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इजरायल-ईरान युद्ध का पंजाब पर असर: अमृतसर एयरपोर्ट से 10 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें रद्द, सैकड़ों यात्री फंसे

पंजाब डेस्क: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के कारण मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। इस युद्ध का सीधा असर अब भारत, विशेष रूप से पंजाब और चंडीगढ़ की हवाई आवाजाही पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। सुरक्षा कारणों और कई देशों द्वारा अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को बंद किए जाने के कारण खाड़ी देशों की उड़ानों को बड़े स्तर पर रद्द कर दिया गया है।

यात्रियों में भारी रोष और चिंता: अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, अमृतसर से दुबई, शारजाह, कतर और अन्य खाड़ी देशों के लिए चलने वाली करीब 10 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गई हैं। उड़ानों के अचानक रद्द होने और भविष्य के शेड्यूल की स्पष्ट जानकारी न मिलने के कारण यात्रियों में गहरा रोष देखा जा रहा है।

नौकरी जाने का सता रहा है डर: हवाई अड्डे पर फंसे कई यात्रियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें अपनी विदेशी नौकरी खोने का डर सता रहा है।दोहा (कतर) में लेबर का काम करने वाले अरविंदर सिंह ने बताया कि वह एक महीने की छुट्टी के बाद वापस जा रहे थे, लेकिन एयर इंडिया की उड़ान रद्द होने से वह मानसिक तनाव में हैं।इसी तरह, मस्कट में 10 साल से कार्यरत जगदीप सिंह की दिल्ली से मस्कट जाने वाली उड़ान भी रद्द हो गई है, जिससे वह अपने काम पर नहीं लौट पा रहे हैं।

प्रशासनिक पुष्टि: अमृतसर एयरपोर्ट के निदेशक भूपिंदर सिंह ने इन उड़ानों के प्रभावित होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौजूदा वैश्विक स्थितियों के कारण यह बदलाव आए हैं और एयरलाइंस यात्रियों की सहायता करने का प्रयास कर रही हैं।

ईरान-इजराइल युद्ध का बढ़ा असर: दुबई में फंसी अभिनेत्री सोनल चौहान और पीवी सिंधु, भारत सरकार से मांगी मदद

मनोरंजन डेस्क : मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और भारतीय हस्तियों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। शनिवार को ईरान पर हुए भीषण हमलों के बाद दुबई और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सभी उड़ानों पर रोक लगा दी गई है, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल है।

हस्तियां फंसीं, पीएम मोदी से गुहार: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनल चौहान इस समय दुबई एयरपोर्ट पर फंसी हुई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए अपनी सुरक्षित वापसी के लिए मार्गदर्शन और सहायता की अपील की है। सोनल ने बताया कि तनाव के कारण सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और भारत लौटने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। उनके अलावा, बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई में ही फंसी हुई हैं, जिन्होंने वहां के हालातों को बेहद चिंताजनक और अफरा-तफरी वाला बताया है।

सुप्रीम लीडर खामेनेई पर सस्पेंस: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की स्थिति को लेकर विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं। जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों में उनकी मौत का दावा किया है और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है, वहीं भारत में ईरानी प्रतिनिधि ने इन खबरों को अफवाह बताते हुए कहा है कि खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं।

भारत की कूटनीतिक पहल: इस गंभीर संकट के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सक्रियता दिखाई है। उन्होंने इजराइल, ईरान, यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की है। भारत ने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने और शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि हालात और न बिगड़ें।

इजराइल-अमेरिका का ईरान पर भीषण हमला: 85 स्कूली छात्राओं की मौत, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने दागीं 400 मिसाइलें

तेहरान/तेल अवीव: शनिवार सुबह इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के 10 शहरों पर अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य हमला किया है। इजराइल ने इस अभियान को ‘लियोनस् रोर’ (Lion’s Roar) और अमेरिका ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Epic Fury) नाम दिया है।

बड़ी जनहानि और स्कूल पर हमला: ईरानी न्यूज एजेंसियों के अनुसार, दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में एक गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं। पूरे होरमोजगान प्रांत में कम से कम 70 लोगों की जान जाने और 90 से ज्यादा के घायल होने की खबर है।

ईरान के रक्षा मंत्री के मारे जाने का दावा: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दावा किया है कि इस हमले में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हो गई है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया है कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियान सुरक्षित हैं।

ईरान का पलटवार और दुबई पर हमला: जवाब में ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं। इसके साथ ही ईरान ने कतर, कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे बड़े शहर दुबई पर भी हमला हुआ है, जिससे बुर्ज खलीफा के पास धमाके सुने गए और वहां मौजूद ‘पाम होटल’ पर मिसाइल गिरने की खबर है।

वैश्विक प्रभाव:

उड़ानें रद्द: सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया समेत 12 प्रमुख एयरलाइंस ने इस क्षेत्र में उड़ानें रोक दी हैं और दुबई एयरपोर्ट ने सभी ऑपरेशन बंद कर दिए हैं।

UNSC की बैठक: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस तनाव पर तत्काल बैठक बुलाई है।

ट्रम्प का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह हमला अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने के लिए किया गया है।

अमेरिका का ईरान पर महा-हमले का प्लान तैयार: ट्रंप को सौंपी गई ‘किल लिस्ट’, दर्जनों नेताओं के खात्मे से तख्तापलट की तैयारी

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका अगले कुछ घंटों या हफ्तों में ईरान पर एक बड़ा सैन्य हमला कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस और पेंटागन द्वारा तैयार की गई एक विस्तृत ब्रीफिंग दी गई है, जिसमें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के कई विकल्प शामिल हैं।

नेताओं की ‘किल लिस्ट’ और तख्तापलट का लक्ष्य : इस योजना का सबसे खतरनाक हिस्सा ईरान में शासन परिवर्तन (रेजीम चेंज) करना है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने एक ‘किल लिस्ट’ तैयार की है जिसमें ईरान के दर्जनों राजनीतिक और सैन्य नेताओं को निशाना बनाने की योजना है। इस सूची में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वर्तमान खामेनेई शासन को उखाड़ फेंकना है।

परमाणु ठिकाने और मिसाइल सेंटर निशाने पर : अमेरिकी सेना की हिट लिस्ट में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाएं सबसे ऊपर हैं। इन हमलों के लिए अमेरिका ने मध्य पूर्व में 150 फाइटर जेट और 12 एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए हैं, जो 2003 के इराक युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा है। इस अभियान को “मिडनाइट हैमर” जैसे पिछले ऑपरेशनों से भी बड़ा और निरंतर चलने वाला हवाई युद्ध बताया जा रहा है।

ईरान की तैयारी और कूटनीतिक चुनौतियां: संभावित हमले को देखते हुए ईरान ने भी अपने परमाणु केंद्रों को बंकरों में बदलना शुरू कर दिया है और अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हालांकि, अमेरिका के लिए एक चुनौती यह है कि खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब और यूएई ने अपनी धरती का उपयोग अमेरिकी हमले के लिए करने देने से इनकार कर दिया है, जिससे ट्रंप के विकल्प सीमित हो सकते हैं।