जम्मू-कश्मीर में 209 करोड़ के फर्जी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम का भंडाफोड़; ‘डॉ. मॉर्फिन’ समेत 8 गिरफ्तार
नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन निवेश घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें 209 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
ऐसे जाल में फंसाते थे ठग : जांच में सामने आया कि यह गिरोह paisavault.com जैसी फर्जी वेबसाइटों और फिशिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके लोगों को लुभाता था। सोशल मीडिया और गूगल पर निवेश के विज्ञापन देकर लोगों को फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था। पिछले 45 दिनों में ही पूरे भारत के निवेशकों से इन खातों में 209 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। पुलिस का अनुमान है कि पूरी जांच के बाद यह आंकड़ा 400 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
मास्टरमाइंड ‘डॉ. मॉर्फिन’ दिल्ली से गिरफ्तार : इस घोटाले का मुख्य आरोपी हरियाणा के हिसार का निवासी एकान्त योगदत्त है, जिसे ‘डॉ. मॉर्फिन’ के नाम से जाना जाता है। उसने फिलीपींस में अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान विदेशी लिंक बनाए थे। पुलिस ने उसे चीन से लौटते समय दिल्ली के आईजीआई (IGI) हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया। उसके साथ कश्मीर के विभिन्न इलाकों से सात अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया है, जो क्षेत्रीय प्रभारी और खाता संचालक के रूप में काम कर रहे थे।
क्रिप्टो और टेलीग्राम का इस्तेमाल : ठगी की इस रकम को छिपाने के लिए गिरोह ने जटिल रास्तों का इस्तेमाल किया। इसमें क्रिप्टो करेंसी कन्वर्जन, टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से क्यूआर कोड सर्कुलेशन और क्रॉस-बॉर्डर रूटिंग (सीमा पार पैसा भेजना) शामिल था। जांच के दौरान 835 नकली बैंक खातों और 290 सत्यापित खातों का पता चला है। पुलिस ने इनके पास से 200 एटीएम/डेबिट कार्ड, विदेशी मुद्रा और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।
एसआईटी (SIT) कर रही है जांच: फिरदौस अहमद मीर नाम के व्यक्ति की शिकायत पर एसएसपी खालिद अहमद पोसवाल ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। पुलिस को कुछ बैंक कर्मचारियों के भी इस घोटाले में शामिल होने का संदेह है।

