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पंजाब बनेगा रोड सेफ्टी हब, सेटेलाइट तकनीक से सड़क सड़क सुरक्षा होगी चौकस

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब पुलिस न केवल अपराधियों से प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि अपनी प्रमुख परियोजना सड़क सुरख्या फोर्स (एसएसएफ) के माध्यम से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित कर रही है, जो कि यात्रियों की जान बचाने के लिए समर्पित हाईवे पेट्रोल बल है और यह ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-संचालित पूर्वानुमान प्रणालियों को एकीकृत कर पंजाब पुलिस को भारत का पहला 3डी पुलिस बल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक, एसएसएफ ने 43,983 सड़क दुर्घटनाओं में पहुँचकर कुल 47,386 लोगों की मदद की. इन कार्रवाइयों के दौरान, 19,973 लोगों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27,413 घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुँचाया गया; जिससे तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया और चिकित्सीय सहायता के माध्यम से लोगों की जान बचाने में महत्त्वपूर्ण योगदान मिला.

पंजाब एसएसएफ का ध्यान

पंजाब हाईवे सुरक्षा के लिए समर्पित बल के रूप में स्थापित पंजाब एसएसएफ का ध्यान विशेष रूप से निर्धारित हाईवे और प्रमुख सड़कों पर पेट्रोलिंग पर केंद्रित है. पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के विपरीत, एसएसएफ के जवानों को नियमित कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता. उनका प्राथमिक दायित्व सड़क सुरक्षा, तत्काल प्रतिक्रिया और दुर्घटना पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है.

इस बल के पास 144 हाई-टेक वाहन और 1,600 से अधिक विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मी हैं, जिनमें लगभग 28 प्रतिशत महिला पुलिसकर्मी हैं. टीमों को महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों और प्रमुख ज़िला सड़कों के 4,100 किलोमीटर क्षेत्र में प्रत्येक 30 किलोमीटर पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है. एसएसएफ की टीमें दुर्घटनाओं पर औसतन 6 से 10 मिनट में प्रतिक्रिया देती हैं, जो वैश्विक मानकों की तुलना में काफ़ी तेज़ है.

Road Safety Force Punjab

अस्पताल की चिकित्सा सहायता

प्लैटिनम 10 मिनट के सिद्धांत पर आधारित, एसएसएफ कर्मी का लक्ष्य दुर्घटना पीड़ितों तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुंचना है, ताकि एंबुलेंस या अस्पताल की चिकित्सा सहायता पहुंचने से पहले उन्हें तत्काल चिकित्सीय सहायता दी जा सके. एसएसएफ के वाहनों में स्पीड गन, एल्कोमीटर (ब्रेथलाइज़र), ई-चालान मशीनें, डैश कैम और प्राथमिक उपचार किट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं.

सड़क सुरक्षा के अलावा, एसएसएफ की टीमों ने पुलिस कार्रवाई और लोगों की मदद में भी योगदान दिया है. टीमों ने 6 किलोग्राम अफीम और चोरी के वाहन बरामद किए हैं तथा नकदी और सोना उनके असली मालिकों को लौटाने में भी मदद की है. टीमों ने 12 से अधिक आत्महत्याओं को रोकने, स्कूली बच्चों की सहायता करने तथा देर रात यात्रा करने वाली महिलाओं और पर्यटकों की मदद करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

फेज़-II में एसएसएफ का विस्तार

इस बीच, फेज़-II विस्तार के तहत एसएसएफ का कवरेज मौजूदा 5,500 किलोमीटर से बढ़ाकर 6,000 किलोमीटर राज्य सड़कों तक किया जाएगा. लंबी अवधि की योजना विजन एसएसएफ-2047 का उद्देश्य सैटेलाइट डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और जियोस्पेशियल तकनीकों को एकीकृत करते हुए एक समग्र सड़क सुरक्षा तंत्र विकसित करना है.

प्रस्तावित 3डी पुलिसिंग मॉडल में ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-संचालित पूर्वानुमान प्रणालियों को एकीकृत किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, संभावित ज़ोखिमों का पूर्वानुमान लगाने और पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया में सहायता मिलेगी, जिससे यातायात एवं सड़क सुरक्षा पुलिसिंग को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी.

डीजीपी ने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट डेटा को डिजिटल एनफोर्समेंट के साथ एकीकृत करने के उद्देश्य से विजन एसएसएफ-2047 में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाना, पूरी तरह हरित मोबिलिटी कॉरिडोर विकसित करना और पंजाब रोड सेफ्टी एंड ट्रैफिक रिसर्च सेंटर (पीआरएसटीआरसी) के तहत क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र स्थापित करना शामिल है.

ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) आधारित एनफोर्समेंट, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और मोबाइल इंटरसेप्टर के माध्यम से पुलिस ने दुर्घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने का औसत समय सात मिनट से कम कर लिया है. रोड सेफ्टी पंजाब विजन के तहत 7E फ्रेमवर्क—इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, इमरजेंसी केयर, एंगेजमेंट और इवैल्यूएशन—के माध्यम से यातायात प्रबंधन में बदलाव किया जा रहा है. यह रणनीति अनुमान और व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित प्रबंधन से हटकर साक्ष्य-आधारित और तकनीक-संचालित दृष्टिकोण की ओर बदलाव को दर्शाती है.

दूसरी ओर, पीआरएसटीआरसी अनुसंधान, परामर्श और प्रशिक्षण का नेतृत्व करता है. इसे शिक्षा जगत, उद्योग और नागरिक समाज से जुड़े रिसर्च एडवाइजरी ग्रुप्स (आरएजी) का सहयोग प्राप्त है. आईआईटी, एनआईटी, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, जीएनडीईसी लुधियाना और जीएनडीयू अमृतसर जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों के साथ सक्रिय सहयोग के माध्यम से पीआरएसटीआरसी क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के लिए एक अम्ब्रेला संगठन के रूप में कार्य कर रहा है. यह साझा डेटा, संयुक्त परियोजनाओं और इंटर्नशिप के माध्यम से इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है.

