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UIDAI और चंडीगढ़ प्रशासन ने दिलाई 42 वर्षीय विशेष आवश्यकता वाली महिला को पहचान

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़ की एक 42 वर्षीय महिला, जो बचपन से गम्भीर विकासात्मक विकलांगता से पीड़ित है, लंबे समय तक बिना आधार के रह गई थी। उसकी स्थिति के कारण वह स्वयं सरकारी कार्यालयों या Aadhaar Enrolment Centres नहीं जा सकी, जिससे परिवार के लिए उसकी पहचान पत्र बनवाना बेहद कठिन हो गया था।

समस्या इस बात से और जटिल हो गई कि उसके पास आधार पंजीकरण के लिए आवश्यक वैध सहायक दस्तावेज भी नहीं थे। उसकी वृद्ध मां ने वर्षों तक अपनी बेटी के लिए औपचारिक पहचान दिलाने का प्रयास किया ताकि वह विभिन्न सरकारी कल्याण योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठा सके।

अनुरोध मिलने पर UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ ने मामले को प्राथमिकता पर लिया। केस की बारीकी से जांच कर एक समाधान-उन्मुख रणनीति अपनाई गई। चूंकि आधार पंजीकरण के लिए वैध सहायक दस्तावेजों की आवश्यकता थी, इसलिए पहले निवासी के लिए वोटर पहचान पत्र जारी कराने के प्रयास किए गए। आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद, आधार सेवा केंद्र (ASK), सेक्टर 17, चंडीगढ़ से एक मोबाइल एन्क्रोलमेंट किट निवास स्थान पर भेजी गई। दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन के बाद पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

उसके बाद UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ ने समय पर प्रोसेसिंग और आधार जनरेशन सुनिश्चित करने के लिए मामले की निगरानी जारी रखी। इन प्रयासों का परिणाम स्वरूप आधार सफलतापूर्वक जनरेट हुआ, जिससे निवासी को अपनी पहचान स्थापित करने और विभिन्न सरकारी कल्याण योजनाओं तथा सेवाओं का लाभ उठाने में सहायता मिली।

कृतज्ञता व्यक्त करते हुए निवासी की वृद्ध मां ने UIDAI और चंडीगढ़ प्रशासन का समर्थन और त्वरित हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने साझा किया कि वर्षों की जद्दोजहद और अनिश्चितता के बाद उनकी बेटी को आखिरकार मान्यता प्राप्त पहचान मिल गई, जिससे परिवार को अत्यधिक सहजता और खुशी मिली।

यह पहल सभी पात्र निवासियों, विशेषकर उन लोगों के लिए पहचान सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के महत्व को उजागर करती है, जिन्हें शारीरिक, विकासात्मक या गतिशीलता संबंधी चुनौतियों के कारण सेवाओं तक पहुँचने में कठिनाई होती है। यह क्षेत्रीय कार्यालय और फील्ड टीमों के बीच समन्वित प्रयासों के माध्यम से नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण का प्रतीक है, जो सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों के दरवाजे तक आधार सेवाएँ पहुँचाकर जीवन बदल सकते हैं।

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