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AI और ग्लोबल मंदी की दोहरी मार: भारतीय आईटी सेक्टर को 115 अरब डॉलर का भारी नुकसान

टेक डेस्क : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव और वैश्विक आर्थिक सुस्ती ने भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक गंभीर संकट पैदा कर दिया है। पिछले चार महीनों में इस सेक्टर की मार्केट वैल्यू में करीब 115 अरब डॉलर (लगभग ₹9.5 लाख करोड़) की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

दिग्गज कंपनियों के कमजोर नतीजे: इंफोसिस (Infosys) और एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) जैसी बड़ी कंपनियों के उम्मीद से कम मुनाफे और कमजोर भविष्य के अनुमानों ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है।

शेयर बाजार में गिरावट: आईटी सेक्टर का प्रमुख इंडेक्स, निफ्टी आईटी (Nifty IT), जून 2023 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। साल 2026 में अब तक इसमें लगभग 25% की गिरावट आ चुकी है, जिससे यह भारत का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया है।

खर्च में कटौती: ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण क्लाइंट्स ने बड़े और लंबे प्रोजेक्ट्स को टाल दिया है। अब कंपनियां केवल जरूरी टेक खर्चों पर ही ध्यान दे रही हैं।

AI का बदलता मॉडल: AI पारंपरिक आईटी सर्विस मॉडल को तेजी से बदल रहा है। हालांकि टीसीएस (TCS) और इंफोसिस जैसी कंपनियां अब अपने प्रोडक्ट्स में AI को शामिल कर लागत घटाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी भी भविष्य को लेकर तस्वीर साफ नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी सेक्टर इस समय अपने सबसे कठिन बिज़नेस साइकिल से गुजर रहा है और निवेशक अब बाजार में सुधार के लिए और अधिक मजबूत संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

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