पंजाब में हफ्तेभर में तीन धमाके: CM मान ने BJP पर लगाया साजिश का आरोप; विपक्ष बोला- ‘कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त’
लुधियाना/अमृतसर: पंजाब में पिछले एक हफ्ते के दौरान शंभू रेलवे लाइन, जालंधर और अब अमृतसर में मिलिट्री कैंप के पास हुए लगातार तीन धमाकों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और विपक्षी दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
CM मान का आरोप: “चुनाव से पहले धमाके करवाना BJP का स्टाइल” मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन धमाकों के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब में कहा कि चुनाव से पहले हिंसा फैलाकर लोगों को डराना और वोट लेना भाजपा का तरीका है। मान ने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब एक शांत राज्य है और भाजपा अपनी ऐसी हरकतों से बाज आए क्योंकि पंजाबियों के जख्म अभी भी हरे हैं।
केंद्रीय मंत्री और विपक्ष का पलटवार : केंद्रीय मंत्री रवनित सिंह बिट्टू ने मान सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन घटनाओं को रोकने के बजाय उन्हें ‘कवर-अप’ (दबाने) करने की कोशिश कर रही है। बिट्टू ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का संकट बताते हुए कहा कि अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है।
अकाली दल: बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि खासा (अमृतसर) धमाके के CCTV फुटेज ने सरकार के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि जालंधर विस्फोट को पहले ‘स्कूटी में आग’ बताकर दबाने की कोशिश की गई थी।
कांग्रेस: प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री के बयान को ‘बेहूदा’ और अपनी विफलता स्वीकार करना बताया। रंधावा ने सवाल किया कि अगर CM भाजपा को जिम्मेदार मान रहे हैं, तो क्या वे एफआईआर में केंद्र सरकार का नाम दर्ज करेंगे?
भाजपा: भाजपा नेता फतेहजंग बाजवा ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि वे खुद को मुख्यमंत्री के बजाय विपक्ष का नेता मान रहे हैं और अपनी नाकामी छुपाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

