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जरखड़ खेलों के फाइनल में आज 7 व्यक्तित्वों का विशेष सम्मान होगा

लुधियाना, 15 फरवरी (सत्ता संदेश) — माता साहिब कौर स्पोर्ट्स चैरिटेबल ट्रस्ट, गांव जरखड़ द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली जीएसटी ट्रक परमिट, एवॉन साइकिल, 38वीं मॉडर्न पेंडू मिनी ओलंपिक जरखड़ खेलों के फाइनल मुकाबले आज 15 फरवरी 2026 को होंगे।

इस अवसर पर फाइनल समारोह में 15 फरवरी को दोपहर 1 बजे पंजाब के पूर्व डीजीपी एवं खेल समर्थक अधिकारी श्री चंद्रशेखर को “खेल प्रमोटर अमरजीत ग्रेवाल अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। श्री चंद्रशेखर, जो चंडीगढ़ हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, ने हॉकी को फलने-फूलने में मूल्यवान योगदान दिया है।

पद्म श्री बलदेव सिंह को “भगत पूरण सिंह अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अपनी कोचिंग के तहत 200 से अधिक ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों (पुरुष एवं महिला) को तैयार किया है। उनके कोचिंग कौशल के कारण ही शाहाबाद मारकंडा हॉकी सेंटर भारत की हॉकी की राजधानी बन गया है।

प्रभदीप सिंह नथोवाल, डिप्टी डायरेक्टर, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग को “पंजाब का मान अवॉर्ड” प्रदान किया जाएगा। प्रभदीप सिंह एक बहुमुखी प्रतिभाशाली व्यक्तित्व हैं। उनका लेखन कौशल और मंच पर विचार प्रस्तुत करने की कला सराहनीय है।

श्रीमती सिमरनजीत कौर गिल, प्रो वाइस चांसलर, सीटी यूनिवर्सिटी, लुधियाना को “पंजाब की धियों का मान अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। सिमरनजीत कौर गिल का शिक्षा क्षेत्र में मूल्यवान योगदान है।

पत्रकार दविंदरपाल सिंह चंडीगढ़ को “पंजाब की पत्रकारिता का मान अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। पत्रकार दविंदरपाल सिंह की अखबारी लेखनियां और टीवी चैनलों पर राजनीतिक एवं सामाजिक विषयों पर गहन स्टोरीज़ अत्यंत प्रशंसनीय हैं।

उभरते साइक्लिस्ट हरश्वीर सिंह सेखों को “ओलंपियन सुरजीत सिंह रंधावा अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। हरश्वीर सिंह भारतीय साइक्लिंग के भविष्य के उत्तराधिकारी हैं और आगामी एशियाई खेलों में उनसे पदक जीतने की बड़ी उम्मीद है।

वेटरन हॉकी खिलाड़ी करमजीत सिंह ग्रेवाल (यूएसए) को “ओलंपियन प्रिथीपाल सिंह अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। करमजीत सिंह ग्रेवाल जितने उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे, उससे कहीं बेहतर खेल प्रशासक हैं; उनका जीवन हमेशा खेलों के प्रति समर्पित रहा है।

कल 15 फरवरी को फाइनल समारोह में इन व्यक्तित्वों को विभिन्न खेल अवॉर्ड्स, स्मृति चिन्ह और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर के बाद दोपहर 3 बजे प्रसिद्ध लोक गायिकाओं सतविंदर बिट्टी, जसवंत संदीला, नीतू विर्क, गुरजान आदि अन्य गायकों का खुला अखाड़ा भी लगेगा।

पंजाब के विभिन्न जिलों में गुरु रविदास जी पर सेमिनार आयोजित करने का फैसला  

पहला सेमिनार 22 मार्च 2026 को लुधियाना में होगा: जतिवाल  

लुधियाना, 14 फरवरी –
गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं शताब्दी के अवसर पर देश-दुनिया में गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन पर विचार-चर्चा, विभिन्न प्रकार के समागम तथा नगर कीर्तन आदि कार्यक्रम विभिन्न संस्थाओं और संगतों द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं।  

