तेल संकट के बीच अमेरिका का बड़ा यू-टर्न: ट्रंप सरकार ने समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की दी हरी झंडी
इंटरनेशनल डेस्क: : मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी भीषण युद्ध और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच अमेरिका ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल पर लगे कड़े प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देते हुए उन देशों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दे दी है, जिनका तेल वर्तमान में समुद्र में फंसा हुआ है।
अस्थायी लाइसेंस जारी: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया है, जिसके तहत कुछ प्रतिबंधित रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री और डिलीवरी की अनुमति होगी।
कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश: यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते जोखिम के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अस्थिरता बढ़ गई है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ेगी और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगेगी।
केवल ट्रांजिट तेल पर लागू: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि यह अनुमति केवल उसी रूसी तेल पर लागू होगी जो पहले से ही समुद्र में ट्रांजिट (रास्ते) में है। इससे रूस को कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ नहीं होगा क्योंकि उसकी मुख्य आय तेल उत्पादन के समय लगने वाले टैक्स से पहले ही आ चुकी होती है।
भारत को भी मिली थी छूट: इससे पहले भी अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष अस्थायी छूट दी थी एनालिस्ट्स का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है, तो अमेरिका के इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने में बड़ी मदद मिल सकती है।

