अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच छिड़ी ‘खुली जंग’: तालिबान ने कब्जाईं 19 चौकियां, पाकिस्तान का काबुल-कंधार पर हवाई हमला
इंटरनेशनल डेस्क: डूरंड रेखा पर महीनों से जारी तनाव के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान तालिबान के खिलाफ ‘ओपन वॉर’ (खुली जंग) का ऐलान कर दिया है। यह स्थिति तब पैदा हुई जब दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए गए।
तालिबान का बड़ा दावा: 19 चौकियां और मुख्यालय कब्जाया अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने दावा किया है कि अफगान बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की 19 सीमा चौकियों और एक प्रमुख सैन्य मुख्यालय (अंजर सर) पर कब्जा कर लिया है। तालिबान के अनुसार, इन झड़पों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और कई को जिंदा पकड़ लिया गया है। इसके अलावा अफगान सेना ने बड़ी मात्रा में पाकिस्तानी हथियार और टैंक भी जब्त किए हैं।
पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक और ‘खुली जंग’ का ऐलान : अफगान हमलों के जवाब में पाकिस्तान की वायुसेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल, कंधार और पक्तिया के इलाकों में भारी बमबारी की। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताुल्लाह तरार ने कहा कि यह हमले “तालिबान के रक्षा ठिकानों” पर किए गए थे। वहीं, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे तालिबान की आक्रामकता का उचित जवाब बताते हुए काबुल के खिलाफ सीधी जंग की घोषणा की है।
हताहतों पर विरोधाभासी दावे : पाकिस्तान का दावा है कि उसकी एयरस्ट्राइक में कम से कम 70 से 80 आतंकवादी मारे गए हैं। हालांकि, अफगानिस्तान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तान ने नागरिक क्षेत्रों और मदरसों को निशाना बनाया है, जिसमें महिलाएं और बच्चे सहित कई आम नागरिक मारे गए हैं। जमीनी संघर्ष में अफगानिस्तान के भी 8 सैनिकों के मारे जाने की खबर है।
तनाव की जड़: डूरंड रेखा दोनों देशों के बीच विवाद का मुख्य केंद्र 2,611 किलोमीटर लंबी डूरंड रेखा है, जिसे अफगानिस्तान औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कूटनीति से मामला सुलझाने की अपील की है।

