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सीयू पंजाब की पहल—‘घोंसला बनाओ, धरती बचाओ’ से युवाओं को पक्षी संरक्षण का संदेश

बठिंडा/सत्ता संदेश


पर्यावरण जागरूकता को सार्थक जन-आंदोलन में बदलते हुए पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 28 और 29 अप्रैल को दो दिवसीय कार्यशाला “बिल्ड अ नेस्ट: सेव द अर्थ – हैंड्स ऑन वर्कशॉप ऑन बर्ड नेस्ट मेकिंग” का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं और बच्चों को पक्षी संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक करना था।


यह कार्यक्रम पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम एवं मिशन लाइफ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसे भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का समर्थन प्राप्त था। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं संरक्षक के रूप में भाग लिया।


कार्यशाला में 232 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और चार स्कूलों—गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, झुम्बा; गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, घुद्दा; डिफरेंट कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल, घुद्दा; और श्री गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, बल्लुआना—के छात्र शामिल थे।


अपने प्रेरणादायी अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने कहा कि मनुष्य को पृथ्वी का सर्वाधिक संगठित प्राणी होने के नाते अन्य जीवों और जैव विविधता की रक्षा का नैतिक दायित्व निभाने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पक्षियों के लिए सुरक्षित घोंसले तैयार करना जैसे छोटे लेकिन सार्थक प्रयास सह-अस्तित्व, संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त प्रतीक बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं में ऐसी व्यावहारिक पर्यावरणीय कौशल विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्हें प्रकृति के संवेदनशील संरक्षक बनने का आह्वान किया।


ईकोरूट फाउंडेशन के मनोज लीला भट्ट ने प्रतिभागियों को पक्षियों के लिए सुरक्षित और उपयोगी घोंसले बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि ऐसे छोटे प्रयास पक्षियों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।


कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल ऑफ एनवायरनमेंट एंड अर्थ साइंसेज की डीन एवं कार्यशाला संयोजक प्रो. योगलक्ष्मी के.एन. के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला बच्चों और युवाओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करने का एक प्रयास है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आवास कम होने के कारण पक्षियों की सुरक्षा आज बहुत जरूरी हो गई है। प्रो. सुनील मित्तल ने भी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार जीवनशैली और भूजल बचाने के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार गर्ग ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला ने पर्यावरण शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ते हुए युवाओं को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया। सीयू पंजाब की यह पहल युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक और प्रकृति के सच्चे संरक्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जेपी नड्डा चंडीगढ़ में 10वें राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन

चंडीगढ़/सत्ता संदेश
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में बेहतर और अनुकरणीय प्रथाओं तथा नवाचारों पर 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन 30 अप्रैल से 1 मई तक चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा।


इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव की मौजूदगी में किया जाएगा।


इस कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रबंधन के अंतर्गत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के वरिष्ठ नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे।


राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन, स्वास्थ्य मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए अपनाई गई नवोन्मेषी और प्रभावशाली पद्धतियों को प्रदर्शित करना, मान्यता देना और उनका दस्तावेजीकरण करना है। यह आपसी ज्ञानवर्धन के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है और देश भर में सफल और व्यापक रूप से लागू किए जा सकते है। और आने वाले मॉडलों के अनुकरण को सुगम बनाता है। वार्षिक शिखर सम्मेलन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नवोन्मेषी, साक्ष्य-आधारित और परिणाम-उन्मुख कार्यक्रमों को प्रस्तुत करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है, जिनसे स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं।


2013 में अपनी स्थापना के बाद से, इस पहल ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में अनुभवों और नवाचारों को साझा करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ लाया है। शिखर सम्मेलन का 9वां संस्करण मार्च 2025 में पुरी में आयोजित किया गया था।


मौजूदा वर्ष के लिए, 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया अप्रैल 2025 में शुरू हुई। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा नवाचार के माध्यम से अपनी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और नवाचारों को प्रस्तुत किया। सभी प्रस्तुतियां मंत्रालय के संबंधित कार्यक्रम प्रभागों द्वारा सावधानीपूर्वक मूल्यांकन और अंक प्रदान किए गए। इन मूल्यांकनों के आधार पर, कार्यक्रम प्रभागों से प्राप्त सुझावों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहायक एवं निदेशक मंडल की अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा के बाद शिखर सम्मेलन के लिए कुल 13 मौखिक प्रस्तुतियां और 32 पोस्टर प्रस्तुतियां चयनित की गई हैं।


