कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों पर नकेल: संसद में ‘कॉम्बैटिंग हेट एक्ट’ पास, झंडे और प्रचार सामग्री पर लगा बैन
नेशनल डेस्क: कनाडा की संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ कॉमन्स) ने खालिस्तानी गतिविधियों और नफरत भरे भाषणों पर सख्ती के लिए एक बड़ा विधेयक पास किया है। ‘कॉम्बैटिंग हेट एक्ट’ (Combating Hate Act) नाम के इस बिल का मुख्य उद्देश्य अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में आतंकवाद को बढ़ावा देने और उसके महिमामंडन पर रोक लगाना है।
प्रतीकों पर प्रतिबंध: इस कानून के लागू होने के बाद बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) जैसे प्रतिबंधित संगठनों के झंडे, बैनर और अन्य प्रचार सामग्री का सार्वजनिक प्रदर्शन गैरकानूनी होगा।
धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा: बिल के तहत किसी भी धार्मिक स्थल के पास लोगों को डराना या भयभीत करना अब अपराध की श्रेणी में आएगा।
धार्मिक छूट खत्म करने का प्रस्ताव: लिबरल पार्टी और ब्लॉक क्यूबेकॉइस के बीच हुए समझौते के तहत, हेट स्पीच (घृणा भाषण) कानून से धार्मिक छूट को खत्म करने का प्रावधान शामिल किया गया है। वर्तमान में, किसी धार्मिक ग्रंथ या विश्वास के आधार पर दी गई राय को हेट स्पीच से छूट प्राप्त है, जिसे यह नया बिल हटाने का प्रस्ताव रखता है।
विरोध और अगला कदम: कनाडा की कंजर्वेटिव और एनडीपी पार्टियों ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। नागरिक अधिकार समूहों ने भी चिंता जताई है कि इससे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबाया जा सकता है।
हालांकि, न्याय मंत्री सीन फ्रेजर ने स्पष्ट किया है कि यह कानून किसी की आस्था को अपराधी नहीं बनाता, बल्कि केवल नफरत और आतंकवाद को रोकने के लिए है।निचली संसद से पास होने के बाद अब यह विधेयक अंतिम मंजूरी के लिए कनाडाई सीनेट (उच्च सदन) के पास भेजा गया है, जहाँ इस पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।