इसी क्रम में पंजाब में गुरु रविदास जी के प्रेमियों ने ‘बाणी विचार चेतना मंच’ के बैनर तले पूरे पंजाब में गुरु रविदास जी से संबंधित अकादमिक और आध्यात्मिकता के समन्वय पर विचार-चर्चा के लिए सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया है।  

इस बारे में जानकारी देते हुए बाणी विचार चेतना मंच के संरक्षक बलविंदर सिंह जतिवाल (पूर्व जीएम मिल्कफेड पंजाब) ने बताया कि ये सेमिनार पंजाब के विभिन्न जिलों में आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत पहला सेमिनार लुधियाना में 22 मार्च को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। यह सेमिनार पूर्ण रूप से श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरु रविदास जी की बाणी और उनके जीवन पर आधारित होगा।  

इस सेमिनार के आयोजन के लिए लुधियाना के प्रेम नगर की घुमार मंडी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें गुरनाम सिंह अकीदा (पटियाला), सोम नाथ चौधरी (पटियाला), पूर्व सरपंच भिंदर सिंह रतनहेड़ी (खन्ना), प्रसिद्ध दलित चिंतक प्रो. डॉ. गुरमीत कल्लर माजरी, स्वर्ण सिंह (पीएयू लुधियाना), बलबीर सिंह खालसा (लुधियाना), जसवीर सिंह पमाली, एससी बीसी टीचर यूनियन पंजाब के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह सलाना आदि ने भाग लिया।  

इस बैठक में फैसला लिया गया कि लुधियाना में होने वाले पहले सेमिनार में दो मुख्य पर्चे पढ़े जाएंगे, जिन पर विचार-चर्चा शुरू की जाएगी, तथा पेपर और चर्चा को समापन देने के लिए दो छोटे पेपर पढ़े जाएंगे। इसके अलावा प्रश्नोत्तर सत्र भी होगा।  

इस सेमिनार के मुख्य अतिथि डॉ. सुरजीत सिंह (जनरल मैनेजर, कैटल फीड वेरका प्लांट, खन्ना) और विशेष अतिथि दलजीत सिंह (जीएम वेरका मिल्क प्लांट, लुधियाना) होंगे।  

इस सेमिनार में इन मूल्यवान विचारों को सुनने के लिए हर धर्म और हर जाति का व्यक्ति शामिल हो सकता है।  

फोटो: लुधियाना के प्रेम नगर की घुमियार मंडी में आयोजित विशेष बैठक का दृश्य।

बठिंडा में युवती की हत्या के मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार

बठिंडा, 14 फरवरी (भाषा) पंजाब के बठिंडा-फाजिल्का राजमार्ग पर बहमन दीवाना के पास एक सूटकेस में आधा जला शव मिलने के मामले में 35 वर्षीय व्यक्ति को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
मृतक की पहचान मोगा जिले के बाघापुराना की सपना उर्फ मलिका के रूप में हुई है। वह कुछ समय से बठिंडा में रह रही थी, उसका शव 11 फरवरी को बरामद किया गया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रिंस कुमार ने नौ फरवरी को सुरखपीर रोड पर स्थित अपने घर पर कथित तौर पर सपना की चाकू मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने कहा कि पता चला है कि दोनों के बीच दोस्ती थी और हत्या के बाद आरोपी ने दो दिन तक शव को अपने घर में रखकर उसे ठिकाने लगाने की कोशिश की।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी ने शव को जलाने का प्रयास किया, लेकिन बाद में आधा जला शव सूटकेस में भर दिया।
उन्होंने कहा कि 10 और 11 फरवरी की दरम्यानी रात वह अपनी कार में सूटकेस लेकर राजमार्ग पर गया और वहां फेंक दिया।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू और शव ले जाने में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है।
बठिंडा की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ज्योति यादव बैंस ने बताया कि आरोपी अकेला रहता था और प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उसने अकेले यह वारदात की। हालांकि, हत्या के पीछे के मकसद का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
जांच के दौरान पुलिस ने परसराम नगर क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें सात फरवरी को युवती आरोपी के साथ दिखाई दी थी।
इसके अलावा, युवती के फोन रिकॉर्ड के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 15 लोगों से पूछताछ की, जिसके बाद संदेह आरोपी प्रिंस कुमार पर केंद्रित हुआ। मामले की जांच जारी है।

