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आकाशवाणी राष्ट्र की सेवा में 90 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मना रहा है

जालंधर/ सत्ता संदेश

आकाशवाणी एक सार्वजनिक प्रसारक के रूप में राष्ट्र के प्रति अपनी सेवा के 90 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है।

आज ही के दिन, 8 जून 1936 को ‘इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस’ का नाम बदलकर ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (एआईआर) किया गया था। यह ऐतिहासिक दिन देश के सांस्कृतिक, सूचना और प्रसारण इतिहास में एक विशेष क्षण का प्रतीक है, जब एक ऐसी आवाज़ का जन्म हुआ जो आने वाली पीढ़ियों तक गूँजती रहेगी।

7 जून 1936 को, ‘ऑल इंडिया रेडियो’ की तत्कालीन आधिकारिक पत्रिका ‘द इंडियन लिसनर’ के मुखपृष्ठ ने दुनिया के सामने एआईआर की घोषणा की। आकाशवाणी का विनम्र दिल्ली केंद्र एक ऐसा केंद्र बन गया जहाँ आवाज़ों को पंख मिले और इतिहास को एक मंच प्राप्त हुआ। इन्हीं शांत दीवारों से वे गूँज पैदा हुई जिन्होंने एक ऐसे राष्ट्र को आकार दिया जो तब से कालातीत, आत्मिक और अविस्मरणीय बना हुआ है।

आकाशवाणी के पंजाब क्लस्टर प्रमुख और उप महानिदेशक (इंजीनियरिंग), रंजीत मीणा ने कहा कि राष्ट्र की 9 दशकों की निर्बाध सेवा का उत्सव मनाने के लिए पंजाब में आकाशवाणी जालंधर और पटियाला केंद्र कल, 9 मई को एक ‘वॉकाथॉन’ का आयोजन कर रहे हैं। इसमें उद्घोषक, कलाकार और कर्मचारी सदस्य भाग ले रहे हैं। इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए कई श्रोता भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।

स्वतंत्रता के बाद, आकाशवाणी का तेजी से विस्तार हुआ और 1956 में इसने आधिकारिक तौर पर “आकाशवाणी” नाम अपनाया। आज, आकाशवाणी 591 केंद्रों का संचालन करती है, जो भारत की 98 प्रतिशत जनसंख्या तक अपनी पहुंच बनाते हुए 23 भाषाओं और 146 बोलियों में प्रसारण करते हैं। “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” के अपने महान आदर्शों को आत्मसात करते हुए, आकाशवाणी का समाचार सेवा प्रभाग (एनएसडी) रेडियो प्रसारण के उच्चतम पेशेवर नैतिकता और मानकों का पालन करते हुए, इस विशाल देश के हर दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक निवासी को सभी प्रमुख भाषाओं और बोलियों में 24 घंटे समाचार और विचार प्रदान करने का प्रयास करता है।

बड़ी कामयाबी: दाऊद इब्राहिम का करीबी और ड्रग माफिया सलीम डोला भारत लाया गया

नई दिल्ली: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को अंडरवर्ल्ड और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बेहद करीबी और भारत के मोस्ट वांटेड ड्रग माफिया सलीम डोला को तुर्की से डिपोर्ट कर मंगलवार तड़के दिल्ली लाया गया है।

इस्तांबुल में हुआ था गिरफ्तार :सलीम डोला को इसी महीने भारतीय एजेंसियों की मदद से तुर्की के इस्तांबुल में एक अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया था। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत के हवाले कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे ड्रग सिंडिकेट पर एक बड़ी चोट मान रही हैं।

दाऊद से सीधा कनेक्शन :सलीम डोला लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग नेटवर्क चला रहा था और वह दाऊद इब्राहिम के अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, सलीम डोला को आगे की जांच और पूछताछ के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंपा जा सकता है।

खुल सकते हैं कई बड़े राज: एजेंसियों को उम्मीद है कि सलीम डोला से पूछताछ के दौरान भारत में सक्रिय कई अन्य ड्रग तस्करों और अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट की परतों के बारे में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) सक्रिय की गई

दिल्ली /सत्ता संदेश

भारतीय वायु सेना ने 22 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दिन और रात दोनों समय ‘आपातकालीन लैंडिंग सुविधा’ (ईएलएफ) को सक्रिय किया, जिससे रक्षा संबंधी तैयारियों को मजबूत करने के लिए उसकी संचालन क्षमता प्रदर्शित हुई। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज और अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर, वायु सेना प्रमुख बी. मणिकांतन, एओसी-इन-सी, सीएसी और अन्य अधिकारी भारतीय वायु सेना के विमानों द्वारा ईएलएफ संचालन को देखने के लिए उपस्थित थे।

