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अमेरिका ने ईरान में ‘बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान’ शुरू किया: ट्रंप
वेस्ट पाम बीच (अमेरिका), 28 फरवरी (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि इजराइल द्वारा हमले शुरू करने के बाद अमेरिका ने ईरान पर ‘‘बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान’’ की शुरुआत कर दी।
इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किया, जिसके बाद शहर के मध्य क्षेत्र से धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। इसमें पहला हमला सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास हुआ। 
ईरान की मीडिया ने देशभर में हो रहे हमलों की खबरें दीं।
राहुल का वित्त मंत्री को पत्र, पूर्व सैनिकों के लिए ईसीएचएस और दिव्यांग पेंशन पर कदम उठाने के आग्रह
नयी दिल्ली, 28 फरवरी (सत्ता संदेश) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के लिए प्रयाप्त बजट का आवंटन और विकलांगत पेंशन पर आयकर की छूट को बहाल किया जाए।
 कांग्रेस नेता ने वित्त मंत्री को 25 फरवरी को यह पत्र लिखा और यह उल्लेख किया कि पूर्व सैनिक इन दोनों मामलों के कारण मुश्किल का सामना कर रहे हैं।
 उन्होंने कहा, "भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना आज धन की कमी के संकट का सामना कर रही है। चिकित्सा बिल के रूप में 12,000 करोड़ रुपये से अधिक लंबित हैं और अस्पताल भुगतान न करने के कारण इस योजना से बाहर निकल रहे हैं। पूर्व सैनिकों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अपनी जेब से भुगतान करने या यहां तक कि इलाज में देरी के लिए मजबूर किया जा रहा है। जिन लोगों ने देश की सेवा की वे संकट की घड़ी में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।"
 उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि इसके अलावा, वित्त विधेयक 2026 में सैनिक को सेवा में बनाए रखने पर दिव्यांग पेंशन पर कर लगाने का प्रस्ताव है।
 राहुल गांधी ने कहा, " 1922 के बाद यह पहली बार है कि दिव्यांग पेंशन पर कर लगाया जा रहा है। यह पेंशन उन सैनिकों को राहत प्रदान करने के लिए है जो घायल हो जाते हैं और इसे आय के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। इसके अलावा, जब कोई दिव्यांग सैनिक सेवा में बने रहने का विकल्प चुनता है या उससे अनुरोध किया जाता है तो वह चोट के बावजूद निस्वार्थ भाव से भारत की सेवा करता है।’’
 कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस चीज़ की प्रशंसा की जानी चाहिए उस पर कर लगाना अपमानजनक है।
 कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मेरी मुलाकात हुई और उन्होंने इन मुद्दों की ओर मेरा ध्यान आकर्षित किया। अपनी ही सरकार द्वारा अपमानित किए जाने की उनकी भावनाओं को सुनना दुखद था।"
 राहुल गांधी ने कहा, "मुझे यकीन है कि आप इस बात से सहमत होंगी कि सशस्त्र बलों में सेवा करने वाले हमारे भाई-बहन कृतज्ञ राष्ट्र के हर सहयोग के पात्र हैं। इसलिए, मैं आपसे पर्याप्त बजट समर्थन के साथ सभी लंबित ईसीएचएस देनदारियों को चुकाने और दिव्यांग पेंशन पर पूर्ण आयकर छूट बहाल करने का आग्रह करता हूं।"
बोत्सवाना से लाए गए नौ चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे
श्योपुर (मप्र), 28 फरवरी (सत्ता संदेश) बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को शनिवार को मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) पहुंचाया गया, इसके साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 48 हो गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि देश में चीतों की आबादी फिर से बढ़ाने के लिए चार वर्षीय ‘चीता पुनर्वास योजना’ के तहत अफ्रीका से तीसरी बार चीतों को लाया गया है। इन चीतों को भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के विमान से लाया गया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव पार्क में तैयार बाड़ों में इन चीतों को छोड़ेंगे।
श्योपुर की जनसंपर्क अधिकारी अवंतिका श्रीवास्तव ने संवाददाताओं को बताया कि बोत्सवाना से चीतों को भारतीय वायुसेना के विमान से ग्वालियर लाया गया और वहां से वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए उन्हें केएनपी पहुंचाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से भी चीतों को यहां लाया जा चुका है।
‘प्रोजेक्ट चीता’ के निदेशक उत्तम शर्मा ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई है। वायुसेना ने फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से तथा सितंबर 2022 में नामीबिया से चीतों को भारत पहुंचाया था।
उन्होंने कहा, ‘‘अधिक चीतों के आने से भारत के चीता पुनर्वास कार्यक्रम को मजबूती मिलेगी। केंद्र सरकार के सहयोग से हम जल्द से जल्द इनकी संख्या 50 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं।’’
 शर्मा ने बताया कि तीन चीतों को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया है, जबकि 36 चीते कूनो में ही हैं।
अधिकारियों ने कहा कि विलुप्तप्राय प्रजातियों को सामान्यतः एक ही आवास में नहीं रखा जाता, क्योंकि किसी संक्रामक बीमारी के फैलने पर पूरी आबादी को खतरा रहता है।
चीता करीब सात दशक पहले भारत से विलुप्त हो गया था।
पिछले वर्ष उद्यान में 12 शावकों का जन्म हुआ था, जिनमें से तीन शावकों समेत छह की मौत हो गई। इस वर्ष सात फरवरी से 18 फरवरी के बीच दो बार में नौ शावकों का जन्म हुआ। वर्ष 2023 से अब तक केएनपी में कुल 39 शावकों का जन्म हुआ है, जिनमें से 27 जीवित हैं।
नामीबिया से लाई गई ‘ज्वाला’ और ‘आशा’, दक्षिण अफ्रीका से लाई गई ‘गामिनी’, ‘वीरा’ और ‘निरवा’ तथा भारत में जन्मी ‘मुखी’ ने केएनपी में शावकों को जन्म दिया है।
हर बाहर से आया पंजाबी अपनी मातृभाषा से जुड़ा रहना चाहता है – गुरजतिंदर रंधावा


