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सांख्यिकी दिवस 2026: “प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना” के विषय पर मोहाली में सेमिनार का आयोजन


चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्रीय संचालन प्रभाग), क्षेत्रीय कार्यालय, मोहाली द्वारा सांख्यिकी दिवस 2026 के अवसर पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस वर्ष सांख्यिकी दिवस का विषय “प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना” (Unlocking the Potential of Administrative Data)” था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम कृष्ण, सेवानिवृत्त उप महानिदेशक (DDG) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में विनय कुमार, सेवानिवृत्त निदेशक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिम्मत सिंह राघव, उप महानिदेशक (DDG) द्वारा की गई। इस अवसर पर स्नेह कीर्ति, उप निदेशक सहित राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, मोहाली के लगभग 65 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने प्रशासनिक आंकड़ों के महत्व तथा साक्ष्य आधारित नीति निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने प्रशासनिक आंकड़ों की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं उपयोगिता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

अध्यक्षीय संबोधन में श्री हिम्मत सिंह राघव ने कहा कि प्रशासनिक आंकड़ों का प्रभावी उपयोग आधिकारिक सांख्यिकी को अधिक सशक्त, विश्वसनीय एवं उपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों ने विषय से संबंधित अपने विचार एवं सुझाव भी साझा किए।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार के बीच यमुना जल परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर
  • इस समझौते से हरियाणा और राजस्थान के लोगों की पानी से जुड़ी लगभग 3 दशक पुरानी समस्या का आज समाधान हो गया है
  • यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘संवाद से समाधान’ के मंत्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण है
  • प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दिए गए ‘सहकारी संघवाद’ के संदेश को हरियाणा, राजस्थान और जल शक्ति मंत्रालय ने सच्चे अर्थों में चरितार्थ किया है
  • इस समझौते के बाद राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में भी पीने का पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो जाएगी
  • बारिश का जो पानी किसी के काम नहीं आता था, इस समझौते के बाद वह पानी लोगों की प्यास बुझाने और बड़े तालाबों में संचयित होकर भूजलस्तर बढ़ाने के काम आएगा
  • केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल जी की अध्यक्षता में कुछ ही दिनों में इस समस्या का समाधान निकल गया
  • यह समझौता हरियाणा और राजस्थान के लिए Win-Win Situation का एक बेहतरीन उदाहरण
  • इस समझौते का जो प्रारूप बना है वो आने वाले कई दशकों तक विवादहीन समझौते के रूप में स्थापित रहेगा

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल और केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इस समझौते से हरियाणा और राजस्थान के लोगों की पानी से जुड़ी लगभग 3 दशक पुरानी समस्या का आज समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए सहकारी संघवाद के मंत्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह समझौता इस बात का उदाहरण है कि अगर राज्य सहकारी संघवाद की सोच को आगे बढ़ाएं तो तीन दशक पुरानी समस्या भी सरलता से सुलझ सकती है।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज हुए समझौते के तहत जुलाई से अक्टूबर तक लगभग 580 एमसीएम पानी यमुना नहर से तीन भूमिगत पाइपलाइंस के जरिए राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा। इन तीन पाइपलाइंस का व्यास 3.6 मीटर से भी अधिक है जिनके माध्यम से राजस्थान और हरियाणा राज्यों के लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था होगी। श्री शाह ने कहा कि यह समझौता दोनों राज्यों के लिए Win-Win Situation का अच्छा उदाहरण है। समझौते में वित्तीय जिम्मेदारी, लागत साझीकरण, जल आवंटन और जल छोड़ने के प्रोटोकॉल और रखरखाव का बारीकी से ध्यान रखा गया है। इस वैज्ञानिक रूप से परिपूर्ण समझौते में बुनियादी ढांचे का संचालन, रखरखाव, निगरानी तंत्र, पारदर्शिता के उपायों और विवाद समाधान की प्रक्रिया को भी बहुत बढ़िया तरीके से समाहित किया गया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हरियाणा, राजस्थान और विशेषकर केन्द्रीय जल आयोग ने इस समझौते का जो प्रारूप बनाया है वह आने वाले कई दशकों तक विवादहीन समझौते के रूप में स्थापित रहेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल जी की अध्यक्षता में कुछ ही दिनों में इस समस्या का समाधान निकल गया। इस समझौते के बाद राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में भी पीने का पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो जाएगी।