भारतीय वायु सेना की संचालन क्षमता का प्रदर्शन जैगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, सी-295 और एएन-32 सहित विभिन्न प्रकार के विमानों के बेड़े, एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर और गरुड़ कमांडो टीम के संचालन के माध्यम से किया गया। भारतीय वायु सेना ने यूपीईआईडीए और स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर दिन और रात दोनों समय इन आपातकालीन विमान बेड़े को कम से कम समय में सक्रिय करने के लिए अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं का मान्यीकरण किया।

इस अभियान ने मानक रनवे की अनुपलब्धता के दौरान भी निर्बाध संचालन करने की भारतीय वायु सेना की क्षमता को काफी हद तक बढ़ाया है, जिससे इसकी संचालन क्षमता का प्रदर्शन हुआ है। इसने वायु सेना के कुशल विमान चालक दल और जमीनी चालक दल की अल्प सूचना पर ऐसे एक्सप्रेसवे हवाई पट्टियों को सक्रिय करने की क्षमता को प्रदर्शित किया है। राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर रणनीतिक रूप से विकसित ये हवाई पट्टियां संचालन संबंधी मजबूती को काफी हद तक बढ़ाती हैं और आपात स्थितियों के दौरान महत्वपूर्ण बलों को कई गुणा बढ़ाने में मददगार हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आपदा मोचन क्षमताओं को मजबूती मिलती है।

भारतीय वायु सेना की संचालन संबंधी आवश्यकताओं और यूपीईआईडीए के असैनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन तथा स्थानीय नागरिक प्रशासन के सहयोग से निर्मित यह सहयोगात्मक ढांचा, ऐसे राजमार्गीय हवाई पट्टियों की संचालन व्यवहार्यता को अधिकतम करता है। ईएलएफ को सक्रिय बनाने में तीनों संगठनों द्वारा प्रदर्शित तालमेल न केवल राष्ट्र की समग्र रणनीतिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि क्षेत्र में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (एचएडीआर) क्षमताओं को भी बढ़ाता है।

‘भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा’: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर पीएम मोदी का कड़ा संदेश

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी (22 अप्रैल) पर जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। इस मौके पर उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को स्पष्ट करते हुए दुनिया को एक कड़ा संदेश दिया है।

आतंकियों के मंसूबे कभी नहीं होंगे कामयाब: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हमले में अपनी जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को राष्ट्र कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने लिखा, “एक राष्ट्र के तौर पर, हम दुख और संकल्प में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा और आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे”। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।

भारतीय सेना का जवाब: ‘न्याय होकर रहेगा’ इस अवसर पर भारतीय सेना ने भी आतंकवादियों और उनके आकाओं को चेतावनी दी है। सेना ने स्पष्ट किया कि भारत के खिलाफ किसी भी घिनौनी हरकत का जवाब मिलना तय है और न्याय हमेशा मिलकर रहेगा। सेना ने ‘ऑपरेशन महादेव’ का भी जिक्र किया, जिसके तहत पहलगाम हमले के जिम्मेदार आतंकियों को ढेर कर दिया गया था।

पहलगाम हमले का काला दिन : गौरतलब है कि पिछले साल (2025) जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर यह कायरतापूर्ण हमला किया गया था। इस घटना में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च कर सीमा पार आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था।

जनगणना 2027 हुई डिजिटल: चंडीगढ़ DGP ने ऑनलाइन स्व-गणना की

चंडीगढ़, 17 अप्रैल 2026: जनगणना 2027 में जनता की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम में, डॉ. सागर प्रीत हूडा, पुलिस महानिदेशक, यूटी चंडीगढ़, ने आज ऑनलाइन जनगणना पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व-गणना सफलतापूर्वक पूरी की। स्व-गणना प्रक्रिया को डॉ. नवजोत खोसा, निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़ और सुश्री खुशप्रीत कौर, एसडीएम (केंद्रीय), यूटी चंडीगढ़ द्वारा सुगम बनाया गया।

स्व-गणना प्रक्रिया को अपनाकर, DGP ने डिजिटल प्लेटफॉर्म की सरलता, पहुंच और सुरक्षित प्रकृति को रेखांकित किया। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी नागरिक-केंद्रित पहल न केवल गणना प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करती हैं बल्कि डेटा संग्रह में अधिक सटीकता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित करती हैं।

उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों के साथ-साथ आम जनता से जनगणना 2027 में स्व-गणना सुविधा का उपयोग करके सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। उन्होंने रेखांकित किया कि डेटा का सटीक और समय पर जमा होना प्रभावी नीति निर्माण, कुशल संसाधन आवंटन और शासन तंत्र को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।

स्व-गणना, जनगणना 2027 की एक प्रमुख विशेषता, व्यक्तियों को अपने घर पर  आराम से ऑनलाइन अपनी जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक विवरण जमा करने में सक्षम बनाती है। यह पहल शारीरिक संपर्क की आवश्यकता को काफी कम करती है जबकि डेटा की दक्षता, कवरेज और विश्वसनीयता को बढ़ाती है।

सभी निवासियों को इस सुविधा का लाभ उठाने और जनगणना 2027 की सफलता में पूर्ण हृदय से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनकी सक्रिय भागीदारी एक व्यापक और विश्वसनीय राष्ट्रीय डेटाबेस के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो सूचित निर्णय लेने और भविष्य की योजना के लिए आवश्यक है।

हज यात्रा 2026 : भारतीय हजयात्रियों का पहला जत्था 18 अप्रैल को रवाना होगा

दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत से वर्ष 2026 की हज यात्रा 18 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाली है। हजयात्रियों का पहला जत्था देश भर के विभिन्न प्रस्थान बिंदुओं से सऊदी अरब के लिए रवाना होगा। इस पाक हज यात्रा में कुल 1,75,025 हजयात्रियों के शामिल होने की उम्मीद है।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने सभी हजयात्रियों को शुभकामनाएं दीं और सुगम, सुरक्षित और आरामदायक हज यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने हजयात्रियों के लिए सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए इस वर्ष कई नई पहलें की हैं।

हज के लिए नोडल मंत्रालय के रूप में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने भारतीय हज समिति, अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सऊदी अधिकारियों के समन्वय से व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य हजयात्रियों के लिए सुगम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और जमीनी स्तर पर बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है।

हज 2026 के लिए शुरू की गई प्रमुख नई पहलों में हज सुविधा ऐप के माध्यम से उन्नत डिजिटल सुविधा, लापता हजयात्रियों का पता लगाने तथा सहायता प्राप्त करने के लिए हज सुविधा स्मार्ट रिस्टबैंड का वितरण, और पहली बार लगभग 20 दिनों के अल्प अवधि के हज विकल्प की शुरुआत शामिल है, जिससे हजयात्रियों को अधिक लचीलापन मिलेगा। भारत सरकार ने प्रत्येक हजयात्री के लिए लगभग 6,25,000 रुपये का संवर्धित बीमा कवरेज भी सुनिश्चित किया है, जिससे हजयात्रा के दौरान वित्तीय और स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होगी। इसके अलावा, लगभग 60,000 हजयात्री मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकेंगे, जिससे शहर के अंदर आवागमन तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक होगी। साथ ही, सऊदी अरब में आवास और परिवहन सेवाओं के लिए बेहतर समन्वय, बेहतर तत्क्षण निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र, बेहतर चिकित्सा जांच तथा स्वास्थ्य सेवा सहायता, और बेहतर समन्वय जैसे उपाय भी लागू किए गए हैं। हज 2026 के हजयात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए इस बार मक्का में होटल शैली के आवास किराए पर लिए गए हैं। परेशानी मुक्त प्रस्थान सुनिश्चित करने के लिए हवाई अड्डों पर प्रस्थान प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

हज यात्रा का संचालन देश भर में 17 प्रस्थान बिंदुओं के माध्यम से किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय पहुंच और कुशल लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित होगी। इनमें दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु, श्रीनगर आदि प्रमुख शहर शामिल हैं।

भारत सरकार हज यात्रियों के हित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। हजयात्रा की पूरी अवधि के दौरान कुशल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सऊदी अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखा गया है।

हजयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अधिकारियों द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों और निर्देशों का पालन करें, जिनमें स्वास्थ्य और यात्रा संबंधी सलाह भी शामिल हैं, ताकि उनकी हज यात्रा सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से संतुष्टिदायक हो सके।

श्री किरेन रिजिजू ने हज की पवित्र यात्रा पर जाने वाले सभी 1,75,025 तीर्थयात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (SIR), अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

नेशनल डेस्क: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने इन राज्यों को इस प्रक्रिया के लिए तैयार रहने और संबंधित तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

अप्रैल 2026 से शुरू होगा काम: निर्वाचन आयोग के अनुसार, शेष बचे हुए राज्यों में यह विशेष गहन संशोधन अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा और नए मतदाताओं को पंजीकृत किया जाएगा। आयोग ने इसके लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन, दावे और आपत्तियां प्राप्त करना और अंत में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन शामिल है।

इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा SIR : आगामी अप्रैल महीने में जिन प्रमुख क्षेत्रों में यह प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, उनमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, और उत्तराखंड शामिल हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में भी यह पुनरीक्षण किया जाएगा।

क्या है SIR का उद्देश्य? SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों ताकि वे अपने वोट के अधिकार का उपयोग कर सकें। इस चरण के पूरा होने के बाद भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश SIR के दायरे में आ जाएंगे। गौरतलब है कि बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में यह वर्तमान में जारी है।

कल भारत बंद: 10 मजदूर संगठनों और किसानों का बड़ा ऐलान; बैंक से लेकर बाजार तक क्या रहेगा बंद?

नेशनल डेस्क : देश के 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर कल यानी गुरुवार (12 फरवरी) को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है. इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों, दफ्तरों, परिवहन सेवाओं और बाजारों पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

क्यों हो रहा है विरोध? मजदूर संगठन पिछले साल लागू हुए चार नए लेबर कोड्स का कड़ा विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि इन कोड्स से श्रमिकों के अधिकार कमजोर हुए हैं, जॉब सिक्योरिटी कम हुई है और कंपनियों के लिए छंटनी करना आसान हो गया है. वहीं, किसान संगठन भारत-अमेरिका ट्रेड डील, ड्राफ्ट सीड बिल और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा, मनरेगा (MGNREGA) को फिर से बहाल करने और निजीकरण को रोकने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है.

बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI सहित कई अन्य बैंकों ने चेतावनी दी है कि 12 फरवरी को उनकी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयी एसोसिएशन (AIBEA) और अन्य प्रमुख संगठनों ने इस बंद को समर्थन दिया है. हालांकि, बैंकों ने आधिकारिक छुट्टी घोषित नहीं की है, लेकिन चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और विड्रॉल जैसे कार्यों में देरी हो सकती है. ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम (ATM) सेवाएं सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है.क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद?

परिवहन और बाजार: कई इलाकों में ‘चक्का जाम’ के कारण बसों और टैक्सियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है. कुछ क्षेत्रों में स्थानीय बाजार और दुकानें बंद रहने की संभावना है.

सरकारी दफ्तर और स्कूल: सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रह सकती है और कुछ राज्यों में स्कूल-कॉलेज भी बंद रखे जा सकते हैं.

आपातकालीन सेवाएं: राहत की बात यह है कि अस्पताल, एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से सामान्य रहेंगी. एयरपोर्ट्स और आवश्यक सेवाओं पर भी इस बंद का असर नहीं पड़ने की उम्मीद है.

आज ओला, उबर और रैपिडो की देशव्यापी हड़ताल; ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ से यात्री परेशान, जानें क्या हैं मांगें

नेशनल डेस्क : 7 फरवरी 2026 यानी आज पूरे भारत में यात्रियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप-बेस्ड प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों ने ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम से देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल के दौरान देश भर में ड्राइवर छह घंटे तक ऑफलाइन रहेंगे, जिसके कारण यात्रियों को कैब और बाइक टैक्सी की सेवाएं नहीं मिल सकेंगी।

हड़ताल का मुख्य कारण और संगठन: यह विरोध प्रदर्शन तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और अन्य राष्ट्रीय श्रम संगठनों द्वारा आयोजित किया गया है। ड्राइवरों का आरोप है कि कंपनियां मनमाने ढंग से किराया तय कर रही हैं, जिससे उनकी कमाई में भारी कमी आई है और आय को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की समस्याओं से अवगत कराया है।

यूनियन की प्रमुख मांगें:

न्यूनतम किराया: मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस, 2025 के अनुसार मान्यता प्राप्त यूनियनों की सलाह पर न्यूनतम बेस किराया तुरंत अधिसूचित किया जाए।

प्राइवेट गाड़ियों पर रोक: कमर्शियल राइड और सामान ढोने के लिए निजी (नॉन-कमर्शियल) गाड़ियों के इस्तेमाल पर सख्त रोक लगाई जाए। यूनियन का मानना है कि प्राइवेट गाड़ियों के इस्तेमाल से लाइसेंस प्राप्त ड्राइवरों के लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा होती है।

यात्रियों पर प्रभाव: सुबह से ही हड़ताल के कारण प्रमुख शहरों में यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। ड्राइवरों का कहना है कि वे लंबे समय से हो रहे शोषण से परेशान हैं और जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे सरकार पर दबाव बनाना जारी रखेंगे।