शी-बॉक्स पोर्टल: कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा का डिजिटल कवच

लेखिका : श्रीमती सावित्री ठाकुर, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार

भारत जब 2047 में अपनी स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर है, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने महिला-नेतृत्वित विकास को राष्ट्रीय प्रगति का केंद्र बिंदु बनाया है। महिलाओं की समावेशी आर्थिक वृद्धि में निर्णायक भूमिका को स्वीकार करते हुए सरकार ने ऐसा सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील कार्य वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे महिलाएं आत्मविश्वास के साथ कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ सकें। इसी दिशा में कार्यस्थल पर महिलाओं का उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ के रूप में कार्य करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने बीते एक दशक में महिला सशक्तिकरण को केवल एक नारा नहीं, बल्कि नीति, संरचना और प्रभावी क्रियान्वयन का विषय बनाया है। “नारी शक्ति” को राष्ट्र की उन्नति का आधार मानते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में व्यापक संस्थागत सुधार किए गए हैं। इसी दूरदर्शी दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण और व्यावहारिक उदाहरण है महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017 में प्रारंभ किया गया शी-बॉक्स पोर्टल, जो कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय तक सहज पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक सशक्त डिजिटल मंच के रूप में उभरा है।

आज भारत में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। महिला श्रम बल भागीदारी दर 2017-18 में 23.3% से बढ़कर 2023-24 में 41.7% हो गई। सरकारी और निजी क्षेत्रों के साथ-साथ नवप्रारंभ उद्यमों, सेवा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और असंगठित क्षेत्रों में भी महिलाएँ बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। ऐसे में यह अनिवार्य हो जाता है कि कार्यस्थल सुरक्षित, सम्मानजनक और भय-मुक्त हों। कार्यस्थल पर महिलाओं का उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (पोश अधिनियम) इसी उद्देश्य से बनाया गया था। मोदी सरकार ने कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डिजिटल सुशासन के तहत शी-बॉक्स पोर्टल को 29 अगस्त 2024 को तकनीकी सुधारों के साथ पुनः प्रारंभ किया, जिससे यह अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और पारदर्शी बन सके। यह पोर्टल देशभर में गठित आंतरिक समितियों (आंतरिक समिति – आईसी) और स्थानीय समितियों (स्थानीय समिति – एलसी) से संबंधित सूचनाओं का एक केंद्रीकृत भंडार प्रदान करता है।

शी-बॉक्स पोर्टल का उन्नत संस्करण महिलाओं को सीधे संबंधित आईसी या एलसी के पास शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है। इससे शिकायत प्रक्रिया में होने वाली देरी और अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप में कमी आती है। शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक भी कर सकती हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मंच सरकारी या निजी, संगठित या असंगठित — हर क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए समान रूप से सुलभ है। इससे यह स्पष्ट होता है कि मोदी सरकार की महिला सुरक्षा की नीति किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि समावेशी है।

प्रधानमंत्री मोदी के “डिजिटल इंडिया” दृष्टिकोण के अनुरूप, शी-बॉक्स पोर्टल महिलाओं को सुरक्षित, सरल और गोपनीय तरीके से शिकायत दर्ज करने और उसकी प्रगति का ऑनलाइन अनुश्रवण करने की सुविधा देता है। पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत सीधे संबंधित कार्यस्थल की आंतरिक समिति या जिले की स्थानीय समिति तक पहुँचती है। गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि आंतरिक समिति की अध्यक्ष के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शिकायत का विवरण नहीं देख सकता, जिससे पीड़िता की पहचान सुरक्षित रहती है।

पोश अधिनियम के तहत सरकार का दायित्व है कि वह शिकायतों से संबंधित आँकड़ों का संधारण और निगरानी करे। इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी शिकायत की जाँच के लिए 90 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसका पालन सुनिश्चित करने में शी-बॉक्स पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समयबद्ध निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय द्वारा डैशबोर्ड चेतावनी, ईमेल और संदेश के माध्यम से नियमित स्मरण-पत्र भेजे जा रहे हैं। यह सक्रिय प्रणाली मोदी सरकार की उत्तरदायित्व और परिणाम-आधारित शासन की सोच को दर्शाती है।