श्री अमित शाह ने कहा कि इस समझौते से राजस्थान और हरियाणा, विशेषकर राजस्थान, में पीने के पानी की समस्या के निवारण में बहुत सहायता मिलेगी। जो पानी किसी काम नहीं आ रहा था, इस समझौते के बाद अब वह पानी लोगों की प्यास बुझाने और बड़े तालाबों में संचयित होकर भूजलस्तर बढ़ाने के काम आएगा। श्री शाह ने कहा कि हरियाणा, राजस्थान और जल शक्ति मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दिए गए सहकारी संघवाद के संदेश को सच्चे अर्थों में चरितार्थ किया है।

इस परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइपलाइन के ज़रिए राजस्थान के हिस्से का यमुना का पानी पहुँचाना है। इससे राज्य, अपर यमुना बेसिन के इस्तेमाल लायक सतही पानी के बँटवारे पर 1994 के समझौते के तहत मिले पानी का सही तरीके से इस्तेमाल कर पाएगा। इस परियोजना से राजस्थान के सूखे और कम बारिश वाले इलाकों में पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लाखों लोगों को फ़ायदा होगा। यह समझौता केन्द्र सरकार और समझौते में शामिल राज्य सरकारों के एकजुट प्रयासों से परियोजना को समय पर लागू करने की नींव रखने का काम करेगा।

NSO चंडीगढ़ ने 20वां सांख्यिकी दिवस मनाया, प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता पर डाला प्रकाश

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

भारत में अर्थशास्त्र, योजना तथा सांख्यिकी के विकास के क्षेत्र में प्रो. पी.सी. महालनोबिस द्वारा दिए गए उल्लेखनीय योगदानों के सम्मान में, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा 29 जून को केंद्रीय सदन, सेक्टर-9, चंडीगढ़ के सम्मेलन कक्ष में “20वाँ सांख्यिकी दिवस” मनाया गया। यह आयोजन सांख्यिकी के जनक स्वर्गीय प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। 20वें सांख्यिकी दिवस का विषय था – “प्रशासनिक आँकड़ों की क्षमता का उपयोग” (Unlocking the Potential of Administrative Data)।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में हरबिंदर सिंह, एडीजी (सेवानिवृत्त), आईएसएस अधिकारी, एनएसओ, डॉ. नरेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष, सांख्यिकी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, तथा शीनम जैन, सहायक निदेशक, पीआईबी चंडीगढ़ उपस्थित रहे।

अपने स्वागत भाषण में श्री दीपक मेहरा, उप महानिदेशक, एनएसओ (एफओडी), क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने सभी अतिथि वक्ताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पंजाब विश्वविद्यालय से आए प्रशिक्षुओं का स्वागत किया तथा प्रो. पी.सी. महालनोबिस के जीवन परिचय एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में उनके योगदानों पर प्रकाश डाला।

हरबिंदर सिंह, एडीजी (सेवानिवृत्त), आईएसएस अधिकारी, एनएसओ ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया तथा भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली में प्रो. पी.सी. महालनोबिस के योगदानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने देश की सांख्यिकीय प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्होंने कहा कि 20वें सांख्यिकी दिवस का विषय “प्रशासनिक आँकड़ों की क्षमता का उपयोग” लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच जन-जागरूकता उत्पन्न करना तथा उन्हें स्वर्गीय प्रो. पी.सी. महालनोबिस से प्रेरणा लेते हुए सामाजिक-आर्थिक योजना एवं नीति निर्माण में सांख्यिकी की भूमिका को समझने के लिए प्रोत्साहित करना था।

इस कार्यक्रम में सांख्यिकी के क्षेत्र से जुड़े लगभग 80 अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।  कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु एक क्विज़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षुओं तथा सर्वेक्षण प्रगणकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथि वक्ताओं, क्षेत्रीय प्रमुख, एनएसओ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षुओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

