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छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाएं बरसों से फाइलों पर ही दौड़ रहीं, पटरियों पर नहीं : राजीव शुक्ला

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाओं के बरसों से फाइलों पर ही रहने का दावा करते हुए कांग्रेस के सांसद राजीव शुक्ला ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि सभी राज्यों पर समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

उच्च सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए शुक्ला ने कहा कि दल्ली राजहरा से रावघाट और आगे जगदलपुर तक ट्रेन का विस्तार लंबे समय से प्रतीक्षित है तथा यह बस्तर के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा ‘‘खरसिया से धर्मजयगढ़ और गेवरा रोड से पेंड्रा रोड की नयी लाइनों की घोषणा उत्साह से हुई लेकिन फिर कुछ नहीं हुआ। ’’

शुक्ला ने कहा कि इसी तरह सारंगढ़, बिलाईगढ़ और आसपास के क्षेत्र की बरसों पुरानी मांग रायपुर-सारंगढ़-झारसुगुड़ा नयी रेल परियोजना भी 15 साल बीत जाने के बावजूद कागजों पर ही है।

उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर से मिली जानकारी के अनुसार, इस परियोजना का सर्वेक्षण 2010 में हुआ था और तब इसकी लंबाई 310 किमी और लागत 2161 करोड़ रुपये थी।

शुक्ला ने कहा ‘‘अब तो 15 साल बीत गए लेकिन यह फाइलों में ही है। सर्वेक्षण को डेढ़ दशक से अधिक समय बीत गया, जाहिर है कि लागत बढ़ गई होगी। यह रेल लाइन ही नहीं बल्कि दो महत्वपूर्ण राज्यों के बीच आर्थिक संपर्क की पटरी है। इसका पुन: सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए, इसकी लागत का मूल्यांकन कराना चाहिए और इस पर यथाशीघ्र अमल कर इसे पूरा करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि सारंगढ़ और आसपास का क्षेत्र धान उत्पादन, सिल्क व्यापार के लिए जाना जाता है और खनिज संसाधनों से भरपूर नजर आता है।

कांग्रेस सदस्य ने कहा कि कई साल से राज्य की रेल परियोजनाएं फाइलों पर ही दौड़ रही हैं और पटरियों पर उनका नामोनिशान नहीं है। उन्होंने कहा कि नयी घोषणाएं हो जाती हैं लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि पिछली योजनाएं कहां तक पहुंचीं।

उन्होंने कहा ‘‘जिस तरह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सबके साथ समान व्यवहार करते हैं, उसी तरह मैं अन्य मंत्रियों से भी अनुरोध करता हूं कि वे भी हर राज्य के साथ समान व्यवहार करें।’’

पूर्ववर्ती सरकारों ने न सिर्फ उप्र का विश्वास तोड़ा, नौजवानों के सपने भी तोड़े: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 24 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की पूर्ववर्ती सरकारों को विकास विरोधी करार देते हुए मंगलवार को कहा कि उन्होंने न केवल प्रदेश का विश्वास तोड़ा, बल्कि यहां के युवाओं के ‘‘सपनों को भी चकनाचूर’’ किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां उन्नत सिंगल विंडो पोर्टल ‘निवेश मित्र 3.0’ की शुरुआत करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह विश्वास, जिसे राजनीतिक कारणों से पिछली सरकारों ने तोड़ा था, केवल विश्वास नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के नौजवानों के सपनों को भी चकनाचूर किया गया था।’’

समारोह में उपस्थित निवेशकों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश देश के भीतर निवेश के एक विशेष गंतव्य के रूप में स्थापित हो—यह सपना नौ वर्ष पहले देखा गया था। आप सभी की उपस्थिति उस सपने को जमीन पर उतारने का कार्य कर रही है।’’

योगी ने कहा, ‘‘आपने प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार पर विश्वास किया है। आपके इस विश्वास पर खरा उतरने और आपको अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए इस सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं।’’

मुख्यमंत्री ने भाजपा नीत सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके कारण उत्तर प्रदेश पूरे देश में निवेश के प्रमुख स्थल के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस विश्वास को देखकर लगता है कि वास्तव में यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।’’

विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेशवासियों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था। देश की सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाए गए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में डबल इंजन की उत्तर प्रदेश सरकार पर आपने जो विश्वास नौ वर्षों से लगातार व्यक्त किया है, उस पर खरा उतरने के लिए हमारी टीम ने निरंतर परिश्रम किया है और उसके परिणाम हर स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।’’

