भारी घाटे के बीच एयर इंडिया का बड़ा फैसला: जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में होगी कटौती, जानें क्या है वजह
बिजनेस डेस्क : घाटे से जूझ रही एयर इंडिया ने घोषणा की है कि वह जून और जुलाई 2026 के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शेड्यूल में कटौती करेगी। एयरलाइन के सीईओ और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने शुक्रवार को कर्मचारियों को भेजे संदेश में यह जानकारी दी है।उड़ानें कम करने की मुख्य वजहें कैंपबेल विल्सन के अनुसार, वर्तमान में एयरलाइन के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को कम करने का फैसला लेना पड़ा है:
ईंधन की कीमतों में उछाल: जेट ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे परिचालन लागत बढ़ गई है।एयरस्पेस प्रतिबंध: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में चल रहे संघर्ष के कारण हवाई मार्ग पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
लंबे रूट और घाटा: प्रतिबंधों की वजह से विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ गई है और कई अंतरराष्ट्रीय रूट अब लाभदायक नहीं रह गए हैं।
जून और जुलाई का शेड्यूल प्रभावित : एयरलाइन ने अप्रैल और मई के लिए कुछ उड़ानें पहले ही कम कर दी थीं। विल्सन ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं, इसलिए जून और जुलाई के शेड्यूल को और घटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने यात्रियों और क्रू को होने वाली असुविधा पर खेद भी जताया है।
वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजना: एयर इंडिया समूह को 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में करीब 22,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। इसी बीच, सीईओ कैंपबेल विल्सन ने इस साल के अंत में अपने पद से हटने की योजना की भी घोषणा की है।
यात्रियों के लिए सलाह : एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए कुछ चुनिंदा सेवाओं का संचालन जारी रखेंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
मैनेजमेंट ने कर्मचारियों से लागत नियंत्रण पर ध्यान देने और चुनौतीपूर्ण स्थिति की वास्तविकता को स्वीकार करने को कहा है।

