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एएनआरएफ ने अभिसरण अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित करने के लिए 10 संस्थानों के चयन की घोषणा की

दिल्ली / सत्ता संदेश


सामाजिक चुनौतियों और सतत विकास के लिए अंतःविषयक समाधानों को बढ़ावा देने हेतु अभिसरण अनुसंधान सहयोग समितियां

अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) ने जटिल और व्यवस्थागत चुनौतियों का समाधान करने के लिए बहु-विषयक अनुसंधान दृष्टिकोण हेतु सामाजिक विज्ञान और मानविकी प्रारूपों के भीतर वैज्ञानिक ज्ञान के गहन एकीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपने प्रमुख कार्यक्रमों में से एक, अभिसरण अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) कार्यक्रम के अंतर्गत दस अभिसरण अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) का चयन किया है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे अग्रणी केंद्र स्थापित करना है जो एकीकृत और अंतःविषयक अनुसंधान के माध्यम से जटिल सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने हेतु सामाजिक विज्ञान, मानविकी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को एक साथ लाते हैं।

विभिन्न विषयगत क्षेत्रों के अंतर्गत चयनित दस एएनआरएफ-सीओई की सूची निम्नलिखित है:

क्रम संख्यासंस्थान का नामपरियोजना का शीर्षकव्यापक विषयगत क्षेत्र
1भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), गांधीनगरमानव-जलवायु अंतःक्रिया और पर्यावरण इतिहास केंद्र (सीएचआईईएच)पुरातत्व और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियां
2राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान (एनआईएएस), बेंगलुरुपुरातत्व सामग्री, पुरातत्व धातु विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान और संरक्षण अनुसंधान में उत्कृष्टता केंद्रपुरातत्व और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियाँ
3भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्राससंयोग- संस्कृत एआई संगीत और योग केंद्रपुरातत्व और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियां
4राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) अगरतलाएआई की सहायता से पूर्वोत्तर भारतीय लोककथाओं का डिजिटल संकलन और वैश्विक प्रचार-प्रसार: मणिपुर और त्रिपुरा पर विशेष ध्यानडिजिटल मानविकी
5मानव विकास संस्थान (आईएचडी), दिल्लीपरिवर्तनकारी एआई और भारतीय श्रम बाजार: उच्च-उपयोग वाले चुनिंदा सेवा क्षेत्रों में जनरेटिव एआई के प्रभाव पर एक बहुविषयक अध्ययनडिजिटल मानविकी
6भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) धारवाड़ग्रामीण आजीविका एवं विकास उत्कृष्टता केंद्र (सीओई-आरएलडी): ग्रामीण स्थिरता और अनुकूलता के लिए एकीकृत योजना का एक केंद्रग्रामीण विकास
7भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मूकारीगरों के डिजिटल सशक्तिकरण और आजीविका विकास पर उत्कृष्टता केंद्र (सीओई-डीईएलडीए)ग्रामीण विकास
8भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुरउत्कृष्टता केंद्र: भाषा प्रदर्शन में अनुसंधान और हस्तक्षेप केंद्रस्वास्थ्य और मनोविज्ञान
9चाणक्य विश्वविद्यालयभाषा और जीवन जगत केंद्रसामाजिक मुद्दों के लिए उभरती प्रौद्योगिकियां
10पीएसजीआर कृष्णम्मल महिला महाविद्यालयअकादमिक-उद्योग साझेदारी के माध्यम से एक लचीले, टिकाऊ और स्मार्ट नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ते हुए, एमएसएमई को पारंपरिक से समकालीन प्रौद्योगिकियों में परिवर्तन की गति बढ़ाने के लिए एक तकनीकी-प्रबंधकीय प्रारूप तैयार करनाकम्प्यूटेशनल अर्थशास्त्र

इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक केंद्र के लिए एक ही संस्थान के भीतर या विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के अधीन विभिन्न शैक्षणिक, सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित संगठनों या निजी संस्थानों के बीच अंतर्विषयक या अंतरविषयक सहयोग अनिवार्य है। इन केंद्रों से जुड़े सह-शोधकर्ता एक विविध नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये सभी 20 सहयोगी संस्थानों से आते हैंजिनमें राज्य विश्वविद्यालयकेंद्रीय विश्वविद्यालयभारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी)निजी विश्वविद्यालयकॉलेज और मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास संस्थान शामिल हैं।

इस कार्यक्रम को शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों से शानदार प्रतिक्रिया मिली, जिसमें 945 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जो इसकी मजबूत प्रासंगिकता और राष्ट्रीय महत्व को दर्शाता है।

एएनआरएफ कन्वर्जेंस रिसर्च सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस प्रोग्राम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 से प्रेरणा लेता है, जो बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान और ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत एकीकरण का आह्वान करती है। यह विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप भी है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता शताब्दी तक भारत को एक विकसित, समावेशी, नवोन्मेषी और आत्मनिर्भर राष्ट्र में परिवर्तित करना है।

वैज्ञानिक ज्ञान और प्रासंगिक समझ के समायोजन के साथ, यह कार्यक्रम समग्र दृष्टिकोणों के माध्यम से क्षेत्रीय और राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान करने का लक्ष्य रखता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और बिग डेटा एनालिटिक्स के इस युग में, इस प्रकार का समन्वय सामाजिक-आर्थिक प्रगति के नए मार्ग प्रशस्त कर सकता है और सतत विकास लक्ष्यों को समर्थन प्रदान कर सकता है।

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