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘वादे बहुत किए जाते हैं, लेकिन निभाए नहीं जाते। जब से देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार बनी है, तब से वातावरण में व्यापक बदलाव आया है।’’

मौर्य ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने से लोग डरते थे, लेकिन अब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति आई है और राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार निरंतर बढ़ रहा है।

इस अवसर पर मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और राज्य मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी समारोह को संबोधित किया।

केरल में एलडीएफ-राजग की ‘मिलीभगत’, सरकार को फायदा पहुंचा रही भाजपा: सचिन पायलट

तिरुवनंतपुरम, 24 मार्च (भाषा) केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य में पिनराई विजयन नीत सरकार बरकरार रखने में ‘‘मदद’’ कर रहा है और ‘‘तथ्य’’ बताते हैं कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की राजग के साथ ‘‘मिलीभगत’’ है।

केरल चुनावों के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक पायलट ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री विजयन पर निजी लाभ के लिए, विशेषकर भ्रष्टाचार मामलों की जांच से बचने के उद्देश्य से भाजपा के साथ परोक्ष रूप से काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रयास सफल नहीं होंगे क्योंकि ‘‘जनता उनके छल और झूठ को समझ चुकी है।’’

विजयन ने हाल में ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा था कि कांग्रेस राज्य में भाजपा की ‘‘बी-टीम’’ की तरह काम कर रही है।

इसपर पलटवार करते हुए पायलट ने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री ऐसे आरोप कैसे लगा रहे हैं, जबकि तथ्य बताते हैं कि माकपा और एलडीएफ ही भाजपा और राजग के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। आज भी केरल चुनाव में राजग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलडीएफ की सत्ता बरकरार रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का इसमें ज्यादा कुछ दांव पर नहीं है। कुछ क्षेत्रों में उसे वोट मिलने की उम्मीद हैं, जिन्हें वह वामपंथी उम्मीदवारों की ओर मोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि वे तीसरी बार सत्ता में आ सकें, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है।’’

अपने साक्षात्कार में विजयन ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘‘भाजपा की बी-टीम’’ बताया था। इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों ने केरल के मुख्यमंत्री को छोड़कर देश के अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया है या पूछताछ के लिए तलब किया है।

वाम सरकार पर हमला तेज करते हुए पायलट ने कहा कि राज्य की वामपंथी सरकार और केंद्र की भाजपा नीत सरकार पिछले 10 वर्षों से साथ मिलकर काम कर रही हैं।

पायलट ने कहा कि उन्होंने माकपा नीत गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री या भाजपा के खिलाफ कोई बड़ा प्रदर्शन, आंदोलन या विरोध नहीं देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘वायनाड त्रासदी हुई। उन्होंने करोड़ों रुपये की मांग की, लेकिन हमें केवल कर्ज मिला। क्या वाम दल प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठे? प्रियंका गांधी और यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) के सभी सांसदों ने भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।’’

कुछ सांसदों द्वारा विधानसभा टिकट की इच्छा जताए जाने की खबरों पर पायलट ने कहा कि कुछ नेताओं की इच्छा हो सकती है, लेकिन पार्टी ने सिद्धांत तय किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘परंपरा और सिद्धांत के तौर पर पार्टी ने फैसला किया है कि कोई भी मौजूदा सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा।’’

कन्नूर से टिकट मांगने वाले वरिष्ठ लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन की सराहना करते हुए पायलट ने उन्हें अनुशासित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के निर्णय का सम्मान किया।

यूडीएफ की संभावनाओं पर उन्होंने सटीक आंकड़ा बताने से इनकार किया, लेकिन ‘‘बहुमत’’ मिलने का विश्वास जताया।

राहुल गांधी की पांच गारंटी और घोषणापत्र जारी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं, इसलिए प्रक्रिया में समय लग रहा है।

उन्होंने कहा कि गारंटी तत्काल प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं, जबकि घोषणापत्र व्यापक दृष्टि प्रस्तुत करेगा।

