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आम आदमी पार्टी ने अपने 7 बागी राज्यसभा सांसदों के खिलाफ की बड़ी कार्रवाई; सदस्यता रद्द करने की मांग

पंजाब डेस्क: आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए अपने सात राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने सभापति से अपील की है कि इस मामले पर जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए।

दलबदल की घटना: ये सातों सांसद 24 अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी से विद्रोह कर भाजपा में शामिल हो गए थे।कानूनी आधार: पार्टी ने संविधान की 10वीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के तहत इन सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।

विशेषज्ञों की सलाह: आप नेता संजय सिंह ने बताया कि पार्टी ने इस मुद्दे पर देश के प्रसिद्ध वकील कपिल सिब्बल और लोकसभा के पूर्व महासचिव पी.डी.टी. आचार्य जैसे संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ली है, जिनका मानना है कि इन सांसदों को अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

गंभीर आरोप: संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि इन सांसदों को सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके और डरा-धमकाकर तोड़ा गया है, जो पंजाब के जनादेश और देश के संविधान के साथ एक बड़ा धोखा है।

मुख्यमंत्री की पहल: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय भी मांगा था ताकि सांसदों को वापस बुलाने (recall) पर बात की जा सके, हालांकि संविधान में सांसदों को वापस बुलाने का कोई प्रावधान नहीं है।वर्तमान में कानूनी विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है, क्योंकि कुछ का मानना है कि यदि दो-तिहाई सदस्य एक साथ दल बदलते हैं, तो विलय की अनुमति होती है। अब सभी की नजरें राज्यसभा सभापति के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

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