवसीय कार्यशाला
रक्षा खरीद, iDEX, स्वदेशीकरण और परीक्षण प्रक्रियाओं पर विशेषज्ञ देंगे जानकारी
नई दिल्ली / सत्ता संदेश
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य MSME और स्टार्ट-अप्स को रक्षा इकोसिस्टम के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना तथा उन्हें रक्षा उत्पादन और नवाचार से जुड़े अवसरों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस दौरान प्रतिभागियों को रक्षा खरीद प्रक्रिया, स्वदेशीकरण पहलों, iDEX ढांचे, परीक्षण एवं प्रमाणन प्रक्रियाओं तथा प्रौद्योगिकी परिप्रेक्ष्य क्षमता रोडमैप (TPCR) के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय, सेवा मुख्यालयों, डीजीक्यूए, iDEX-DIO और अन्य संबंधित संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को एयर मार्शल प्रवीण केशव वोहरा और मेजर जनरल डॉ. अशोक कुमार संबोधित करेंगे।
पहले दिन रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया, खरीद श्रेणियों, राजस्व खरीद मानदंडों, स्वदेशीकरण सुधारों, सृजन पोर्टल, आयात प्रतिस्थापन रणनीतियों तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
दूसरे दिन के सत्रों में iDEX पहल, प्रोटोटाइप विकास, परीक्षण एवं मूल्यांकन प्रक्रियाएं, प्रमाणन प्रणाली, उपयोगकर्ता परीक्षण, पर्यावरणीय परीक्षण, अनुसंधान एवं विकास में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की भूमिका तथा प्रौद्योगिकी तत्परता स्तरों (Technology Readiness Levels) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम में TPCR पर विशेष सत्र और निवेशकों एवं वेंचर कैपिटलिस्ट्स के साथ एक पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी। साथ ही प्रतिभागियों को प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से अपनी व्यावहारिक समस्याओं और जिज्ञासाओं के समाधान का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को और मजबूती मिलेगी तथा भारतीय उद्योग और सशस्त्र बलों के बीच सहयोग को नया आयाम प्राप्त होगा। यह कार्यशाला रक्षा क्षेत्र में नवाचार, स्वदेशी तकनीक और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