केरल विधानसभा की 140 सीट के लिए मतदान नौ अप्रैल को चुनाव होंगे

कोल्ड स्टोरेज’ ढहने के मामले में आरोपी पुलिस हिरासत में

प्रयागराज, 24 मार्च (भाषा) प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र में ‘कोल्ड स्टोरेज’ के अचानक ढह जाने से चार श्रमिकों की मौत के मामले में पुलिस ने ‘कोल्ड स्टोरेज’ के मालिक एवं समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक अंसार अहमद को मंगलवार को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस उपायुक्त (गंगा नगर) कुलदीप गुनावत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस मामले में सोमवार देर रात सात नामजद और चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘कोल्ड स्टोरेज के मालिक अंसार अहमद को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।’’

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने इस प्रकरण की जांच एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनिता सिंह को सौंपी है।

विनिता सिंह ने बताया कि इस घटना की प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट दो दिन में सौंपी जानी है, जबकि विस्तृत जांच की रिपोर्ट सात दिनों में दी जाएगी।

पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के मुताबिक फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में एक ‘कोल्ड स्टोरेज’ का एक हिस्सा ढह सोमवार दोपहर को गया।

उन्होंने बताया कि घटना में चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि 14 श्रमिक घायल हैं जिनका इलाज एसआरएन अस्पताल में किया जा रहा है।’’

कुमार ने कहा, “हम इस बात की पूरी जांच करेंगे कि इस कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस का कब नवीनीकरण हुआ था और खंडहर जैसे भवन वाले इस कोल्ड स्टोरेज को कैसे लाइसेंस दिया गया। इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

कोल्ड स्टोरेज ढहने और वहां बने टैंक से अमोनिया गैस का रिसाव होने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी।

द्रमुक और वीसीके के बीच सीट बंटवारे पर समझौता आज संभव: मंत्री शिवशंकर

चेन्नई, 24 मार्च (भाषा) तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) मंगलवार को अपने गठबंधन सहयोगी विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के साथ सीट बंटवारे के समझौते पर हस्ताक्षर कर सकती है। परिवहन और बिजली मंत्री एस.एस. शिवशंकर ने यह जानकारी दी।

द्रमुक के वरिष्ठ नेता ने बताया कि सेक्युलर प्रोग्रेसव अलायंस (एसपीए) का नेतृत्व कर रहे द्रमुक ने सोमवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को पांच सीट आवंटित कर समझौते को अंतिम रूप दिया था और अब मंगलवार को वीसीके के साथ समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

उन्होंने सोमवार देर रात पत्रकारों से कहा कि द्रमुक ने विधानसभा चुनावों के लिए अपना प्रचार अभियान पहले ही शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा, “द्रमुक ने अपना प्रचार शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री (उदयनिधि स्टालिन) पहले से ही चुनाव प्रचार कर रहे हैं। हम 2026 का चुनाव जीतेंगे।”

पार्टी ने अब तक कांग्रेस को 28 सीट, वायको के नेतृत्व वाली मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) को चार सीट, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और मनिथनेया मक्कल काची को दो-दो सीट और कोंगुनाडु मक्कल देसिया काची (केएमडीके) को दो सीट आवंटित की हैं।

वहीं, कई दौर की बातचीत के बाद वाम दलों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और माकपा को भी पांच-पांच सीटें दी गई हैं।

विद्युत क्षेत्र में भारत के नेतृत्वकारी क्षमता की राह बुलंद करना: नई विकास गाथा को ऊर्जा प्रदान कर रहा है भारत
  • श्री मनोहर लाल

प्राचीन प्रार्थना “तमसो मा ज्योतिर्गमय” – अर्थात हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो – केवल आध्यात्मिक आकांक्षा भर नहीं, अपितु आधुनिक भारत की गाथा को भी दर्शाती है। बीते दशक में, कभी लगातार कमी से परिभाषित होने वाले विद्युत इकोसिस्‍टम को दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते, सबसे वैविध्‍यपूर्ण  और सुधार-प्रेरित विद्युत बाज़ारों में से एक में परिवर्तित कर हमने इस आदर्श भावना को वास्तविकता में बदल दिया है।

            जैसे-जैसे भारत स्वयं को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र, उभरती हुई डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित कर रहा है, वैसे-वैसे विद्युत क्षेत्र हमारी राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता की आधारशिला बन गया है।             पिछले दशक में, हमने उत्पादन और पारेषण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे राष्ट्रीय ऊर्जा की कमी वित्त वर्ष 2013–14 में 4.2% से घटकर वित्त वर्ष 2025–26 तक मात्र 0.03% रह गई है। केवल वित्त वर्ष 2025–26 में ही (जनवरी 2026 तक), सभी स्रोतों से रिकॉर्ड 52.53 गीगावाट क्षमता जोड़ी गई है, जो एक ही वर्ष में जोड़ी गई अब तक की सर्वाधिक क्षमता है, जिसने  2024–25 में स्थापित 34.05 गीगावाट के पिछले सर्वोच्च स्तर को भी पार कर लिया है। कुल विद्युत उत्पादन वित्त वर्ष 2014 में 1,020.2

