50 लाख से महंगी प्रॉपर्टी पर बड़ी राहत: हर विक्रेता को 50 लाख से कम भुगतान तो नहीं लगेगा TDS – ITAT का फैसला
बिजनेस डेस्क : इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) अहमदाबाद ने प्रॉपर्टी खरीदारों को एक बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रॉपर्टी की कुल कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा है, लेकिन उसमें एक से अधिक विक्रेता शामिल हैं और प्रत्येक को किया गया भुगतान 50 लाख रुपए से कम है, तो खरीदार को TDS काटने की जरूरत नहीं है। यह फैसला आयकर अधिनियम की धारा 194-IA के तहत पुराने मामलों में बड़ी स्पष्टता लाता है।
क्या था पूरा मामला? यह मामला ‘हसमुखभाई जयंतीभाई पटेल बनाम ITO’ से जुड़ा था, जहाँ खरीदार ने कई मालिकों वाली एक प्रॉपर्टी खरीदी थी। प्रॉपर्टी की कुल कीमत 50 लाख से अधिक थी, लेकिन व्यक्तिगत रूप से किसी भी विक्रेता को 50 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान नहीं किया गया था, इसलिए खरीदार ने TDS नहीं काटा। आयकर विभाग ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए खरीदार से 13.5 लाख रुपए का टैक्स और ब्याज वसूलने का आदेश दिया था।
ITAT का तर्क और राहत : आईटीएटी अहमदाबाद ने विभाग के आदेश को पलटते हुए कहा कि संबंधित आकलन वर्ष (AY 2015-16) के दौरान 50 लाख रुपए की सीमा प्रति विक्रेता के आधार पर देखी जानी चाहिए थी, न कि पूरी प्रॉपर्टी की कुल कीमत पर। ट्रिब्यूनल ने साफ किया कि उस समय के कानून में भुगतान को जोड़कर देखने का प्रावधान नहीं था। इस फैसले से खरीदार पर लगाई गई 13.5 लाख रुपए की मांग को खत्म कर दिया गया है।
सावधानी: अब बदल चुका है नियम अदालत ने यह भी साफ किया कि यह राहत केवल 1 अप्रैल 2024 से पहले के सौदों के लिए है। नए नियमों के अनुसार, अब यदि प्रॉपर्टी की कुल कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा है, तो TDS काटना अनिवार्य है, चाहे भुगतान अलग-अलग विक्रेताओं को ही क्यों न किया गया हो।