अन्य राज्यों की तुलना में, उपलब्ध आंकड़े यह दर्शाते हैं कि हाईवे सुरक्षा, तकनीक के इस्तेमाल और जन-जवाबदेही तंत्र को लेकर राज्यों के दृष्टिकोण में महत्त्वपूर्ण अंतर है. एसएसएफ की संरचना अन्य राज्यों के मॉडलों से अलग है, जैसे कि, महाराष्ट्र हाईवे पुलिस मौजूदा राज्य पुलिस की एक अत्याधुनिक और प्रभावी शाखा है, न कि एक अलग बल.

पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था का प्रशिक्षण

इस बीच, एसडीजीपी (ट्रैफिक एवं रोड सेफ्टी, पंजाब) अमरदीप सिंह राय ने कहा, नियमित पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, जिसके लिए अलग और व्यापक कौशल की आवश्यकता होती है.दूसरी ओर, एसएसएफ को स्पष्ट और सर्वोच्च प्राथमिकता—लोगों की जान बचाना—के साथ विशेष प्रशिक्षण दिया गया है.

एसएसएफ कर्मियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल से प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें रेड क्रॉस द्वारा दिया गया प्रशिक्षण भी शामिल है और उन्हें क्रैश इन्वेस्टिगेशन का प्रशिक्षण भी दिया गया है. पूरा बल एक ही अवधारणा—प्लैटिनम 10 मिनट—के इर्द-गिर्द बनाया गया है, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ित तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुँचकर एंबुलेंस या अस्पताल की सहायता पहुँचने से पहले उसे तत्काल चिकित्सीय सहायता प्रदान करना अनिवार्य है.

उन्होंने आगे कहा, इसके अलावा, एसएसएफ कर्मियों को वीआईपी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता और न ही स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए उनकी ड्यूटी बदली जाती है. उनका एकमात्र प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफ़ॉर्मेंस इंडिकेटर) सड़क सुरक्षा और पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है.

पंजाब पुलिस न केवल अपराधियों से प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि अपनी प्रमुख परियोजना सड़क सुरख्या फोर्स (एसएसएफ) के माध्यम से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित कर रही है, जो कि यात्रियों की जान बचाने के लिए समर्पित हाईवे पेट्रोल बल है और यह ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-संचालित पूर्वानुमान प्रणालियों को एकीकृत कर पंजाब पुलिस को भारत का पहला 3डी पुलिस बल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक, एसएसएफ ने 43,983 सड़क दुर्घटनाओं में पहुँचकर कुल 47,386 लोगों की मदद की. इन कार्रवाइयों के दौरान, 19,973 लोगों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27,413 घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुँचाया गया; जिससे तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया और चिकित्सीय सहायता के माध्यम से लोगों की जान बचाने में महत्त्वपूर्ण योगदान मिला।

पंजाब एसएसएफ का ध्यान

पंजाब हाईवे सुरक्षा के लिए समर्पित बल के रूप में स्थापित पंजाब एसएसएफ का ध्यान विशेष रूप से निर्धारित हाईवे और प्रमुख सड़कों पर पेट्रोलिंग पर केंद्रित है. पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के विपरीत, एसएसएफ के जवानों को नियमित कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता. उनका प्राथमिक दायित्व सड़क सुरक्षा, तत्काल प्रतिक्रिया और दुर्घटना पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है.

इस बल के पास 144 हाई-टेक वाहन और 1,600 से अधिक विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मी हैं, जिनमें लगभग 28 प्रतिशत महिला पुलिसकर्मी हैं. टीमों को महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों और प्रमुख ज़िला सड़कों के 4,100 किलोमीटर क्षेत्र में प्रत्येक 30 किलोमीटर पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है. एसएसएफ की टीमें दुर्घटनाओं पर औसतन 6 से 10 मिनट में प्रतिक्रिया देती हैं, जो वैश्विक मानकों की तुलना में काफ़ी तेज़ है.

Road Safety Force Punjab

अस्पताल की चिकित्सा सहायता

प्लैटिनम 10 मिनट के सिद्धांत पर आधारित, एसएसएफ कर्मी का लक्ष्य दुर्घटना पीड़ितों तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुंचना है, ताकि एंबुलेंस या अस्पताल की चिकित्सा सहायता पहुंचने से पहले उन्हें तत्काल चिकित्सीय सहायता दी जा सके. एसएसएफ के वाहनों में स्पीड गन, एल्कोमीटर (ब्रेथलाइज़र), ई-चालान मशीनें, डैश कैम और प्राथमिक उपचार किट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं.

सड़क सुरक्षा के अलावा, एसएसएफ की टीमों ने पुलिस कार्रवाई और लोगों की मदद में भी योगदान दिया है. टीमों ने 6 किलोग्राम अफीम और चोरी के वाहन बरामद किए हैं तथा नकदी और सोना उनके असली मालिकों को लौटाने में भी मदद की है. टीमों ने 12 से अधिक आत्महत्याओं को रोकने, स्कूली बच्चों की सहायता करने तथा देर रात यात्रा करने वाली महिलाओं और पर्यटकों की मदद करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

फेज़-II में एसएसएफ का विस्तार

इस बीच, फेज़-II विस्तार के तहत एसएसएफ का कवरेज मौजूदा 5,500 किलोमीटर से बढ़ाकर 6,000 किलोमीटर राज्य सड़कों तक किया जाएगा. लंबी अवधि की योजना विजन एसएसएफ-2047 का उद्देश्य सैटेलाइट डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और जियोस्पेशियल तकनीकों को एकीकृत करते हुए एक समग्र सड़क सुरक्षा तंत्र विकसित करना है.

