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25 मार्च को ही हुआ था भारतीय भाषा में पहले विज्ञापन का प्रकाशन

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) आजकल अखबारों में हर तरफ विज्ञापनों की भरमार रहती है और यह विज्ञापन अखबार मालिकों के लिए राजस्व का एक बड़ा जरिया होते हैं। अब सवाल यह पैदा होता है कि पहला विज्ञापन कब और कहां प्रकाशित हुआ होगा। भारत में यह 25 मार्च 1788 का दिन था, जब ‘कलकत्ता गजट’ में भारतीय भाषा में पहला विज्ञापन प्रकाशित हुआ। यह बांग्ला भाषा में प्रकाशित हुआ था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दिन की बड़ी घटना का जिक्र करें, तो हरित क्रांति के जनक कहे जाने वाले वैज्ञानिक नॉर्मन बोरलॉग का जन्म 1914 में 25 मार्च को ही हुआ था और उनकी उपलब्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

25 मार्च 2023 को दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी इंटेल कॉरपोरेशन के सह-संस्थापक गॉर्डन मूर का 94 वर्ष की आयु में सैन फ्रांसिस्को में निधन हो गया। रसायन और भौतिकी में पीएचडी मूर ने 1968 में इंटेल शुरू करने में मदद करने से तीन साल पहले एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी जिसे बाद में ‘मूर का नियम’ घोषित कर दिया गया।

मूर ने कंप्यूटर चिप के संबंध में कहा था कि इंटिग्रेटेड सर्किट (आईसी) की क्षमता और जटिलता हर साल दोगुनी होती जाएगी। आगे चलकर यह संकल्पना प्रौद्योगिकी उद्योग की प्रगति एवं नवाचार की दिशा में मानक साबित हुई।

देश और दुनिया के इतिहास में 25 मार्च की तारीख पर दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं का ब्योरा इस प्रकार है:-

1655 : शनि के सबसे बड़े उपग्रह टाइटन की खोज हुई।

1788 : किसी भारतीय भाषा (बांग्ला) में पहला विज्ञापन ‘कलकत्ता गजट’ में प्रकाशित हुआ।

1807 : ब्रिटिश साम्राज्य से दास प्रथा का अंत।

1896: यूनान की राजधानी एथेंस में आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत।

1898 : सिस्टर निवेदिता को स्वामी विवेकानंद ने ब्रह्मचर्य की दीक्षा दी।

1914 : अमेरिकी कृषि वैज्ञानिक और मानवतावदी एवं नोबेल पुरस्कार से सम्मानित नॉर्मन बोरलॉग का जन्म।

1931 : महान पत्रकार और राजनीतिज्ञ गणेश शंकर विद्यार्थी का निधन।

1965 : नागरिक अधिकारों के लिए संघर्षरत मार्टिन लूथर किंग जूनियर का चार दिवसीय मार्च संपन्न।

1983 : दुनिया के सबसे आधुनिक समुद्र विज्ञान शोध पोत ‘सागर कन्या’ का जलावतरण।

1986 : देश की पहली विशेष दुग्ध ट्रेन आणंद से कलकत्ता पहुंची।

1989 : भारत का पहला सुपर कंप्यूटर राष्ट्र को समर्पित किया गया। एक्स-एमपी-14 को अमेरिका द्वारा तैयार किया गया था।

1995: विख्यात मुक्केबाज माइक टायसन तीन साल की कैद के बाद जेल से रिहा।

2002 : उत्तरी अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में 6.1 की तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई। एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत।

2018 : इक्वाडोर में बस पलटने से 16 लोगों की मौत, कई घायल।

2019 : चीन के उर्वरक कारखाने में विस्फोट में 78 लोगों की मौत।

2020 : देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 600 के पार। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 21 दिनों के लॉकडाउन की शुरुआत।

2023: दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी इंटेल कॉरपोरेशन के सह-संस्थापक गॉर्डन मूर का 94 वर्ष की आयु में सैन फ्रांसिस्को में निधन । इसी दिन अमेरिकी के मिसिसिपी में तूफान की चपेट में आने से 23 लोगों की मौत।