प्रस्तुतियों के अलावा, शिखर सम्मेलन में नवंबर 2025 में 17 राज्यों में आयोजित 17वें संयुक्त समीक्षा मिशन की रिपोर्ट का प्रसार भी किया जाएगा। इस कार्य के लिए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों, अन्य मंत्रालयों के प्रतिनिधियों, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, नागरिक समाज संगठनों, विकास भागीदारों और मंत्रालय के सलाहकारों से युक्त 17 बहु-विषयक टीमों का गठन किया गया था। सीआरएम के निष्कर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के कामकाज में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं और भविष्य की नीति एवं कार्यक्रम संबंधी हस्तक्षेपों को दिशा देने में सहायक होंगे।


इस शिखर सम्मेलन में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने, डिजिटल स्वास्थ्य नवाचारों और सेवा वितरण प्रणालियों में सुधार जैसे प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित पूर्ण सत्र, विषयगत चर्चाएं और प्रदर्शनियां होंगी। ये प्रयास आयुष्मान भारत और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी प्रमुख पहलों के अनुरूप हैं।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: चलती कार बनी आग का गोला, बच्ची समेत 5 लोग जिंदा जले

नेशनल डेस्क : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहाँ एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। इस दर्दनाक घटना में कार सवार 5 लोगों की मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं और एक छोटी बच्ची शामिल हैं।

हादसे का विवरण: यह हादसा राजस्थान के अलवर जिले में थाना मौजपुर के नजदीक पिलर नंबर 115/300 पर हुआ। जानकारी के अनुसार, कार दिल्ली से कोटा की ओर जा रही थी, तभी अचानक उसमें भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि कार में सवार यात्रियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और उनकी चीखें कार के भीतर ही शांत हो गईं।

ड्राइवर की हालत गंभीर: कार चालक, जिसकी पहचान मध्य प्रदेश के श्योपुर निवासी विनोद कुमार मेहर के रूप में हुई है, किसी तरह जलती कार से बाहर कूदने में सफल रहा। हालांकि, वह तब तक लगभग 80 प्रतिशत झुलस चुका था। उसे गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद अलवर के जिला अस्पताल में रेफर किया गया है।

राहत और बचाव कार्य: घटना की सूचना मिलते ही NHAI की पेट्रोलिंग टीम, पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुँची। दमकल की 3 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

एग्जिट पोल 2026: बंगाल और असम में खिल सकता है ‘कमल’, दक्षिण में DMK और UDF की बढ़त के संकेत

नेशनल डेस्क : 5 राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी) में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चुका है और अब सबकी नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। एग्जिट पोल के ताजा अनुमानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

पश्चिम बंगाल: क्या ममता बनर्जी की होगी विदाई?

ज्यादातर एग्जिट पोल पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का संकेत दे रहे हैं। मैट्रिज (Matrize) ने बीजेपी को 146-161 सीटें और टीएमसी को 125-140 सीटें दी हैं, जबकि चाणक्य स्ट्रैटेजिस्ट (Chanakya Strategis) ने बीजेपी को 150-160 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। बंगाल में इस बार 91 प्रतिशत से ज्यादा रिकॉर्डतोड़ वोटिंग हुई है, जिसे बीजेपी पक्ष में लहर मान रही है, हालांकि टीएमसी ने भी अपनी जीत का दावा बरकरार रखा है। मतदान के दौरान भबानीपुर सहित कई इलाकों में हिंसा और झड़प की खबरें भी सामने आईं।

-असम और पुडुचेरी: बीजेपी गठबंधन की मजबूत स्थितिअसम की 126 सीटों पर हुए मतदान में एग्जिट पोल के औसत के अनुसार बीजेपी को 87 सीटें और कांग्रेस को 28 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, पुडुचेरी में भी बीजेपी गठबंधन की सरकार वापसी करती दिख रही है।

-तमिलनाडु और केरलम: विपक्ष की बढ़त-दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में डीएमके प्लस (DMK+) की जीत की प्रबल संभावना जताई गई है। दिलचस्प बात यह है कि अभिनेता विजय की पार्टी TVK को भी कुछ सर्वे में अच्छी सीटें दी गई हैं। केरलम में इस बार बदलाव की हवा दिख रही है, जहाँ कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) को 80 सीटें और एलडीएफ (LDF) को 61 सीटें मिलने का अनुमान है।