प्रस्तावित 3डी पुलिसिंग मॉडल में ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-संचालित पूर्वानुमान प्रणालियों को एकीकृत किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, संभावित ज़ोखिमों का पूर्वानुमान लगाने और पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया में सहायता मिलेगी, जिससे यातायात एवं सड़क सुरक्षा पुलिसिंग को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी.

डीजीपी ने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट डेटा को डिजिटल एनफोर्समेंट के साथ एकीकृत करने के उद्देश्य से विजन एसएसएफ-2047 में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाना, पूरी तरह हरित मोबिलिटी कॉरिडोर विकसित करना और पंजाब रोड सेफ्टी एंड ट्रैफिक रिसर्च सेंटर (पीआरएसटीआरसी) के तहत क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र स्थापित करना शामिल है.

ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) आधारित एनफोर्समेंट, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और मोबाइल इंटरसेप्टर के माध्यम से पुलिस ने दुर्घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने का औसत समय सात मिनट से कम कर लिया है. रोड सेफ्टी पंजाब विजन के तहत 7E फ्रेमवर्क—इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, इमरजेंसी केयर, एंगेजमेंट और इवैल्यूएशन—के माध्यम से यातायात प्रबंधन में बदलाव किया जा रहा है. यह रणनीति अनुमान और व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित प्रबंधन से हटकर साक्ष्य-आधारित और तकनीक-संचालित दृष्टिकोण की ओर बदलाव को दर्शाती है.

दूसरी ओर, पीआरएसटीआरसी अनुसंधान, परामर्श और प्रशिक्षण का नेतृत्व करता है. इसे शिक्षा जगत, उद्योग और नागरिक समाज से जुड़े रिसर्च एडवाइजरी ग्रुप्स (आरएजी) का सहयोग प्राप्त है. आईआईटी, एनआईटी, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, जीएनडीईसी लुधियाना और जीएनडीयू अमृतसर जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों के साथ सक्रिय सहयोग के माध्यम से पीआरएसटीआरसी क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के लिए एक अम्ब्रेला संगठन के रूप में कार्य कर रहा है. यह साझा डेटा, संयुक्त परियोजनाओं और इंटर्नशिप के माध्यम से इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है.

अन्य राज्यों की तुलना में, उपलब्ध आंकड़े यह दर्शाते हैं कि हाईवे सुरक्षा, तकनीक के इस्तेमाल और जन-जवाबदेही तंत्र को लेकर राज्यों के दृष्टिकोण में महत्त्वपूर्ण अंतर है. एसएसएफ की संरचना अन्य राज्यों के मॉडलों से अलग है, जैसे कि, महाराष्ट्र हाईवे पुलिस मौजूदा राज्य पुलिस की एक अत्याधुनिक और प्रभावी शाखा है, न कि एक अलग बल.

पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था का प्रशिक्षण

इस बीच, एसडीजीपी (ट्रैफिक एवं रोड सेफ्टी, पंजाब) अमरदीप सिंह राय ने कहा, नियमित पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, जिसके लिए अलग और व्यापक कौशल की आवश्यकता होती है.दूसरी ओर, एसएसएफ को स्पष्ट और सर्वोच्च प्राथमिकता—लोगों की जान बचाना—के साथ विशेष प्रशिक्षण दिया गया है.

एसएसएफ कर्मियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल से प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें रेड क्रॉस द्वारा दिया गया प्रशिक्षण भी शामिल है और उन्हें क्रैश इन्वेस्टिगेशन का प्रशिक्षण भी दिया गया है. पूरा बल एक ही अवधारणा—प्लैटिनम 10 मिनट—के इर्द-गिर्द बनाया गया है, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ित तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुँचकर एंबुलेंस या अस्पताल की सहायता पहुँचने से पहले उसे तत्काल चिकित्सीय सहायता प्रदान करना अनिवार्य है.

उन्होंने आगे कहा, इसके अलावा, एसएसएफ कर्मियों को वीआईपी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता और न ही स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए उनकी ड्यूटी बदली जाती है. उनका एकमात्र प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफ़ॉर्मेंस इंडिकेटर) सड़क सुरक्षा और पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है.

पंजाब सरकार ने हरियाणा और राजस्थान को पानी की रॉयल्टी को लेकर मांगा मुआवजा, कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार ने पड़ोसी राज्यों हरियाणा और राजस्थान को नदी जल आपूर्ति और नहरों के रखरखाव से जुड़े बकाया राशि के भुगतान के लिए नोटिस जारी किए हैं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने इस संबंध में जानकारी दी। राजस्थान सरकार से 1961 से 2025 तक नदी जल उपयोग की रॉयल्टी और मुआवजे के रूप में 1.44 लाख करोड़ की मांग की गई है। 

कानूनी कार्रवाई की दे चेतावनी
पंजाब ने राजस्थान को अंतिम मांग नोटिस भेजकर 30 दिनों के भीतर राशि जमा करने को कहा है। भुगतान न होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बरिंदर गोयल ने बताया कि 1920 में महाराजा बीकानेर के साथ हुए समझौते के तहत पंजाब से राजस्थान को पानी जा रहा है। 1960-61 तक राजस्थान इस पानी का पैसा देता रहा, लेकिन उसके बाद पिछली सरकारों ने बिना कोई कारण बताए राजस्थान से पैसे लेना बंद कर दिया। अब वर्तमान सरकार इस बकाए की वसूली कर रही है।