शी-बॉक्स पोर्टल की प्रभावशीलता में नोडल अधिकारियों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक कार्यस्थल पर नियुक्त नोडल अधिकारी, नियोक्ता, आंतरिक/स्थानीय समिति और शिकायतकर्ता के बीच समन्वय स्थापित करते हैं। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि शिकायतें केवल दर्ज न हों, बल्कि उन पर समय पर और नियमानुसार कार्रवाई भी हो।

महिला-केंद्रित नीतियों के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो आज देश में 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, और लखपति दीदी जैसी पहल के माध्यम से लाखों महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वहीं नमो ड्रोन दीदी जैसी अभिनव योजनाएँ महिलाओं को आधुनिक तकनीक, कृषि सेवाओं और उद्यमिता से जोड़ते हुए उन्हें नए और औपचारिक कार्यक्षेत्रों में प्रवेश का अवसर दे रही हैं। ऐसे में जब बड़ी संख्या में महिलाएँ पहली बार संगठित और औपचारिक कार्यस्थलों का हिस्सा बन रही हैं, शी-बॉक्स पोर्टल जैसा मंच उन्हें यह भरोसा देता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है — न केवल कानून बनाकर, बल्कि उसे ज़मीन पर प्रभावी और जवाबदेह ढंग से लागू करके।

बहुभाषी समर्थन, वास्तविक-समय अनुश्रवण और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से शी-बॉक्स पोर्टल कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को केवल एक कानूनी प्रावधान तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे एक व्यवस्थित, भरोसेमंद और जवाबदेह संस्थागत ढांचे में परिवर्तित करता है।

शी-बॉक्स पोर्टल वास्तव में एक दूरदर्शी दृष्टि का सशक्त प्रतिबिंब है, जहाँ नारी शक्ति को भय से मुक्त कर, सम्मान और आत्मविश्वास के साथ कार्यस्थलों में आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है, ताकि महिलाएँ अपनी पूरी क्षमता के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।

AAP ने लुधियाना में कांग्रेस की घटिया दलित विरोधी सोच के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया
  • कांग्रेस पार्टी पर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए भद्दी और पर्सनल बातों का सहारा लेने का आरोप
  • MLA बग्गा, सिद्धू, ग्रेवाल, मानूके भी कैबिनेट मंत्री मुंडियां के साथ मौजूद रहे

लुधियाना, 13 फरवरी: (सत्ता संदेश)

लुधियाना जिले की पूरी आम आदमी पार्टी टीम ने सीनियर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO जी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भद्दी और अभद्र भाषा के खिलाफ कोर्ट कॉम्प्लेक्स में बैंड-बाजे के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।

पार्टी नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी गिरती राजनीतिक जमीन बचाने के लिए भद्दी और पर्सनल बातों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि यह बयानबाजी सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश है, क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लिए जा रहे जनहितैषी फैसलों और पारदर्शी प्रशासन को लोगों का पूरा समर्थन मिल रहा है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, MLA मदन लाल बग्गा, MLA कुलवंत सिंह सिद्धू, MLA दलजीत सिंह भोला, MLA सरबजीत कौर माणूके, नगर निगम की मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, चेयरमैन गुरजीत सिंह गिल, राजिंदर सिंह बसंत, गुरविंदर सिंह, एडवोकेट परमजीत, जिला अध्यक्ष (शहरी) जतिंदर सिंह खंगूरा, जिला अध्यक्ष ग्रामीण-1 तेजपाल सिंह गिल और जिला अध्यक्ष ग्रामीण-2 गुरदर्शन सिंह खुल्ली, AAP के सीनियर नेता एन.एस. कंग और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद


