PM मोदी की ‘त्याग’ वाली अपील पर राहुल गांधी का तीखा हमला; कहा- “ये उपदेश नहीं, 12 साल की नाकामी के सबूत हैं”
नेशनल डेस्क : मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और खाड़ी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से तेल और सोने के इस्तेमाल में संयम बरतने की अपील पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की इस अपील को उनकी सरकार की विफलता का प्रमाण बताया है।
पीएम मोदी ने क्या की थी अपील? तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ती तेल कीमतों का हवाला देते हुए जनता से पेट्रोल, डीजल और गैस का बहुत सोच-समझकर इस्तेमाल करने का अनुरोध किया था। विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए उन्होंने जनता से कुछ विशेष आग्रह किए थे:अगले एक साल के लिए सोने की खरीद को टाल दें। निजी खिलाड़ियों के बजाय मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। कोरोना काल की तरह वर्क फ्रॉम होम (WFH) और ऑनलाइन मीटिंग्स को फिर से बढ़ावा दें।
राहुल गांधी का पलटवार: “ये नाकामी के सबूत हैं” राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पीएम मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों के शासन ने देश को इस मुकाम पर पहुंचा दिया है जहाँ जनता को बताया जा रहा है कि वे क्या खरीदें और कहाँ जाएं। उन्होंने इसे “उपदेश” के बजाय “नाकामी का सबूत” करार दिया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपनी जवाबदेही से बचने के लिए हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं। उन्होंने पीएम मोदी को “Compromised PM” कहते हुए तंज कसा कि देश चलाना अब उनके बस की बात नहीं रही।

