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करोड़ों के घोटाले में घिरी लेडी SDM: पट्टी भूमि अधिग्रहण केस में डॉ. अनुप्रीत कौर गिरफ्तार, 20 मई तक रिमांड पर

पंजाब डेस्क : पंजाब के गुरदासपुर में तैनात 2012 बैच की PCS अधिकारी SDM डॉ. अनुप्रीत कौर रंधावा को तरनतारन पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 7 बजे उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पट्टी (तरनतारन) में अपनी पहली स्वतंत्र पोस्टिंग के दौरान 1.63 करोड़ रुपये के सरकारी मुआवजे के गबन का मुख्य आरोप है।

क्या है ₹1.63 करोड़ का पूरा घोटाला?नियमों की अनदेखी: जनवरी 2018 से फरवरी 2019 के बीच जब अनुप्रीत पट्टी की SDM थीं, तब NH-54 (जम्मू-राजस्थान हाईवे) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही थी।

फर्जी खातों में ट्रांसफर: केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए भेजे गए मुआवजे की राशि को डॉ. अनुप्रीत ने राजस्व रिकॉर्ड का मिलान किए बिना ही 5 ऐसे लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दिया, जिनकी जमीन हाईवे के दायरे में नहीं आती थी।

गड़बड़ी का खुलासा: इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब अनुप्रीत के तबादले के बाद नए SDM नवराज सिंह बराड़ ने फाइलों की जांच की और तत्कालीन डीसी को इसकी शिकायत भेजी। इस मामले में सितंबर 2019 में FIR दर्ज की गई थी।

भाई के खाते में ₹88 लाख भेजने का भी आरोप : जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. अनुप्रीत ने नेशनल हाईवे के मुआवजा फंड से 88 लाख रुपये सीधे अपने सगे भाई संदीप सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे। उस जमीन का राजस्व रिकॉर्ड में कोई वजूद ही नहीं था जिसके बदले यह राशि जारी की गई। इस मामले में उन पर साल 2021 में दूसरी FIR दर्ज हुई थी।

पेशे से डॉक्टर और विवादों भरी निजी जिंदगी: अमृतसर में जन्मीं डॉ. अनुप्रीत ने MBBS की पढ़ाई की और फिर 2012 में पंजाब सिविल सेवा परीक्षा पास की। उनकी निजी जिंदगी भी काफी विवादों में रही है।

पति पर केस: उन्होंने साल 2014 में अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी बचित्र सिंह ढिल्लों से शादी की थी, लेकिन 8 महीने बाद ही उन पर दहेज उत्पीड़न और गला घोंटकर जान से मारने की कोशिश का मामला दर्ज करवा दिया।

पुलिस कार्रवाई: उनकी शिकायत पर पुलिस ने पति को गिरफ्तार किया और दावा किया कि उसकी गाड़ी से 260 ग्राम हेरोइन भी बरामद हुई थी।

वर्तमान स्थिति हाईकोर्ट में चल रही लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद शनिवार को तरनतारन पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। देर शाम पट्टी कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें 20 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है, जहाँ पुलिस उनसे घोटाले की कड़ियों को लेकर पूछताछ करेगी।

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