2024 : मध्यप्रदेश में उज्जैन के महाकाल मंदिर में आग लगने से 14 पुजारी झुलसे।

2025 : सूडान के दारफ़ुर में हवाई हमले में 54 लोगों की मौत।

ईरान पर हवाई हमलों ने मचाई भारी तबाही, तेहरान ने इजराइल और खाड़ी देशों को निशाना बनाया

 दुबई, 24 मार्च (एपी) ईरान पर मंगलवार को किए गए हवाई हमलों ने राजधानी तेहरान में भारी तबाही मचाई, लेकिन ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने भी इजराइल के तेल अवीव और पश्चिम एशिया के कई ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए इस्लामिक गणराज्य के साथ बातचीत कर रहा है।

हजारों और अमेरिकी मरीन सैनिकों के खाड़ी क्षेत्र की ओर रवाना होने, दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर तीव्र हमला जारी रहने और ईरान द्वारा किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार करने के बीच युद्ध तेज होता दिखा।

हालांकि, इसके एक दिन पहले ट्रंप ने ईरान को दी गई वह समयसीमा भी आगे बढ़ा दी, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए नहीं खोलने पर ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को हवाई हमलों में निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी।

इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर तेहरान के नियंत्रण ने वैश्विक स्तर पर माल के परिवहन को बाधित कर दिया है, ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।

पाकिस्तान ने राजनयिक वार्ता की मेजबानी की पेशकश की, लेकिन ईरान अपने रुख पर अड़ा रहा और ‘‘पूर्ण विजय प्राप्त होने तक’’ लड़ने की कसम खाई।

अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी वार्ता (जिसका मंगलवार को होना बेहद अनिश्चित दिखा) को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

वाशिंगटन के बदलते उद्देश्यों को अब भी हासिल करना मुश्किल है खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम के संदर्भ में।

इस बीच, यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान सरकार में किसके पास बातचीत करने का अधिकार होगा-या कौन बातचीत करने को तैयार होगा, विशेष रूप से तब, जब इजराइल ने ईरान के कई नेताओं को मारने के बाद उसके अन्य नेताओं को खत्म करना जारी रखने का संकल्प लिया है।

ईरान में अमेरिका को लेकर अत्यधिक संशय है, जिसने ट्रंप प्रशासन के तहत दो बार उच्च स्तरीय राजनयिक वार्ता के दौरान हमले किए हैं, जिनमें 28 फरवरी के वे हमले भी शामिल हैं, जिससे मौजूदा युद्ध शुरू हुआ था।

गहरे अविश्वास के बीच बातचीत को लेकर मिले-जुले संकेत रहे हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने अमेरिका के साथ बातचीत की खबर को ‘फर्जी खबर’ बताया, वहीं अराघची के कार्यालय ने स्वीकार किया कि विदेश मंत्री ने इस सप्ताह अजरबैजान, मिस्र, ओमान, पाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और तुर्कमेनिस्तान के अपने समकक्षों के साथ युद्ध के बारे में बातचीत की है।

बातचीत की चर्चा से तेल की कीमतों में थोड़े समय के लिए गिरावट आई और बाजार में तेजी आई। लेकिन यह राहत अल्पकालिक रही, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत मंगलवार को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 40 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।

ईरान के नेता वाशिंगटन के इरादों को लेकर आशंकित हैं, क्योंकि तेहरान मौजूदा युद्ध शुरू करने वाले अचानक किये गए हमले से पहले अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा था। पिछले साल भी ईरान बातचीत कर रहा था, जब अमेरिका और इजराइल ने उसके परमाणु संयंत्रों पर हमला किया था।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ‘एक्स’ पर लिखा कि उनका देश ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए सार्थक और निर्णायक वार्ता को सुगम बनाने के लिए तैयार है।

