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ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट इन न्यू मिलेनियम (D3NM-5), नाईपर -मोहाली के पांचवें सम्मलेन का उदघाटन

नाईपर, मोहाली में आज दिनांक 06.03.2026 को “ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट इन न्यू मिलेनियम (D3NM-5)” के पाँचवें सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। यह तीन दिवसीय सम्मेलन (6 से 8 मार्च, 2026) “नेक्स्ट-जनरेशन थेरैप्यूटिक्स” विषय पर आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. एस. एस. शर्मा ने अपने स्वागत संबोधन में सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं तथा उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नाईपर, मोहाली द्वारा आयोजित D3NM सम्मेलनों के बारे में भी संक्षिप्त में जानकारी दी। नाईपर के डीन प्रो. कुलभूषण टिक्कू ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक प्रमुख विषय बन गया है, लेकिन पशु-अध्ययनों का कोई विकल्प नहीं है। नाईपर, मोहाली के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने अपने संबोधन में कहा कि AI एक इंटरडिसिप्लिनरी विषय है।

फार्माकोइन्फॉर्मेटिक्स को खोज संबंधी विज्ञानों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्रॉस-डिसिप्लिनरी शिक्षा का अत्यंत महत्व है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. वाई. के. गुप्ता, अध्यक्ष, AIIMS कल्याणी ने अपने संबोधन में कहा कि दवा विकास की प्रक्रिया अब ‘सेरेंडिपिटी’ से आगे बढ़ चुकी है और अब लक्ष्य-आधारित खोज (टारगेट-बेस्ड डिस्कवरी) पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दवा विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने आगे कहा कि AI नौकरियों को समाप्त नहीं करेगा, बल्कि केवल नौकरियों के स्वरूप में परिवर्तन करेगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. अनिल गुलाटी, चेयरमैन एवं सीईओ, फार्माज़ इंक., यूएसए ने अपने संबोधन में कहा कि नाईपर जैसे संस्थान में करियर निर्माण वास्तव में देश के निर्माण में योगदान है। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. आशुतोष कुमार, सहायक प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।

D3NM-5 में देशभर से लगभग 200 फार्मास्युटिकल स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, पीएचडी शोधार्थियों तथा शोधकर्ताओं के साथ-साथ उद्योग और अकादमिक जगत के अग्रणी विशेषज्ञ एकत्रित हो रहे हैं, जो आधुनिक औषधि खोज एवं विकास के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम और अत्याधुनिक प्रगतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।

सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में आधुनिक औषधि अनुसंधान के उभरते क्षेत्रों जैसे CRISPR-Cas9 जीनोम एडिटिंग, CAR-T सेल एवं एंटीबॉडी आधारित उपचार, ऑर्गेनॉइड मॉडल, माइटोकॉन्ड्रियल-टार्गेटेड (मिटो) थेरेपी, तथा जीन थेरेपी जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ-साथ अगली पीढ़ी की उपचार रणनीतियों, औद्योगिक सफलता की कहानियों, नए फार्माकोलॉजिकल टार्गेट्स, उन्नत प्रयोगात्मक मॉडलों तथा औषधि खोज प्रक्रिया को तेज करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेटवर्क फार्माकोलॉजी की भूमिका पर भी विचार-विमर्श होगा।

सम्मेलन में आमंत्रित व्याख्यान, मौखिक प्रस्तुतियां तथा पोस्टर सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो विभिन्न विषयों के शोधकर्ताओं के बीच ज्ञान-विनिमय और सहयोग को बढ़ावा देंगे। यह सम्मेलन प्रो. दुलाल पांडा (संरक्षक), प्रो. एस. एस. शर्मा (आयोजन अध्यक्ष), डॉ. उज्ज्वल एम. महाजन और डॉ. आशुतोष कुमार (आयोजन सचिव) के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। D3NM-5 का उद्देश्य अगली पीढ़ी की चिकित्सीय तकनीकों के तेजी से विकसित होते परिदृश्य में संवाद, सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।

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