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कैबिनेट की बड़ी मंजूरी: अमरावती में बनेगा 1,235 करोड़ रुपये का सरकारी आवासीय परिसर

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) ने आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (GPRA) परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह अमरावती और पूरे आंध्र प्रदेश में केंद्र सरकार की पहली GPRA आवासीय परियोजना होगी।

सरकार के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनके कार्यस्थलों के निकट आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है, जिससे उनके आर्थिक बोझ को कम करने, कार्यकुशलता बढ़ाने और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

17 एकड़ में विकसित होगा आधुनिक आवासीय परिसर

प्रस्तावित GPRA कैंपस लगभग 17 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत टाइप-II से टाइप-VI श्रेणी तक की कुल 1,504 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 11 आधुनिक आवासीय टावर बनाए जाएंगे।

परियोजना में 1,972 कार पार्किंग क्षमता वाली बेसमेंट पार्किंग सुविधा भी विकसित की जाएगी। कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 31.30 लाख वर्ग फुट (2,90,762 वर्ग मीटर) होगा, जिसमें 9.10 लाख वर्ग फुट का बेसमेंट क्षेत्र शामिल है।

पर्यावरण अनुकूल और ग्रीन बिल्डिंग मानकों पर होगा निर्माण

सरकार ने बताया कि परियोजना को आधुनिक पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। सभी भवनों का डिजाइन ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, स्थानीय निर्माण सामग्री के उपयोग और निवासियों के स्वास्थ्य व सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।

परिसर को न्यूनतम GRIHA 4-स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ विकसित किया जाएगा। यह परियोजना नवीनतम ऊर्जा संरक्षण और सतत भवन संहिता (ECSBC 2024) तथा इको निवास संहिता (ENS 2024) के अनुरूप होगी।

मिलेंगी सभी आधुनिक सुविधाएं

GPRA परिसर में निवासियों की सुविधा के लिए बैंक और एटीएम, डाकघर, शिशुगृह (क्रेच), सामुदायिक भवन, भोजन सुविधा, फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर और गेस्ट हाउस जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इसके अलावा परिसर को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया जाएगा और सभी सार्वजनिक स्थानों पर बाधा-मुक्त पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।

रोजगार सृजन को भी मिलेगा बढ़ावा

सरकार का अनुमान है कि परियोजना के निर्माण चरण के दौरान प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होंगे। वहीं परियोजना के संचालन और रखरखाव चरण में प्रतिवर्ष लगभग 50,000 मानव-दिवस रोजगार के अवसर उपलब्ध होते रहेंगे।

1,234.91 करोड़ रुपये होगी लागत

परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,234.91 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसका वित्तपोषण भारत सरकार द्वारा बजटीय सहायता के माध्यम से किया जाएगा।

परियोजना का क्रियान्वयन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने बताया कि परियोजना के लिए निविदा-पूर्व प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और टेंडर दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।

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