तीन पाकिस्तानी अधिकारियों, एक मिस्र के अधिकारी और एक खाड़ी राजनयिक के अनुसार, अमेरिका ने पाकिस्तान में वार्ता में शामिल होने के लिए ‘सैद्धांतिक रूप से’ सहमति दे दी थी, जबकि मध्यस्थ अभी भी ईरान को मनाने का प्रयास कर रहे थे।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि इस ‘गुप्त कूटनीति’ की खबर लीक होने के बाद से यह और अधिक जटिल हो गई है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के कार्यालय ने कहा कि उन्होंने इस सप्ताह कई देशों के अपने समकक्षों के साथ युद्ध के बारे में बातचीत की है। लेकिन ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने अमेरिका के साथ बातचीत की खबर को ‘फर्जी खबर’ बताया और ईरान के शीर्ष सैन्य कमान के प्रवक्ता ने एक नया चुनौती भरा बयान जारी किया।

मंगलवार को ईरानी सरकारी टेलीविजन ने मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी के हवाले से कहा, ‘‘ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं ईरान की अखंडता की रक्षा के प्रति दृढ़, गौरवान्वित, विजयी हैं, और यह मार्ग पूर्ण विजय प्राप्त होने तक जारी रहेगा।’’

ईरान ने मंगलवार को एक ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर को देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का नया सचिव नियुक्त किया, जिन्होंने हवाई हमले में मारे गए अली लारीजानी की जगह ली। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने नए सचिव की पहचान मोहम्मद बागेर जोलघाद्र के रूप में की है, जो गार्ड में ब्रिगेडियर जनरल थे।

ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब हजारों मरीन सैनिकों का एक दल क्षेत्र की ओर रवाना हो रहा है, जिससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है, जो देश के तेल नेटवर्क के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

अमेरिका ने एक सप्ताह से अधिक समय पहले फारस की खाड़ी में स्थित इस द्वीप पर बमबारी की थी, जिससे इसकी रक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा था, लेकिन उसने कहा था कि तेल बुनियादी ढांचा सुरक्षित है।

ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका सेना उतारने की तैयारी में है, तो वह फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछा देगा। इससे जमीन और समुद्र से किए जाने वाले हमले में जटिलता आएगी और क्षेत्र में सभी जहाजों का आवागमन भी खतरे में पड़ जाएगा।

न्यूयॉर्क स्थित ‘थिंक टैंक’ सूफान सेंटर ने एक विश्लेषण में लिखा है कि ट्रंप ने कहा कि वार्ता जारी रहने तक वह ईरान के बिजली केंद्रों पर बमबारी की धमकी को स्थगित रखेंगे – यह देरी संभवतः शुक्रवार को क्षेत्र में अमेरिकी मरीन सैनिकों के आगमन के साथ मेल खाने के लिए की गई है।

तेहरान पर हवाई हमले के जवाब में ईरान ने मंगलवार तड़के इजराइल पर मिसाइलें दागीं। तेल अवीव में 100 किलोग्राम आयुध ले जाने में सक्षम एक मिसाइल इजराइली रक्षा प्रणाली को भेदते हुए शहर के मध्य में एक सड़क पर जा गिरी। इससे पास की एक इमारत की खिड़कियां टूट गईं और धुआं उठने लगा।

मिसाइल गिरने के कुछ मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंचने के बाद बचाव कार्य में जुटे कर्मी योएल मोशे ने पत्रकारों को बताया, ‘‘हमने तबाही, धुआं और अफरा-तफरी देखी।’’ उन्होंने कहा कि चार लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं।

आश्रय स्थल से बाहर निकलते हुए अमीर हसीद ने कहा कि उन्हें लगा था कि स्थिति इससे कहीं अधिक भयावह होगी। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है जैसे आप एक (आसान) निशाना हैं, आप खुद पर या अपने बगल में किसी पर मिसाइलों के गिरने का इंतजार कर रहे हैं।’’

कुवैत में, हवाई रक्षा प्रणाली के छर्रों से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे कई घंटों तक आंशिक बिजली कटौती हुई।

