चीन की यूनिवर्सिटी में गूंजेगी पंजाबी: बीजिंग में सिखाई जाएगी ‘पेंती’, बठिंडा की प्रोफेसर को मिली बड़ी जिम्मेदारी
पंजाब/इंटरनेशनल डेस्क : पंजाबी भाषा की लोकप्रियता अब सरहदों को पार कर चीन तक जा पहुंची है। चीन की प्रतिष्ठित ‘बीजिंग फॉरेन स्टडीज यूनिवर्सिटी’ (BFSU) ने अपने विदेशी और भारतीय भाषाओं के पाठ्यक्रमों में अब पंजाबी भाषा को भी शामिल कर लिया है। इसी के साथ पंजाबी इस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जाने वाली 102वीं भाषा बन गई है।
गौरतलब है कि इस यूनिवर्सिटी में पहले से ही हिंदी, तमिल और उर्दू समेत 101 भाषाएँ पढ़ाई जा रही हैं।यह कोर्स मुख्य रूप से चीनी छात्रों, राजनयिकों और सरकारी अधिकारियों के लिए शुरू किया गया है ताकि वे विदेशी भाषाओं में महारत हासिल कर सकें। इस भाषा को सिखाने के लिए यूनिवर्सिटी ने बठिंडा स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब (CUPB) की पूर्व प्रोफेसर और डीन डॉ. ज़मीरपाल कौर संधू बाजवा को नियुक्त किया है।
डॉ. कौर ने जानकारी दी कि वह वहां केवल भाषा ही नहीं, बल्कि पंजाब का इतिहास और संस्कृति भी पढ़ाएंगी।इसके अलावा, उनकी एक अहम जिम्मेदारी चीनी शिक्षकों को प्रशिक्षित करना भी होगा, ताकि भविष्य में वे खुद वहां के छात्रों को पंजाबी पढ़ा सकें। वर्तमान में पंजाबी भाषा दुनिया के लगभग 8 से 10 देशों में किसी न किसी स्तर पर पढ़ाई जाती है, जिनमें भारत और पाकिस्तान के अलावा कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देश शामिल हैं। यह कदम वैश्विक स्तर पर पंजाबी भाषा की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।