काठमांडू, 13 फरवरी (भाषा) पशुपतिनाथ मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिनमें लगभग 30 प्रतिशत भारतीय होंगे।
बागमती नदी के तट पर स्थित मंदिर को देश-विदेश, विशेषकर भारत से आने वाले हिंदू श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए रंग-बिरंगी रोशनी, कागज़ी झंडों, फूलों, मालाओं और बैनरों से सजाया गया है।
मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक सुभाष जोशी ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आगामी पांच मार्च को होने वाले चुनाव के मद्देनज़र इस बार मंदिर की सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं और लगभग 8,000 सुरक्षाकर्मियों, जिनमें नेपाली सेना के जवान भी शामिल हैं, की तैनाती की गई है।
उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजा-अर्चना के लिए सैकड़ों नागा बाबाओं सहित लगभग 4,000 साधुओं के मंदिर परिसर में पहुंचने की उम्मीद है।
जोशी ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक नृत्य एवं संगीत कार्यक्रम, भजन-कीर्तन, अलाव और नि:शुल्क भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि मंदिर रविवार को तड़के दो बजे खोला जाएगा और श्रद्धालु चारों दिशाओं से शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क पेयजल, आपातकालीन चिकित्सीय सेवा, स्वयंसेवक सेवा तथा चंदन टीका वितरण की व्यवस्था की गई है।
जोशी ने बताया कि वृद्ध, बीमार और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि वे आसानी से मंदिर में प्रवेश कर सकें। उनके अनुसार, मंदिर परिसर में शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
महाशिवरात्रि के अवसर पर कम से कम 2,500 स्वयंसेवकों और 26 संगठनों को तैनात किया गया है।
जोशी ने बताया कि नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के भी दिन में करीब साढ़े चार बजे दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।