बीयू से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 1,830 बीयू हो गया है।  प्रति व्यक्ति खपत 2014 में 957 किलोवाट-घंटे से बढ़कर 2025 में 1,460 किलोवाट-घंटा हो गई है, जो आर्थिक विकास और बेहतर पहुँच को दर्शाती है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि हर घर, खेत और उद्योग के पास उसकी आवश्यकता के अनुसार विश्वसनीय विद्युत उपलब्‍ध हो  और भारत अब दुनिया में विद्युत का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता बन गया है।

            यद्यपि हम 520 गीगावाट से अधिक विद्युत उत्‍पादित करने में सक्षम हैं, लेकिन किसी भी प्रणाली की असली परीक्षा अधिकतम मांग या पीक लोड को बिना किसी तरह के संचालनात्मक दबाव के संभाल सकने की उसकी क्षमता होती है। साल 2024 की गर्मियों में अधिकतम मांग रिकॉर्ड 250 गीगावाट तक पहुँच गई थी और वित्त वर्ष 2025–26 में यह 242.49 गीगावाट रही। इससे पहले मांग में इस तरह की वृद्धि से ग्रिड पर दबाव पड़ सकता था, लेकिन हमारे लोड डिस्पैच केंद्रों ने लगभग शून्य ऊर्जा हानि के साथ इसे सफलतापूर्वक प्रबंधित किया। यह मजबूती दुनिया के सबसे बड़े समकालिक ग्रिडों में से एक के कारण संभव हुई है, जिसमें 120 गीगावाट अंतर-क्षेत्रीय स्थानांतरण क्षमता है, जो देश को “एक राष्ट्र-एक ग्रिड-एक फ्रीक्वेंसी” में एकीकृत करती है।

            प्रेरणादायक बात केवल यह नहीं है कि हम कितनी विद्युत का उत्‍पादन करते हैं, बल्कि यह भी है कि हम उसे कैसे उत्‍पादित करते हैं। गैर-जीवाश्म ईंधन पर आधारित क्षमता का अंश तेजी से बढ़ा है, जिसकी बदौलत भारत 50% संचयी गैर-जीवाश्म ईंधन पर आधारित विद्युत क्षमता हासिल करने के अपने एनडीसी लक्ष्य को निर्धारित समय से लगभग पाँच वर्ष पहले ही हासिल करने में समर्थ हो सका है। यह स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु के प्रति हमारी संकल्‍पबद्धता को दर्शाता है। 2014 से, मिशन मोड योजनाओं के माध्यम से विद्युत क्षेत्र को नए रूप में ढाला गया है, जिन्होंने पहुँच का विस्तार करते हुए सतत परिवर्तन को भी गति दी है। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना ने भारत के हर गांव तक बिजली पहुँचायी, इसके बाद सौभाग्य योजना आई, जिसने लाखों घरों को बिजली से रोशन किया और ऊर्जा तक पहुँच को सभी के लिए वास्तविकता बना दिया।

            एक अन्य परिवर्तनकारी सुधार सितंबर 2025 में समान आईएसटीएस सबस्टेशनों पर सौर और गैर-सौर घंटों के लिए अलग-अलग कनेक्टिविटी की शुरुआत है। सौर परियोजनाओं को सौर घंटों के दौरान पहुँच मिलती है, जबकि भंडारण और पवन परियोजनाओं को गैर-सौर घंटों में पहुँच मिलती है। इससे बड़ी मात्रा में अप्रयुक्त पारेषण क्षमता का उपयोग संभव होता है, अतिरिक्त लाइनों की आवश्यकता के बिना नवीकरणीय और भंडारण परियोजनाओं के कमीशनिंग में तेजी आती है, पारेषण लागत घटती है और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होता है।