बहरीन में मिसाइल को लेकर अलर्ट सायरन बजे और सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने तेल समृद्ध पूर्वी प्रांत को निशाना बना रहे 19 ईरानी ड्रोन को नष्ट कर दिया।

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम पर विचार करने के बावजूद ईरान और लेबनान पर इजराइल हमले जारी रखेगा। उन्होंने कहा, ‘‘अभी और हमले होंगे।’’

मंगलवार को इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बमबारी की और कहा कि वह ईरान से जुड़े हिजबुल्ला आतंकवादी समूह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा था।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राजधानी के दक्षिण-पूर्व में एक आवासीय अपार्टमेंट पर हुए हमले में कम से कम तीन लोग मारे गए, जिनमें एक तीन वर्षीय बच्ची भी शामिल थी जबकि दक्षिण में पांच अन्य लोग भी मारे गए।

इस बीच, लेबनान ने ईरान के राजदूत को रविवार तक देश छोड़ने का आदेश दिया और उन्हें अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया।

अधिकारियों का कहना है कि इजराइली हमलों में लेबनान में 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इस बीच ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि संघर्ष में मरने वाले उसके नागरिकों की संख्या बढ़कर 1,500 से अधिक हो गई है, वहीं ईरानी हमले में इजराइल में 15 लोग मारे गए हैं, जबकि 13 अमेरिकी सैन्य कर्मी भी मारे गए हैं।

विपक्ष ने ‘एलपीजी संकट’ को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) विपक्षी दलों के सांसदों ने देश में एलपीजी के “संकट” को लेकर बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेन्द्र यादव और कई अन्य दलों के सांसद इसमें शामिल हुए।

सांसदों ने एक बड़ा बैनर ले रखा था जिस पर ‘‘एम्पिटी सिलेंडर, एम्पिटी प्रॉमिसेस” (खाली सिलेंडर, खोखले वादे) लिखा हुआ था।

विपक्षी दलों ने “मोदी जी, एलपीजी” के नारे भी लगाए।

विपक्षी दल पश्चिम एशिया संकट और देश में ईंधन की कथित किल्लत को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं।

सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर आज शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पड़ोसी ने चाकू से हमला कर महिला की हत्या की

बांदा (उप्र), 25 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले की नगर कोतवाली क्षेत्र के कुंडेरवा गांव में मंगलवार शाम को 33 वर्षीय महिला की उसके पड़ोस में रहने वाले युवक ने कथित रूप से चाकू से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

फतेहपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि घटना मंगलवार शाम साढ़े छह बजे हुई।

आरोपी की पहचान सोनू यादव के रूप में हुई है जिसने पड़ोसी जय सिंह यादव के घर में घुसकर उसकी पत्नी मिथलेश पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई है।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया है।

पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद था। फरवरी में महिला ने सोनू के खिलाफ सोशल मीडिया पर उसकी अश्लील तस्वीरें प्रसारित करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।

एसपी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीम तैनात की गई है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अन्नाद्रमुक ने 23 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की

चेन्नई, 25 मार्च (भाषा) तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 23 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची बुधवार को जारी की और पार्टी प्रमुख के. पलानीस्वामी को सेलम जिले के एडप्पाडी निर्वाचन क्षेत्र से पुन: उम्मीदवार बनाया।

अन्नाद्रमुक राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है।

अन्नाद्रमुक ने अपनी पहली सूची में के. पी. मुनुसामी, डिंडीगुल सी. श्रीनिवासन और नाथम आर. विश्वनाथन समेत शीर्ष नेताओं को बरकरार रखा और उसने पश्चिमी क्षेत्र के प्रमुख नेताओं एस. पी. वेलुमणि एवं पी. थंगामणि को क्रमश: थोंडामुथुर और कुमारापलायम से उम्मीदवार बनाया।

वहीं नाम तमिलर काची (एनटीके) सभी 234 सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है।

सवाई माधोपुर: ‘लौटा दीजिए मेरे 7 लाख…’ उधार के पैसे मांगने पर युवक को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया, इलाज के दौरान मौत