लुधियाना: २० फरवरी (सत्ता संदेश)
अमेरिका में रहने वाले जाने-माने पंजाबी पत्रकार, लेखक और विचारक गुरजतिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि बेशक, बाहर से आए लोगों को नौकरी के लिए इंग्लिश या दूसरी विदेशी भाषाएं बोलनी पड़ती हैं, लेकिन हर बाहर से आया पंजाबी अपनी मातृभाषा से जुड़ा रहना चाहता है और हमेशा जुड़ा रहता है। आज मालवा रंगमंच पंजाब की तरफ से आयोजित एक खास कार्यक्रम में पंजाबी लेखकों, कलाकारों और साहित्य प्रेमियों को संबोधित करते हुए श्री रंधावा ने कहा कि इस समय विदेशों में पंजाबी और पंजाबी भाषा पूरी तरह से बोली जाती है और हम उन विकसित देशों की हर चिंता में भागीदार हैं। रंधावा ने कहा कि यह गर्व की बात है कि दुनिया के बड़े एयरपोर्ट समेत कमर्शियल जगहों पर पंजाबी में बोर्ड लगे हैं। मिस्टर रंधावा ने इमोशनल होते हुए कहा कि हर पंजाबी इमिग्रेंट भी चाहता है कि उसके बच्चे अपनी मदर टंग पंजाबी, ज़मीन और कल्चर से जुड़े रहें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
इवेंट के दौरान सभी का वेलकम करते हुए मालवा रंगमंच के सेक्रेटरी प्रोफेसर निर्मल जौड़ा ने कहा कि अपनी मेहनत और लगन की वजह से गुरजतिंदर सिंह रंधावा ने जर्नलिज़्म के फील्ड में एक अहम जगह बनाई है। प्रोफेसर निर्मल जौड़ा ने कहा कि हमारी भाषा हमें दुनिया में पहचान दिलाती है, जिसकी वजह से पंजाबियत का परचम दुनिया में लहरा रहा है। मालवा रंगमंच के सेक्रेटरी चेयरमैन प्रोफेसर जालौर सिंह खीवा ने कहा कि यह पंजाब के लिए सुकून की बात है कि विदेशों में हमारे इंटलेक्चुअल अपनी ज़मीन और कल्चर से जुड़े हुए हैं। मालवा रंगमंच ने गुरजतिंदर रंधावा को सम्मानित किया। रविंदर रंगूवाल ने सभी का थैंक यू कहा।
फोटो: मालवा रंगमंच पंजाब गुरजतिंदर सिंह रंधावा को सम्मानित करते हुए प्रोफेसर निर्मल जौड़ा और रविंदर रंगूवाल