            डिजिटल सशक्तिकरण हमारे आधुनिकीकरण की गाथा का महत्वपूर्ण अंश है। संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत 3.03 लाख करोड़ रुपये के खर्च के साथ हम पूरे देश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू कर रहे हैं, जिससे उपयोगिताओं और नागरिकों के बीच संबंधों में परिवर्तन आ रहा है। इस योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ चुके हैं: एटी एंड सी हानियां 2021 में 21.91% से घटकर 2025 में 15.04% हो गई हैं, और प्रति यूनिट आपूर्ति पर अंडर-रिकवरी 69 पैसे से घटकर 6 पैसे रह गई है।

            जैसे-जैसे हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, भविष्य की मांग का पूर्वानुमान लगाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि वर्तमान मांग का प्रबंधन करना। डेटा सेंटर की क्षमता 2030 तक 1.4 गीगावाट से बढ़कर 9 गीगावाट होने का अनुमान है, और केवल ये सुविधाएँ ही भारत की कुल विद्युत खपत के लगभग 3% का उपयोग कर सकती हैं।             हमारा अगला लक्ष्य एआई, अनुसंधान एवं विकास और अन्य प्रौद्योगिकी-संचालित इकोसिस्टम से उत्पन्न विद्युत की विशाल और लगातार बढ़ती मांग को निरंतर रूप से पूरा करना है। जैसे-जैसे नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार हो रहा है, ऊर्जा भंडारण अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। भारत तेजी से बढ़ती डिजिटल अवसंरचना को स्वच्छ ऊर्जा से संचालित करने के लिए पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों का बड़े पैमाने पर विकास कर रहा है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन भारत को स्वच्छ ईंधनों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है, ग्रिड स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा की अधिक पैठ को बढ़ावा दे रहा है।

            हम परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी निर्णायक कदम उठा रहे हैं, जो कम कार्बन और विश्वसनीय पावर मिक्‍स का एक आवश्यक हिस्सा है। 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता का हमारा लक्ष्य और SHANTI अधिनियम, 2025, हमारी तकनीकी संप्रभुता को प्रमाणित करते हैं और निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए कानूनी व नीतिगत ढाँचा तैयार करते हैं। अब हमें जो चाहिए, और जिसे यह समिट उत्प्रेरित कर सकता है, वह है तकनीक, वित्त और आपूर्ति श्रृंखलाओं में वैश्विक साझेदारियाँ। विकसित भारत को ऊर्जा प्रदान करने, ग्‍लोबल साउथ में विद्युतीकरण को तेज करने और मजबूत, भविष्य-सक्षम ऊर्जा तंत्र बनाने के लिए, हमें महत्वाकांक्षा तक सीमित न रह कर, समन्वित कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ना होगा। यही वह समय है जब सरकारें, उद्योग जगत के दिग्‍गज, नवप्रवर्तनकर्ता और वैश्विक साझेदार मिलकर एक ऐसी नई ऊर्जा संरचना का निर्माण करें—जो स्वच्छ, विश्वसनीय, डिजिटल रूप से एकीकृत और वैश्विक रूप से आपस में जुड़ी हुई हो। भारत को सीमा-पार विद्युत सहयोग का नेतृत्व करना चाहिए; अगली पीढ़ी के पारेषण, डिजिटल ग्रिड इंटेलिजेंस और ओएसओडब्ल्यूओजी -संरेखित बाजार तंत्र में साहसपूर्वक निवेश करना चाहिए; और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोपावर नवाचार, लचीले गैस संसाधनों और स्वच्छ ऊर्जा का त्वरित उपयोग करना चाहिए। इस गति को ट्रांसमिशन सिस्टम ऑपरेटर और डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम ऑपरेटर के बीच मजबूत समन्वय और 2047 तक के लिए एकीकृत पावर सेक्टर रोडमैप द्वारा और भी सुदृढ़ किया जाना चाहिए, जो भारत को मजबूत, टिकाऊ और किफायती विद्युतीकरण का वैश्विक मॉडल बनाए।

            इस पृष्ठभूमि में, नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 विशेष महत्व रखता है। यह ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है जब राष्ट्र टिकाऊ, सुरक्षित और प्रौद्योगिकी-संचालित विद्युत तंत्र की दिशा में अपने संक्रमण को तेज कर रहा है।

            “विकास को विद्युतीकृत करना, टिकाऊ भविष्य को मजबूत बनाना और दुनिया से जुड़ना” (अर्थात इलेक्ट्रिफाइंग ग्रोथ, एम्पावरिंग सस्टेनेबिलिटी, कनेक्टिंग ग्लोबली) विषय के साथ, यह समिट विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाते हुए वैश्विक ऊर्जा संक्रमण में भारत की नेतृत्वकारी  क्षमता को प्रदर्शित करेगा। यह बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण, नवीकरणीय क्षमता के विस्तार और ग्रिड विश्वसनीयता को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा। यह समिट सहयोग, नीतिगत संवाद और निवेश जुटाने के लिए राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों स्तर पर एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा।