हरियाणा से भी बकाए की मांगा
हरियाणा सरकार से भाखड़ा मेन लाइन और अन्य साझा नहरों के संचालन व रखरखाव का खर्च मांगा गया है। 2015-16 से हरियाणा ने नहरों के रखरखाव का पैसा देना बंद कर दिया है, जिसकी बकाया राशि 312 करोड़ बताई गई है। पंजाब के मुख्य सचिव ने हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तुरंत भुगतान की मांग की है।विज्ञापन

गोयल ने कहा कि भाखड़ा मेन लाइन और अन्य नहरों के रखरखाव का पूरा खर्च पंजाब उठा रहा है। बकाया राशि न मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंजाब सरकार का दावा है कि 1920 के समझौते के आधार पर राजस्थान पर रॉयल्टी बकाया है, जबकि राजस्थान ने पहले इस तरह के दावों को खारिज किया था। 

पंजाब सरकार तीर्थ योजना के तहत सीएम मान और केजरीवाल ने 15 बसों को तीर्थ स्थलों के लिए किया रवाना

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब की मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना का विस्तार कर बुजुर्गों को सालासर बालाजी-श्री खाटू श्याम, हरिद्वार- ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन लेकर रवाना 15 बसें रवाना हुई। इस बसों को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर में हरी झंडी दिखाई। इस दौरान उन्होंने बसों में जाकर सुविधाओं का जायजा भी लिया और बुजुर्गों से बात भी की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीर्थयात्रा योजना के तहत भगवंत मान सरकार ने अब तक 4 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों को यात्रा करा चुकी है। योजना के तहत 50 साल से अधिक उम्र के एक परिवार से 2 सदस्य यात्रा कर सकेंगे। सरकार सभी तीर्थ यात्रियों को ले जाने के लिए एसी स्लीपर बस, ठहरने और भोजन की व्यवस्था मुफ्त कर रही है।

तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही बसों को हरी झंडी दिखाने से पहले अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोगों के लिए यह जिंदगी का बहुत बड़ा मौका है कि वे तीर्थ यात्रा करने जा रहे हैं। हम अभी बस के अंदर भी गए थे, बस बहुत शानदार, आरामदायक और एयर-कंडीशंड है। लोगों को कोई खर्चा करने की जरूरत नहीं है, आने-जाने, रहने और खाने-पीने का सारा खर्चा भगवंत मान सरकार उठाएगी। भक्तों के लिए बहुत अच्छे होटलों का इंतजाम किया गया है। वहां उतरने पर भी अच्छी बसों का इंतजाम है, इसलिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि आज हरिद्वार-ऋषिकेश, मथुरा-वृंदावन, सालासर-खाटू श्याम के लिए 15 बसें जा रही हैं। हमने बस के अंदर लोगों से बात की, जिनमें से बहुत से लोगों को पहली बार सालासर और खाटू श्याम जाने का मौका मिला है। अगले कुछ महीनों में पंजाब से कुल डेढ़ लाख लोगों को अलग-अलग तीर्थ स्थलों पर ले जाया जाएगा। उन्होंने सभी को बधाई देते हुए मंगलमय यात्रा के लिए प्रार्थना की और कहा कि तीर्थयात्री वहां से आशीर्वाद लेकर आएं कि पंजाब खुशहाल बने, पंजाब के लोग सुखी रहें और पंजाब में सुख-शांति रहे। उन्होंने सभी के खुश और स्वस्थ रहने की कामना करते हुए मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।विज्ञापन

इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आज इस पवित्र दिन के मौके पर होशियारपुर, पठानकोट, मुकेरियां और आसपास के इलाके से जितने भी लोग आए हैं, जो खाटू श्याम, सालासर, वृंदावन, मथुरा, ऋषिकेश या जहां भी दर्शन करने जा रहे हैं, मैं उन सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इससे पहले भी दरबार साहिब, राम तीर्थ, अमृतसर साहिब, वाघा बॉर्डर और फतेहगढ़ साहिब जैसे धार्मिक स्थलों के लिए तीर्थ यात्रा की बसें चल रही हैं। अलग-अलग धर्मों के सभी धार्मिक स्थान मानवता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं।

भगवंत मान ने कहा कि आज होशियारपुर से वृंदावन, सालासर, खाटू श्याम, ऋषिकेश और मथुरा के लिए 15 बसें जा रही हैं। हम तीर्थयात्रियों से मिलकर आए हैं, बस में बैठे भक्त बहुत खुश हैं और अभी से भजन गा रहे हैं। उन्होंने कामना की कि लोगों की यात्रा मंगलमय हो, वे खुशी-खुशी हंसते-गाते जाएं और पंजाब की बेहतरी व तरक्की की अरदास करके वापस आएं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दर्शन करने जाएं और पंजाब की बेहतरी, तरक्की और तंदुरुस्ती की अरदास, दुआ और आरती करके आएं।

सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि सभी तीर्थयात्रियों के सफर के लिए एसी स्लीपर बसों का इंतजाम किया गया है और उनके ठहरने के लिए पर्याप्त वॉशरूम सुविधाओं वाले वातानुकूलित कमरों की व्यवस्था की जाएगी। पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को मुफ्त भोजन और उचित देखभाल प्रदान की जाएगी। हर तीर्थयात्री का मेडिकल बीमा सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें अच्छे सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिल सके। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए प्रत्येक बस में एक अटेंडेंट मौजूद रहेगा और दर्शन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर गंतव्य पर एक विशेष टीम तैनात की गई है। 

भगवंत सिंह मान ने कहा कि यात्रा पूरी होने पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद और एक स्मृति चिह्न (पीतल का गिलास) भी भेंट किया जाएगा। किसी भी क्षेत्र, जाति या धर्म के लोग इन धार्मिक यात्राओं की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। पंजाब सरकार का यह प्रयास उन बुजुर्गों की आकांक्षाओं को पूरा कर रहा है, जो अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर जाकर दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं।