पंजाबी फिल्मों ने हमारी संस्कृति को बचाए रखने और फैलाने में अहम भूमिका निभाई है – कृष्ण कुमार बावा


सनी की हिंदी फिल्म माता-पिता के सम्मान का संदेश देती है – मलकीत सिंह दाखा
लुधियाना: 19 फरवरी – (सत्ता संदेश) आज यहां प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार लवली और चेयरमैन गुरनाम सिंह धालीवाल के नेतृत्व में पंजाबी फिल्म ‘सनी दी हनी’ के कलाकारों के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए पंजाब के पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा ने कहा कि सनी की फिल्म माता-पिता का सम्मान करने के बारे में है। यह एक संदेश देती है, इसलिए हमें युवा पीढ़ी के लिए इस प्रेरणादायक फिल्म के कलाकारों को बधाई देनी चाहिए। श्री दाखा ने कहा कि पंजाब के कलाकारों ने आज पूरी दुनिया में नाम कमाया है, जब हम हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों का इस्तेमाल करते हैं, तो कई कलाकार पंजाब और पंजाबी मिट्टी से आए हैं। मालवा सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष कृष्ण कुमार बावा ने कहा कि पंजाबी फिल्मों ने हमारी संस्कृति को बचाए रखने और संदेश को फैलाने में अहम भूमिका निभाई है, इसी तरह यह फिल्म ‘सनी दी हनी’ एक सार्थक संदेश देने में सफल रही है। श्री बावा ने कहा कि इस फिल्म के नायक बीन जौजा और नायिका मुग्धा ने अपने अभिनय से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है। मोੋਹੇ ਹਨ । इस भावी अवसर पर फिल्म के निर्देशक मनजिंदर सिंह के साथ-साथ फिल्म के नायक ‘बीन जौजा’ और अभिनेता रूपिंदर रूपी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर फिल्म ‘सनी दी हनी’ का एक विशेष शो भी दिखाया गया। इस शो के बाद फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार लवली ने सभी का स्वागत किया और कहा कि हमें अच्छे सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों की जरूरत है। इसीलिए हम सनी की हिंदी फिल्म को जी आए कहते हैं। श्री लवली फिल्म के निर्माता, निर्देशक और निर्देशक हैं। कलाकारों की कड़ी मेहनत की प्रशंसा की और कहा कि यह फिल्म युवा पीढ़ी को अपने माता-पिता का सम्मान करना सिखाती है। एक संदेश देती है। महान लोक गायक श्री मुहम्मद सादिक और कनाडा से विशेष रूप से आए लोक गायक सतिंदरपाल सिंह सिधवां प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन गुरनाम सिंह धालीवाल ने कहा कि फाउंडेशन कलाकारों को शुरू से ही बढ़ावा देता है क्योंकि स. जगदेव सिंह जस्सोवाल ने पंजाबी की स्थापना की थी। हमेशा साहित्य और कलाकारों को संरक्षण दिया है। इस मौके पर उन्होंने मलकीत सिंह दाखा, मुहम्मद सादिक, कृष्ण कुमार बावा और कला प्रेमियों के एक ग्रुप से मुलाकात की। धन्यवाद दिया।
तस्वीर: प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान सनी की हिंदी फिल्म आनंद का आनंद लेते हुए। श्री मुहम्मद सादिक, राजीव कुमार लवली, मलकीत सिंह दाखा, कृष्ण कुमार बावा और कला को सम्मानित करते हुए।