            हमारा अनुमान है कि 2032 तक विद्युत उत्पादन में 345 बिलियन डॉलर और पारेषण एवं वितरण में 68 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश संभावित है, जबकि केवल ऊर्जा भंडारण में ही 35 बिलियन डॉलर से अधिक का अवसर मौजूद है। यह वास्तविक मांग पर आधारित है, क्योंकि भारत की कुल उत्पादन क्षमता पहले ही 520 गीगावाट से अधिक है और तेजी से बढ़ रही है, साथ ही ग्रिड के उत्सर्जन तीव्रता घट रही है।

आइए, हम सभी एकजुट होकर विकसित भारत को ऊर्जा प्रदान करें और ग्‍लोबल साउथ की साझा समृद्धि के मार्ग को आलोकित करें।

(लेखक भारत सरकार के केंद्रीय विद्युत मंत्री हैं)

आयकर विभाग ने चंडीगढ़ में शहीदी दिवस का आयोजन किया

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र, श्री अशोक कुमार सरोहा के संरक्षण में आयकर विभाग द्वारा एनआईटीटीटीआर सभागार, सेक्टर-26, चंडीगढ़ में शहीदी दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया।इस अवसर पर विभाग द्वारा क्षेत्र के उन शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मेजर अनुज राजपूत, कैप्टन सतीश चंद्र सहगल, कैप्टन रमेश चंदर शर्मा, लांस नायक हरचंद तथा लांस नायक विक्रम सिंह के अदम्य साहस एवं बलिदान को गहरी श्रद्धा एवं कृतज्ञता के साथ स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य आयकर आयुक्त, पंचकूला एवं शिमला, सुश्री विदिशा कालरा, आई.आर.एस.; महानिदेशक आयकर (अन्वेषण), सुश्री वत्सला झा, आई.आर.एस.; मुख्य आयकर आयुक्त, अमृतसर, डॉ. जी. एस. फणी किशोर, आई.आर.एस.; तथा मुख्य आयकर आयुक्त (ओएसडी), सुश्री कोमल जोगपाल, आई.आर.एस. शामिल थीं।

शहीदों के परिजनों को विभाग की ओर से सम्मान एवं कृतज्ञता के प्रतीक स्वरूप विशेष रूप से निर्मित स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत सतलुज पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा देशभक्ति गीतों की समूह एवं एकल प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ के प्रख्यात नाट्य समूह “मंथन” द्वारा भगत सिंह एवं अन्य स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

इस अवसर को चिह्नित करते हुए, पूर्वाह्न में आयकर भवन, चंडीगढ़ एवं पंचकूला में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। ये शिविर पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़, नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (निफा), श्री राकेश कुमार सांगड़ के नेतृत्व में, तथा श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री पूनम राय, आई.आर.एस. द्वारा किया गया तथा इसमें विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। यह आयोजन राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान की भावना को समर्पित एक गरिमामय एवं स्मरणीय श्रद्धांजलि के रूप में संपन्न हुआ।

दिल्ली में हड़कंप: बजट पेश होने से पहले विधानसभा, मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी

नेशनल डेस्क: दिल्ली सरकार का आज बजट पेश होने वाला है, लेकिन उससे ठीक पहले राजधानी में बम की धमकी मिलने से सनसनी फैल गई है,। जानकारी के अनुसार, दिल्ली विधानसभा, विधानसभा मेट्रो स्टेशन और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने के धमकी भरे ईमेल मिले हैं।ईमेल के जरिए मिली धमकी धमकी भरे ये ईमेल आज सुबह प्राप्त हुए।

स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को सुबह 7:49 बजे और विधानसभा को सुबह 7:28 बजे यह ईमेल आया। इस ईमेल की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एलजी तरनजीत संधू जैसे देश के शीर्ष नेतृत्व के नामों का जिक्र है। इसके अलावा, ईमेल में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का नाम भी शामिल है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। सुरक्षाकर्मी विधानसभा स्पीकर के कमरे और परिसर की सघन जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी एक अलग से धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब विधानसभा में बजट सत्र की महत्वपूर्ण कार्यवाही होनी है।

