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सावधान! 23 देशों में फैला कोरोना का नया ‘Cicada’ वेरिएंट; क्या भारत के लिए है बड़ा खतरा?

नेशनल डेस्क : दुनिया अभी कोरोना के पुराने जख्मों से उबर ही रही थी कि वायरस के एक नए रूप ने दस्तक दे दी है। वैज्ञानिकों ने COVID-19 के एक नए वेरिएंट BA.3.2 की पहचान की है, जिसे ‘सिकाडा’ (Cicada) निकनेम दिया गया है। यह वेरिएंट अब तक दुनिया के 23 देशों में पैर पसार चुका है और विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

क्यों पड़ा ‘सिकाडा’ नाम और क्या है इसकी खासियत? सिकाडा एक ऐसा कीड़ा है जो सालों तक जमीन के नीचे छिपा रहता है और अचानक बाहर निकलकर सबको चौंका देता है। ठीक वैसे ही, यह वायरस भी नवंबर 2024 से ‘अंडर द राडार’ खामोशी से फैल रहा था। यह ओमिक्रॉन का ही एक वंशज है, लेकिन इसके स्पाइक प्रोटीन में 70 से 75 आनुवंशिक बदलाव (म्यूटेशन) देखे गए हैं। इतने अधिक बदलावों के कारण हमारा इम्यून सिस्टम और वर्तमान वैक्सीन इसे पहचानने में धोखा खा सकती हैं।

भारत में आहट: भारत की जीनोम सीक्वेंसिंग संस्था INSACOG ने देश में XFG वेरिएंट के 163 मामले दर्ज किए हैं, जो ओमिक्रॉन का ही एक म्यूटेटेड रूप है। हालांकि भारत में अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के माध्यम से सिकाडा के आने का खतरा बना हुआ है।

अमेरिका में अलर्ट: अमेरिका के 29 राज्यों में सीवेज के पानी (Wastewater) की जांच के दौरान इस वेरिएंट के निशान मिले हैं, जो इसके चुपके से फैलने की पुष्टि करता है।

क्या यह ज्यादा खतरनाक है? पल्मोनरी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि सिकाडा पुराने वेरिएंट्स से ज्यादा जानलेवा है। हालांकि, इसकी संक्रमण की रफ्तार बहुत तेज है और यह उन लोगों के लिए चिंता की बात है जो पहले से फेफड़ों की बीमारी या ‘लॉन्ग कोविड’ से जूझ रहे हैं।

बचाव के तरीके: विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। नियमित हाथ धोना (जो संक्रमण का खतरा 21% कम करता है), भीड़भाड़ वाली जगहों से बचना और बीमार होने पर घर पर रहना बेहद जरूरी है।

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