क्या सटीक होंगे नतीजे? गौरतलब है कि एग्जिट पोल का इतिहास काफी अनिश्चित रहा है। 2021 के बंगाल चुनाव, 2024 के महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव में एग्जिट पोल के आंकड़े पूरी तरह गलत साबित हुए थे। इसलिए, असली तस्वीर 4 मई को ही साफ होगी।

IPL 2026: हैदराबाद की ‘पंच’ से हिला मुंबई का किला, 244 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल कर SRH ने लगाई लंबी छलांग

स्पोर्टस डेस्क: आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का विजयी रथ रुकने का नाम नहीं ले रहा है। टीम ने मुंबई इंडियंस को उनके ही घर, वानखेड़े स्टेडियम में 6 विकेट से हराकर इस सीजन की अपनी लगातार पांचवीं जीत दर्ज की है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही हैदराबाद पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान से ऊपर चढ़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गई है।

मुंबई इंडियंस ने हैदराबाद के सामने 244 रनों का विशाल और रिकॉर्ड लक्ष्य रखा था, जिसे सनराइजर्स ने पैट कमिंस और ईशान किशन के नेतृत्व में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 8 गेंद पहले ही हासिल कर लिया।

इस जीत के बाद हैदराबाद के 9 मैचों में 12 पॉइंट्स हो गए हैं, जिससे उसने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स की बराबरी कर ली है, हालांकि बेहतर नेट रनरेट (0.832) के कारण वह राजस्थान से आगे निकल गई है।दूसरी ओर, पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। यह इस सीजन में 8 मैचों में मुंबई की छठी हार है, जिसने उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया है।

मुंबई फिलहाल 4 पॉइंट्स के साथ अंक तालिका में 9वें स्थान पर बनी हुई है। पॉइंट्स टेबल में फिलहाल पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ शीर्ष पर बनी हुई है।

RBI का बड़ा तोहफा: क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी, अब लेट पेमेंट पर नहीं लगेगा तुरंत जुर्माना

बिजनेस डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। नए नियमों के तहत, अब क्रेडिट कार्ड यूजर्स को भुगतान की तय तारीख (Due Date) निकल जाने के बाद भी 3 दिन का ‘ग्रेस पीरियड’ (अतिरिक्त समय) मिलेगा। इसका मतलब यह है कि अगर आप ड्यू डेट पर बिल नहीं चुका पाते हैं, तो अगले 3 दिनों तक आप बिना किसी लेट फीस या पेनल्टी के अपना बिल जमा कर सकते हैं।इसके अलावा, RBI ने लेट फीस वसूलने के तरीके में भी बड़ा बदलाव किया है।

अब लेट फीस केवल बकाया राशि (Outstanding Amount) पर ही ली जाएगी, न कि पूरे बिल की राशि पर, जिससे ग्राहकों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि 3 दिन की अवधि बीत जाने के बाद भी भुगतान न करने पर आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

RBI ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए भी राहत दी है, जिसमें बैंक अब खुद आगे बढ़कर सहायता प्रदान कर सकेंगे। आपदा से जुड़े ये नियम 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगे, जबकि क्रेडिट कार्ड के अन्य नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू किए जाएंगे।

कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग: $120 प्रति बैरल के पार पहुंचा क्रूड, दुनिया पर मंडराया महंगाई का संकट

इंटरनेशनल डेस्क: दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है, जहाँ ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुँचते हुए $120 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं,। इस भारी उछाल के पीछे सबसे मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी सैन्य टकराव को माना जा रहा है।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है और इसके लगभग बंद होने से वैश्विक तेल, गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आवाजाही थम गई है।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा सप्लाई शॉक बन सकता है, जिससे बाजार में करीब 1 अरब बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है,। अमेरिका की वर्तमान रणनीति, जिसमें ईरानी तेल टैंकरों को जब्त करना और मिडिल ईस्ट में हथियार भेजना शामिल है, तनाव को और बढ़ा सकती है।इस संकट का सीधा असर भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाला है, जो अपनी तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं।

इससे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे न केवल महंगाई बढ़ेगी बल्कि रुपये की कीमत और चालू खाते के घाटे पर भी दबाव पड़ेगा। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो कीमतें $130 प्रति बैरल तक भी पहुँच सकती हैं।