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हर बाहर से आया पंजाबी अपनी मातृभाषा से जुड़ा रहना चाहता है – गुरजतिंदर रंधावा


लुधियाना: २० फरवरी (सत्ता संदेश)
अमेरिका में रहने वाले जाने-माने पंजाबी पत्रकार, लेखक और विचारक गुरजतिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि बेशक, बाहर से आए लोगों को नौकरी के लिए इंग्लिश या दूसरी विदेशी भाषाएं बोलनी पड़ती हैं, लेकिन हर बाहर से आया पंजाबी अपनी मातृभाषा से जुड़ा रहना चाहता है और हमेशा जुड़ा रहता है। आज मालवा रंगमंच पंजाब की तरफ से आयोजित एक खास कार्यक्रम में पंजाबी लेखकों, कलाकारों और साहित्य प्रेमियों को संबोधित करते हुए श्री रंधावा ने कहा कि इस समय विदेशों में पंजाबी और पंजाबी भाषा पूरी तरह से बोली जाती है और हम उन विकसित देशों की हर चिंता में भागीदार हैं। रंधावा ने कहा कि यह गर्व की बात है कि दुनिया के बड़े एयरपोर्ट समेत कमर्शियल जगहों पर पंजाबी में बोर्ड लगे हैं। मिस्टर रंधावा ने इमोशनल होते हुए कहा कि हर पंजाबी इमिग्रेंट भी चाहता है कि उसके बच्चे अपनी मदर टंग पंजाबी, ज़मीन और कल्चर से जुड़े रहें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
इवेंट के दौरान सभी का वेलकम करते हुए मालवा रंगमंच के सेक्रेटरी प्रोफेसर निर्मल जौड़ा ने कहा कि अपनी मेहनत और लगन की वजह से गुरजतिंदर सिंह रंधावा ने जर्नलिज़्म के फील्ड में एक अहम जगह बनाई है। प्रोफेसर निर्मल जौड़ा ने कहा कि हमारी भाषा हमें दुनिया में पहचान दिलाती है, जिसकी वजह से पंजाबियत का परचम दुनिया में लहरा रहा है। मालवा रंगमंच के सेक्रेटरी चेयरमैन प्रोफेसर जालौर सिंह खीवा ने कहा कि यह पंजाब के लिए सुकून की बात है कि विदेशों में हमारे इंटलेक्चुअल अपनी ज़मीन और कल्चर से जुड़े हुए हैं। मालवा रंगमंच ने गुरजतिंदर रंधावा को सम्मानित किया। रविंदर रंगूवाल ने सभी का थैंक यू कहा।
फोटो: मालवा रंगमंच पंजाब गुरजतिंदर सिंह रंधावा को सम्मानित करते हुए प्रोफेसर निर्मल जौड़ा और रविंदर रंगूवाल

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