भिवाड़ी में अवैध पटाखा फैक्टरी में आग, सात मजदूरों की मौत, दो फंसे

जयपुर, 16 फरवरी (भाषा) राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी कस्बे में सोमवार को आतिशबाजी बनाने वाली एक अवैध फैक्टरी में आग लगने से सात लोगों की जलकर मौत हो गई और दो लोग अंदर फंसे रह गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सुमित्रा पारीक ने बताया, “इस घटना में सात लोगों की मौत हुई है। यह एक परिधान फैक्टरी थी, लेकिन अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।”
उन्होंने कहा कि फैक्टरी में दो लोग फंसे हुए हैं। यह हादसा भिवाड़ी के खुशखेड़ा-करोली औद्योगिक क्षेत्र में हुआ।
पारीक ने कहा, “परिसर को परिधान फैक्टरी के नाम पर किराए पर लिया गया था, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।”
उन्होंने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी नियमित गश्त के दौरान मिली, इसके बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।
जिला कलेक्टर आर्टिका शुक्ला और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुक्ला ने मामले की जांच के आदेश दिए।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार फैक्टरी में 20 से अधिक लोग मौजूद थे। आग लगते ही कई मजदूर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि नौ लोग अंदर फंस गए। इनमें से सात लोग जलकर मर गए। डेढ़ घंटे से अधिक समय बाद आग पर काबू पाया गया। कुछ अस्थियां भी बरामद हुईं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला प्रशासन को तुरंत राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए और वन मंत्री संजय शर्मा को अलवर भेजा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर मोदी के हवाले से कहा कि राजस्थान के भिवाड़ी में आग लगने की घटना, दुखद और बेहद अफसोसजनक है।
मोदी ने कहा, “जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया और जांच की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मजदूरों की मौत पर शोक व्यक्त किया।

साइकिल न मिलने से नाराज बालक घर से निकला, अपहरण की मनगढ़ंत कहानी गढ़ी

गुना (मप्र), सत्ता संदेश (भाषा) मध्यप्रदेश के गुना में शुक्रवार से लापता 12 वर्षीय लड़के को शनिवार सुबह बरामद किया गया, जिसके बाद उसने अपने अपहरण की कहानी सुनायी लेकिन पुलिस जांच में यह दावा झूठा निकला। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
गुना नगर पुलिस अधीक्षक प्रियंका मिश्रा ने बताया कि सातवीं कक्षा का छात्र साइकिल न मिलने से अपने माता-पिता से नाराज था।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को स्कूल में परीक्षा देने के बाद बच्चा घर नहीं लौटा, जिसके बाद परिजनों ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शनिवार सुबह उसे बिलोनिया गांव के पास एक पुल के नीचे ‘बेहोशी’ की हालत में पाया गया।
अधिकारी ने कहा कि लड़के ने पुलिस को बताया कि स्कूल के बाहर कार सवार कुछ लोगों ने उसे कोई नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा कर लिया और बाद में उसे छोड़ दिया। हालांकि, उसके बयान में कई विरोधाभास पाए गए।
उन्होंने बताया कि बाद में उसने स्वीकार किया कि वह साइकिल न मिलने से नाराज होकर राजमार्ग के रास्ते बिलोनिया गांव की ओर पैदल निकल गया था। थकावट के कारण वह पुल के नीचे सो गया।
मिश्रा ने बताया कि बच्चे ने यह भी शिकायत की थी कि उसकी बहनों की इच्छाएं पूरी कर दी जाती हैं, जबकि उसकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता।
उन्होंने बताया कि परामर्श के बाद बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

दिल्ली के आरके पुरम स्थित आभूषण की दुकान से तीन करोड़ रुपये के जेवर चोरी

नयी दिल्ली, (सत्ता संदेश) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के आरके पुरम स्थित एक आभूषण की दुकान से शनिवार तड़के लगभग तीन करोड़ रुपये के सोने और चांदी के जेवर कथित तौर पर चोरी हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि शुक्रवार शाम को दुकान बंद करते समय कुछ गहने अनजाने में तिजोरी के बाहर ही छूट गए थे।
पुलिस ने बताया कि तिजोरी अगली सुबह सही सलामत मिली, लेकिन बाहर रखी चीजें गायब थीं।
पुलिस के अनुसार, चोरी की गई वस्तुओं की सही मात्रा और मूल्य का फिलहाल पता नहीं चल पाया है, लेकिन इनकी कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये है।
पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।