भगवंत सिंह मान ने बताया कि होशियारपुर से 5 जिलों (होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, पठानकोट और गुरदासपुर) के श्रद्धालुओं को लेकर कुल 15 बसें अलग-अलग धार्मिक स्थलों के लिए रवाना की गई हैं। होशियारपुर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर और कपूरथला से 10 बसें ऋषिकेश-हरिद्वार जाएंगी। इसी तरह, फगवाड़ा और गुरदासपुर से 2 बसें श्रद्धालुओं को मथुरा-वृंदावन ले जाएंगी, जबकि जालंधर और गुरदासपुर से 3 बसें श्रद्धालुओं को श्री खाटू श्याम-सालासर ले जाएंगी।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि योजना के पहले चरण में अब तक 4 लाख तीर्थयात्रियों ने श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब-नैना देवी के दर्शन किए हैं। इस यात्रा के लिए विभिन्न जिलों के क्लस्टर बनाए गए हैं। इस यात्रा पर अब तक 148 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और 10 लाख तीर्थयात्रियों को ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस विशेष तीर्थ यात्रा के लिए श्री आनंदपुर साहिब में एक टेंट सिटी भी स्थापित की गई है और यह यात्रा बहुत ही सुचारू रूप से चल रही है।

Punjab : मनमानी फीस के खिलाफ बिल पास, खुलेगी नई 3 यूनिवर्सिटी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन एवं सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और राज्य में सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक फैसले लिए. मंत्रिमंडल ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ पारित किया. इसके अलावा ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’, तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना और कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों को मंजूरी दी गई.

यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया. इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ लाने की स्वीकृति दी है.

स्कूलों में फीस में गैर कानूनी तरीके से वृद्धि पर रोक

यह विधेयक लाना इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि कुछ गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान मनमाने ढंग से और अनुचित तरीके से अपनी वार्षिक फीस बढ़ा रहे थे, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा था. इसलिए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा फीस में अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट-2016’, ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) एक्ट-2019’ और इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई थी.

आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026

मंत्रिमंडल ने लगातार पांच वर्षों की सेवा पूरी करने वाले योग्य आउटसोर्सड कर्मचारियों या धारा 2(1) के तहत सूचीबद्ध जोखिम वाली श्रेणियों में तैनात कर्मचारियों के मामले में तीन वर्षों की सेवा के बाद उन्हें सीधे ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर लाने के लिए ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’ को भी मंजूरी दे दी है. ठेके पर लाए गए कर्मचारियों का पारिश्रमिक वित्त विभाग द्वारा निर्धारित किया जाएगा और यह ‘कोड ऑन वेजेज-2019’ या न्यूनतम मजदूरी से संबंधित किसी अन्य लागू कानून के तहत निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर से कम नहीं होगा. यह विधेयक लागू होने की तिथि से ‘पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्सड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एक्ट, 2016’ को रद्द करता है.

Punjab Cm Bhagwant Mann (1)

449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं में वृद्धि

पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने राज्य भर के 582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में सेवाएं दे रहे 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2027 तक एक और वर्ष के लिए बढ़ाने की स्वीकृति भी दी है.

अमृतसर के ब्लॉक जंडियाला गुरु से नया ब्लॉक तरसिक्का बनाने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए अमृतसर जिले के ब्लॉक जंडियाला गुरु में से ब्लॉक तरसिक्का बनाने की स्वीकृति दी है. ब्लॉक जंडियाला गुरु में से 64 ग्राम पंचायतों को निकालकर अमृतसर जिले में ब्लॉक तरसिक्का बनाया जाएगा. इस नए तरसिक्का ब्लॉक में जंडियाला गुरु ब्लॉक की 121 ग्राम पंचायतों में से 64 पंचायतें शामिल होंगी. तरसिक्का ब्लॉक के बनने से इन 64 गांवों के विकास कार्यों को गति मिलेगी.

तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना को मंजूरी

पंजाब में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों को आकर्षित करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज पॉलिसी-2026’ तैयार की है. इस नीति के अनुसार कैबिनेट ने बोहण (होशियारपुर) में क्लाउड यूनिवर्सिटी, फतेहपुर (पटियाला) में एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी और नंदपुर केशो (पटियाला) में फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है. इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मदद मिलने की उम्मीद है.

लोक निर्माण विभाग में ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति

कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग, पंजाब की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीधी भर्ती के माध्यम से ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति भी दी है. ड्राफ्ट्समैन कैडर में काफी समय से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े थे, जिससे परियोजना निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी जांच और अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था. योग्य तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती से विभाग की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी, विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता में सुधार होगा और पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी.

‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को मंजूरी

कैबिनेट ने पंजाब में हरित वातावरण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करने और मिट्टी की रक्षा करने के लिए ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को भी अपनी स्वीकृति दे दी है. उल्लेखनीय है कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसका लगभग 83 प्रतिशत क्षेत्र कृषि के अधीन है. पंजाब का वन एवं वृक्षों के अधीन कुल क्षेत्र लगभग 5.92 प्रतिशत है और पंजाब सरकार ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026 में संशोधन को स्वीकृति

कैबिनेट ने स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमेबाजी को कम करने और जी.एस.टी. प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026’ में संशोधन करने की स्वीकृति भी दे दी है, जिससे राज्य भर के व्यापार और उद्योग को लाभ होगा. इस संशोधन से पूर्व समझौते की शर्त के बिना क्रेडिट नोट जारी करके आपूर्ति की कीमत में से बिक्री के बाद की छूट को बाहर रखने की अनुमति मिलेगी.

