सोने-चांदी पर बढ़ी इम्पोर्ट ड्यूटी: पीएम मोदी की अपील के बाद सरकार का बड़ा फैसला, आज से नई दरें ला
बिजनेस डेस्क: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव और आर्थिक चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं के आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, ये नई दरें आज 13 मई, 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
मुख्य बदलाव और नई दरें:
गोल्ड पर ड्यूटी: सरकार ने सोने पर बेसिक इम्पोर्ट ड्यूटी (BCD) को 5% से बढ़ाकर 10% कर दिया है। इसके साथ ही एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) में भी बढ़ोतरी की गई है।
दायरा: यह बढ़ा हुआ टैक्स न केवल सोने के बिस्कुट या ईंटों पर, बल्कि आभूषण बनाने में इस्तेमाल होने वाले छोटे हिस्सों जैसे हुक, पिन और स्क्रू पर भी लागू होगा। इसके अलावा, पुरानी धातुओं से सोना-चांदी निकालने वाले कचरे पर भी अब 10% टैक्स लगेगा।
UAE से आयात: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से रियायती कोटे के तहत आने वाले सोने पर भी इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी की अपील और कारण: यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देशवासियों से की गई एक विशेष अपील के बाद लिया गया है। पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीयों से आग्रह किया था कि वे कम से कम एक साल तक सोना न खरीदें। उन्होंने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने की भी सलाह दी थी।
आम जनता और इंडस्ट्री पर असर
महँगाई: इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सर्राफा व्यापारियों और ज्वेलर्स के लिए सोना-चांदी मंगाना महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।
इंडस्ट्री: कीमती धातुओं का औद्योगिक उपयोग या रिसाइकिलिंग करने वाली कंपनियों की लागत भी बढ़ जाएगी।भारत दुनिया में सोने का दूसरा और चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। सरकार को आशंका है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है।