”यह मात्र प्रदर्शनी नहीं, बल्कि गरिमा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का उत्सव है” — डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने चंडीगढ़ में 29वें दिव्य कला मेले का उद्घाटन किया

चंडीगढ़, : “यह मात्र प्रदर्शनी नहीं, बल्कि गरिमा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का उत्सव है।” इन प्रभावशाली शब्दों के साथ डॉ. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, ने आज चंडीगढ़ के एग्ज़ीबिशन ग्राउंड में 29वें दिव्य कला मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने इस मेले को एक परिवर्तनकारी अभियान बताते हुए कहा कि यह देशभर के दिव्यांगजनों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरा है और समावेशी विकास तथा समान अवसर के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

साल 2014 के बाद सशक्तिकरण की यात्रा का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपमानजनक शब्दावली से हटकर “दिव्यांग” जैसे सम्मानजनक शब्द का प्रयोग केवल भाषा का परिवर्तन नहीं, बल्कि दृष्टिकोण का परिवर्तन था। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का लागू होना, दिव्यांगता की श्रेणियों का विस्तार तथा ‘सुगम्य भारत अभियान’ के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों को सुलभ बनाने के प्रयासों ने गरिमा, पहुंच और सहभागिता की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चा सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता से सुनिश्चित होता है। दिव्य कला मेला इसी सोच का साकार रूप है, जो दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों की प्रतिभा को सीधे बाजार से जोड़ता है।

श्री सतनाम सिंह संधू,  माननीय राज्यसभा सांसद, ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप दिव्यांगजनों को सम्मान देना एक ऐतिहासिक कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सम्मान के साथ सशक्तिकरण आवश्यक है। “रोजगार और आत्मनिर्भरता के बिना गरिमा अधूरी है,” उन्होंने कहा और दिव्य कला मेला जैसे मंचों की सराहना की, जो विशेषकर दूर-दराज़ के दिव्यांग युवाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित और विपणन करने का अवसर प्रदान करते हैं।

श्री सौरभ जोशी, चंडीगढ़ के महापौर, ने इस अवसर को प्रतिभा, आत्मविश्वास और मानवीय क्षमता का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में दिव्य कला मेला, दिव्य कला शक्ति और रोजगार मेले का आयोजन समावेशन के प्रति शहर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह संदेश देता है कि दिव्यांगता कोई सीमा नहीं, बल्कि विशिष्ट क्षमता की पहचान है।

अपने स्वागत भाषण में श्री राजीव शर्मा संयुक्त सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD), ने इस पहल के ठोस आर्थिक प्रभाव को रेखांकित किया। पिछले तीन वर्षों में विभिन्न शहरों में आयोजित दिव्य कला मेलों के माध्यम से ₹2366.43 लाख का उल्लेखनीय व्यापार दर्ज किया गया है, जो दिव्यांग उत्पादों की बढ़ती बाजार स्वीकृति और उद्यमशीलता की क्षमता को प्रमाणित करता है। उन्होंने कहा कि ये मेले केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि आर्थिक समावेशन और आत्मनिर्भरता के सशक्त माध्यम हैं।

चंडीगढ़ में आयोजित 29वें दिव्य कला मेले में श्रीमती अनुराधा एस. चगती, सचिव, सामाजिक कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़; श्री विनीत राणा, मुख्य महाप्रबंधक, NDFDC; श्री एम. के. साहू, सहायक महाप्रबंधक, NDFDC सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अब तक देश के 28 स्थानों पर दिव्य कला मेलों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें लगभग 2,362 दिव्यांग उद्यमियों ने भाग लिया और सामूहिक रूप से ₹23 करोड़ से अधिक की आय अर्जित की — जो समावेशी उद्यमिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इन मेलों के माध्यम से सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने हेतु ₹20 करोड़ से अधिक के ऋण भी स्वीकृत किए हैं। साथ ही आयोजित रोजगार मेलों में अब तक 3,131 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 1,007 प्रतिभागियों को शॉर्टलिस्ट किया गया और 313 से अधिक को रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

