होशियारपुर की बेटियों का जर्मनी में डंका: सगी बहनों ने जीता चुनाव, मां ने रेस्तरां में काम कर पढ़ाया
पंजाब डेस्क : पंजाब के होशियारपुर जिले के टांडा स्थित गांव रड़ा की दो सगी बहनों, हरप्रीत कौर और कोमलप्रीत कौर ने जर्मनी के चुनावों में जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। इन दोनों बहनों की सफलता के पीछे उनकी मां मंदीप कौर का कड़ा संघर्ष है, जिन्होंने 2012 में पुर्तगाल से जर्मनी जाने के बाद रेस्तरां और स्टोर में काम करके अपनी बेटियों को शिक्षित किया।
बड़ी बेटी हरप्रीत की शानदार जीत: बड़ी बेटी हरप्रीत कौर ने स्थानीय UKB (उकाबे) पार्टी की ओर से मार्च 2026 में सिटी काउंसिल का चुनाव लड़ा। इस चुनाव में कुल 37 उम्मीदवार थे, जिनमें से 18 जीते और हरप्रीत ने 5,000 वोट हासिल कर अपनी जगह बनाई। हरप्रीत फिलहाल साइंस और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स कर रही हैं और उनका सपना टीचर बनने का है।
छोटी बेटी ने समाज सेवा के लिए लड़ा चुनाव : छोटी बेटी कोमलप्रीत कौर ने ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद समाज सेवा के प्रोजेक्ट्स से जुड़ने के लिए ‘औसलेंडर’ (विदेशी परिषद) का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। मां मंदीप कौर के अनुसार, कोमलप्रीत शुरू में चुनाव लड़ने से डर रही थीं और उन्होंने हार जाने पर बेइज्जती के डर से किसी को न बताने की शर्त रखी थी, लेकिन अंततः वे विजयी रहीं।
जर्मनी की अनोखी राजनीतिक व्यवस्था : खबर के अनुसार, जर्मनी में राजनीति केवल सेवा का माध्यम है। वहां राजनेताओं के लिए अपनी नियमित नौकरी करना अनिवार्य है, जिसे भ्रष्टाचार रोकने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है। मंदीप कौर ने बताया कि राजनीति छोड़नी भी पड़े तो वहां नेताओं की नौकरी चलती रहती है।