दोआबा में पंजाब किसान कमेटी ने गन्ने की राशि और बिजली कटौती को लेकर की मीटिंग

टांडा उमरार / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह सैनी

दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने गन्ने की बकाया राशि वसूलने और बिजली कटौती को लेकर मीटिंग की। दोआबा किसान कमेटी पंजाब की मीटिंग बाबा बूटा भगत हॉल टांडा में अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान और महासचिव प्रितपाल सिंह गोराया के नेतृत्व में हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि गन्ने की बकाया राशि 68.50 रुपये जो सरकार ने देनी है, वह अभी तक नहीं दी गई है।

पंजाब सरकार पिछले दो महीने से अपने अधिकारियों को गन्ना विभाग की कसमें खिलवा रही है। इससे पहले 18 मई को दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने जालंधर प्रोजेक्टिंग ऑफिसर के दफ्तर के सामने धरना दिया था और उस दिन गन्ना विभाग के सभी अधिकारियों ने माना था कि पंजाब सरकार ने 68.50 रुपये भेजे हैं। खातों में 142 करोड़ जमा होने थे, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी किसी भी ज़मीन मालिक के खाते में एक भी रुपया नहीं आया है। किसानों को अपना ही पैसा पाने के लिए शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। उन्हें धरने देने पड़ रहे हैं। एक तरफ सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है और लोगों को कसमें खिला रही है, और दूसरी तरफ गन्ने का बकाया पैसा किसानों के खातों में नहीं डाल रही है। तीन-चार महीने में फिर से सीजन शुरू होने वाला है और ज़मीन मालिकों का पिछला बकाया करीब डेढ़ सौ करोड़ है।

दूसरी तरफ किसान धान लगा रहे हैं। बिना बताए बिजली कटौती हो रही है। ज़मीन मालिकों के धान के खेत सूख गए हैं, गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, धान की फसल खराब हो गई है, जो धान लगना था, वह लेट हो गया है। सरकार अपने वादों से मुकर गई है। सरकार कहती थी कि मोटरों को लगातार आठ घंटे बिजली सप्लाई दी जाएगी, जबकि मोटरों को तीन-चार घंटे भी सप्लाई नहीं दी जा रही है।

दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने आज अपनी मीटिंग में फैसला किया है कि अगर सरकार कल, 30 जून तक मकान मालिकों के अकाउंट में पैसे जमा नहीं करती है और बिजली सप्लाई ठीक नहीं करती है, तो 1 जुलाई को टांडा उड़मुड़ में बिजली घर चौक पर नेशनल हाईवे जम्मू-पठानकोट को ब्लॉक कर दिया जाएगा, जिसकी सीधी जिम्मेदारी पंजाब सरकार के केन डिपार्टमेंट और पावर डिपार्टमेंट की होगी। जंगवीर सिंह चौहान, स्टेट प्रेसिडेंट दोआबा किसान कमेटी पंजाब, स्टेट जनरल सेक्रेटरी पृथपाल सिंह गोराया, सेक्रेटरी सतपाल सिंह मिर्जापुर वगैरह मौजूद थे।

दिल्ली सरकार ने नई ईवी पॉलिसी को दी मंजूरी, 1 जुलाई से लागू होगी पॉलिसी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली सरकार ने सोमवार को नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पॉलिसी को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि यह नीति दिल्ली की वर्षों पुरानी प्रदूषण और परिवहन संबंधी चुनौतियों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि उपराज्यपाल की संस्तुति के बाद यह नीति एक जुलाई से लागू होगी और 31 अगस्त 2031 तक प्रभावी रहेगी।

15 हजार करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ईवी पॉलिसी से आम लोगों को करीब 15 हजार करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं। उन्होंने कहा कि दोपहिया, चारपहिया, तिपहिया, ट्रक और ग्रामीण परिवहन वाहनों को भी इस नीति के दायरे में शामिल किया गया है।

पॉलिसी का मसौदा उपराज्यपाल को भेजा गया

प्रेसवार्ता की शुरुआत करते हुए शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने सोमवार को नई ईवी पॉलिसी का मसौदा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसे बाद में मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि इस नीति को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न हितधारकों के साथ कई दौर की बैठकें की गईं। परिवहन विभाग की सचिव निहारिका ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद पॉलिसी का मसौदा उपराज्यपाल को भेज दिया गया है। 

इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के दिया जाएगा प्रोत्साहन

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि मंगलवार तक उनकी मंजूरी भी मिल जाएगी। नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिए 30 हजार से 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने पर एक लाख रुपये तथा ग्रामीण सेवा वाहनों के लिए 20 हजार रुपये का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा। सरकार ने चरणबद्ध तरीके से पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत वर्ष एक जनवरी 2027 से नए तीनपहिया और वर्ष अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में किया जाएगा।

विकसित किया जाएगा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। साथ ही डिस्कॉम के साथ मिलकर घरों में ईवी चार्जिंग के लिए अलग मीटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहन तीन वर्ष तक दिल्ली के बाहर बेचे नहीं जा सकेंगे। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नई ईवी पॉलिसी से राजधानी में वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों से इस नीति को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि परिवहन विभाग ने इसे तैयार करने में व्यापक मेहनत की है और इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे। परिवहन विभाग को इस नीति के क्रियान्वयन का नोडल विभाग बनाया गया है।

चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी सब्सिडी

नई ईवी पॉलिसी में इलेक्ट्रिक दोपहिया, ऑटो और मालवाहक वाहनों के लिए चरणबद्ध खरीद सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। दोपहिया वाहन पर पहले वर्ष अधिकतम 30 हजार रुपये, इलेक्ट्रिक ऑटो पर 50 हजार रुपये और एन1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक पर पहले वर्ष एक लाख रुपये तक की खरीद सब्सिडी मिलेगी। निजी इलेक्ट्रिक कारों पर खरीद सब्सिडी नहीं होगी, लेकिन पुराने बीएस-4 या उससे नीचे के वाहन को स्क्रैप करने पर एक लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा। 

इसके अलावा सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, व्यावसायिक वाहन और 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। वहीं स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी, जबकि 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को कोई टैक्स या रजिस्ट्रेशन शुल्क छूट नहीं मिलेगी।

TMC के 440 करोड़ रुपये के फंड पर घमासान, HC ने पुलिस और राज्य सरकार को भेजा नोटिस

कलकत्ता / सत्ता संदेश

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर शुरू हुआ संगठनात्मक विवाद अब पार्टी के वित्तीय संसाधनों तक पहुंच गया है। पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा करीब 440 करोड़ रुपये के संचालन और उस पर अधिकार

को लेकर पैदा हुए विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और तत्काल सुनवाई की मांग की है।

ममता बनर्जी गुट ने की जल्द सुनवाई की मांग

सोमवार को मामले का उल्लेख न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जल्द सुनवाई का अनुरोध किया। अदालत ने कहा कि मामले में पुलिस, संबंधित बैंक औरविज्ञापन

राज्य सरकार सहित सभी पक्षों को पहले नोटिस देना जरूरी है। इसके बाद ही सुनवाई की तारीख तय की जाएगी। अदालत ने संकेत दिया कि नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार या मंगलवार को मामले पर विचार किया जा सकता है।

ऋतब्रत बनर्जी गुट ने भी पार्टी फंड पर किया दावा

यह विवाद उस समय गहरा गया जब चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए। ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में एक गुट ने खुद को पार्टी का वास्तविक संगठन बताया, जबकि ममता बनर्जी का खेमा संगठन और उसके वित्तीय अधिकारों पर अपना दावा बनाए हुए है। इसी खींचतान के बीच पार्टी के बैंक खातों के संचालन का मुद्दा भी विवाद का कारण बन गया। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने बैंक को पत्र लिखकर खातों के संचालन पर आपत्ति जताई थी। 

हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिए?

इसके बाद दूसरे गुट की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित बैंक को निर्देश दिया कि पार्टी के तीन खातों से फिलहाल कोई लेन-देन न होने दिया जाए। पुलिस ने खातों से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं। इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए ममता बनर्जी का खेमा हाईकोर्ट पहुंचा है। जानकारी के मुताबिक, जिन खातों को लेकर विवाद है उनमें लगभग 440 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें करीब 260 करोड़ रुपये अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के मुख्य खाते में हैं, जबकि लगभग 180 करोड़ रुपये गोवा और त्रिपुरा इकाइयों के खातों में रखे गए हैं। फिलहाल इन खातों से धन निकासी और अन्य लेन-देन पर रोक लगी हुई है।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह प्रश्न भी महत्वपूर्ण रहेगा कि पार्टी के बैंक खातों के संचालन का वैध अधिकार किसके पास है और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई विधिसम्मत थी या नहीं। हाईकोर्ट के फैसले से पार्टी फंड के संचालन और उससे जुड़े अधिकारों की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ‘चंपत राय छोड़ें अयोध्या’, फैजाबाद बार एसोसिएशन की चेतावनी; आरोपियों की पैरवी से इंकार