चंडीगढ़ मेले में लगभग 75 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें दिव्यांग उद्यमियों के साथ-साथ भारत सरकार की संस्थाओं और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी है। 19 फरवरी 2026 को दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। आगंतुक ALIMCO स्टॉल पर सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण कर सकते हैं, जबकि विभिन्न संस्थाएँ सशक्तिकरण से संबंधित नवाचार और नई पहलों का प्रदर्शन कर रही हैं। बोच्चिया, ब्लाइंड क्रिकेट जैसे समावेशी खेलों तथा प्रतिदिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मेला जीवंत बना हुआ है। 21 फरवरी 2026 को “दिव्य कला शक्ति” शीर्षक से विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की जाएगी।

चंडीगढ़ में आयोजित यह मेला केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक सशक्त आंदोलन है — जो यह संदेश देता है कि जब दिव्यांगजन आर्थिक रूप से सशक्त होते हैं, तो वे परिवार, समाज और राष्ट्र को भी सशक्त बनाते हैं। दिव्य कला मेला एक समावेशी भारत की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जहाँ गरिमा, अवसर और आत्मनिर्भरता साथ-साथ चलते हैं।

विधायक बग्गा ने किया विधानसभा उतरी के गली-मोहल्लो में बिछे तारों के जंजाल से मुक्ति दिलाने के लिए पायलट प्रौजैक्ट का शुभांरभ

लुधियाना पश्चिमी सर्कल में प्रौजैक्ट पर खर्च होंगे 98 लाख, 26 हजार 416 रुपये : बग्गा

लुधियाना। (सत्ता संदेश)विधानसभा उतरी के गली-मोहल्लो में बिछे तारों के जंजाल से जनमानस को मुक्ति दिलाने के लिए पायलट प्रौजैक्ट का शुभांरभ विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा ने स्थानीय उपकार नगर से किया। विधायक बग्गा ने पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (पीसीपीसीएल) की तरफ से लुिधयाना पश्चिमी सर्कल के अंर्तगत सिविल लाइन्ज क्षेत्र में आरम्भ हुए पायलट प्रौजैक्ट की जानकारी देते हुए कहा विभाग ने इस कार्य के 98 लाख, 26 हजार 416 रुपये का अनुमानित राशि खर्च करने का प्रावधान किया है। उन्होने उपकार नगर क्षेत्र से विधिवत रुप से तारों के बिखरे व लटकते जाल को हटाने की जानकरी देते हुए कहा लंबे से हर-गली मोहल्ले में तारों के बिछे जाल से लोगो को परेशानियो का सामना करना पड़ रहा था। पंजाब सरकार ने इस जाल को हटाने के लिए विशेष व्यवस्था कर तारों को हटाने के प्रंबध किए है। विधानसभा उतरी में उपकार नगर से शुरु हुए प्रौजेक्ट में बारी-बारी से हर वार्ड व हर गली से क्रमवार ढंग से तारे हटाकर सुचारु रुप से निर्विघ्न बिजली सप्लाई में मददगार साबित होगा। इस अवसर पर वार्ड-70 के आप इंचार्ज कामराज बौबी शर्मा, पुनीत मनोचा, डा. आनन्द मल्हौत्रा, तेजपाल शर्मा, कपिल शर्मा, शिवम शर्मा, पियूष गोयल, अरविन्द गोयल, लक्की डाबर, पवन रुद्रा, अक्षित बजाज, कर्ण बजाज, दीपक बजाज, गितिक गुगलानी, कुकवंत सिंह, राहुल रुद्रा, ओ.पी जैन, कृष्ण गुप्ता,मिक्की, चंदन कपूर, सौरभ तिवाड़ी, नरिन्द्र अरोड़ा, नन्हा भारद्वाज, भंडारी जी व आशीष गुलाटी सहित अन्य भी उपस्थित रहे।