नेशनल डेस्क: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के धनौली गांव में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ अपने उधार दिए हुए 7 लाख रुपये वापस मांगने गए 28 वर्षीय युवक लोकेश मीणा को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। गंभीर रूप से झुलसे लोकेश की मंगलवार को जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।

मरने से पहले दिए बयान में खोली पोल: मृतक लोकेश मीणा मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के ‘टेक की झोंपड़ी’ का निवासी था। अपनी मौत से पहले दिए गए बयान (Dying Declaration) में लोकेश ने चार लोगों पर उसे जिंदा जलाने का गंभीर आरोप लगाया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।

लोकेश ने बताया कि उसने धनौली गांव के एक व्यक्ति को 7 लाख रुपये उधार दिए थे और जब वह सोमवार शाम अपने पैसे लेने पहुंचा, तो विवाद इतना बढ़ गया कि परिवार के सदस्यों (पिता, भाई और महिलाओं) ने मिलकर उस पर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी।

पुलिस की कार्रवाई और जांच: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल लोकेश को तत्काल सवाई माधोपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से उसे नाजुक हालत में जयपुर रेफर किया गया था।

पुलिस ने मृतक के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

‘इतिहास बनाऊंगा’: 5वीं बार पिता बने यूट्यूबर अरमान मलिक का विवादित बयान, दो पत्नियों के साथ रहने के लिए हैं मशहूर

मनोरंजन डेस्क: यूट्यूबर, एक्टर और ‘बिग बॉस ओटीटी’ फेम अरमान मलिक के घर एक बार फिर किलकारी गूंजी है। वह पांचवीं बार पिता बन गए हैं। उनकी पहली पत्नी पायल मलिक ने एक बच्चे को जन्म दिया है। अरमान ने सोशल मीडिया पर इस खुशी को साझा करते हुए “जच्चा और बच्चा” दोनों के ठीक होने की जानकारी दी है।

खानदान को लेकर दिया अजीब बयान: बच्चे के जन्म के बाद अरमान ने एक वीडियो साझा किया जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में उन्होंने कहा, “जिंदगी में बचत भले ही कुछ भी न हो, पर खानदान इतना बड़ा करूंगा कि इतिहास में नाम लिया जाएगा”। उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि लोग कहें कि उनके घर में इतने लोग हैं और उनका खानदान इतना बड़ा है।

अरमान का परिवार और शादियाँ: अरमान मलिक अपनी दो शादियों और दोनों पत्नियों के एक साथ रहने को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं।

पहली पत्नी पायल मलिक: अरमान ने पायल से लव मैरिज की थी। उनके पहले से तीन बच्चे—चिरायु, तुबा और अयान हैं। अब पायल ने अपने चौथे बच्चे को जन्म दिया है।

दूसरी पत्नी कृतिका मलिक: अरमान ने पायल की सहेली कृतिका से दूसरी शादी की थी। कृतिका से उनका एक बेटा है जिसका नाम जैद है। यह पूरा परिवार चंडीगढ़ में एक साथ रहता है।

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग: अरमान के ‘बड़ा खानदान’ बनाने वाले बयान पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं और उनके इस विचार को “बकवास” बता रहे हैं। अरमान पहले भी कई विवादों में रह चुके हैं, जिनमें उन पर बहुविवाह (Polygamy) को बढ़ावा देने और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं।

IPL इतिहास की सबसे बड़ी डील: ₹30,306 करोड़ में बिकीं RCB और राजस्थान रॉयल्स; जानें कौन हैं नए मालिक

स्पोर्ट्स डेस्क: आईपीएल 2026 के आगाज से ठीक पहले क्रिकेट जगत में एक बहुत बड़ा आर्थिक धमाका हुआ है। भारतीय प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में पहली बार फ्रेंचाइजियों की बिक्री ने $3.4 बिलियन (करीब ₹30,306 करोड़) का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। दिग्गज क्रिकेट विश्लेषक हर्षा भोगले ने इस मेगा डील को दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लीग्स की कतार में खड़ा बताया है।