इसके अलावा यह किसी भी व्यावसायिक कारण से बिक्री के बाद की छूट के लिए क्रेडिट नोट जारी करने की अनुमति देगा, जिससे व्यावसायिक छूट के प्रबंधन को सरल बनाया जा सकेगा और अनुपालन का बोझ कम किया जा सकेगा. इसी प्रकार इसका उद्देश्य इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में आई.टी.सी. के 90 प्रतिशत अंतरिम रिफंड के लाभ को बढ़ाना और वस्तुओं के निर्यात पर भुगतान किए गए आई.जी.एस.टी. के रिफंड, भले ही रिफंड राशि 1,000 से कम हो, की अनुमति देना है, जिससे तरलता में सुधार होगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.

पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994 में संशोधन को मंजूरी

कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और पंचायत सचिवों तथा ग्राम सेवकों के कैडरों का नए पद ‘पंचायत विकास सचिव’ में विलय करने के लिए ‘पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994’ में संशोधन करने की भी सहमति दे दी है. वर्तमान पंचायत सचिवों को एक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने पर ग्राम सेवकों (वी.डी.ओज़.) की वर्तमान वरिष्ठता सूची के अंत में रखा जाएगा. जो वर्तमान पंचायत सचिव अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर आवश्यक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने में विफल रहेंगे, वे पंचायत सचिवों के कैडर में ही रहेंगे, जिसे डाइंग कैडर (समाप्त हो रहा कैडर) घोषित किया गया है.

पंजाब विधानसभा में ई-20 के खिलाफ प्रस्ताव पास: सीएम मान बोले-अमेरिका जो कहता है, वो ही करते हैं

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सीएम मान ने अपने भाषण में कहा कि पता नहीं ट्रंप के पास कौन सी फाइल है, वो जो कहते हैं वो करवा रहे हैं। तेल कहां से खरीदना है, यह भी बता रहा है। ट्रंप के आगे घुटने टेक दिए हैं। लोगों की गाड़ियां खराब हो रही है। 2030 से इसे लागू करना था लेकिन अब 2026 में ही लागू किया जा रहा है। सदन पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की अधिक मात्रा में मिश्रण की अनुमति करने की निंदा करता है। राज्य सरकारों और हितधारकों से इसकी अनुमति लेनी चाहिए थी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री और नीति आयोग के उप प्रधान को विचार के लिए प्रस्ताव की कॉपी भेजी जाएगी।

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा, कि आज अरविंद केजरीवाल देश भर के लाखों लोगों के हस्ताक्षर वाली अर्जियां लेकर प्रधानमंत्री आवास जा रहे हैं। मुझे लगता है कि ई-20 एक तरह से देश की संप्रभुता पर हमला है। ऐसा लगता है कि यह अमेरिका के कहने पर, डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर किया जा रहा है। पहले, जब कोई गांव में किसी से बदला लेना चाहता था, तो वे उसके पानी की टंकी में चीनी डाल देते थे। इथेनॉल भी गन्ने से ही बनता है। यह भारत के लोगों से बदला लेने जैसा काम है। 

पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट के खिलाफ विधानसभा में वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने कहा कि वाहनों की एवरेज कम हो रही है और वाहन खराब हो रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत ने कहा कि इथेनॉल की मिलावट के हिसाब से पेट्रोल को ई 20 या ई 10 कह सकते हैं। यह चेक करवाया जाना चाहिए कि इथेनॉल को पेट्रोल को मिलावट किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इथेनॉल और पेट्रोल का आपस में कोई संबंध में नहीं, इसलिए धक्केशाही से इसे मिलाया जा रहा है।

कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि सरकार को इसका विकल्प देना चाहिए। जिस गरीब व्यक्ति ने मोटरसाइकिल या कार ली है तो उसके लिए मुश्किल है। पंजाब सरकार को भी कोई विकल्प ढूंढना चाहिए कि पेट्रोल पंप पर उसे विकल्प मिले। उन्होंने कहा कि चर्चा होनी चाहिए कि इसमें से तो क्या पता कुछ अच्छा भी हो रहा हो। इस पर वैट कम कर देना चाहिए।

पंजाब में SIR : 20.66 लाख मतदाता होंगे सूची से बाहर, 1.19 लाख डबल वोटर्स; मरने के बाद भी सूची में नाम

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में आगामी चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का पहला चरण पूरा हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में 2.61 करोड़ इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए थे। इनमें से करीब 2.41 करोड़ फॉर्म यानी 90.37 प्रतिशत वापस प्राप्त हो चुके हैं। करीब 20.66 लाख फॉर्म वापस नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 4 लाख 12 हजार 715 मतदाताओं को ट्रेस नहीं किया जा सका जबकि 5.74 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। वहीं 1 लाख 19 हजार 145 मतदाता डबल पाए गए हैं। 9 लाख 44 हजार 131 लोग पंजाब से परमानेंट शिफ्ट हो गए  हैं।

मित्रा ने बताया कि करीब 12 लाख मतदाताओं की वोट मैप नहीं हो पाई है। हालांकि, इन मतदाताओं के नाम मौजूदा वोटर लिस्ट में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनमैप्ड वोटरों को घबराने की जरूरत नहीं है। वे उपलब्ध दस्तावेजों के साथ दावा पेश कर सकते हैं। जांच और सत्यापन के बाद उनके नाम वोटर लिस्ट में बरकरार रखे जाएंगे। मित्रा ने कहा कि 13 अगस्त से 12 सितंबर तक यदि किसी मतदाता को लगता है कि वे इस प्रक्रिया में छूट गया है तो वे फाॅर्म 6 भरकर अपनी वोट का दावा कर सकता है। नए युवा भी अपनी वोट बनवा सकते हैं।