अयोध्या / सत्ता संदेश

रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों की पेशी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी। उधर, फैजाबाद बार एसोसिएशन ने श्रीराम मंदिर में दान चोरी के आरोपियों की पैरवी करने से मना कर दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि जो भी अधिवक्ता पैरवी करेगा, उस पर पांच लाख का जुर्माना लगेगा। साथ ही लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा। चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए कार्रवाई शुरू की जाएगी। CBI जांच की मांग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर हम अपने खर्च पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

दूसरी तरफ कुछ अधिवक्ताओं ने कहा कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव तीन दिन के अंदर अयोध्या छोड़कर चले जाएं। चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के अंदर नहीं गए तो पूरी अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा। किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाएगा। हालांकि, फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि जांच के सिलसिले में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्र को अयोध्या से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।

इससे पहले सोमवार को सुबह पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूछताछ करके उनके बयान दर्ज किए हैं। बंद कमरे में घंटों तक हुई बातचीत में चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था, दान की प्रक्रिया और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर सवाल किए गए। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस ने ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों के भी बयान दर्ज किए हैं। जांच एजेंसी चढ़ावे के संग्रह, गिनती और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। 

आठ आरोपियों पर दर्ज हुई एफआईआर

बता दें कि बीती छह जून को राम मंदिर की चढ़ावा धनराशि में से चोरी का मामला सामने आया था। बाद में मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की। दो दिन पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इसके बाद 25 जून की शाम को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने गणना में शामिल कर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा व पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव व महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

कर्मियों ने चढ़ावा धनराशि की चोरी की

एसआईटी रिपोर्ट से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गणना प्रक्रिया में सेवारत कुछ कर्मियों ने भेंट/चढ़ावा धनराशि की चोरी की है। पर्यवेक्षणीय कार्य में लगे सुभाष श्रीवास्तव और बैंक पर्यवेक्षणीय कर्मी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी प्रथम दृष्टया है। इसी आधार पर पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

MP के मोहिघाट में दो बसें हुई हादसे का शिकार, 22 से ज्यादा यात्री हुए घायल

छिंदवाड़ा / सत्ता संदेश

छिंदवाड़ा से लगे पांढुर्णा के मोहि घाट पर सोमवार को हुए दोहरे सड़क हादसे ने यात्रियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। घाट के खतरनाक मोड़ और ढलान पर कुछ ही मिनटों के अंतराल में दो यात्री बसें दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। हादसे में 22 से अधिक यात्री घायल हो गए, जबकि 15 से ज्यादा लोग बसों के भीतर फंस गए थे। गंभीर रूप से घायल छह यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद नागपुर रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार, दोनों बसें भोपाल और इंदौर से यात्रियों को लेकर पांढुर्णा की ओर आ रही थीं। सुबह के समय क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। इसी दौरान मोहि घाट के ढलान वाले हिस्से में पहले एक बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हुई। कुछ ही मिनट बाद दूसरी बस भी हादसे का शिकार हो गई। लगातार दो बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

बसों में फंसे यात्रियों को शीशे तोड़कर निकाला

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण, राहगीर और पुलिस मौके पर पहुंच गए। कई यात्री बसों के भीतर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बसों के शीशे तोड़े और दरवाजे खोलकर यात्रियों को बाहर निकाला। बाद में पुलिस और बचाव दल ने संयुक्त रूप से राहत कार्य चलाया। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

हाथ-पैर टूटे, सिर में आई गंभीर चोटें

घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से पांढुर्णा सिविल अस्पताल सहित आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार कई यात्रियों के सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। कुछ यात्रियों की हालत चिंताजनक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया। अस्पताल में घायलों के परिजन भी बड़ी संख्या में पहुंच गए।

