शेयर बाजार में ‘वॉर’ और ‘नतीजों’ का डबल डोज: इस हफ्ते इन 5 ट्रिगर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर
बिजनेस डेस्क: भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता काफी हलचल भरा रहने वाला है। जहाँ एक ओर मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच बढ़ता संघर्ष बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दिग्गज कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। बीते शुक्रवार (17 अप्रैल) को सेंसेक्स 505 अंक चढ़कर 78,493.54 पर और निफ्टी 157 अंक की बढ़त के साथ 24,353.55 पर बंद हुआ था।
बाजार की चाल तय करने वाले 5 बड़े कारक:
Q4 के नतीजे 2026: इस हफ्ते Reliance, Infosys, HCL Technologies, और Tech Mahindra जैसी बड़ी कंपनियां अपने नतीजों की घोषणा करेंगी। सोमवार को बाजार की शुरुआत मुख्य रूप से HDFC Bank और ICICI Bank के नतीजों पर प्रतिक्रिया के साथ होगी।
US-ईरान तनाव और वार्ता: होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच, सोमवार को पाकिस्तान में US-ईरान के बीच अगले दौर की बातचीत होनी तय है। इस वार्ता के परिणाम वैश्विक जोखिम वाली संपत्तियों और पूंजी प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं।
कच्चे तेल की कीमतें: संघर्ष विराम की उम्मीदों के कारण ब्रेंट क्रूड में 7.57% की भारी गिरावट आई है और यह 91.87 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ है। तेल की कीमतों में स्थिरता भारतीय इक्विटी बाजार को मजबूती दे सकती है।
FII की मुनाफावसूली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने अप्रैल के महीने में अब तक भारतीय डेट मार्केट से 1.23 अरब डॉलर से ज्यादा की निकासी की है। भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल यील्ड में बदलाव इस बिकवाली के मुख्य कारण हैं।
सोना और चांदी: डॉलर के कमजोर होने और वैश्विक तनाव के कारण सोने की कीमतों में तेजी जारी है। स्पॉट गोल्ड साप्ताहिक आधार पर 2% से ज्यादा बढ़कर 4,861.32 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