लुधियाना में AAP विधायक की दबंगई: बुजुर्ग को स्टेज से लात मारकर नीचे गिराया; पीड़ित ने कहा- “अब गांव में नहीं घुसने देंगे नेता”

पंजाब डेस्क: लुधियाना के दुगरी इलाके में 8 मार्च को मशहूर पंजाबी गायक अमर सिंह चमकीला और अमरजोत कौर की बरसी पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पटियाला के नाभा से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक गुरदेव सिंह देव मान द्वारा एक बुजुर्ग को स्टेज से नीचे धकेलने और लात मारने का मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक स्टेज पर खड़े एक बुजुर्ग को पैर से धक्का देकर नीचे गिराते नजर आ रहे हैं।

पीड़ित बुजुर्ग ने नकारा ‘नशे’ का दावा: विधायक देव मान ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा था कि वह व्यक्ति शराब के नशे में था और बार-बार स्टेज पर चढ़कर कार्यक्रम में खलल डाल रहा था। हालांकि, पीड़ित बुजुर्ग कुलवंत सिंह, जो संगरूर के सारोन गांव के रहने वाले हैं, ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि वे नशे में नहीं थे, बल्कि वे सिंगर का गाना पसंद आने पर उसे इनाम के तौर पर कुछ पैसे देने के लिए स्टेज पर गए थे।

लात मारने से आई अंदरूनी चोटें: कुलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें किसी कर्मचारी ने नहीं रोका, लेकिन विधायक ने अचानक उनकी बाजू पकड़ी, उन्हें मंच से घसीटा और लात मारकर नीचे गिरा दिया। उन्होंने बताया कि स्टेज से गिरने के कारण उन्हें अंदरूनी चोटें भी आई हैं।

पार्टी कार्यकर्ता रह चुके हैं पीड़ित, गांव में घुसने पर लगाई पाबंदी: हैरानी की बात यह है कि पीड़ित कुलवंत सिंह खुद भी आम आदमी पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम कर चुके हैं। विधायक के इस व्यवहार से आहत होकर उन्होंने और उनके गांव ने निर्णय लिया है कि वे अब AAP के किसी भी नेता को अपने गांव में घुसने नहीं देंगे और न ही उन्हें वोट देंगे। इस घटना को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरते हुए इसे सत्ता का अहंकार बताया है।

प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में ‘चिल्ड्रन बैंक’ की करेंसी: असली नोटों के बीच निकले नकली नोट, श्रद्धालुओं में भारी रोष

नेशनल डेस्क: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के सुप्रसिद्ध करमन घाट हनुमान मंदिर में श्रद्धा और विश्वास के साथ खिलवाड़ का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ मंदिर की दान पेटी (हुंडी) से असली नोटों के साथ बच्चों के खेलने वाले नकली नोट बरामद हुए हैं।

असली नोटों के बीच मिली ‘चिल्ड्रन बैंक’ की माया: जानकारी के अनुसार, जब मंदिर प्रशासन द्वारा नियमित रूप से दान-पुस्तिका और हुंडी की गिनती की जा रही थी, तब कर्मचारी उस समय दंग रह गए जब असली नोटों के बीच 100, 200 और 500 रुपये के नकली नोट दिखाई दिए। बारीकी से जांच करने पर पता चला कि इन नोटों पर ‘चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया’ छपा हुआ था। असली मुद्रा के बीच मिलाए गए इन कागजों के टुकड़ों ने मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है।

श्रद्धालुओं में आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल : पवित्र स्थल पर इस तरह की धोखाधड़ी और ईश्वर के चरणों में अर्पित किए गए दान के साथ भद्दे मजाक ने लोगों में भारी रोष पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कृत्य न केवल एक नैतिक अपराध है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं और ईश्वर के प्रति अनादर को भी दर्शाता है। इस घटना ने मंदिर की वर्तमान निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन का कड़ा रुख और आधुनिक इंतजाम: मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर अधिकारियों ने भविष्य में हुंडी की गिनती के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। प्रशासन अब निम्नलिखित सुधारात्मक कदम उठाने पर विचार कर रहा है:

नोटों की छंटनी और पहचान के लिए आधुनिक मशीनों और विशेष डिटेक्टरों का उपयोग किया जाएगा। दान पेटी के पास सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। हुंडी के आसपास सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह किसी की महज शरारत है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश थी।