RCB: ₹16,706 करोड़ की रिकॉर्ड डील: आईपीएल की डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को आदित्य बिरला ग्रुप के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम (कंपनियों के समूह) ने खरीद लिया है। इस समूह में टाइम्स ऑफ इंडिया, डेविड बिल्टजर, ब्लैक स्टोन और बोल्ट वेंचर्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह सौदा $1.78 बिलियन (करीब ₹16,706 करोड़) में हुआ है, जो आईपीएल इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी डील बन गई है।

राजस्थान रॉयल्स: ₹13,600 करोड़ में बिकी टीम वहीं, राजस्थान रॉयल्स (RR) की कमान अब काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम के हाथों में होगी। इस ग्रुप को वैश्विक दिग्गज वॉलमार्ट और फोर्ड परिवार का मजबूत सपोर्ट हासिल है। राजस्थान रॉयल्स का यह सौदा $1.63 बिलियन (करीब ₹13,600 करोड़) में पूरा हुआ है।

इतनी भारी कीमत और ब्रांड वैल्यू का खेल: हर्षा भोगले ने इस डील पर विश्लेषण करते हुए बताया कि हालांकि आरसीबी की ब्रांड वैल्यू काफी ज्यादा है, लेकिन फिर भी राजस्थान रॉयल्स और उसकी कीमत में बहुत बड़ा अंतर नहीं रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि IPL का इकोसिस्टम ही ऐसा है जहाँ टीमों की कमाई और खर्च का संतुलन लगभग बराबर रहता है, जिस वजह से फ्रेंचाइजियों की वैल्यूएशन एक-दूसरे के करीब रहती है। उन्होंने इसकी तुलना ‘द 100’ लीग की टीम लंदन स्प्रिट से की, जिसकी वैल्यू मात्र $370 मिलियन है, जो दिखाता है कि आईपीएल फ्रेंचाइजियां वैश्विक स्तर पर कितनी आगे निकल चुकी हैं।

कब से संभालेंगे कमान? ये दोनों नए मालिकाना हक वाले समूह IPL 2026 के समापन के बाद अपनी-अपनी टीमों की बागडोर पूरी तरह संभालेंगे। गौरतलब है कि आईपीएल 2026 का आयोजन 28 मार्च से 31 मई तक होना है, जिसका पहला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी के बीच खेला जाएगा।

शेयर बाजार में लौटी रौनक: सेंसेक्स 900 अंक उछला, निफ्टी 23,200 के पार; जानें तेजी के बड़े कारण

बिजनेस डेस्क: भारतीय शेयर बाजार के लिए 25 मार्च, 2026 की सुबह खुशियों की सौगात लेकर आई है। वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों के लिए राहत भरी खबर यह है कि हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत शानदार रही और दोनों प्रमुख इंडेक्स रिकॉर्ड मजबूती के साथ हरे निशान पर खुले।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल: बाजार खुलते ही खरीदारी का जबरदस्त जोर देखने को मिला, जिससे सेंसेक्स करीब 900 अंकों की छलांग लगाकर 75,000 के ऐतिहासिक लेवल को पार कर गया। वहीं, निफ्टी भी 300 अंक चढ़कर 23,300 के लेवल के ऊपर ट्रेड कर रहा है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, बाजार में करीब 1795 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि केवल 467 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा हलचल: बाजार की इस तेजी में श्रीराम फाइनेंस, एम एंड एम (M&M), एसबीआई (SBI), टाइटन कंपनी और टीएमपीवी (TMPV) जैसे शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे। दूसरी तरफ, आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों जैसे टेक महिंद्रा, इंफोसिस और एचसीएल टेक में मामूली दबाव देखने को मिला।

तेजी के दो मुख्य कारण:ईरान-अमेरिका के बीच शांति की उम्मीद: मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने बाजार में जान फूँक दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमत हैं। साथ ही, ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने के आदेश ने कूटनीतिक जीत की उम्मीदें जगाई हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट: भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए सबसे बड़ी राहत कच्चे तेल के दामों से आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 5% से ज्यादा गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत कम होगी।