कुछ देर के लिए थम गया यातायात

दुर्घटना के बाद मोहि घाट मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर दोनों बसों के क्षतिग्रस्त होकर खड़े रहने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने क्रेन बुलाकर बसों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सड़क पर फैले ऑयल, बारिश के कारण बढ़ी फिसलन और वाहन पर नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने बारिश के मौसम में घाट मार्गों पर वाहन सावधानी से चलाने और गति सीमा का पालन करने की अपील की है।

हरियाणा-राजस्थान के बीच हुआ जल समझौता, गृहमंत्री की मौजूदगी में MoU साइन

हरियाणा / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा और राजस्थान के बीच जल बंटवारे को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ।

दोनों राज्यों की सरकारों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहे। समझौते के तहत मानसून के दौरान हरियाणा पाइप लाइन के जरिए राजस्थान को पानी भेजेगा। 

समझौते के तहत वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड के जल बंटवारा समझौते के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे लंबे समय से लंबित जल वितरण से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इस समझौते के बाद रेणुका डैम, किशाऊ डैम और लखवार डैम जैसी बहुप्रतीक्षित बांध परियोजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भी तेजी आने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पेयजल उपलब्धता, सिंचाई क्षमता और जल संरक्षण को बड़ा लाभ मिलेगा।

केंद्र सरकार ने इस समझौते को राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। माना जा रहा है कि इससे जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, अंतरराज्यीय समन्वय और भविष्य की जल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

पूर्व विधायक से. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • पूर्व विधायक स. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • हलका गिल के सभी गांवों के बड़ी संख्या में पहुंचे सरपंचों, पंचों और कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई अपनी भागीदारी
  • आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी से गठबंधन नहीं किया जाएगा: बापू स. तरसेम सिंह खालसा

लुधियाना/सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ को आज उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब पूर्व विधायक एवं पंजाब सरकार के पूर्व संसदीय सचिव स. दर्शन सिंह शिवालिक अपने साथियों सहित पार्टी में शामिल हो गए। अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के संरक्षक बापू स. तरसेम सिंह खालसा, विधायक स. मनप्रीत सिंह इयाली, सेक्रेटरी जनरल स. मनदीप सिंह सिद्धू सहित पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय कैनाल रोड पर आयोजित कार्यक्रम में हलका गिल के सभी गांवों से बड़ी संख्या में सरपंच, पंच और कार्यकर्ता पहुंचे तथा अपनी भागीदारी दर्ज कराते हुए, पार्टी के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने स. दर्शन सिंह शिवालिक का पार्टी में स्वागत करते हुए, कहा कि पंजाब को एक निरोल पंथक सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री उम्मीदवार सांसद भाई स. अमृतपाल सिंह खालसा के नेतृत्व में लड़ेगा। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग पार्टी की नीतियों के साथ खड़ा है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि केवल एक क्षेत्रीय पार्टी ही पंजाब के मुद्दों का प्रभावी समाधान कर सकती है।

इससे पहले विधायक स. मनप्रीत सिंह अयाली ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को मिल रहा भारी जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि पंजाब में अगली पंथक सरकार बनने जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ही राज्य को सही दिशा और दशा प्रदान कर सकता है।

इस दौरान उन्होंने विवादित वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी हुक्मनामे के पालन के लिए पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उनके आदेश सर्वोपरि हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वे 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार उपस्थित होंगे।

वहीं पर, सरदार दर्शन सिंह शिवालिक ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों को आजमा चुके पंजाब के लोगों को अब पार्टी से काफी उम्मीदें हैं और पार्टी उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरेगी।

कार्यक्रम के दौरान काबल सिंह भुल्लर, अमरजीत सिंह वनचिड़ी, संदीप सिंह रुपालों, हरभजन सिंह तूड़, हरबीर सिंह अयाली, पृथीपाल सिंह बटाला, हल्का इंच जगराओं राजीव कुमार लवली, मनदीप सिंह हसनपुर, हरपाल सिंह कोहली, हरप्रीत सिंह प्रिंस, हनी सिंगला, हरभजन सिंह अयाली, जगरूप सिंह, मलकीत सिंह बल्ल तथा बलराज सिंह लुधियाना सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।