मध्यप्रदेश के मुरैना में ट्रक-मोटरसाइकिल टक्कर में एक परिवार के तीन व्यक्तियों की मौत
 मुरैना, 12 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में ट्रक और मोटरसाइकिल की टक्कर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में एक बच्ची भी शामिल है।
 हादसे में परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
 पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना से आक्रोशित लोगों ने बृहस्पतिवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जाम लगा दिया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
 नगर पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपाली चंदोरिया ने बताया कि यह हादसा शाम करीब साढ़े पांच बजे सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में दाल मिल के पास हुआ। राजस्थान के धौलपुर की ओर से आ रहे ट्रक ने हिंगोना गांव से मोटरसाइकिल पर जा रहे परिवार को पीछे से टक्कर मार दी।
 हादसे में रामबरन जाटव की पत्नी रामरती (45), उनकी बहू पूनम (25) और दो वर्षीय पोती काव्या की मौके पर ही मौत हो गई। मोटरसाइकिल चला रहे रामबरन जाटव (46) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि रामबरन दूर जा गिरे, जबकि अन्य तीनों ट्रक की चपेट में आ गए।
 सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा बुझाकर तथा आरोपी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देकर करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया।
 सिविल लाइंस थाना पुलिस के अनुसार शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। चंदोरिया ने बताया कि ट्रक नंबर के आधार पर वाहन मालिक का पता लगाया जा रहा है तथा फरार चालक की तलाश जारी है।
कोडीन के सेवन से कोई मौत नहीं हुई: नड्डा
नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से कोडीन आधारित कफ सिरप के सेवन से जुड़ी मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है।
नड्डा ने लोकसभा में प्रश्नकाल में कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए यह बात कही।
कांग्रेस सदस्य ने पूछा था, ‘‘उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में (कोडीन आधारित कफ सीरप के सेवन से) बड़े पैमाने पर मौतें हुईं हैं, क्या सरकार सीबीआई जांच कराएगी और मौत के मामलों में परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा?’’
नड्डा ने जवाब में कहा, ‘‘मैंने अपने (लिखित) उत्तर में बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कोडीन आधारित कफ सिरप के सेवन से जुड़ी मौत का कोई मामला किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश से नहीं आया है। जब कोडीन टॉक्सिन से कोई मौत नहीं हुई है तो फिर मुआवजे का प्रश्न ही नहीं उठता।’’
इस मामले में सीबीआई जांच कराने के सवाल पर नड्डा ने कहा कि जब इससे कोई मृत्यु ही नहीं हुई है तो सीबीआई जांच की मांग कैसे की जा सकती है।
तेलुगु देशम पार्टी के कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सरकार से पूछा कि क्या बाजार से खराब और संदूषित दवाओं को वापस बुलाने के लिए सरकार की कोई नीति लाने की योजना है?
जवाब में नड्डा ने कहा कि दवाओं का निरीक्षण किया जाता है और कोई दवा यदि घटिया या मानव सेवन के लिए उपयुक्त नहीं पायी जाती है तो एक प्रक्रिया के तहत उसे वापस लिया जाता है।
सरकारी स्कूल के 19 छात्र अधिक मात्रा में आयरन की गोलियों लेने के बाद अस्पताल में भर्ती
चंद्रपुर, 13 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के एक जिला परिषद स्कूल के 19 छात्रों ने बिना किसी की निगरानी में अत्यधिक मात्रा में एनीमिया रोधी गोलियों का सेवन कर लिया जिससे वे बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
 अधिकारियों ने बताया कि भद्रावती तहसील के भामदेली गांव से घटना की सूचना मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।
 अधिकारियों के अनुसार, छात्रों को हर सोमवार को आयरन की गोलियां दी जाती हैं। हालांकि, जिला परिषद (जिप) स्कूल के कुछ छात्रों ने कथित तौर पर मंगलवार को शिक्षकों की अनुपस्थिति में अधिक गोलियां खा लीं।
 जिला परिषद के जिला स्वास्थ्य अधिकारी अशोक कटारे ने बताया कि बुधवार रात को कुल 19 छात्रों ने चक्कर आने और अत्यधिक अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रशासन ने एंबुलेंस बुलाई और उन्हें चंद्रपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
 चिकित्सकों के अनुसार, 16 छात्रों की हालत स्थिर है। उन्होंने बताया कि तीन छात्र निगरानी में हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह ने मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
दूरदर्शन की पूर्व समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का निधन
नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) दूरदर्शन की पूर्व समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का बृहस्पतिवार को यहां निधन हो गया। उनके परिवारिक मित्र शम्मी नारंग ने यह जानकारी दी। 
 माहेश्वरी 71 वर्ष की थीं और 1980 और 1990 के दशक में टीवी समाचार जगत के सबसे जाने-माने चेहरों में से एक थीं।
 उन्होंने 1976 से 2005 तक दूरदर्शन पर समाचार वाचिका के रूप में कार्य किया था। माहेश्वरी उस दौर में दूरदर्शन की जानी-मानी समाचार वाचिका थीं, जब प्रसारण पूरे दिन में कुछ ही घंटों तक सीमित था।
  नारंग ने ‘एक्स’ और इंस्टाग्राम पर इस खबर की जानकारी देते हुए पोस्ट किया।
 नारंग ने कहा, ‘‘दूरदर्शन में मेरी पूर्व सह-समाचार प्रस्तोता सरला माहेश्वरी के निधन की जानकारी देते हुए मुझे अत्यंत पीड़ा हो रही है।’’
उन्होंने माहेश्वरी को ‘‘शिष्टता और विनम्रता की साक्षात प्रतिमूर्ति’’ के रूप में याद किया।
 नारंग ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट किया, ‘‘मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि दूरदर्शन में मेरी पूर्व सह-समाचार प्रस्तोता सरला माहेश्वरी का निधन हो गया है... वह न केवल दिखने में सुंदर थीं बल्कि हृदय से भी कहीं अधिक उदार थीं, भाषा पर उनकी अद्भुत पकड़ थी और वह ज्ञान का भंडार थीं।’’
 उन्होंने कहा, ‘‘दूरदर्शन के पर्दे पर उनकी उपस्थिति का एक विशिष्ट प्रभाव था। वह सभी का सम्मान करती थीं और जिस भी क्षेत्र का हिस्सा होती थीं, उसे एक नयी दिशा देती थीं।’’
उनका अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर शाम को किया जायेगा।
खबरों के मुताबिक, माहेश्वरी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के बाद सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन में काम करना शुरू किया था। तीन दशकों के अपने करियर में माहेश्वरी ने टेलीविजन समाचारों के श्वेत-श्याम से रंगीन प्रसारण में परिवर्तन को देखा।
 दूरदर्शन नेशनल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दूरदर्शन परिवार की ओर से श्रीमती सरला माहेश्वरी को भावभीनी श्रद्धांजलि। वह दूरदर्शन की एक सम्मानित और प्रतिष्ठित समाचार वाचिका थीं, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज, सटीक उच्चारण और गरिमामय प्रस्तुति से भारतीय समाचार जगत में एक विशेष स्थान बनाया था। 

उनकी सादगी, संयम और व्यक्तित्व ने दर्शकों के दिलों में गहरा विश्वास अर्जित किया।’’