13 अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एसआईआर के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 13 अगस्त को जारी की जाएगी। ड्राफ्ट सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद करीब एक महीने तक मतदाता अपने नाम को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) करेंगे।


उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के दस्तावेजों को लेकर कोई संदेह होगा, उन्हें ईआरओ की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। संबंधित मतदाता को अपने दस्तावेजों के साथ ईआरओ के समक्ष पेश होकर सत्यापन कराना होगा।

16 अगस्त को बूथ स्तर पर लगेंगे कैंप

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि जो मतदाता संबंधित कार्यालयों में पहुंचने में असमर्थ हैं, उनकी सुविधा के लिए 16 अगस्त को बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट के माध्यम से भी मतदाताओं को SIR और अनमैप्ड वोटरों के संबंध में जागरूक किया जाएगा। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम प्रक्रिया के दौरान न छूटे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 12 लाख अनमैप्ड मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद हैं, लेकिन उनका वोट निर्धारित मैपिंग से लिंक नहीं हो पाया है। ऐसे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल वोट मैप न होने के कारण उनके मतदान के अधिकार पर कोई खतरा नहीं है। मित्रा के अनुसार, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से कहीं और स्थानांतरित हो चुके हैं, उन्हें नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। वहीं जिन मतदाताओं के दस्तावेजों में किसी प्रकार का संदेह होगा, उनकी नियमानुसार जांच की जाएगी।

दस्तावेज नहीं होने पर भी सत्यापन का विकल्प

अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि किसी मतदाता के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तब भी उसका मामला खत्म नहीं होगा। ऐसे मामलों में ईआरओ की ओर से नोटिस देकर सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि सत्यापन के दौरान मतदाता सही पाया जाता है तो दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बावजूद उसका नाम वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। नए मतदाता भी अब फॉर्म नंबर छह भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आंकड़ों पर एक नज
कुल वितरित इन्यूमरेशन फॉर्म : 2.61 करोड़
 वापस प्राप्त फॉर्म : करीब 2.41 करोड़ (90.37%)
 वापस नहीं आए फॉर्म : करीब 20 लाख
 ट्रेस नहीं हुए मतदाता : 4,12,715
 मृत पाए गए मतदाता : 5.74 लाख
  डबल मतदाता : 1,19,145
  अनमैप्ड मतदाता : करीब 12 लाख
   ड्राफ्ट वोटर लिस्ट : 13 अगस्त
   बूथ स्तर पर विशेष कैंप : 16 अगस्त
   फाइनल वोटर सूची  : 12 अक्तूबर को
   परमानेंट शिफ्ट हुए : 9 लाख 44 हजार 131 लोग

समराला में तीज उत्सव की धूम: हरनाम नगर में गिद्धा, लोकगीत और पंजाबी संस्कृति के रंग बिखरे

समराला / सत्ता संदेश

Report : परमिंदर वर्मा

सावन की फुहारों के बीच समराला का हरनाम नगर रंग-बिरंगे परिधानों, गिद्धे की थाप और पारंपरिक बोलियों से पूरी तरह सराबोर नजर आया। मौका था पंजाब के पारंपरिक तीज पर्व के उत्सव का, जहां महिलाओं ने पूरे उत्साह और उल्लास के साथ अपनी संस्कृति और विरासत का रंग बिखेरा।

तीज समारोह में महिलाओं ने पारंपरिक पंजाबी वेशभूषा पहनकर गिद्धा प्रस्तुत किया, लोक बोलियां गाईं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पंजाब की समृद्ध विरासत को जीवंत किया। पूरे आयोजन के दौरान लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की खूबसूरत झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर पूर्व पार्षद मैडम काफी ने कहा कि तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और पारंपरिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देता है। साथ ही ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने झूले, लोकगीत, गिद्धा और बोलियों के साथ तीज के उत्सव का भरपूर आनंद लिया। सावन के इस पारंपरिक पर्व ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आधुनिक दौर में भी पंजाब की लोक संस्कृति आज भी पूरी जीवंतता के साथ लोगों के दिलों में बसती है।

सतलुज पुल बना लोगों की परेशानी का कारण! वारिस पंजाब पार्टी का धरना, प्रशासन को एक महीने का अल्टीमेटम

पंजाब / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसबीर सिंह अलबेला

पंजाब में दोआबा और मालवा को जोड़ने वाला सतलुज पुल अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। खन्ना-नवांशहर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने से न सिर्फ सफर मुश्किल हो गया है, बल्कि स्थानीय कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर अकाली दल वारिस पंजाब पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पार्टी नेताओं कुलदीप सिंह और कृपाल सिंह की अगुवाई में सतलुज पुल के पास धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि करीब पौने दो साल पहले पुल का स्लैब धंस गया था, लेकिन आज तक इसकी स्थायी मरम्मत नहीं करवाई गई। उनका कहना है कि पुल को दुरुस्त करने के बजाय प्रशासन ने बड़े-बड़े गार्डर लगाकर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक पुल बंद होने का सबसे ज्यादा असर बस यात्रियों, स्कूली बच्चों, ट्रक और अन्य भारी वाहन चालकों के साथ-साथ रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। वहीं, पुल के आसपास मौजूद दुकानदारों का कारोबार भी ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।

वारिस पंजाब पार्टी ने प्रशासन पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले एक महीने के भीतर पुल की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया, तो सतलुज पुल और लाढोवाल टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते पुल की मरम्मत शुरू कर लोगों को राहत देगा, या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा।

Andhra Pradesh : पीएम मोदी ने भोगपुरम में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का किया उद्घाटन

आंध्र प्रदेश / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में बने अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस हवाई अड्डे के निर्माण पर करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। आंध्र प्रदेश सरकार इस आधुनिक हवाई अड्डे को पूरे उत्तर आंध्र क्षेत्र के विकास के लिए बहुत अहम मान रही है।

पहले प्रधानमंत्री ने हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद वह राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ हवाई अड्डे का निरीक्षण करने पहुंचे। इसके बाद प्रधानमंत्री खुली छत वाले वाहन से जनसभा स्थल पहुंचे। वहां जनजातीय समुदाय की 13,500 से अधिक महिलाओं और छात्र-छात्राओं ने ढिमसा नृत्य करके उनका भव्य स्वागत किया।   

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने क्या कहा?

