PAU ने पंजाब स्टेट इंफॉर्मेशन कमिश्नर हरप्रीत संधू को दिया सम्मान-पत्र, बनाया ‘खास एम्बेसडर’
लुधियाना / सत्ता संदेश
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना ने पंजाब के स्टेट इंफॉर्मेशन कमिश्नर हरप्रीत संधू को यूनिवर्सिटी की विरासत, उपलब्धियों और संस्थागत पहचान को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। PAU की ओर से उन्हें सम्मान-पत्र और सम्मान प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह का आयोजन PAU के वाइस चांसलर के कमिटी रूम में किया गया। यूनिवर्सिटी ने हरप्रीत संधू को “पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के खास एम्बेसडर” के तौर पर मान्यता दी।
प्रकाशनों और कला के जरिए PAU की विरासत को बढ़ावा
हरप्रीत संधू को यह सम्मान PAU की समृद्ध विरासत, कृषि उपलब्धियों और संस्थागत पहचान को यूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर व्यापक स्तर पर प्रचारित और संरक्षित करने के उनके प्रयासों के लिए दिया गया।
उनके कार्यों में कृषि विरासत का चित्रमय दस्तावेजीकरण, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े प्रयास शामिल हैं। PAU के अनुसार, उनके रचनात्मक और शोधपरक कार्यों ने यूनिवर्सिटी की कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और सांस्कृतिक विरासत को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
VC डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने की हरप्रीत संधू के कार्यों की सराहना
PAU के वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने सम्मान-पत्र प्रदान करते हुए हरप्रीत संधू के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपने महत्वपूर्ण प्रकाशनों, कलाकृतियों और विरासत आधारित दृश्य साहित्य के माध्यम से हरप्रीत संधू PAU के एक खास एम्बेसडर के रूप में उभरे हैं।
डॉ. गोसल ने कृषि अनुसंधान, ग्रामीण विरासत, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण में PAU के योगदान को सामने लाने वाले उनके कार्यों की प्रशंसा की।
उन्होंने विशेष रूप से हरप्रीत संधू की चर्चित पुस्तक “Wheat Fields of Punjab – The Spirit of Vaisakhi” का उल्लेख किया। इसके अलावा PAU के संग्रहालयों, फलों के बागों, मोरों, जंगलों और विरासत स्थलों के उनके साहित्यिक एवं चित्रमय दस्तावेजीकरण की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से PAU की संस्थागत विरासत और प्रकृति, कृषि तथा पंजाब की सांस्कृतिक विरासत के साथ यूनिवर्सिटी के गहरे संबंध को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिली है।
रजिस्ट्रार डॉ. ऋषिपाल सिंह ने भी सराहा योगदान
PAU के रजिस्ट्रार डॉ. ऋषिपाल सिंह (IAS) ने अपने विशेष संबोधन में हरप्रीत संधू के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि PAU की विरासत, उपलब्धियों और विशिष्ट पहचान को रिकॉर्ड करने और उसे बढ़ावा देने में संधू का कार्य महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने कहा कि हरप्रीत संधू के कार्यों से लोगों में यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक, कृषि और सांस्कृतिक विरासत के प्रति रुचि और सराहना बढ़ी है।
ग्रामीण विरासत के संरक्षण में योगदान की सराहना
PAU में एक्सटेंशन एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. माखन सिंह भुल्लर ने भी हरप्रीत संधू के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने पंजाब के ग्रामीण जीवन और सामाजिक इतिहास से जुड़े संग्रहालय को बढ़ावा देने में उनके योगदान को सराहा।
डॉ. भुल्लर ने कहा कि पंजाब की ग्रामीण विरासत और सामाजिक इतिहास को समझने के लिए संग्रहालय महत्वपूर्ण केंद्र हैं और इनके महत्व को लोगों तक पहुंचाने में किए गए प्रयास सराहनीय हैं।
सम्मान समारोह में वरिष्ठ अधिकारी और फैकल्टी सदस्य मौजूद
सम्मान समारोह में पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के डीन, डायरेक्टर और वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान यूनिवर्सिटी की विरासत, कृषि अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण और पंजाब की ग्रामीण एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई।

