आसाराम बापू को बड़ा झटका: राजस्थान हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा रखी बरकरार, तुरंत सरेंडर करने का आदेश
जोधपुर: राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में आसाराम बापू की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने बुधवार को यह अहम फैसला सुनाते हुए आसाराम को राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
तुरंत सरेंडर का निर्देश: फिलहाल अंतरिम जमानत या पैरोल पर बाहर चल रहे आसाराम को अदालत ने तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही उनकी जमानत की अवधि 7 जुलाई तक बढ़ाई गई थी, लेकिन अब उन्हें वापस जेल जाना होगा।
सह-आरोपियों को मिली राहत: जहाँ एक ओर आसाराम की सजा को कोर्ट ने सही ठहराया, वहीं इसी मामले में सह-आरोपी शिल्पी और शरतचंद को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने इन दोनों को सजा से बरी कर दिया है, जिन्हें निचली अदालत ने 20-20 साल की सजा सुनाई थी।
क्या है पूरा मामला? यह मामला अगस्त 2013 का है, जब जोधपुर स्थित आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन शोषण का आरोप लगा था। लंबी सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने आसाराम को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट में इस मामले पर 16 फरवरी से 20 अप्रैल 2026 तक डे-टू-डे सुनवाई हुई थी, जिसके बाद आज फैसला सुनाया गया।