भोगपुरम में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा, दुनिया के सभी लोकतांत्रिक देश नए नेतृत्व की तलाश में संकट का सामना कर रहे हैं। भारत भाग्यशाली है कि उसके पास परखा हुआ नेतृत्व है। नरेंद्र मोदी जी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 साल पूरे किए हैं और असाधारण काम किया है। विज्ञापन

पीएम मोदी का संबोधन

इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज का दिन आंध्र प्रदेश के विकास के लिए, स्वर्ण आंध्र के विजन के लिए बहुत अहम है। मुझे इस सुअवसर पर उत्तर आंध्र की इस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य मिला है। 

उन्होंने कहा, आज यहां करीब 18 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। हवाई अड्डे के साथ साथ ये परियोजनाएं आंध्र प्रदेश के सड़क संपर्क से भी जुड़ी हैं। इनमें उर्जा सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। ये विकास कार्य इस बात के प्रतीक हैं कि आंध्र किस गति से आगे बढ़ रहा है। मैं आप सभी को इन परियोजनाओं की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। 

उन्होंने आगे कहा, आज का यह आयोजन नया इतिहास, नए रिकॉर्ड इसे रचने का भी है। आज एक ओर विकास के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। तो साथ ही ढिमसा नृत्स का सांस्कृति रिकॉर्ड भी रचा गया है। ये चंद्रबाबू की विशेषता है कि उन्होंने दो क्षितिजों को छुआ है।  

हवाई अड्डे से विकास को कैसे मिलेगी रफ्तार?

सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस हवाई अड्डे की योजना उद्योगों के विकास, रोजगार बढ़ाने, निर्यात, कौशल विकास और शोध को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। हवाई अड्डे के पहले चरण में हर साल 60 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 4 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष करने की योजना भी तैयार की गई है।

कौन-सी नई तकनीकें शामिल हैं?

प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की विज्ञप्ति के अनुसार, इस हवाई अड्डे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग (बीआईएम), एयरसाइड 4.0 तकनीक, एयरपोर्ट प्रेडिक्टिव ऑपरेशंस सेंटर (एपीओसी) और बायोमेट्रिक यात्री प्रक्रिया जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

डिजाइन में क्या है खास?

हवाई अड्डे का डिजाइन आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। टर्मिनल की छत की बनावट पारंपरिक चुट्टिलु झोपड़ियों और अराकू घाटी के प्राकृतिक दृश्यों से प्रेरित है। इसकी लहरदार आकृति उड़ती हुई मछली की सुंदर चाल को दर्शाती है। प्रधानमंत्री मोदी आज राज्य में करीब 18 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और कई नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

किन बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत होगी?

वह विशाखापत्तनम में 460 करोड़ रुपये की लागत वाली एएसआईपी सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना को एएसआईपी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और दक्षिण कोरिया की एपीएसीटी की साझेदारी में बनाया जा रहा है।

यह आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई होगी, जिसे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूरी मिली है। यहां हर साल करीब 9.6 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप बनाई जाएंगी। इससे सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े अन्य छोटे और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

ऊर्जा क्षेत्र में क्या मिलेगा?

इसी तरह प्रधानमंत्री कुरनूल-4 नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना (4.5 गीगावाट) के लिए बिजली पहुंचाने वाली नई ट्रांसमिशन लाइन की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना पावरग्रिड बना रहा है। इस पर करीब 5,550 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रधानमंत्री कुरनूल के पवन और सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए बनाई गई बिजली ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना पर करीब 3,550 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी फोकस?

इसके अलावा, प्रधानमंत्री अनंतपुरम और कुरनूल के सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बनाई गई बिजली ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना को पावरग्रिड ने 820 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया है।

सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रदर्शन, वॉटर कैनन पर चढ़े प्रदर्शनकारी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को वारिस पंजाब दे के नेताओं और पुलिस आमने सामने आ गए।

प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ बाॅर्डर पर रोक जाने के बाद बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तो उन्होंने वाटर कैनन का मुंह मोड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सीएम आवास की तरफ बढ़ गए हैं। 

वारिस पंजाब दे के नेता अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने बुधवार के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार सुबह से मोहाली बॉर्डर (बुड़ैल जेल के पीछे) से सेक्टर-50/51 चौक और वहां से सेक्टर-44/45 लाइट प्वाइंट तक सरोवर पथ पर वाहनों की आवाजाही आंशिक रूप से डायवर्ट और प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा सेक्टर-43/44/51/52 चौक (आईएसबीटी चौक) से सेक्टर-44/45 चौक (गौशाला चौक) होते हुए सेक्टर-45/46-49/50 चौक तक विकास मार्ग पर भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। सेक्टर-43/44 और सेक्टर-45/46 लाइट प्वाइंट पर भी यातायात प्रभावित रहने की संभावना है।विज्ञापन

चंडीगढ़ यातायात पुलिस ने अंतरराज्यीय बसों को सेक्टर-43 आईएसबीटी पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें और ट्रैफिक अपडेट के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखें। पुलिस ने लोगों से किसी भी तरह से शांति न भंग करने की अपील की है।