होर्मुज स्ट्रेट में महासंग्राम: अमेरिका ने जब्त किया ईरानी जहाज ‘TOUSKA’, जवाब में ईरान का ड्रोन हमला
इंटरनेशनल डेस्क : खाड़ी क्षेत्र में तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब 19 अप्रैल को अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में कार्रवाई करते हुए ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज TOUSKA को अपने कब्जे में ले लिया। यह घटना तब हुई जब इस्लामाबाद में चल रही 40 दिनों की शांति बैठक में दोनों देशों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई और अमेरिका ने अपनी नाकेबंदी को और सख्त कर दिया।
नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन और जब्ती : अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के अनुसार, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक यूएसएस स्प्राउंस (USS Spruance) ने ईरानी बंदरगाह बंदर अब्बास की ओर जा रहे जहाज TOUSKA को रोका। अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज उसकी नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहा था।
ईरान का पलटवार और ड्रोन : हमला इस कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुछ अमेरिकी सैन्य जहाजों पर ड्रोन से हमला किया है। ईरान की सरकारी मीडिया ‘तसनीम’ ने सैन्य मुख्यालय के हवाले से बयान जारी किया है कि अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है।
‘समुद्री डकैती’ का आरोप: ईरान ने इस पूरी घटना को “सशस्त्र डकैती” और “समुद्री डकैती” करार दिया है। उनका दावा है कि अमेरिकी सैनिकों ने जबरन जहाज के डेक पर उतरकर उसके नेविगेशन सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया। तेहरान ने चेतावनी दी है कि ईरानी सशस्त्र बल जल्द ही इस डकैती का और भी कड़ा जवाब देंगे। क्षेत्र में जारी सीजफायर 21 अप्रैल को खत्म हो रहा है, जिससे महायुद्ध की आशंका और बढ़ गई है।

