रोहित शेट्टी फायरिंग केस: 10 दिन पहले और रात के समय रेकी; पुलिस ने हमले की साज़िश सुलझाई
एंटरटेनमेंट डेस्क: फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच और पुणे पुलिस की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है, जो अहमदाबाद जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
10 दिन पहले की थी रेकी: जांच में पता चला है कि हमलावरों ने फायरिंग से 10 दिन पहले रोहित शेट्टी के घर और पूरे जुहू इलाके की रेकी की थी। हमलावरों ने पहले से ही एक ऐसा रास्ता तय कर लिया था, जहां से फायरिंग के बाद भागना आसान हो। उन्होंने घटना के लिए रात का समय चुना ताकि ट्रैफिक न हो और पकड़े जाने का खतरा कम हो।
हमले का तरीका और नुकसान: CCTV फुटेज से पता चला है कि हमलावर ने एक पेड़ के पीछे छिपकर रोहित शेट्टी के घर की तीसरी मंजिल पर करीब 5 राउंड फायरिंग की। इस फायरिंग से एक खिड़की का शीशा टूटकर बिखर गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान: हिरासत में लिए गए पांच लोगों की पहचान अमन आनंद मारोटे, आदित्य ज्ञानेश्वर गायकी, सिद्धार्थ दीपक येनपुरे, समर्थ शिवशरण पोमाजी और स्वप्निल बंडू सकट के तौर पर हुई है।
साजिश और मकसद पुलिस के मुताबिक, इस हमले में इस्तेमाल की गई स्कूटी पुणे से 30,000 रुपये में खरीदी गई थी, जिसका पेमेंट शुभम लोणकर ने किया था।
यह स्कूटी कई हाथों से होते हुए शूटर तक पहुंची थी। अब तक की जांच के मुताबिक, इस हमले का मुख्य मकसद इलाके में दहशत फैलाना और फिल्ममेकर से पैसे ऐंठना था। फिलहाल, रोहित शेट्टी के घर की सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है।

